भारत का 80वां स्वतंत्रता दिवस आज पूरे जोरो-शोरो से मनाया जा रहा है। सभी सरकारी और राजनीतिक दलों के दफ्तरों में भी आज तिरंगा फहराया गया। इस बीच कांग्रेस पार्टी के दफ्तर में कुछ ऐसा देखने को मिला जिसने सभी का ध्यान अपनी ओर खींचा।
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, CPP चेयरपर्सन सोनिया गांधी और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने समारोह में हिस्सा लिया। दिल्ली में इंदिरा भवन में हुए स्वतंत्रता दिवस समारोह की तस्वीरें सामने आई है, जिससे यह अटकले लगाई जा रही है कि कांग्रेस पार्टी के बड़े नेताओं ने वंदे मातरम का अपमान किया।
कांग्रेस मुख्यालय में वंदे मातरम के दौरान अनबन!
दिल्ली में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने पार्टी मुख्यालय में 80वें स्वतंत्रता दिवस पर राष्ट्रीय ध्वज फहराया। इस मौके पर CPP चेयरपर्सन सोनिया गांधी, लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और अन्य लोग मौजूद रहे।
#WATCH | Delhi: The full Vande Mataram, was played at 80th Independence Day celebrations held at Congress headquarters today
Congress President Mallikarjun Kharge, CPP chairperson Sonia Gandhi and LoP Lok Sabha Rahul Gandhi and others were present on the occassion pic.twitter.com/BOkL9lbvMQ
— ANI (@ANI) August 15, 2026
दरअसल, झंडा फहराने के बाद जब वंदे मातरम गीत गाया जा रहा था, तो पहला पद खत्म होने पर राहुल गांधी ने सोनिया गांधी की ओर मुड़कर देखा और दोनों के बीच इशारों में कुछ बात हुई। जैसे ही दूसरा पद शुरू हुआ, मल्लिकार्जुन खरगे और सोनिया गांधी के बीच कुछ मतभेद जैसा दिखा।
कांग्रेस मुख्यालय में अधूरा वंदे मातरम गाने की प्रथा
कहा जा रहा है कि वंदे मातरम को बीच में ही रोकने की कोशिश की गई थी, सोनिया गांधी ने वंदे मातरम रोकने का इशारा किया। मल्लिकार्जुन खरगे ने उन्हें समझाने की कोशिश की और कांग्रेस सेवा दल के कार्यकर्ता ने जानकारी दी कि वंदे मातरम 3 मिनट का पूरा बजेगा, जिसके बादकार्यक्रम आगे बढ़ा। इसके बाद सोनिया गांधी काफी नाराज नजर आईं।
आपको जानकारी दें, कि कांग्रेस के मुख्यालय में इससे पहले भी वंदे मातरम गीत गाया जाता था। लेकिन यह हमेशा आधा ही गाया जाता था। इस बार उसे पूरा गाया जा रहा था। इस बीच कांग्रेस सेवा दल के कार्यकर्ताओं ने सोनिया गांधी को इशारा किया कि 3 मिनट तक पूरा गीत चलेगा, जिसके बाद वे नाराज नजर आई।
जयराम रमेश ने दी सफाई
जब इस घटना के बारे में सवाल पूछे गए, तो कांग्रेस सांसद जयराम रमेश ने इन दावों को पूरी तरह से खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि वंदे मातरम को रोकने की कोई कोशिश नहीं हुई थी, बल्कि बातचीत मल्लिकार्जुन खरगे के लिए कुर्सी लाने के बारे में थी, क्योंकि उन्हें खड़े रहने में दिक्कत होती है।
सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस
जयराम रमेश के बयान के बाद अब कई सवाल खड़े हो गए है। अगर बातचीत वाकई कुर्सी के बारे में थी, तो पार्टी कार्यकर्ता कुर्सी लाते हुए क्यों नहीं दिखा? वंदे मातरम आधा हो चुका था और खरगे को बस एक मिनट या उससे कुछ ज्यादा देर और खड़े रहना था। ऐसी कौन सी जरूरी बात थी जिसके लिए तुरंत ध्यान देने की जरूरत पड़ी और वे बस एक मिनट का इंतजार नहीं कर सके?
यह वीडियो अब सोशल मीडिया पर भी वायरल हो रहा है और चर्चा का विषय बन गया है। हालांकि, कांग्रेस पार्टी के नेताओं ने वंदे मातरम का अपमान करने की बात को खारिज कर दिया है।