एससी एसटी एक्ट के खिलाफ मध्यप्रदेश में बन रहे विरोध के वातावरण को देखते हुए सत्ताधारी दल भाजपा ने 25 सितम्बर को आयोजित किये जाने वाले कार्यकर्ता महाकुंभ को सफल बनाने अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। पार्टी नेतृत्व जहां इस विराट आयोजन के माध्यम से निष्क्रिय पड़े कार्यकर्ताओं में जान फूंकने की रणनीति पर काम कर रहा है वहीं इस आयोजन को सफल करके यह संदेश भी देना चाहती है कि एससी एसटी एक्ट को लेकर प्रदेश की भाजपा सरकार और नेताओं के खिलाफ कोई माहौल या गुस्से का वातावरण नहीं है।
उल्लेखनीय है कि भाजपा अपने प्रमुख प्रेरणा पुरूष दीनदयाल उपाध्याय की 125 वीं जयंती 25 सितम्बर को भोपाल में कार्यकर्ता महाकुंभ का आयोजन करने जा रही है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह की आशीर्वाद यात्रा का समापन भी होगा। कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी प्रदेश अध्यक्ष अमित शाह के शिरकत किये जाने को लेकर प्रदेश भाजपा के सभी नीतिनिर्धारकों में खासा तनाव देखा जा रहा है।
ऐसा इस कारण से क्यों कि पिछले एक माह से मध्यप्रदेश में एससी एसटी आंदोलन पूरे उफान पर है। तमाम बड़े नेताओं का घेराव विरोध लगातार जारी है। खुद मुख्यमंत्री के ऊपर पत्थर और जूता उछाला जा चुका है। राष्ट्रीय अध्यक्ष के रतलाम ग्वालियर आदि दौरे रदद् करने पड़े हैं। इतना ही नहीं ग्वालियर में तो एक युवक ने आत्मदाह तक करने की कोशिश की है।
यही वजह है कि भाजपा ने पूरी सरकारी मशीनरी को अलर्ट करने के साथ साथ अपनी पूरी शक्ति झोंक दी है। पार्टी नेता यह बात भली प्रकार जानते हैं कि यदि भीड़ कम जुटती है या फिर मोदी शाह के सामने किसी प्रकार के विरोध का प्रगटीकरण होता है तो चुनावी हवा विपरीत रुख धारण कर सकती है।
ग्वालियर अंचल विशेष रूप से निशाने पर
जिस ग्वालियर अंचल में एससी एसटी आंदोलन सबसे ज्यादा भड़का हुआ है उसी ग्वालियर को पार्टी के कार्यकर्ता महाकुंभ के लिये विशेष रूप से टार्गेट किया जा रहा है। सूत्रों के मुताबिक ग्वालियर से कार्यकर्ताओं को राजधानी लाने के लिए एक विशेष ट्रेन का इंतेजाम किया गया है। इस ट्रेन में 24 बोगियां लगाई जाएंगी। वहीं, 200 बसों से भी कार्यकर्ताओं को राजधानी लाया जाएगा। पदाधिकारियों को निजी वाहनों से जाना होगा। अकेले ग्वालियर जिले से इस कार्यकर्ता महाकुंभ में 20 हजार से अधिक कार्यकर्ता शामिल होंगे। पार्टी की ओर से बताया गया है कि हर बूथ समिति से 21-21 कार्यकर्ता जाएंगे। हर वार्ड से इस सम्मेलन में 300 कार्यकर्ताओं को शामिल होने का लक्ष्य रखा गया है। इसके अलावा 200 बसों का भी प्रबंध किया गया है।
