दीपावली पर आतिशबाजी करते समय बरतें सावधानी, स्वास्थ्य विभाग ने जारी की एडवाइजरी
पटाखों से होने वाली दुर्घटनाओं से बचाव के लिए जारी किए दिशा-निर्देश
ग्वालियर 05 नवम्बर 2026/ दीपावली का त्यौहार सुरक्षित रूप से मनाने तथा आतिशबाजी के दौरान होने वाली दुर्घटनाओं से बचाव के लिए स्वास्थ्य विभाग ने आम नागरिकों के लिए एडवाइजरी जारी की है। विभाग ने नागरिकों से पटाखे जलाते समय विशेष सावधानी बरतने, बच्चों को वयस्कों की निगरानी में आतिशबाजी करने देने तथा किसी भी प्रकार की चोट लगने पर तत्काल नजदीकी अस्पताल में उपचार कराने की अपील की है। एडवाइजरी में पटाखों से आंखों में चोट, जलने, कटने और धुएं से होने वाली स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों से बचाव के लिए क्या करें और क्या न करें, इस संबंध में दिशा-निर्देश दिए गए हैं।
ये सावधानियां जरूर बरतें
स्वास्थ्य विभाग ने सलाह दी है कि पटाखों से जलने, आंख में चोट लगने अथवा कटने की स्थिति में तत्काल नजदीकी अस्पताल पहुंचकर चिकित्सकीय सहायता लें। आंख में बारूद या कोई बाहरी कण चले जाने पर साफ, हल्के गुनगुने पानी अथवा सामान्य सलाइन से 15 से 20 मिनट तक आंख को धीरे-धीरे धोएं। इसके बाद आंख को साफ कपड़े या स्टेराइल गॉज से हल्के से ढककर तुरंत नेत्र चिकित्सक के पास जाएं।
श्वसन एवं हृदय संबंधी समस्याओं से पीड़ित व्यक्ति तेज आवाज वाले पटाखों और धुएं से दूर रहें। आतिशबाजी हमेशा खुले स्थान पर करें तथा बच्चों को केवल वयस्कों की निगरानी में ही पटाखे जलाने दें। पटाखे जलाते समय सूती और शरीर से फिटिंग वाले कपड़े पहनें। नायलॉन, सिल्क एवं ढीले कपड़े पहनने से बचें, क्योंकि इनमें आग लगने का खतरा अधिक रहता है। पटाखों को बंद डिब्बे में, बच्चों की पहुंच से दूर तथा ठंडी और सूखी जगह पर सुरक्षित रखें।
इन गलतियों से बचें
स्वास्थ्य विभाग ने स्पष्ट किया है कि कार्बाइड गन का उपयोग अवैध है। इसके विस्फोट से निकलने वाले प्लास्टिक एवं धातु के छोटे कण तथा गैस त्वचा और आंखों को गंभीर एवं स्थायी नुकसान पहुंचा सकते हैं। आंख में चोट लगने अथवा कोई बाहरी कण जाने पर आंख को बिल्कुल न मलें, क्योंकि इससे कॉर्निया को स्थायी नुकसान हो सकता है। चोटिल आंख पर दबाव न डालें, किसी बाहरी वस्तु से कचरा निकालने का प्रयास न करें और चिकित्सक की सलाह के बिना आई-ड्रॉप का उपयोग न करें।
विभाग ने नागरिकों को सलाह दी है कि पटाखों को हाथ में पकड़कर न जलाएं। यदि कोई पटाखा नहीं फूटता है तो उसे दोबारा जलाने का प्रयास न करें। पटाखों को गैस सिलेंडर, दीये, माचिस एवं बिजली के बोर्ड जैसे ज्वलनशील पदार्थों या स्रोतों के पास न रखें। स्वास्थ्य विभाग ने सभी नागरिकों से अपील की है कि सुरक्षा संबंधी दिशा-निर्देशों का पालन कर दीपावली का त्योहार सुरक्षित और खुशहाल तरीके से मनाएं।
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