दलित संगठनों के कथित बंद का ग्वालियर-चंबल संभाग में कहीं कोई असर नहीं देखने मिला. यहां सभी ज़िलों में धारा 144 लागू रही और भारी पुलिस फोर्स तैनात रहा.ग्वालियर शहर बंद से पूरी तरह बेअसर रहा. यहां रोज की तरह सुबह से दुकानें और बाज़ार खुले. लोगों की आवाजाही आम दिनों की तरह रही. लश्कर, मुरार, थाटीपुर और बाड़ा के बाज़ार खुले रहे. हालांकि एहतियात के तौर पर बाज़ारों में पुलिस फोर्स तैनात रहा.भिंड में आज आंदोलन की चेतावनी को देखते हुए शहर में जगह जगह पुलिस तैनात किया गया. हर गली मोहल्ले में पुलिस के उड़नदस्ते घूम कर नज़र रख रहे थे. उड़नदस्ते धारा 144 का कड़ाई से पालन करा रहे थे, गोहद ,मेहगांव, रौन, लहार में भी पुलिस ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए
प्रशासन ने हर हालात की कड़ी चोकसी की.गुना में आदिवासी युवाओं ने रैली निकालने की कोशिश की, जिसे पुलिस ने रोक दिया. दरअसल युवाओं ने ये रैली निकालने की इजाज़त नहीं ली थी. बाद में इन लोगों ने चौराहे पर डीजे बजाकर अपना कार्यक्रम शुरू कर दिया. जय आदिवासी युवा शक्ति संगठन ये कार्यक्रम कर रहा था. यहां भी भारी पुलिस बल तैनात रहा. दतिया में बंद को लेकर कोई भी संगठन सामने नहीं आया. फिर भी प्रशासन अलर्ट था. जगह जगह पुलिस तैनात थी और सोशल मीडिया पर पुलिस नज़र बनाए हुए था. यहां इंटरनेट सुविधा चालू रही.मुरैना में पुलिस की कड़ी चौकसी के दौरान हथियार तस्कर पकड़ में आ गया. उसके कब्ज़े से पुलिस ने 32 बोर की 6 पिस्टल और कारतूस बरामद किए. इसका साथी भाग निकला. ये तस्कर खरगोन से ये अवैध हथियार लेकर आए थे और यहां 15 से 20 हजार में बेचते थे. जो आरोपी भाग निकला उसके पास भी पिस्टल से भरा एक बैग था.