भोपाल। मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव का प्रचार मतदान के 48 घंटे पहले सोमवार शाम पांच बजे थम गया है। बालाघाट की बैहर, लांजी और परसवाड़ा सीट पर यह प्रतिबंध दोपहर तीन बजे से लागू हो गया था। इसके साथ ही मध्यप्रदेश की सभी अंतर्राज्यीय सीमा सील कर दी गई है।अब कोई बाहरी व्यक्ति मध्यप्रदेश में नहीं रुकेगा। राजनैतिक दल के प्रतिनिधियों जो अन्य प्रदेशों से प्रदेश में आए है, उन्हे वापस भेजा जाएगा । साईलेंस पीरियड के दौरान टीवी रेडियौं समेत सोशल मीडिया पर प्रचार पर भी रोक लगा दी गई है। बिना कलेक्टर के आदेश के अखबारों में कोई प्रचार सामग्री नहीं छपेगी । 51969 पर MP स्पेस कार्ड नंबर डालेंगे तो अपने मतदान केंद्र की जानकारी मोबाइल पर मिल जाएगी। यह जानकारी चुनाव आयोग के मुख्य निर्वाचन अधिकारी वीएल कांताराव ने दी।
राव ने बताया कि सुरक्षा के लिए 1 लाख 84 हज़ार सुरक्षाकर्मी तैयार किए गए है। सभी टोल नाके सील कर दिए गए।दिव्यागों के लिए 107 मतदान केंद्र बनाए गए। चुनाव खत्म होने तक सभी शराब की दुकानें बंद रहेंगी। दिव्यांगों के लिए अलग से वोटिंग के लिए व्यवस्था की गई है। दिव्यांग मतदाताओं के लिए ब्रैन लिपि में पॉटर पर्ची जारी की गई ।वीवीपेट मशीन से निकलने वाली पर्ची सिर्फ मतदाता को ही दिखेगी। 3 लाख कर्मचारी पोलिंग बूथ पर तैनात,160 मतदान केंद्रों पर पूरी तरह दिव्यांग पोलिंग कर्मचारी ड्यूटी करेंगे, 2 हजार मतदान केंद्र ऐसे जो पूरी तरह महिला चलाएंगी।
राव ने बताया कि कोई भी राजनीतिक व्यक्ति बाहर होटल में रुका है उसे वापस करेंगे। कोई व्यक्ति अगर बीमार है उसका उपचार करवा के वापस भेजेंगे।इलेक्ट्रॉनिक मीडिया यदि कोई पोलिटिकल कार्यक्रम में किसी पोलिटिकल पार्टी को कार्यक्रम में प्राथमिकता नही दी जाएगी। 48 घंटों तक सोशल मीडिया पर प्रचार नही कर सकेंगे। कलेक्टर से बिना सर्टिफिकेट लिए अखबार में कोई विज्ञापन नही छापा जाएगा।
मतदाता
विधानसभा की 230 सीटों के लिए 65 हजार 341 मतदान केन्द्र और 26 सहायक मतदान केन्द्रों पर मतदान होगा। प्रदेश के 5 करोड़ 4 लाख 33 हजार 79 मतदाता मतदान करेगें। इनमें पुरूष 2 करोड़ 63 लाख एक हजार 300 और महिला मतदाता 2 करोड़ 41 लाख 3 हजार 390 है। इन मतदाताओं के अलावा प्रदेश के 62,172, सर्विस वोटर भी मतदान में हिस्सा लेंगे। कुल मतदाताओं में 1389 थर्ड जेंडर और 5 एनआर आई भी शामिल है। सबसे अधिक 24 लाख 80 हजार 68 मतदाता इंदौर जिले और सबसे कम 3 लाख 84 हजार 782 हरदा जिले में है। सबसे अधिक पुरूष और महिला मतदाता भी इंदौर जिले में है। इसी तरह हरदा जिलें भी इनकी संख्या सबसे कम है। सर्विस वोटर को मिलाकर कुल मतदाता- 5,04,95,२५१हैँ|
चुनाव में 18-19 आयु वर्ग के 16 लाख 3 हजार 73 और 20-29 आयु वर्ग एक करोड़ 38 लाख 26 हजार 251 मतदाता मतदान करेगें। प्रदेश में मतदाताओ का जेंडर रेशो वर्ष 2013 में 848 था, जो अब बढ़कर 917 हो गया है।
उम्मीदवार
वर्ष 2013 के विधान-सभा चुनाव के 2583 उम्मीदवारों की तुलना में इस बार 2899 उम्मीदवार चुनाव मैदान में है। इनमें 2644 पुरूष 250 महिला और 5 थर्ड जेंडर है। सबसे अधिक 34 मेहगाँव (भिण्ड) तथा सबसे कम 4 गुन्नौर (पन्ना) में है। चुनाव लड़ रहे उम्मीदवारों में 25-30 आयु वर्ग के 345, 31-40 आयु के 802, 41-50 आयु के 932, 51-60 आयु के 532, 61-70 आयु के 247 और 71 से ज्यादा उम्र के 41 है। सबसे अधिक उम्र 89 वर्ष के श्री खांगर निर्भय सिंह है, जो सिलवानी (रायसेन) से चुनाव मैदान में है। चुनाव लड़ने की निर्धारित न्यूनतम आयु सीमा 25 साल है। इस आयु के लगभग 40 उम्मीदवार मैदान में उतरे है।
राजनैतिक दल
मध्यप्रदेश में राष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त 7 राजनैतिक दल मे से 6 चुनाव लड़ रहे है। अन्य दलों की संख्या 114 है जबकि निर्दलीय प्रत्याशियों की संख्या 1094 है। राष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त भारतीय जनता पार्टी 230, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस 229, बहुजन समाज पार्टी 227, सीपीआई 18, सीपीआई (एम) 13 उम्मीदवारों के साथ चुनाव-रणभूमि में है। एनसीपी का कोई उम्मीदवार इस बार नही है। अन्य प्रमुख दलों मे आप पार्टी के 208, सपाक्स के 110 और संवर्ण समाज पार्टी के 81 उम्मीदवार भी भाग्य अजमा रहे है।