जन्माष्टमी का दिन धार्मिक दृष्टि से तो खास माना ही जाता है लेकिन साल 2026 में ग्रहों की स्थिति के चलते ज्योतिषीय दृष्टि से भी इसे बेहद अहम माना जा रहा है। दरअसल 4 सितंबर को जन्माष्टमी के दिन कुंडली में मौजूद चारों शुभ ग्रह गुरु, शुक्र, बुध और चंद्रमा अनुकूल स्थिति में रहेंगे। गुरु और चंद्रमा जहां अपनी उच्च राशियों में होंगे वहीं बुध मित्र राशि सिंह में रहेंगे इसके साथ ही शुक्र स्वराशि तुला में विराजमान होंगे। चारों शुभ ग्रहों के शुभ क्षेत्र में होने से कुछ राशियों को सुखद परिणाम प्राप्त हो सकते हैं। आइए जान लेते हैं इन राशियों के बारे में।
मिथुन राशि
ज्योतिष शास्त्र में मौजूद चारों शुभ ग्रह जन्माष्टमी व्रत वाले दिन अनुकूल अवस्था में होंगे और इसका शुभ परिणाम आपको भी प्राप्त हो सकता है। अगर कहीं धन फंसा हुआ था तो वापस मिल सकता है। वहीं कारोबारियों का कोई नया प्रोजेक्ट शुरू हो सकता है। इसके साथ ही नौकरी पेशा लोगों को भी कार्यक्षेत्र में अच्छे अनुभव हो सकते हैं। कुछ लोगों को पदोन्नति मिलने के भी योग हैं। बुध की स्थिति के चलते आपके आत्मविश्वास में भी वृद्धि देखने को मिल सकती है।
कर्क राशि
कर्क वालों आपके लिए भी जन्माष्टमी का दिन शुभ साबित हो सकता है। इस दिन आपकी राशि के स्वामी चंद्रमा उच्च राशि वृषभ में रहेंगे वहीं गुरु ग्रह आपकी ही राशि में उच्च अवस्था में होंगे। ऐसे में कर्क वालों को पारिवारिक जीवन में सुख-समृद्धि प्राप्त हो सकती है। घर के लोगों के साथ अच्छा समय भी आप व्यतीत कर सकते हैं। नौकरी पेशा लोगों के काम की सराहना सीनियर्स कर सकते हैं। विद्यार्थियों की एकाग्रता में वृद्धि हो सकती है जिसके चलते शिक्षा क्षेत्र में अच्छा प्रदर्शन कर सकते हैं।
तुला राशि
जन्माष्टमी के दिन आपकी राशि के स्वामी शुक्र आपकी ही राशि में विराजमान होंगे और गुरु आपके कर्म भाव में उच्च अवस्था में रहेंगे। ग्रहों की स्थिति आपके साहस और पराक्रम में वृद्धि कर सकती है, जिसका शुभ फल आपको कार्यक्षेत्र में मिल सकता है। आपके काम करने की गति से उच्च अधिकारी प्रसन्न होंगे। साझेदारी में कारोबार करने वाले इस राशि के जातकों को मुनाफा मिलने के योग हैं। पारिवारिक और दांपत्य जीवन में भी अनुकूल परिणाम आपको मिल सकते हैं।
मीन राशि
मीन वालों आपके लिए भी जन्माष्टमी का दिन सुखद रह सकता हाै। आपकी राशि के स्वामी गुरु का उच्च अवस्था में होना और चंद्रमा का आपके तृतीय भाव में होना जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने वाला साबित होगा। आपके अधूरे कार्य पूरे हो सकते हैं। कुछ लोगों को खुशखबरी मिलने के भई योग हैं। वैवाहिक जीवन में संतुलन लौटेगा और जीवनसाथी के साथ अच्छा समय भी आप बिता सकते हैं। इस राशि विद्यार्थी प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता पा सकते हैं।
नोट- ज्योतिष शास्त्र में गुरु, शुक्र, चंद्रमा और बुध को शुभ ग्रहों की संज्ञा दी गई है। वहीं सूर्य, मंगल, शनि, राहु, केतु को क्रूर ग्रह माना जाता है।
Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। शब्द शक्ति न्यूज़ एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।