आईआईटी, आईआईएम सहित देश के प्रतिष्ठित संस्थानों के 1700 से अधिक पाठ्यक्रम उपलब्ध
ग्वालियर, 03 सितंबर 2026/ डिजिटल शिक्षा को अधिक सुलभ, रोजगारपरक और उपयोगी बनाने के उद्देश्य से केंद्र सरकार के ई-लर्निंग प्लेटफॉर्म ‘स्वयं’ (SWAYAM) पर जुलाई 2026 सत्र के गैर-एनपीटीईएल पाठ्यक्रमों में पंजीयन की अंतिम तिथि 31 अगस्त से बढ़ाकर 15 सितंबर 2026 कर दी गई है। इससे विद्यार्थियों, शोधार्थियों और शिक्षकों को देश के प्रतिष्ठित उच्च शिक्षण संस्थानों के गुणवत्तापूर्ण ऑनलाइन पाठ्यक्रमों से जुड़ने का अतिरिक्त अवसर मिला है। उच्च शिक्षा विभाग ने संस्थानों में नियुक्त स्वयं समन्वयक को पंजीयन प्रक्रिया में सक्रिय भूमिका निभाने के निर्देश दिए हैं।
मौजूदा सत्र में स्वयं पोर्टल पर 1700 से अधिक पाठ्यक्रम उपलब्ध हैं। इनमें भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थानों (आईआईटी), भारतीय प्रबंध संस्थानों (आईआईएम) सहित देश के अन्य प्रतिष्ठित संस्थानों के पाठ्यक्रम शामिल हैं। उच्च शिक्षा विभाग ने विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों को विद्यार्थियों को इन पाठ्यक्रमों की जानकारी देने, उनकी रुचि के अनुसार पाठ्यक्रम चुनने के लिए मार्गदर्शन देने और पंजीयन बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। संस्थानों से संबंधित स्वयं पाठ्यक्रमों को नियमित पाठ्यक्रम और पाठ्यक्रम-सामग्री से जोड़ने तथा क्रेडिट हस्तांतरण की प्रक्रिया तय करने के लिए स्वयं सलाहकार समिति की बैठक आयोजित करने को भी कहा गया है।
राष्ट्रीय शिक्षा नीति और विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुसार विद्यार्थी अपने नियमित डिग्री या डिप्लोमा कार्यक्रम के एक सेमेस्टर में कुल पाठ्यक्रमों के 40 प्रतिशत तक ऑनलाइन क्रेडिट स्वयं के माध्यम से अर्जित कर सकते हैं। इससे विद्यार्थियों को बहुविषयक अध्ययन, अपनी पसंद के विषय चुनने और नियमित अध्ययन के साथ नए कौशल विकसित करने का अवसर मिलता है।
जुलाई 2026 सत्र के गैर-एनपीटीईएल स्वयं पाठ्यक्रमों के लिए विद्यार्थी, शोधार्थी और शिक्षक 15 सितंबर 2026 तक पंजीयन कर सकते हैं। इच्छुक विद्यार्थी स्वयं के आधिकारिक पोर्टल स्वयं डॉट जीओवी डॉट इन अथवा मोबाइल ऐप के माध्यम से पाठ्यक्रमों की जानकारी लेकर पंजीयन कर सकते हैं।
एआई, डेटा साइंस और अत्याधुनिक तकनीक के पाठ्यक्रम
स्वयं पर कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई), मशीन लर्निंग, डेटा साइंस, क्लाउड कंप्यूटिंग, साइबर सुरक्षा और ब्लॉकचेन जैसे आधुनिक तकनीकी विषयों के साथ डिजिटल मार्केटिंग, उद्यमिता, वित्तीय प्रबंधन और संचार कौशल जैसे रोजगारपरक पाठ्यक्रम भी उपलब्ध हैं। भारतीय ज्ञान परंपरा से जुड़े वैदिक गणित, भारतीय दर्शन, योग, प्राचीन भारतीय ज्ञान-विज्ञान और भारतीय संस्कृति के पाठ्यक्रम भी विद्यार्थी कर सकते हैं। रोजगार और कौशल आधारित शिक्षा के लिए स्वयं प्लस के माध्यम से भी अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
पोर्टल पर शिक्षकों और प्राध्यापकों के निरंतर व्यावसायिक विकास के लिए स्वयं पर शिक्षक प्रशिक्षण, पुनश्चर्या और अभिमुखीकरण पाठ्यक्रम भी उपलब्ध हैं। राष्ट्रीय तकनीकी शिक्षक प्रशिक्षण एवं अनुसंधान संस्थान सहित विभिन्न राष्ट्रीय स्तर के संस्थानों द्वारा ये पाठ्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं।