नंदीग्राम विधानसभा उपचुनाव में कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान को “पश्चिम बंगाल पुलिस ने गिरफ़्तार” कर लिया है.
कांग्रेस ने xपर एक पोस्ट में लिखा, “पश्चिम बंगाल में बीजेपी और इलेक्शन कमीशन मिलकर चुनाव को लूटने में लगे हैं. नंदीग्राम उपचुनाव से पहले आज जो घटनाक्रम हुआ, वो लोकतंत्र के लिए काला धब्बा है.”
“पहले ममता बनर्जी जी के कैंडिडेट को डरा-धमकाकर नामांकन वापस करवाया गया और अब कांग्रेस के कैंडिडेट मिलन प्रधान जी को 19 साल पुराने केस में गिरफ़्तार कर लिया गया है.”
कांग्रेस ने आरोप लगाया, “नरेंद्र मोदी और ज्ञानेश कुमार लोकतंत्र को पूरी तरह से ख़त्म करने में लगे हैं. ये सारी साजिशें उसी का सबूत है.”
पश्चिम बंगाल कांग्रेस अध्यक्ष शुभांकर सरकार ने कहा, “हमारे नेता राहुल गांधी ने कहा है कि किसी को डराओ मत और डरो मत. हमारे उम्मीदवार मिलन प्रधान को गिरफ़्तार करने के साथ ही ये मालूम हो गया कि बीजेपी डर गई है.”
उन्होंने दावा किया, “मुख्यमंत्री (शुभेंदु अधिकारी) को नंदीग्राम से भागकर भवानीपुर जाना पड़ा, क्योंकि उन्हें पता है कि नंदीग्राम की जनता उनके साथ नहीं है.”
वहीं पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि “हमने कांग्रेस उम्मीदवार को समर्थन देने की घोषणा की और इसके कुछ ही मिनटों बाद उन्हें गिरफ़्तार कर लिया गया. यह टाइमिंग बीजेपी फ़ार्मुला पर गंभीर सवाल खड़े करती है कि कोई पुराना केस ढूंढो.”
इससे पहले नंदीग्राम विधानसभा उपचुनाव के लिए ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले गुट की उम्मीदवार संचिता प्रधान डे ने अपना नामांकन वापस ले लिया
इसके बाद ममता बनर्जी ने कांग्रेस उम्मीदवार को समर्थन की घोषणा की थी.