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	<title>धर्म कर्म &#8211; Shabd Shakti News</title>
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	<description>Every News Speaks</description>
	<lastBuildDate>Sun, 19 Jul 2026 05:43:23 +0000</lastBuildDate>
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		<title>खराब मौसम का असर: अमरनाथ यात्रा पर ब्रेक, 19 जुलाई से दोनों मार्ग बंद; वैष्णो देवी यात्रा भी अस्थायी रूप से रोकी गई</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Praveen Dubey]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 19 Jul 2026 05:43:23 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[प्रमुख खबरें]]></category>
		<category><![CDATA[धर्म कर्म]]></category>
		<category><![CDATA[अमरनाथ यात्रा; वैष्णो देवी यात्रा ब्रेक]]></category>
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					<description><![CDATA[जम्मू-कश्मीर 19 जून 2026/लगातार खराब मौसम, भारी बारिश और भूस्खलन की आशंका को देखते हुए प्रशासन ने अमरनाथ यात्रा पर अस्थायी रोक लगा दी है। सुरक्षा और श्रद्धालुओं की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए 19 जुलाई से अमरनाथ यात्रा के दोनों प्रमुख मार्ग—पहलगाम और बालटाल—पर यात्रा स्थगित कर दी गई है। मौसम विभाग की चेतावनी [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>जम्मू-कश्मीर 19 जून 2026/लगातार खराब मौसम, भारी बारिश और भूस्खलन की आशंका को देखते हुए प्रशासन ने अमरनाथ यात्रा पर अस्थायी रोक लगा दी है। सुरक्षा और श्रद्धालुओं की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए 19 जुलाई से अमरनाथ यात्रा के दोनों प्रमुख मार्ग—पहलगाम और बालटाल—पर यात्रा स्थगित कर दी गई है।<br />
मौसम विभाग की चेतावनी और मार्गों की खराब स्थिति को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि मौसम सामान्य होने और रास्तों का निरीक्षण पूरा होने के बाद ही यात्रा दोबारा शुरू की जाएगी।<br />
इसी बीच खराब मौसम का असर माता वैष्णो देवी यात्रा पर भी पड़ा है। लगातार बारिश और सुरक्षा कारणों से 19 जुलाई से वैष्णो देवी यात्रा भी अस्थायी रूप से बंद कर दी गई है। प्रशासन श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए हालात पर लगातार नजर बनाए हुए है।<br />
प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे यात्रा पर निकलने से पहले आधिकारिक अपडेट अवश्य देखें और मौसम सामान्य होने तक धैर्य रखें। जैसे ही परिस्थितियां अनुकूल होंगी, दोनों यात्राएं पुनः शुरू करने का निर्णय लिया जाएगा।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
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		<title>भाजपा अध्यक्ष खंडेलवाल ने भगवान जगन्नाथ रथ यात्रा में शामिल होकर की आरती</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Praveen Dubey]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 18 Jul 2026 16:11:43 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[प्रमुख खबरें]]></category>
		<category><![CDATA[धर्म कर्म]]></category>
		<category><![CDATA[भाजपा अध्यक्ष खंडेलवाल ने भगवान जगन्नाथ रथ यात्रा]]></category>
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					<description><![CDATA[ग्वालियर 18 जुलाई 2026/भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष व विधायक श्री हेमंत खण्डेलवाल, प्रदेश प्रभारी डॉ. महेन्द्र सिंह एवं मध्यप्रदेश विधानसभा के अध्यक्ष श्री नरेन्द्र सिंह तोमर ने शनिवार को ग्वालियर में आयोजित भगवान जगन्नाथ रथ यात्रा में शामिल होकर आरती की। इस दौरान भाजपा के प्रदेश मीडिया प्रभारी श्री आशीष उषा अग्रवाल भी [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>ग्वालियर 18 जुलाई 2026/भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष व विधायक श्री हेमंत खण्डेलवाल, प्रदेश प्रभारी डॉ. महेन्द्र सिंह एवं मध्यप्रदेश विधानसभा के अध्यक्ष श्री नरेन्द्र सिंह तोमर ने शनिवार को ग्वालियर में आयोजित भगवान जगन्नाथ रथ यात्रा में शामिल होकर आरती की। इस दौरान भाजपा के प्रदेश मीडिया प्रभारी श्री आशीष उषा अग्रवाल भी उपस्थित रहे।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>जगन्नाथ रथ यात्रा :सामाजिक समरसता और भारत के राष्ट्रीय एकत्व का प्रतीक</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Praveen Dubey]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 15 Jul 2026 09:23:18 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[प्रमुख खबरें]]></category>
		<category><![CDATA[धर्म कर्म]]></category>
		<category><![CDATA[लेख]]></category>
		<category><![CDATA[जगन्नाथ रथयात्रा]]></category>
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					<description><![CDATA[उतार चढ़ाव, विध्वंस और पुनर्निर्माण से भरा इतिहास &#8212; रमेश शर्मा उड़ीसा प्राँत के पुरी में विश्व प्रसिद्ध रथोत्सव और जगन्नाथ रथयात्रा इस वर्ष 16 जुलाई से आरंभ हो रही है जो 24 जुलाई तक चलेगी जबकि रथोत्सव का समापन 27 जुलाई को होगा। यह रथोत्सव संपूर्ण भारत के एकत्व, सामाजिक समरसता, पर्यावरण संरक्षण भारत [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p style="text-align: center;"><strong>उतार चढ़ाव, विध्वंस और पुनर्निर्माण से भरा इतिहास</strong></p>
<p style="text-align: center;"><strong>&#8212; रमेश शर्मा</strong></p>
<p>उड़ीसा प्राँत के पुरी में विश्व प्रसिद्ध रथोत्सव और जगन्नाथ रथयात्रा इस वर्ष 16 जुलाई से आरंभ हो रही है जो 24 जुलाई तक चलेगी जबकि रथोत्सव का समापन 27 जुलाई को होगा। यह रथोत्सव संपूर्ण भारत के एकत्व, सामाजिक समरसता, पर्यावरण संरक्षण भारत राष्ट्र के एकत्व और कुटुम्ब समन्वय का अद्भुत प्रतीक है।<br />
उड़ीसा प्राँत के अंतर्गत पुरी का जगन्नाथ मंदिर ऐतिहासिक सांस्कृतिक, सामाजिक एवं धार्मिक दृष्टि से बहुत महत्वपूर्ण है। यहाँ प्रतिवर्ष जगन्नाथ रथ यात्रा और रथोत्सव का आयोजन होता है। इसमें देशभर से लाखों श्रृद्धालु दर्शन केलिये आते हैं। इस वर्ष यह रथयात्रा से 16 जुलाई से आरंभ हो रही है जो 24 जुलाई तक रहेगी। 25 जुलाई को भगवान जगन्नाथ जी की नीलाद्री बीजे मुख्य मंदिर में वापसी होगी और 27 जुलाई से दर्शन आरंभ होंगे<br />
माना जाता है कि पुरी मंदिर का निर्माण दो सौ वर्ष ईसा पूर्व हुआ था। आदि शंकराचार्य जी द्वारा स्थापित चार धर्म पीठों में एक पीठ पुरी में भी स्थापित है। यह ऋग्वेदी पीठ है और गोवर्धन मठ के नाम से जानी जाती है। यहाँ विश्व प्रसिद्ध जगन्नाथ जी मंदिर स्थापित है और रथयात्रा का केन्द्र भी। इस मंदिर में जगन्नाथजी के रूप में भगवान कृष्ण, उनके बड़े भ्राता बलभद्रजी और बहन सुभद्रा जी की प्रतिमा स्थापित हैं। भगवान जगन्नाथजी, बलभद्रजी और सुभद्राजी प्रतिवर्ष आषाढ़ शुक्ल पक्ष द्वितीया को तीन रथों में सवार होकर गुन्डिचा मंदिर जाते हैं। यह मंदिर यहाँ से तीन किलोमीटर दूर है। वहाँ कुछ दिन रुककर आषाढ़ शुक्ल पक्ष दसवीं को लौटते हैं। इस वर्ष यह तिथि सोलह जुलाई है। यात्रा केलिए भगवान जगन्नाथ जी नंदीघोष नामक रथ में विराजमान होंगे । उनकी ध्वजा का नाम त्रैलोक्य मोहिनी है। इस रथ का रंग हल्का लाल पीला होता है । इसमें 16 पहिए होते हैं। रथ की ऊंचाई 44.2 फीट होती है । बलभद्र जी के रथ की ध्वजा ताल ध्वज है। इस रथ की ऊंचाई 43.2 फीट होती है। इसमें 14 पहिये होते हैं। सुभद्रा जी का रथ 42 फीट ऊंचा होता है। इस रथकी ध्वजा का नाम दर्प दलन है। सबसे आगे बलभद्र जी का रथ, उनके पीछे सुभद्रा जी का रथ और फिर भगवान जगन्नाथ जी का रथ होता है। रथ के सारथी दारूक और द्वारपाल जय विजय होते हैं जबकि संरक्षक गरुढ़ जी हैं। इन रथों को 50 मीटर लंबी रस्सियों द्वारा हाथ से खींचा जाता है । रथ खींचने केलिये मानों स्पर्धा हो जाती है । वहाँ उपस्थित लाखों श्रृद्धालुओं में सभी रथ खींचकर पुण्य लाभ लेना चाहते हैं। सबसे पहले बलराम जी का रथ खींचा जाता है, फिर देवी सुभद्रा का और फिर भगवान जगन्नाथ का रथ होता है ।</p>
<p>पर्यावरण संरक्षण और लोक कला की महत्ता</p>
<p>रथोत्सव और रथ यात्रा में एक सबसे बड़ी विशेषता पर्यावरण संरक्षण और लोक कला की महत्ता का है। रथयात्रा की तैयारी अक्षय तृतीया से आरंभ होती है। यात्रा केलिये प्रतिवर्ष नये रथ बनाये जाते हैं इसके लिये नरियल और नीम की लकड़ी का उपयोग होता है। इन रथों के निर्माण केलिये आधुनिक मशीनों का उपयोग नहीं होता। इसका निर्माण स्थानीय लोक कलाकार अपनी परंपरागत कला शैली से तैयार करते हैं। रथ लकड़ी के बनाये जाते हैं। इसके लिये लकड़ियाँ पेड़ से नहीं काटी जाती बल्कि संग्रहीत की जाती हैं। विशेषकर वे लकड़ियाँ संग्रहीत की जातीं हैं जो समुद्र से बहकर आती हैं अथवा सूख जाने पर पेड़ों से गिर जाती हैं। रथों का निर्माण में धातु का कोई उपयोग नहीं होता। केवल संग्रहीत लकड़ियों का ही होता है। यह पर्यावरण की सुरक्षा का अद्भुत संदेश है। इसी प्रकार मशीनों के बजाय स्थानीय कारीगर और कलाकारों की सहभागिता भारतीय लोक परंपरा को सजीव रखने का अद्भुत प्रयास है। यात्रा आरंभ होने से पहले रथ के आगे राजा झाड़ू लगाते हैं। उनके साथ राजपुरोहित और सबर जनजाति समाज के मुखिया होते हैं। अर्थात झाड़ू लगाने में राजा, राजपुरोहित और जनजातीय समाज सम्मिलित है तो सामाजिक समरसता का इससे बड़ा उदाहरण क्या होगा।</p>
<p>पौराणिक कथा</p>
<p>पौराणिक कथा के अनुसार यह सबर भील जनजाति बाहुल्य क्षेत्र रहा है। प्राचीनकाल में उसके मुखिया विश्ववसु थे । वे भगवान नील माधव के उपासक थे। प्रतिदिन भक्तिभाव से उपासना करते थे । भगवान नील माधव ने एक रात राजा इन्द्रधुन्म को स्वप्न में मंदिर बनाने को कहा। राजा ने अपने पुरोहित विद्यापति को मूर्ति लाने को कहा। पुरोहित विद्यापति ने सबर जनजाति के मुखिया विश्ववसु की पुत्री से विवाह कर लिया । परिवार का विश्वास जीतकर मूर्ति ले जाकर राजा को दे दी । भगवान की मूर्ति चोरी हो जाने से विश्ववसु बहुत दुखी हुआ। उसने अन्न त्याग दिया। भगवान स्वयं चलकर वापस आ गये। तब भगवान जी ने राजा को दोबारा स्वप्न दिया और समुद्र में द्वारिका से बहकर आने वाली लकड़ी से बनवाने को कहा। उन्होंने पुरी के समन्दर लकड़ी संग्रहीत की। विश्वकर्मा जी स्वयं मूर्ति बनाने आये। वे द्वार बंद करके मूर्ति बनाने लगे। उन्होंने इक्कीस दिन तक कार्य किया और अंतर्ध्यान हो गये। तब वे मूर्तियाँ उसी रूप में स्थापित कर दी गईं। रथयात्रा से पूर्व भगवान जगन्नाथ जी पन्द्रह दिन अज्ञातवास में रहते हैं। यह माना जाता है कि वे अस्वस्थ्य हो गये थे और उपचार करा रहे थे। स्वस्थ होकर ही भगवान जगन्नाथ जी यात्रा पर निकलते हैं। यह यात्रा में सहभागी होने केलिये देश विदेश से लाखों लोग एकत्र होते हैं। यह यात्रा पूरे राजसी वैभव से निकाली जाती है ।</p>
<p>परिवार, समाज और राष्ट्रीय एकत्व की प्रतीक</p>
<p>भारत के समस्त तीज त्यौहार और उत्सव परंपराओं व्यक्ति, परिवार, समाज और राष्ट्र निर्माण का संकेत होता है । पुरी में आयोजित भगवान जगन्नाथ जी की रथयात्रा में भी यही संदेश है। पुरी के राजा, पुरोहित और सबर जनजातीय समाज के लोग इस यात्रा का शुभारंभ करते हैं। राजा स्वयं रथ के आगे झाड़ू लगाते हैं। राजा का झाड़ू लगाना और उनके साथ पुरोहित एवं सबर भील जनजातीय मुखिया का साथ होना भारतीय समाज की समरसता का प्रतीक है । भगवान जगन्नाथ जी के मंदिर में सबर भील जनजातीय समाज के पुजारी भी होते हैं। मंदिर की दूसरी विशेषता है कि इसके सेवादारों में सभी प्रांतों और भाषा भाषी लोग हैं। भगवान श्रीकृष्ण ही यहाँ नीलमाधव और जगन्नाथजी के रूप में विराजे हैं। उनका जन्मस्थान मथुरा और उनकी नगरी द्वारिका है । मान्यता है कि पहली बार जब भगवान जगन्नाथ जी की काष्ठ प्रतिमा बनाई गई थी वह द्वारिका से ही समुद्र में बहकर आई थी। यदि पुरी भारत के एक छोर पर है तो द्वारिका बिल्कुल दूसरे छोर पर। मंदिर में देवि सुभद्रा की प्रतिमा भी है। सुभद्राजी भगवान श्रीकृष्ण जी बहन हैं जो हस्तिनापुर ब्याही हैं। हस्तिनापुर आज का दिल्ली महानगर है। तीसरी यहाँ विभीषण द्वारा भगवान जगन्नाथजी की आराधना करने का स्थल भी है। विभीषण श्रीलंका के राजा थे। दिल्ली एक ओर एवं श्रीलंका भारत के दूसरे छोर पर है। यह स्थिति द्वारिका और पुरी में है। अर्थात जगन्नाथ पुरी मंदिर और रथोत्सव में जहाँ समाज के सभी समूहों की सहभागिता है उसी प्रकार पूरे भारत का दर्शन है। मंदिर में भगवान जगन्नाथ जी के बड़े भ्राता बलभद्र जी और बहन सुभद्रा जी हैं। यह परिवार समन्वय का संदेश है।</p>
<p>विध्वंस और पुनर्निर्माण का इतिहास</p>
<p>मंदिर यदि ऐतिहासिक है तो इसपर हमलों और इसके विध्वंस का इतिहास भी बहुत लंबा है । संभवतः अयोध्या में विध्वंस और पुनर्निर्माण के संघर्ष केशबाद दूसरा बड़ा संघर्ष पुरी में ही हुआ । भगवान जगन्नाथ मंदिर पर पहला हमला 1340 में हुआ । तब उड़ीसा का नाम उत्कल प्रदेश था । तब बंगाल के सुल्तान इलियास शाह ने भारी सेना के साथ जोरदार हमला बोला । राजा नरसिंह देव तृतीय ने हमले का मुकाबला तो किया पर मंदिर की रक्षा न हो सकी । आक्रमणकारियों ने मंदिर परिसर में सामूहिक नरसंहार किया और विध्वंस भी । राजा नरसिंह देव, और पुरोहितों ने जगन्नाथ की मूर्तियों को छुपा दिया था। इसलिये मूर्तियाँ सुरक्षित रहीं। लूटपाट करके हमलावरों के लौट जाने के बाद मंदिर का जीर्णोद्धार हुआ और मूर्तियाँ पुनर्प्रतिठित कर दी गई।<br />
मंदिर पर दूसरा हमला 1360 में दिल्ली के सुल्तान फिरोज शाह तुगलक ने किया। तीसरा हमला वर्ष 1509 में बंगाल के सुल्तान अलाउद्दीन हुसैन शाह के कमांडर इस्माइल गाजी ने किया। तब ओडिशा में राजा रुद्रदेव प्रताप का शासन था। इस बार पुजारियों ने मंदार की मूर्तियों को बंगाल की खाड़ी में चिल्का झील क्षेत्र में छुपा दिया था। जगन्नाथ मंदिर पर चौथा हमला अफगानी लुटेरे काला पहाड़ ने किया था । यह भीषण हमला वर्ष 1568 में हुआ था और जगन्नाथ मंदिर के विध्वस्त के साथ मूर्तियों को भी जलाकर नष्ट कर दिया था। इस युद्ध के बाद ओडिशा सीधे इस्लामिक शासन के अंतर्गत आ गया था। पांचवां हमला 1592 में हुआ। ये हमला सुल्तान की ओर से कुथू खान और सुलेमान खान ने किया था। भक्तों और पुजारियों ने मंदिर की रक्षा करने का संघर्ष किया पर मंदिर ध्वस्त हुआ । सामूहिक नरसंहार हुआ और मूर्तियों को खंडित कर लूटपाट हुई। छठा हमला 1601 में बंगाल के नवाब इस्लाम खान के कमांडर मिर्जा खुर्रम द्वारा, सातवां हमला सूबेदार हाशिम खान द्वारा हुआ। इसके बाद चार बार स्थानीय शासक सेनापतियों ने मंदिर के पुनर्निर्माण कार्य को ध्वस्त किया। मंदिर पर एक बड़ा हमला 1611 में मुगल बादशाह अकबर की सेना ने किया। इसमें अकबर के दरबारी राजा टोडरमल के बेटा कल्याणमल भी शामिल था।1617 में दिल्ली के बादशाह जहांगीर के सेनापति मुकर्रम खान ने, वर्ष 1621 में मुगल गवर्नर मिर्जा अहमद बेग ने किया। मुगल बादशाह शाहजहां ने एक बार ओडिशा का दौरा किया था तब भी पुजारियों ने मूर्तियों को छुपा दिया था। वर्ष 1641 में ओडिशा के मुगल गवर्नर मिर्जा मक्की ने मंदिर परिसर पर धावा बोला और और पुनर्निर्माण के कार्यों को ध्वस्त किया। मिर्जा मक्की ने दो बार मंदिर पुनर्निर्माण कार्य को ध्वस्त किया था। अगला हमला भी फतेह खान ने किया था । मंदिर पर काला पहाड़ की भाँति सबसे भीषण हमला बादशाह औरंगजेब के आदेश पर वर्ष 1692 में हुआ। औरंगजेब ने मंदिर को पूरी तरह ध्वस्त करके इसे सैन्य छावनी बनाने का आदेश दिया । तब मुगलों की ओर से ओडिशा इकराम खान किलेदार था । मुगलों के तुकी खान ने 1699 में मंदिर परिसर के सभी सनातन चिन्हों को नष्ट किया या उन्हें रूपांतरित करके पूर्ण रूप से सैन्य छावनी में बदल दिया था । मुगलो के पतन और मराठा शक्ति के उदय के बाद मंदिर का पुनर्निर्माण आरंभ हुआ । समय के साथ परिसर खाली हुआ और मंदिर पुनः अपने अस्तित्व में आया । वर्तमान मंदिर को उसका स्वरूप देने का कार्य इंदौर की रानी अहिल्याबाई ने आरंभ किया और समय के साथ अपना आकार ले सका ।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
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		<item>
		<title>श्रीराम जन्मभूमि मंदिर ट्रस्ट के खिलाफ झूठा हो हल्ला मचाने वालों की खुली पोल</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Praveen Dubey]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 07 Jul 2026 04:44:59 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[प्रमुख खबरें]]></category>
		<category><![CDATA[धर्म कर्म]]></category>
		<category><![CDATA[श्रीराम जन्मभूमि मंदिर चढ़ावा चोरी]]></category>
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					<description><![CDATA[प्रवीण दुबे झूठा हो-हल्ला मचाने वालों के मुंह पर श्रीराम जन्मभूमि ट्रस्ट का करारा जवाब!,कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरी ने मीडिया के सामने दिखाई दान की वस्तुएं, बोले— &#8220;जिसे देखना है, अयोध्या आ जाए&#8221; अयोध्या 7 जुलाई 2026/श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में चढ़ावे और दान की वस्तुओं को लेकर पिछले कुछ दिनों से लगाए जा रहे आरोपों [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p style="text-align: center;">प्रवीण दुबे</p>
<p><strong>झूठा हो-हल्ला मचाने वालों के मुंह पर श्रीराम जन्मभूमि ट्रस्ट का करारा जवाब!,कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरी ने मीडिया के सामने दिखाई दान की वस्तुएं, बोले— &#8220;जिसे देखना है, अयोध्या आ जाए&#8221;</strong></p>
<p>अयोध्या 7 जुलाई 2026/श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में चढ़ावे और दान की वस्तुओं को लेकर पिछले कुछ दिनों से लगाए जा रहे आरोपों के बीच श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने सार्वजनिक रूप से बड़ा जवाब दिया है। ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंद देव गिरी ने मीडिया के सामने दान में प्राप्त विभिन्न वस्तुओं का प्रदर्शन करते हुए स्पष्ट कहा कि मंदिर को प्राप्त सभी भेंटें पूरी तरह सुरक्षित हैं और उनका पूरा रिकॉर्ड ट्रस्ट के पास मौजूद है। ट्रस्ट के इस सार्वजनिक प्रदर्शन के बाद मंदिर के चढ़ावे को लेकर उठाए जा रहे सवालों पर नया मोड़ आ गया है। ट्रस्ट का दावा है कि तथ्यों और रिकॉर्ड के सामने आने के बाद दुष्प्रचार और भ्रम फैलाने की कोशिशों की पोल खुल गई है</p>
<p style="text-align: center;"><img fetchpriority="high" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-65143" src="https://shabdshaktinews.in/wp-content/uploads/2026/07/Screenshot_20260707_094712_Google.jpg" alt="" width="491" height="777" srcset="https://shabdshaktinews.in/wp-content/uploads/2026/07/Screenshot_20260707_094712_Google.jpg 491w, https://shabdshaktinews.in/wp-content/uploads/2026/07/Screenshot_20260707_094712_Google-190x300.jpg 190w, https://shabdshaktinews.in/wp-content/uploads/2026/07/Screenshot_20260707_094712_Google-265x420.jpg 265w" sizes="(max-width: 491px) 100vw, 491px" /></p>
<p>उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि &#8220;जिस किसी को भी संदेह है, वह अयोध्या आए और स्वयं अपनी दान की गई वस्तु देखकर संतुष्ट हो जाए। ट्रस्ट के पास हर वस्तु का पूरा हिसाब-किताब उपलब्ध है।&#8221;<br />
ट्रस्ट का कहना है कि मंदिर को प्राप्त सभी सोने-चांदी एवं अन्य बहुमूल्य दान का विधिवत रिकॉर्ड रखा जाता है। जिन चांदी की वस्तुओं को तकनीकी आवश्यकता के कारण टकसाल में गलाकर सिल्वर बार बनाया गया, उनकी भी पूरी प्रक्रिया दस्तावेजों और प्रमाणों के साथ दर्ज है।<br />
ट्रस्ट के इस सार्वजनिक प्रदर्शन के बाद मंदिर के चढ़ावे को लेकर उठाए जा रहे सवालों पर नया मोड़ आ गया है। ट्रस्ट का दावा है कि तथ्यों और रिकॉर्ड के सामने आने के बाद दुष्प्रचार और भ्रम फैलाने की कोशिशों की पोल खुल गई है।<br />
राजनीतिक हलकों में भी इस घटनाक्रम की चर्चा तेज है। ट्रस्ट समर्थकों का कहना है कि बिना पूरे तथ्य सामने आए लगाए गए आरोप अब कमजोर पड़ते दिखाई दे रहे हैं। वहीं विपक्षी दल अपने-अपने दावे और सवाल पहले की तरह उठाते रहे हैं।<br />
श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने एक बार फिर दोहराया है कि मंदिर में आने वाले प्रत्येक दान की सुरक्षा, रिकॉर्ड और पारदर्शिता सर्वोच्च प्राथमिकता है तथा किसी भी श्रद्धालु को यदि कोई शंका हो तो वह निर्धारित प्रक्रिया के तहत जानकारी प्राप्त कर सकता है।<br />
अब बड़ा सवाल यह है कि जब ट्रस्ट स्वयं रिकॉर्ड और दान की वस्तुएं सार्वजनिक रूप से दिखाने को तैयार है, तब क्या आरोप लगाने वाले भी उपलब्ध तथ्यों के आधार पर अपनी बात स्पष्ट करेंगे, या फिर यह विवाद राजनीतिक बहस तक ही सीमित रहेगा?</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>चंपत राय का इस्तीफ़ा मंजूर,कृष्ण मोहन को अंतरिम महामंत्री बनाया गया</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Praveen Dubey]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 06 Jul 2026 14:01:53 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[प्रमुख खबरें]]></category>
		<category><![CDATA[देश]]></category>
		<category><![CDATA[धर्म कर्म]]></category>
		<category><![CDATA[कृष्ण मोहन]]></category>
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					<description><![CDATA[अयोध्या 6 जुलाई 2026/अयोध्या के राम मंदिर के चढ़ावा चोरी मामले के बाद सोमवार को पहली बार श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की बैठक हुई. इस बैठक में ट्रस्ट के महामंत्री चंपत राय और सदस्य अनिल मिश्रा का इस्तीफ़ा स्वीकार किया गया. ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरी ने मीडिया के साथ बातचीत में [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<div class="css-1k9op6x e17x9cvu0" dir="ltr">
<p class="css-d8mtc1 eea635z0" dir="ltr">अयोध्या 6 जुलाई 2026/अयोध्या के राम मंदिर के चढ़ावा चोरी मामले के बाद सोमवार को पहली बार श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की बैठक हुई. इस बैठक में ट्रस्ट के महामंत्री चंपत राय और सदस्य अनिल मिश्रा का इस्तीफ़ा स्वीकार किया गया.</p>
</div>
<div class="css-1k9op6x e17x9cvu0" dir="ltr">
<p class="css-d8mtc1 eea635z0" dir="ltr">ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरी ने मीडिया के साथ बातचीत में इसकी पुष्टि की है. उन्होंने बताया कि उनकी जगह कृष्ण मोहन को अंतरिम महामंत्री बनाया गया है. नए महामंत्री की नियुक्ति होने तक वो इस पद पर रहेंगे.</p>
</div>
<div class="css-1k9op6x e17x9cvu0" dir="ltr">
<p class="css-d8mtc1 eea635z0" dir="ltr">ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष ने बताया कि ख़ास अधिकारियों की नियुक्ति करने के लिए एक समिति का गठन किया गया है और 22 जुलाई को ट्रस्ट की दोबारा बैठक होगी.</p>
</div>
<div class="css-1k9op6x e17x9cvu0" dir="ltr">
<p class="css-d8mtc1 eea635z0" dir="ltr">उन्होंने उम्मीद जताई कि 22 जुलाई को जब दोबारा बैठक होगी तब तक एसआईटी की रिपोर्ट भी आ जाएगी.</p>
</div>
<div class="css-1k9op6x e17x9cvu0" dir="ltr">
<p class="css-d8mtc1 eea635z0" dir="ltr">चंपत राय ने राम मंदिर में श्रद्धालुओं के चढ़ावे की कथित चोरी और गबन के आरोपों के बीच बीते महीने अपने पद से इस्तीफ़ा दे दिया था.</p>
<div class="css-1k9op6x e17x9cvu0" dir="ltr">
<h2 id="बैठक-के-बाद-ट्रस्ट-ने-क्या-बताया" class="css-1ss4bqt emoh99e1" tabindex="-1">बैठक के बाद ट्रस्ट ने क्या बताया?</h2>
</div>
<div class="css-1k9op6x e17x9cvu0" dir="ltr">
<p class="css-d8mtc1 eea635z0" dir="ltr">ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरी ने पत्रकारों से कहा कि अपराधियों को उचित दंड मिलेगा क्योंकि उन्हें न्यायालय पर विश्वास है.</p>
</div>
<div class="css-1k9op6x e17x9cvu0" dir="ltr">
<p class="css-d8mtc1 eea635z0" dir="ltr">इसके साथ ही उन्होंने हिंदू समुदाय से अपील करते हुए कहा कि वो अफ़वाहों पर भरोसा न करे और अगर किसी को उनकी कोई चीज़ खोने की कोई आशंका है तो राम मंदिर के कार्यलाय में आकर पूछताछ करें.</p>
<div class="css-1k9op6x e17x9cvu0" dir="ltr">
<p class="css-d8mtc1 eea635z0" dir="ltr">गोविंद देव गिरी ने कहा कि राम मंदिर ट्रस्ट के पास 2800 चीज़ों का रजिस्टर है और उसकी जांच की जा सकती है.</p>
</div>
<div class="css-1k9op6x e17x9cvu0" dir="ltr">
<p class="css-d8mtc1 eea635z0" dir="ltr">इसके अलावा कोषाध्यक्ष ने इस मुद्दे पर राजनीतिक बयानबाजी को लेकर कहा गया कि &#8220;संपूर्ण राष्ट्र में जो हो-हल्ला मचाया गया है उससे इरादे साफ़ नहीं हैं, जो राम भक्ति का पाठ पढ़ाने की बात कर रहे हैं, उन्होंने राम भक्तों पर गोलियां चलाईं. राम भक्ति के विरोध में काम करने वाले लोगों के दिलों में जो झूठा ज्वार दिखावे के लिए दिखा है वो साधारण नहीं है, इसका मुख्य उद्देश्य हिंदुओं को बांटना है.&#8221;</p>
</div>
<div class="css-1k9op6x e17x9cvu0" dir="ltr">
<p class="css-d8mtc1 eea635z0" dir="ltr">&#8220;कई संघर्षों के पश्चात ये मंदिर बना, लोगों ने इसके लिए अपने प्राणों, परिवारों और करियर की चिंता नहीं की. चढ़ावा चोरी का काम गिनती के समय हुआ है, उससे हम दुखी हैं. चोरी छोटी हुई या बड़ी हुई, ये बात बाद में आती है लेकिन जिस तरह का वातावरण बना वो चिंता की बात है.&#8221;</p>
</div>
</div>
</div>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>चढ़ावा चोरी की गहमा गहमी के बीच अयोध्या में राम मंदिर ट्रस्ट की महत्वपूर्ण बैठक आज दोपहर 3 बजे</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Praveen Dubey]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 06 Jul 2026 01:29:05 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[धर्म कर्म]]></category>
		<category><![CDATA[प्रमुख खबरें]]></category>
		<category><![CDATA[अयोध्या बैठक]]></category>
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					<description><![CDATA[अयोध्या 6 जुलाई 2026/राम मंदिर ट्रस्ट की अहम बैठक आज दोपहर 3 बजे, सभी सदस्यों को भेजा गया बुलावा- गोपाल राव राम जन्मभूमि मंदिर परिसर दोपहर 3 बजे श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की एक बेहद महत्वपूर्ण बैठक आयोजित होने जा रही है. मंदिर प्रशासन के सहायक गोपाल राव ने इस बैठक की आधिकारिक पुष्टि [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>अयोध्या 6 जुलाई 2026/राम मंदिर ट्रस्ट की अहम बैठक आज दोपहर 3 बजे, सभी सदस्यों को भेजा गया बुलावा- गोपाल राव<br />
राम जन्मभूमि मंदिर परिसर दोपहर 3 बजे श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की एक बेहद महत्वपूर्ण बैठक आयोजित होने जा रही है. मंदिर प्रशासन के सहायक गोपाल राव ने इस बैठक की आधिकारिक पुष्टि करते हुए बताया कि ट्रस्ट के सभी संबंधित सदस्यों और पदाधिकारियों को इस संबंध में पूर्व सूचना भेज दी गई है. उन्होंने उम्मीद जताई है कि बुलावे के बाद सभी सदस्य समय पर बैठक में उपस्थिति दर्ज कराएंगे. हालिया विवादों और राम मंदिर से जुड़े घटनाक्रमों के बीच मंदिर परिसर में होने वाली इस बैठक को काफी अहम माना जा रहा है, जिसमें प्रशासनिक व्यवस्थाओं को लेकर कई बड़े और कड़े फैसले लिए जा सकते हैं</p>
<p>उधर इससे पूर्व जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद देवगिरी अहम बैठक में शामिल होने के लिए अयोध्या पहुंच गए हैं, जहां ट्रस्ट के सदस्य गोपाल राव ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया. ट्रस्ट के पदाधिकारियों की प्रत्येक तीन माह में होने वाली यह महत्वपूर्ण बैठक दोपहर 3:00 बजे सीधे राम जन्मभूमि परिसर में संपन्न होगी. इस महाबैठक में चंदा चोरी प्रकरण की विस्तृत समीक्षा के साथ-साथ ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और सदस्य डॉ. अनिल मिश्रा की स्थिति व उनके संभावित इस्तीफों को लेकर गंभीर चर्चा की जाएगी. इसके अलावा भविष्य में रामलला के खजाने की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए भी कई कड़े और ऐतिहासिक फैसले लिए जा सकते हैं.राम मंदिर दान चोरी मामले की जांच तेजी से आगे बढ़ती जा रही है. इस बीच आरोपियों को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है. बताया जा रहा है कि जेल में बंद सभी आरोपी डरे हुए हैं. वहीं पुलिस को इनका कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं मिला है. इसके अलावा कहा जा रहा है कि इन्होंने कोई प्लानिंग भी नहीं की थी. ना ही इससे पहले कोई चोरी की थी. वहीं इस पूरे मुद्दे को लेकर सियासी उबाल भी मचा हुआ है. वैसे तो संभल सांसद जियाउर्रहमान बर्क राम मंदिर का नाम नहीं लेते हैं. लेकिन राम मंदिर में दान चोरी पर उन्होंने बीजेपी पर निशाना साधा. बीजेपी पर दान चोरों को बचाने का आरोप लगाया. इस बार भी उन्होंने अपने मुंह से राम मंदिर का नाम नहीं लिया</p>
<p>&nbsp;</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>हर हर महादेव के नारों से गूंजी कश्मीर घाटी पवित्र अमरनाथ यात्रा शुरू</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Praveen Dubey]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 03 Jul 2026 14:49:40 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[प्रमुख खबरें]]></category>
		<category><![CDATA[धर्म कर्म]]></category>
		<category><![CDATA[अमरनाथ यात्रा शुरू]]></category>
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					<description><![CDATA[वार्षिक अमरनाथ यात्रा शुक्रवार को शुरू हो गई. अधिकारियों के हवाले से ख़बर  है कि श्रद्धालुओं का पहला जत्था बालटाल और नुनवान के दोनों बेस कैंप से रवाना होकर दक्षिण कश्मीर के हिमालय में समुद्र तल से 3,880 मीटर की ऊंचाई पर स्थित पवित्र अमरनाथ गुफा की ओर बढ़ गया है. इससे पहले 4800 यात्रियों [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<div class="css-1k9op6x e17x9cvu0" dir="ltr">
<p dir="ltr">वार्षिक अमरनाथ यात्रा शुक्रवार को शुरू हो गई. अधिकारियों के हवाले से ख़बर  है कि श्रद्धालुओं का पहला जत्था बालटाल और नुनवान के दोनों बेस कैंप से रवाना होकर दक्षिण कश्मीर के हिमालय में समुद्र तल से 3,880 मीटर की ऊंचाई पर स्थित पवित्र अमरनाथ गुफा की ओर बढ़ गया है.</p>
</div>
<div class="css-1k9op6x e17x9cvu0" dir="ltr">
<p class="postStyles css-oe7toe eea635z0" dir="ltr">इससे पहले 4800 यात्रियों का पहला जत्था भारी सुरक्षा के बीच कश्मीर पहुंचा था.</p>
</div>
<div class="css-1k9op6x e17x9cvu0" dir="ltr">
<p class="postStyles css-oe7toe eea635z0" dir="ltr">इस गुफा में प्राकृतिक रूप से निर्मित हिम शिवलिंग के दर्शन होते हैं. अधिकारियों ने बताया कि यात्रा शुक्रवार तड़के दोनों मार्गों से शुरू हुई.</p>
</div>
<div class="css-1k9op6x e17x9cvu0" dir="ltr">
<p class="postStyles css-oe7toe eea635z0" dir="ltr">इनमें पारंपरिक 48 किलोमीटर लंबा नुनवान-पहलगाम मार्ग और 14 किलोमीटर लंबा बालटाल मार्ग शामिल हैं. बीच-बीच में बारिश होने के बावजूद श्रद्धालुओं का उत्साह बना रहा.</p>
</div>
<div class="css-1k9op6x e17x9cvu0" dir="ltr">
<p class="postStyles css-oe7toe eea635z0" dir="ltr">उन्होंने बताया कि पुरुषों, महिलाओं और साधु-संतों सहित श्रद्धालुओं के जत्थे सुबह होते ही दक्षिण कश्मीर के अनंतनाग जिले के पहलगाम स्थित नुनवान बेस कैंप और मध्य कश्मीर के गांदरबल जिले के सोनमर्ग क्षेत्र स्थित बालटाल बेस कैंप से अपनी यात्रा पर रवाना हुए.</p>
</div>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर के भोपाल स्थित आवास पर पहुंचे  धीरेंद्र शास्त्री</title>
		<link>https://shabdshaktinews.in/%e0%a4%b5%e0%a4%bf%e0%a4%a7%e0%a4%be%e0%a4%a8%e0%a4%b8%e0%a4%ad%e0%a4%be-%e0%a4%85%e0%a4%a7%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%b7-%e0%a4%b6%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a5%80-%e0%a4%a8%e0%a4%b0/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Praveen Dubey]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 01 Jul 2026 14:28:25 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[प्रमुख खबरें]]></category>
		<category><![CDATA[धर्म कर्म]]></category>
		<category><![CDATA[धीरेंद्र शास्त्री]]></category>
		<category><![CDATA[नरेंद्र सिंह तोमर]]></category>
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					<description><![CDATA[*विधानसभा अध्यक्ष श्री नरेंद्र सिंह तोमर ने परिवार सहित पंडित धीरेंद्र शास्त्री का किया आत्मीय अभिनंदन* ग्वालियर /भोपाल 01 जुलाई 2026/ बागेश्वर धाम के महंत पंडित श्री धीरेंद्र शास्त्री मंगलवार को मध्य प्रदेश विधानसभा के अध्यक्ष श्री नरेंद्र सिंह तोमर के प्रोफेसर कालोनी भोपाल स्थित आवास पर पधारे। इस अवसर पर उन्होंने परिवार सहित बागेश्वर [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>*विधानसभा अध्यक्ष श्री नरेंद्र सिंह तोमर ने परिवार सहित पंडित धीरेंद्र शास्त्री का किया आत्मीय अभिनंदन*</strong></p>
<p>ग्वालियर /भोपाल 01 जुलाई 2026/ बागेश्वर धाम के महंत पंडित श्री धीरेंद्र शास्त्री मंगलवार को मध्य प्रदेश विधानसभा के अध्यक्ष श्री नरेंद्र सिंह तोमर के प्रोफेसर कालोनी भोपाल स्थित आवास पर पधारे।</p>
<p>इस अवसर पर उन्होंने परिवार सहित बागेश्वर धाम के महंत श्री धीरेंद्र शास्त्री  की अगवानी कर उनका अभिनंदन किया। इस अवसर पर श्री तोमर उनकी पत्नी श्रीमती किरण तोमर तथा छोटे पुत्र प्रबल प्रताप सिंह तोमर रघु सहित परिवार के अन्य सदस्यों ने पंडित धीरेंद्र शास्त्री जी का आशीर्वाद प्राप्त किया।</p>
<p>इस अवसर पर पंडित धीरेंद्र शास्त्री जी ने आशीर्वचन देते हुए विधानसभा अध्यक्ष श्री नरेंद्र सिंह तोमर और उनके परिवार की सदस्यों की सुख समृद्धि और दीर्घायु होने की कामना की।<br />
इस अवसर पर बड़ी संख्या में मौजूद लोगों ने भी पंडित  धीरेंद्र शास्त्री जी के दर्शन किए।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>मुहर्रम  जुलूस में किया आतंकवादी घटना जैसा कार विस्फोट कार पर लिखा ले फिर आ गए</title>
		<link>https://shabdshaktinews.in/%e0%a4%ae%e0%a5%81%e0%a4%b9%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%ae-%e0%a4%9c%e0%a5%81%e0%a4%b2%e0%a5%82%e0%a4%b8-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%95%e0%a4%bf%e0%a4%af%e0%a4%be-%e0%a4%86%e0%a4%a4/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Praveen Dubey]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 25 Jun 2026 15:42:11 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[धर्म कर्म]]></category>
		<category><![CDATA[प्रमुख खबरें]]></category>
		<category><![CDATA[मुहर्रम के जुलूस]]></category>
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					<description><![CDATA[मध्य प्रदेश के उज्जैन जिले के बड़नगर में मुहर्रम के जुलूस के दौरान एक ऐसा सनसनीखेज मामला सामने आया है, जिसने सुरक्षा एजेंसियों की नींद उड़ा दी है. यहां मुहर्रम के जुलूस में सरेआम एक कार को क्रेन के सहारे हवा में करीब 40 फीट ऊपर लटकाकर विस्फोटकों से उड़ा दिया गया. इस घटना का [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>मध्य प्रदेश के उज्जैन जिले के बड़नगर में मुहर्रम के जुलूस के दौरान एक ऐसा सनसनीखेज मामला सामने आया है, जिसने सुरक्षा एजेंसियों की नींद उड़ा दी है. यहां मुहर्रम के जुलूस में सरेआम एक कार को क्रेन के सहारे हवा में करीब 40 फीट ऊपर लटकाकर विस्फोटकों से उड़ा दिया गया. इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद भारी हंगामा मच गया, जिसके बाद पुलिस प्रशासन हरकत में आया है और आरोपियों के खिलाफ एफआईआर (FIR) दर्ज कर ली गई है.</p>
<p>यह घटना 23 जून की रात की बताई जा रही है. बड़नगर के अडान मोहल्ले से मुहर्रम का जुलूस निकाला जा रहा था, जिसमें भारी भीड़ मौजूद थी. इसी दौरान &#8216;शेरे अडान अखाड़ा&#8217; के आयोजकों ने एक पुरानी कार को क्रेन से बांधकर हवा में लटका दिया. कार के ऊपर बड़े अक्षरों में &#8220;ले फिर आ गए&#8221; लिखा हुआ था. वीडियो में विस्फोट से ठीक पहले दो लोग हाथों में लाल झंडा लहराते हुए दिखाई दे रहे हैं, जिसके बाद तेज धमाके के साथ कार को हवा में ही उड़ा दिया गया.</p>
<h3><strong>सोशल मीडिया पर वायरल हुए अन्य खतरनाक स्टंट</strong></h3>
<p>जांच में सामने आया है कि &#8216;परवेज एडिट्स_2.0&#8217; (Parvez Edits_2.0) नाम के इंस्टाग्राम अकाउंट से सिर्फ इस कार विस्फोट का ही नहीं, बल्कि कई अन्य खतरनाक स्टंट के वीडियो भी शेयर किए गए थे. इनमें अलग-अलग तरह के विस्फोट करते हुए युवक नजर आ रहे हैं. इसी तरह हुसैनी अखाड़ा और शाहजलालपुरा अखाड़े में भी युवकों को लटकाकर हैरतअंगेज और खतरनाक प्रदर्शन किए गए.</p>
<h3><strong>संतों और हिंदू संगठनों ने जताई कड़ी आपत्ति</strong></h3>
<p>इस तरह सरेआम विस्फोटक के इस्तेमाल को लेकर हिंदू संगठनों ने कड़ी आपत्ति दर्ज कराई है. हिंदू जागरण मंच (उज्जैन) के रितेश माहेश्वरी ने इस पर सवाल उठाए हैं. वहीं, हरिद्वार के संत स्वामी शिवानंद गिरी ने सोशल मीडिया पर वीडियो शेयर करते हुए तल्ख टिप्पणी की.</p>
<p>स्वामी शिवानंद गिरी ने लिखा- &#8220;हम काफिरों की गाड़ियों को इसी तरह उड़ा देंगे, लगता है यही संदेश दिया जा रहा है. महाकाल की नगरी उज्जैन में जहां त्योहारों पर पटाखे और दही हांडी पर बैन लग जाता है, वहां मुहर्रम के दौरान गाड़ी को विस्फोटक से उड़ाकर, आतंकी गतिविधि जैसी घटना दिखाकर त्योहार मनाने की इजाजत कैसे मिल जाती है?&#8221;</p>
<h3><strong>पुलिस का एक्शन: शोएब और क्रेन मालिक पर FIR</strong></h3>
<p>मामले के तूल पकड़ने और वीडियो वायरल होने के बाद बड़नगर पुलिस तुरंत हरकत में आ गई. बड़नगर थाना प्रभारी कमलेश सिंगार ने बताया कि घटना की जानकारी मिलते ही पूरी जांच की गई. वहीं, पूरे मामले पर अपडेट देते हुए एडिशनल एसपी (ASP) करण दीप सिंह ने बताया कि पुलिस ने इस खतरनाक स्टंट को अंजाम देने वाले मुख्य आरोपी शोएब और क्रेन मालिक गोपाल माली के खिलाफ मामला (FIR) दर्ज कर लिया है. पुलिस का कहना है कि दोनों आरोपियों की जल्द ही गिरफ्तारी कर ली जाएगी.</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>राम मंदिर के चढ़ावे में कथित गड़बड़ी के मामले में एसआईटी ने सरकार को सौंपी प्रारंभिक रिपोर्ट</title>
		<link>https://shabdshaktinews.in/%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%ae-%e0%a4%ae%e0%a4%82%e0%a4%a6%e0%a4%bf%e0%a4%b0-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%9a%e0%a4%a2%e0%a4%bc%e0%a4%be%e0%a4%b5%e0%a5%87-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%95%e0%a4%a5/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Praveen Dubey]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 23 Jun 2026 15:29:46 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[धर्म कर्म]]></category>
		<category><![CDATA[प्रमुख खबरें]]></category>
		<category><![CDATA[एस आई टी रिपोर्ट]]></category>
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					<description><![CDATA[नई दिल्ली 23 जून 2026/अयोध्या में राम मंदिर के चढ़ावे में कथित गड़बड़ी की जांच कर रही एसआईटी की तीन सदस्यीय टीम ने मंगलवार को अपर मुख्य सचिव (गृह और मुख्यमंत्री) संजय प्रसाद को प्रारंभिक रिपोर्ट सौंप दी है. हालांकि, पूरी जांच और अंतिम रिपोर्ट तैयार होने में अभी सात दिन और लगेंगे. एसआईटी की [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<div class="css-1k9op6x e17x9cvu0" dir="ltr">
<p class="postStyles css-oe7toe eea635z0" dir="ltr">नई दिल्ली 23 जून 2026/अयोध्या में राम मंदिर के चढ़ावे में कथित गड़बड़ी की जांच कर रही एसआईटी की तीन सदस्यीय टीम ने मंगलवार को अपर मुख्य सचिव (गृह और मुख्यमंत्री) संजय प्रसाद को प्रारंभिक रिपोर्ट सौंप दी है.</p>
</div>
<div class="css-1k9op6x e17x9cvu0" dir="ltr">
<p class="postStyles css-oe7toe eea635z0" dir="ltr">हालांकि, पूरी जांच और अंतिम रिपोर्ट तैयार होने में अभी सात दिन और लगेंगे.</p>
</div>
<div class="css-1k9op6x e17x9cvu0" dir="ltr">
<p class="postStyles css-oe7toe eea635z0" dir="ltr">एसआईटी की टीम को लखनऊ के डिविज़नल कमिश्नर विजय विश्वास पंत हेड कर रहे थे. उनके अलावा इसमें लखनऊ रेंज आईजी किरण एस और 2008 बैच के आईपीएस ऑफ़िसर नीलरतन कुमार भी शामिल हैं.</p>
</div>
<div class="css-1k9op6x e17x9cvu0" dir="ltr">
<p class="postStyles css-oe7toe eea635z0" dir="ltr">अयोध्या में राम मंदिर के चढ़ावे में कथित गड़बड़ी का मामला पिछले कुछ दिनों से चर्चा में है. एसआईटी की जारी जांच के बीच भी हर दिन नए दावे और आरोप सामने आ रहे हैं.</p>
</div>
<div class="css-1k9op6x e17x9cvu0" dir="ltr">
<p class="postStyles css-oe7toe eea635z0" dir="ltr">दरअसल, यह पूरा मामला तब चर्चा में आया जब बीती 7 जून को समाजवादी पार्टी प्रमुख और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने एक्स पर राम मंदिर के चढ़ावे से जुड़े करोड़ों रुपये ग़ायब होने का आरोप लगाया था.</p>
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<p class="postStyles css-oe7toe eea635z0" dir="ltr">मामला तूल पकड़ता देख उत्तर प्रदेश सरकार ने राम मंदिर में चंदा विवाद की जांच के लिए तीन सदस्यीय एसआईटी का गठन किया.</p>
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<p class="postStyles css-oe7toe eea635z0" dir="ltr">राज्य सरकार के मुताबिक़, एसआईटी गठित करने की अनुशंसा ख़ुद श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने की थी. यह वही ट्रस्ट है जिसका गठन साल 2019 में राम मंदिर से जुड़े सुप्रीम कोर्ट के ऐतिहासिक फ़ैसले के बाद केंद्र सरकार ने किया था.</p>
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<p class="postStyles css-oe7toe eea635z0" dir="ltr">ट्रस्ट को राम मंदिर निर्माण और उससे जुड़े वित्तीय और प्रशासनिक मामलों की ज़िम्मेदारी सौंपी गई थी.</p>
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<p class="postStyles css-oe7toe eea635z0" dir="ltr">ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने इस पर लग रहे इन आरोपों को ख़ारिज किया है, वहीं एसआईटी इन सभी आरोपों और कथित अनियमितताओं की जांच कर रही है.</p>
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