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आपके लिए जरुरी खबर खाने के तेल पर आया सरकार का नया नियम! ग्राहकों को भ्रमित करने वाली पैकिंग पर रोक

अगर आप घर के लिए सरसों तेल, रिफाइंड तेल या कोई अन्य खाद्य तेल खरीदते हैं, तो आपके लिए एक बड़ी खबर है। केंद्र सरकार ने खाने के तेल की पैकेजिंग को लेकर नया नियम लागू करने का फैसला किया है, जिससे ग्राहकों को अलग-अलग ब्रांडों की कीमतों की तुलना करने में आसानी होगी। अक्सर देखा जाता है कि बाजार में तेल कंपनियां 850 मिलीलीटर, 910 मिलीलीटर, 935 मिलीलीटर या अन्य गैर-मानक पैक साइज में तेल बेचती हैं। ऐसे में ग्राहकों के लिए यह समझना मुश्किल हो जाता है कि कौन सा ब्रांड वास्तव में सस्ता है और किसमें ज्यादा वैल्यू मिल रही है। आइए जरा विस्तार से इसको समझते हैं।

उपभोक्ता मामलों के विभाग (Department of Consumer Affairs) ने 6 जून को जारी निर्देश में कहा है कि अब खाद्य तेल केवल निर्धारित मानक पैक साइज में ही बेचा जाएगा। इसके लिए कंपनियों, आयातकों और पैकर्स को तीन महीने का समय दिया गया है, ताकि वे नए नियमों के अनुसार अपनी पैकेजिंग में बदलाव कर सकें।

नए नियम के तहत खाद्य तेल के मानक

सरकार के नए नियम के तहत खाद्य तेल अब केवल 9 तय पैक साइज में उपलब्ध होगा। इनमें 200 मिलीलीटर/ग्राम, 500 मिलीलीटर/ग्राम, 1 लीटर/किलोग्राम, 2 लीटर/किलोग्राम, 3 लीटर/किलोग्राम, 4 लीटर/किलोग्राम, 5 लीटर/किलोग्राम, 15 लीटर/किलोग्राम और 20 लीटर/किलोग्राम शामिल हैं। यह नियम देश में बनने वाले और आयात किए जाने वाले दोनों तरह के खाद्य तेलों पर लागू होगा।

किन खाद्य तेलों पर पड़ेगा असर?

इस फैसले का असर सरसों तेल, सोयाबीन तेल, सूरजमुखी तेल, पाम ऑयल, मूंगफली तेल, तिल का तेल, राइस ब्रान ऑयल, कॉटनसीड ऑयल और कॉर्न ऑयल समेत लगभग सभी प्रमुख खाद्य तेलों पर पड़ेगा। इसके अलावा मिश्रित खाद्य तेल (Blended Edible Oil) भी इस नियम के दायरे में आएंगे।

छोटे पैकेट्स को नियम से छूट

सरकार का मानना है कि जब सभी कंपनियां एक जैसे पैक साइज में तेल बेचेंगी, तो ग्राहकों के लिए प्रति लीटर कीमत की तुलना करना आसान हो जाएगा। इससे बाजार में पारदर्शिता बढ़ेगी और उपभोक्ताओं को बेहतर सौदा चुनने में मदद मिलेगी। नए नियम के तहत पैक पर मात्रा के साथ उसका वजन भी बताना होगा, जिससे कीमत और मात्रा का सही अंदाजा लगाया जा सके। हालांकि, 200 मिलीलीटर से छोटे पैक और कुछ खास कैटेगिरी के छोटे खाद्य तेलों को इस नियम से छूट दी गई है, ताकि कम आय वाले ग्राहकों के लिए सस्ते छोटे पैक उपलब्ध रह सकें।

इंडियन वेजिटेबल ऑयल प्रोड्यूसर्स एसोसिएशन (IVPA) के अध्यक्ष सुधाकर देसाई ने इस कदम का स्वागत करते हुए कहा कि पिछले कुछ सालों में गैर-मानक पैकिंग के कारण बाजार में काफी भ्रम की स्थिति पैदा हो गई थी। नए नियम से रिटेल बाजार में व्यवस्था आएगी और सभी कंपनियों के लिए समान प्रतिस्पर्धा का माहौल बनेगा।

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