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	<title>सेहत &#8211; Shabd Shakti News</title>
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	<description>Every News Speaks</description>
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		<title>कहीं आपका कोलेस्ट्रॉल तो नहीं बढ़ा रही है चाय क्या इसका समाधान</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Praveen Dubey]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 29 Jul 2026 07:48:57 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[प्रमुख खबरें]]></category>
		<category><![CDATA[सेहत]]></category>
		<category><![CDATA[कोलेस्ट्रॉल तो]]></category>
		<category><![CDATA[चाय]]></category>
		<category><![CDATA[समाधान]]></category>
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					<description><![CDATA[चाय के शौकीनों की कोई कमी नहीं है. मेडिकल साइंस में इसको पीने के कोई खास फायदे तो नहीं बताए गए हैं, खासतौर पर दूध वाली चाय के नुकसान काफी हैं, जैसे चाय एसिडिटी करती है और चीनी वाली चाय शुगर भी बढ़ा सकती है, लेकिन क्या चाय पीने से बैड कोलेस्ट्रॉल भी बढ़ता है.जिन [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>चाय के शौकीनों की कोई कमी नहीं है. मेडिकल साइंस में इसको पीने के कोई खास फायदे तो नहीं बताए गए हैं, खासतौर पर दूध वाली चाय के नुकसान काफी हैं, जैसे चाय एसिडिटी करती है और चीनी वाली चाय शुगर भी बढ़ा सकती है, लेकिन क्या चाय पीने से बैड कोलेस्ट्रॉल भी बढ़ता है.जिन लोगों का कोलेस्ट्रॉल बढ़ा हुआ है क्या उनको चाय नहीं पीनी चाहिए?</p>
<p>एक रिसर्च के मुताबिक चाय और कोलेस्ट्रॉल के बीच के संबंध के बारे में बताया गया है. इस रिसर्च में खासतौर पर ब्लैक टी के बारे में जानकारी दी गई है. रिसर्च में इस सवाल का जवाब ढूंढा गया है कि क्या रोजाना ब्लैक टी पीने से बैड कोलेस्ट्रॉल (LDL) कम होता है या बढ़ता है? रिसर्च से यह साफ हुआ कि रोज ब्लैक टी पीने से कोलेस्ट्रॉल के लेवल में कोई खास कमी नहीं आई, इससे कोलेस्ट्रॉल बढ़ा भी नहीं था. वहीं, दूध वाली चाय से कोलेस्ट्रॉल बढ़ने का रिस्क बताया गया है.</p>
<p>मेदांता मेडिसिटी मूलचंद अस्पताल में कार्डियोलॉजी विभाग में प्रोफेसर डॉ. तरुण कुमार के मुताबिक साधारण चाय सीधे तौर पर बैड कोलेस्ट्रॉल नहीं बढ़ाती न ही इसको पीने से कोलेस्ट्रॉल कम होता है, लेकिन अगर चाय फुल-फैट दूध की और इसमें बहुत अधिक चीनी है, तो लंबे समय में यह कैलोरी और फैट को बढ़ा सकती है, जो कोलेस्ट्रॉल बढ़ने का एक रिस्क फैक्टर जरूर है.</p>
<p><strong>ब्लैक टी या दूध वाली चाय में क्या है फायदेमंद</strong></p>
<p>दूध वाली चाय से ज्यादा फायदेमंद ब्लैक- टी है. दूध वाली चाय कोलेस्ट्रॉल बढ़ा सकती है, लेकिन ब्लैक- टी में ऐसा नहीं है. अगर चाय पीने का मन है तो ब्लैक टी, ग्रीन- टी पीना शुरू करें. इसके अपने कई फायदे हैं. यह ब्लड शुगर को कंट्रोल करने में मदद करती है और हार्ट के लिए ठीक मानी जाती है, हालांकि अगर आपको पेट से संबंधित कोई बीमारी है, बीपी हाई रहता है, रात में नींद न आने की समस्या रहती है तो फिर अपने डॉक्टर की सलाह पर ही आपको चाय पीनी चाहिए.</p>
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		<title>डेंगू से रहें सावधान कलेक्टर ने नागरिकों से की अपील</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Praveen Dubey]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 24 Jul 2026 15:10:12 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[प्रमुख खबरें]]></category>
		<category><![CDATA[सेहत]]></category>
		<category><![CDATA[डेंगू]]></category>
		<category><![CDATA[नागरिकों से की अपील]]></category>
		<category><![CDATA[रहें सावधान]]></category>
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					<description><![CDATA[बरसात के मौसम में डेंगू से बचाव हेतु नागरिक आवश्यक सावधानी बरतें,कलेक्टर ने जिलेवासियों से की अपील ग्वालियर24 जुलाई 2026/ बरसात के दौरान डेंगू से बचाव के लिये नागरिकों को आवश्यक सावधानियां बरतना चाहिए। थोड़ी सी सावधानी अपनाकर हम स्वयं, अपने परिवार और पूरे समाज को सुरक्षित रख सकते हैं। कलेक्टर श्रीमती रुचिका चौहान ने [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>बरसात के मौसम में डेंगू से बचाव हेतु नागरिक आवश्यक सावधानी बरतें,कलेक्टर ने जिलेवासियों से की अपील</p>
<p>ग्वालियर24 जुलाई 2026/ बरसात के दौरान डेंगू से बचाव के लिये नागरिकों को आवश्यक सावधानियां बरतना चाहिए। थोड़ी सी सावधानी अपनाकर हम स्वयं, अपने परिवार और पूरे समाज को सुरक्षित रख सकते हैं। कलेक्टर श्रीमती रुचिका चौहान ने जिले के निवासियों से अपील की है कि बरसात के मौसम में मलेरिया एवं डेंगू की बीमारी से बचाव के लिये आवश्यक सावधानी अपनाएं। सावधानी ही बीमारियों से सुरक्षा का उपाय है।</p>
<ul>
<li>कलेक्टर श्रीमती रुचिका चौहान ने जिले के निवासियों से कहा है कि डेंगू की रोकथाम में प्रशासन का सहयोग करें। सभी नागरिक सतर्कता और सहभागिता अपनाएं। अपने घरों, दुकानों एवं आसपास के क्षेत्र में पानी जमा न होने दें। कूलर, गमले, टंकियां एवं अन्य जल पात्रों की नियमित सफाई करें तथा सप्ताह में एक दिन सभी जल पात्रों को खाली कर साफ करें। डेंगू का मच्छर साफ पानी में पनपता है। इसलिये स्वच्छता और सावधानी ही सबसे प्रभावी बचाव है।<br />
कलेक्टर ने यह भी अपील की है कि पूरी बाजू के कपड़े पहनें। मच्छरदानी एवं मच्छररोधी उपाय अपनाएं। बुखार आने पर तत्काल नजदीकी स्वास्थ्य केन्द्र में जांच भी कराएं। जिला प्रशासन द्वारा डेंगू से बचाव के लिये सर्वे, फॉगिंग एवं जागरूकता अभियान में भी नागरिक सहयोग करें। डेंगू से बचाव हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है। थोड़ी सी सावधानी अपनाकर स्वयं को, परिवार को और पूरे समाज को सुरक्षित रखा जा सकता है।</li>
</ul>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>इंसुलिन लेने वाले लाखों लोगों के लिए बड़ी खुशखबरी डेनमार्क की दवा कंपनी ने भारत में लॉन्च की खास तरह की इंसुलिन</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Praveen Dubey]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 10 Jul 2026 06:47:08 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[प्रमुख खबरें]]></category>
		<category><![CDATA[सेहत]]></category>
		<category><![CDATA[इंसुलिन]]></category>
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					<description><![CDATA[नई दिल्ली 10 जुलाई 2026/डेनमार्क की दवा कंपनी नोवो नॉर्डिस्क ने भारत में अवीक्ली नाम की नई इंसुलिन लॉन्च की है। कंपनी का दावा है कि यह हफ्ते में एक बार दिए जाने वाला बेसल इंसुलिन है, जो टाइप- 1 और टाइप-2 डायबिटीज के वयस्क मरीजों के लिए है। भारत में 10 करोड़ से ज्यादा [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<h5>नई दिल्ली 10 जुलाई 2026<strong>/</strong>डेनमार्क की दवा कंपनी नोवो नॉर्डिस्क ने भारत में अवीक्ली नाम की नई इंसुलिन लॉन्च की है। कंपनी का दावा है कि यह हफ्ते में एक बार दिए जाने वाला बेसल इंसुलिन है, जो टाइप- 1 और टाइप-2 डायबिटीज के वयस्क मरीजों के लिए है। भारत में 10 करोड़ से ज्यादा लोग डायबिटीज से पीड़ित हैं, जबकि 13.6 करोड़ लोगों को प्री- डायबिटीज है। फिलहाल देश में करीब 60 लाख लोग इंसुलिन थेरेपी ले रहे हैं।</h5>
<h5>एम्स के मेडिसिन डिपार्टमेंट के प्रोफेसर नीरज निश्चल ने कहा कि हफ्ते में एक बार लगने वाली लॉन्ग-एक्टिंग इंसुलिन दुनिया के कुछ देशों में पहले से इस्तेमाल हो रही है। नई साप्ताहिक लॉन्ग-एक्टिंग इंसुलिन आने से रोज लगने वाले बेसल इंसुलिन के इंजेक्शन की जरूरत कम हो जाएगी। हालांकि, भोजन के बाद लगने वाली शॉर्ट एक्टिंग इंसुलिन की जरूरत कई मरीजों में पहले की तरह बनी रह सकती है</h5>
<h5>प्रो. निश्चल ने कहा कि इस तरह की नई इंसुलिन की शुरुआत के दौरान सही डोज तय करने में कुछ समय लग सकता है। इस दौरान हाइपोग्लाइसीमिया ( ब्लड शुगर बहुत कम होने) का खतरा भी रह सकता है। एम्स दिल्ली के प्रोफेसर नवल विक्रम ने कहा कि हफ्ते में एक बार लगने वाली बेसल इंसुलिन पर कई देशों में अध्ययन हुए हैं और उनमें इसके अच्छे परिणाम देखने को मिले हैं।</h5>
<h5>एम्स के प्रोफेसर ने कहा है कि हर ब्रांड की इंसुलिन की प्रभावशीलता और उसके क्लीनिकल परिणाम अलग-अलग हो सकते हैं। इसलिए किसी भी नई साप्ताहिक इंसुलिन पर जाने का फैसला मरीज को अपने डॉक्टर की सलाह पर ही करना चाहिए। रोज लगने वाली इंसुलिन से साप्ताहिक इंसुलिन पर शिफ्ट करते समय डोज का सही निर्धारण और समय-समय पर उसका एडजस्टमेंट करना पड़ता है</h5>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>नीम की दातून छोड़िये आपके दातों को बज्र करने का दम रखता है यह पौधा</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Praveen Dubey]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 03 Jul 2026 05:17:50 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[प्रमुख खबरें]]></category>
		<category><![CDATA[सेहत]]></category>
		<category><![CDATA[दांत]]></category>
		<category><![CDATA[बज्रदंती]]></category>
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					<description><![CDATA[मुजफ्फरपुर: अगर आप भी लंबे समय से दांतों से जुड़ी समस्याओं से परेशान हैं और इलाज के बाद भी राहत नहीं मिल रही है, तो यह खबर आपके लिए दिलचस्प हो सकती है. मुजफ्फरपुर के गोविंदपुर निवासी श्रीकांत कुशवाहा एक ऐसे औषधीय पौधे का उपयोग करने का दावा कर रहे हैं, जिसे ग्रामीण इलाके में कठ [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>मुजफ्फरपुर:</strong> अगर आप भी लंबे समय से दांतों से जुड़ी समस्याओं से परेशान हैं और इलाज के बाद भी राहत नहीं मिल रही है, तो यह खबर आपके लिए दिलचस्प हो सकती है. मुजफ्फरपुर के गोविंदपुर निवासी श्रीकांत कुशवाहा एक ऐसे औषधीय पौधे का उपयोग करने का दावा कर रहे हैं, जिसे ग्रामीण इलाके में कठ सरइया और आयुर्वेद में बज्रदंती के नाम से जाना जाता है. श्रीकांत पिछले कई वर्षों से अपने बागान में करीब 400 से अधिक औषधीय पौधों का संरक्षण कर रहे हैं. उनका कहना है कि बज्रदंती के पौधे को वह बिहटा के जंगल से लाए थे और अब अपने बगीचे में इसकी खेती कर रहे हैं. उनके अनुसार, इस पौधे के डंठल को सुखाकर उसका पाउडर तैयार किया जाता है. यदि इस पाउडर से नियमित रूप से दांत साफ किए जाएं या इसके डंठल का दातून किया जाए, तो दांतों और मसूड़ों से जुड़ी कई सामान्य समस्याओं में लाभ मिल सकता है.</p>
<p>दावा है कि उन्होंने सबसे पहले अपने परिवार में इसका इस्तेमाल किया, जहां उन्हें सकारात्मक परिणाम देखने को मिला. इसके बाद उन्होंने गांव के अन्य लोगों को भी इसके बारे में जानकारी दी. आज वह इस पाउडर को करीब 100 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से उपलब्ध करा रहे हैं. उनका कहना है कि यह पूरी तरह प्राकृतिक है और ग्रामीण क्षेत्रों में लंबे समय से दातून के रूप में इसका उपयोग होता रहा है.</p>
<p>वह बताते हैं कि नियमित उपयोग से दांतों की सफाई बेहतर होती है और मसूड़ों की देखभाल में भी मदद मिल सकती है. हालांकि, वह यह भी कहते हैं कि किसी भी व्यक्ति को इसका उपयोग नियमित रूप से करना चाहिए, तभी इसका असर देखने को मिलता है.</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>&nbsp;</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>अंतर्राष्ट्रीय मंच पर चमका जीआरएमसी का नाम, ब्रेन स्ट्रोक कॉन्फ्रेंस में चेयरपर्सन बने डॉ. दिनेश उदैनिया</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Praveen Dubey]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 31 May 2026 16:00:43 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[प्रमुख खबरें]]></category>
		<category><![CDATA[सेहत]]></category>
		<category><![CDATA[ब्रेन स्ट्रोक]]></category>
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					<description><![CDATA[नई दिल्ली में हुई इंटरनेशनल स्ट्रोक कॉन्फ्रेंस में निभाई अहम भूमिका, अमेरिका की नई गाइडलाइन पर हुआ मंथन ग्वालियर 31मई 2026/गजराराजा चिकित्सा महाविद्यालय (जीआरएमसी) के न्यूरोलॉजी विभागाध्यक्ष प्रोफेसर डॉ. दिनेश उदैनिया ने एक बार फिर राष्ट्रीय स्तर पर ग्वालियर और जीआरएमसी का गौरव बढ़ाया है। नई दिल्ली में आयोजित इंटरनेशनल स्ट्रोक कॉन्फ्रेंस में डॉ. उदैनिया [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>नई दिल्ली में हुई इंटरनेशनल स्ट्रोक कॉन्फ्रेंस में निभाई अहम भूमिका, अमेरिका की नई गाइडलाइन पर हुआ मंथन</strong></p>
<p>ग्वालियर 31मई 2026/गजराराजा चिकित्सा महाविद्यालय (जीआरएमसी) के न्यूरोलॉजी विभागाध्यक्ष प्रोफेसर डॉ. दिनेश उदैनिया ने एक बार फिर राष्ट्रीय स्तर पर ग्वालियर और जीआरएमसी का गौरव बढ़ाया है। नई दिल्ली में आयोजित इंटरनेशनल स्ट्रोक कॉन्फ्रेंस में डॉ. उदैनिया को चेयरपर्सन की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई, जहां देश-विदेश के न्यूरोलॉजी विशेषज्ञों ने स्ट्रोक उपचार की नवीनतम तकनीकों और दिशा-निर्देशों पर गहन चर्चा की।</p>
<p>कॉन्फ्रेंस में विशेष रूप से अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन (AHA) और अमेरिकन स्ट्रोक एसोसिएशन (ASA) द्वारा जारी नई गाइडलाइन पर विचार-विमर्श किया गया। इस दौरान स्ट्रोक के त्वरित उपचार, मरीजों की रिकवरी बढ़ाने और मृत्यु दर कम करने के लिए अपनाई जा रही आधुनिक चिकित्सा पद्धतियों पर विशेषज्ञों ने अपने विचार रखे।</p>
<p>चेयरपर्सन के रूप में डॉ. दिनेश उदैनिया ने विभिन्न तकनीकी सत्रों का संचालन किया तथा विशेषज्ञों के बीच हुए विमर्श को दिशा प्रदान की। चिकित्सा जगत के प्रतिष्ठित मंच पर उनकी यह भूमिका न केवल उनकी विशेषज्ञता की पहचान है, बल्कि जीआरएमसी की बढ़ती राष्ट्रीय प्रतिष्ठा का भी प्रमाण मानी जा रही है।</p>
<p>विशेषज्ञों का मानना है कि स्ट्रोक आज दुनिया में मृत्यु और दिव्यांगता के प्रमुख कारणों में शामिल है। ऐसे में नई गाइडलाइन के आधार पर उपचार प्रणाली को और अधिक प्रभावी बनाने पर जोर दिया गया। कॉन्फ्रेंस में उन्नत न्यूरो इंटरवेंशन तकनीकों, आपातकालीन प्रबंधन और मरीजों के दीर्घकालिक पुनर्वास से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर भी चर्चा हुई।</p>
<p>डॉ. उदैनिया की इस उपलब्धि को जीआरएमसी और ग्वालियर के चिकित्सा क्षेत्र के लिए बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। चिकित्सा विशेषज्ञों का कहना है कि राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर जीआरएमसी के विशेषज्ञों की बढ़ती भागीदारी से संस्थान की पहचान लगातार मजबूत हो रही है।</p>
<p><strong>स्ट्रोक उपचार की नई दिशा तय करने जुटे विशेषज्ञ</strong></p>
<p>इंटरनेशनल स्ट्रोक कॉन्फ्रेंस में देश-विदेश के न्यूरोलॉजिस्ट, न्यूरो सर्जन और चिकित्सा शोधकर्ता शामिल हुए। अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन और अमेरिकन स्ट्रोक एसोसिएशन की नई गाइडलाइन के आधार पर भविष्य की उपचार रणनीतियों और मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने पर मंथन किया गया।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>भीषण गर्मी पर पीएम मोदी की सलाह यदि संभव हो, तो किसी प्यासे व्यक्ति को एक गिलास पानी अवश्य दें,बीमारों को ओआरएस दें खुद पानी लेकर निकलें</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Praveen Dubey]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 27 May 2026 07:57:57 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[प्रमुख खबरें]]></category>
		<category><![CDATA[सेहत]]></category>
		<category><![CDATA[भीषण गर्मी पी एम सलाह]]></category>
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					<description><![CDATA[नई दिल्ली 27 मई 2026/भारत के अलग-अलग हिस्सों में बढ़ते तापमान को देखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नागरिकों से सावधानी बरतने की अपील की है. पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर लिखा, &#8220;देश के अलग-अलग हिस्सों में तापमान लगातार बढ़ रहा है और इसके साथ ही दैनिक जीवन में गर्मी से होने वाली [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<div class="css-1k9op6x e17x9cvu0" dir="ltr">
<p class="postStyles css-oe7toe eea635z0" dir="ltr">नई दिल्ली 27 मई 2026/भारत के अलग-अलग हिस्सों में बढ़ते तापमान को देखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नागरिकों से सावधानी बरतने की अपील की है.</p>
</div>
<div class="css-1k9op6x e17x9cvu0" dir="ltr">
<p class="postStyles css-oe7toe eea635z0" dir="ltr">पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म <a class="focusIndicatorReducedWidth css-n8oauk e1h2ur550" href="https://x.com/narendramodi/status/2059504933167304712" target="_blank">एक्स पर लिखा</a>, &#8220;देश के अलग-अलग हिस्सों में तापमान लगातार बढ़ रहा है और इसके साथ ही दैनिक जीवन में गर्मी से होने वाली कई कठिनाइयां भी बढ़ रही हैं. मैं सभी देशवासियों से आग्रह करता हूं कि जितनी अधिक सावधानी बरत सकें, अवश्य बरतें.&#8221;</p>
</div>
<div class="css-1k9op6x e17x9cvu0" dir="ltr">
<p class="postStyles css-oe7toe eea635z0" dir="ltr">पीएम मोदी ने लिखा, &#8220;ख़ुद को हाइड्रेटेड रखें, घर से बाहर निकलते समय पानी साथ रखें. ऐसे मौसम में आपकी संवेदनशीलता भी बहुत बड़ा सहारा बन जाती है. यदि संभव हो, तो किसी प्यासे व्यक्ति को एक गिलास पानी अवश्य दें. मैं ऐसे लोगों की सराहना भी करूंगा जो अपने घरों और दुकानों के बाहर मटके में जल रखते हैं ताकि कोई भी उनसे पानी पी सके.&#8221;</p>
</div>
<div class="css-1k9op6x e17x9cvu0" dir="ltr">
<p class="postStyles css-oe7toe eea635z0" dir="ltr">पीएम मोदी ने गर्मी से बीमार पड़े लोगों को ओआरएस देने की अपील की. साथ ही बच्चों, बुज़ुर्गों और बाहर काम करने वाले लोगों से विशेष ध्यान रखने के लिए कहा है.</p>
</div>
<div class="css-1k9op6x e17x9cvu0" dir="ltr">
<p class="postStyles css-oe7toe eea635z0" dir="ltr">पीएम मोदी की इस अपील के बाद कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन ख़ड़गे ने तंज कसते हुए कहा कि गर्मी तो झेल लेंगे, लेकिन महंगाई से जनता के पसीने छूट रहे हैं.</p>
</div>
<div class="css-1k9op6x e17x9cvu0" dir="ltr">
<p class="postStyles css-oe7toe eea635z0" dir="ltr">उन्होंने <a class="focusIndicatorReducedWidth css-n8oauk e1h2ur550" href="https://x.com/kharge/status/2059511938443579832" target="_blank">एक्स पोस्ट में लिखा</a>, &#8220;गर्मी तो झेल लेंगे, पर भाजपा प्रायोजित महंगाई की आग से आम जनता के पसीने छूट रहे हैं. अपनी सरकार की लूट पर भी कभी कुछ बोलिए, मोदी जी?&#8221;</p>
</div>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>प्रचंड गर्मी में जानिए 48 डिग्री का हॉट अटैक जला सकता है आपका शरीर क्या होता है 43 से 44 डिग्री सेल्सियस पर</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Praveen Dubey]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 22 May 2026 08:23:19 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[देश]]></category>
		<category><![CDATA[प्रमुख खबरें]]></category>
		<category><![CDATA[सेहत]]></category>
		<category><![CDATA[भीषण गर्मी]]></category>
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					<description><![CDATA[प्रचंड गर्मी और बेतहाशा तपिश से इंसान, जानवरों और पक्षियों का हाल बेहाल कर रखा है. न दिन में सुकून है और न रात में चैन. हर तरफ गर्मी है.मध्यप्रदेश के खजुराहो  बुंदेलखंड यूपी के बांदा में पारा 49 डिग्री के करीब पहुंच गया था. यूपी, बिहार, एमपी, राजस्थान में सूरज से मानो आग बरस [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>प्रचंड गर्मी और बेतहाशा तपिश से इंसान, जानवरों और पक्षियों का हाल बेहाल कर रखा है. न दिन में सुकून है और न रात में चैन. हर तरफ गर्मी है.मध्यप्रदेश के खजुराहो  बुंदेलखंड यूपी के बांदा में पारा 49 डिग्री के करीब पहुंच गया था. यूपी, बिहार, एमपी, राजस्थान में सूरज से मानो आग बरस रही हो. ऐसे में, आपके मन में सवाल उठता होगा कि हमारा शरीर कितना तापमान या कहिए कि गर्मी सहन कर पाएगा? इस पर की गई एक रिसर्च में चौंकाने वाली जानकारी पता चली है.</p>
<p>जी हां, PubMed डेटाबेस पर मौजूद एक स्टडी में बताया गया है कि सामान्य रूप से इंसान की त्वचा 43 डिग्री (109.4 डिग्री फारेनहाइट) तक का अधिकतम तापमान सह सकती है. इस तापमान तक शरीर में रक्त के प्रवाह में कोई रुकावट नहीं आएगी. ऐसा करीब 8 घंटे तक सहन किया जा सकता है. सरल शब्दों में थोड़ी सावधानी बरतते हुए 43 डिग्री या उससे कम तापमान में व्यक्ति धूप में काम कर सकता</p>
<p>हालांकि, इसके बाद तापमान में एक डिग्री की भी बढ़ोतरी हालात को मुश्किल बना सकती है. इतनी गर्मी में सुरक्षित रहने का समय घटकर आधे से भी कम हो जाता है. जी हां, त्वचा का तापमान 44 डिग्री सेल्सियस होने पर, 8 घंटे के भीतर त्वचा गंभीर रूप से झुलस सकती है. अगर रक्त प्रवाह में अड़चन पैदा हुई, तो बिना किसी चोट के गर्मी सहने का समय और भी घट जाएगा.</p>
<p>अब मौसम विभाग की ओर से जारी किए जाने वाले रेड मैप (जहां-जहां ज्यादा गर्मी है) को देखकर आपको लगेगा कि अगर तापमा 45, 46, 47 या 48 डिग्री को पार कर रहा हो, तो क्या इंसान का शरीर जल सकता है? इस हिसाब से अलग-अलग तापमान का शरीर पर पड़ने वाले असर को जानना जरूरी हो जाता है.</p>
<p><strong>43 से 44 डिग्री सेल्सियस- </strong></p>
<p>अगर इतना तापमान है, तो हमारी त्वचा को काफी जलन महसूस होगी. धूप आग-जैसी महसूस होगी. कई घंटे तक अगर धूप में रहे, या बाहर काम करते रहे तो त्वचा बुरी तरह झुल सकती है और &#8216;सेल डेथ&#8217; भी संभव है.</p>
<p><strong>48 डिग्री तापमान- </strong></p>
<p>दर्द बहुत तेज होगा. इतने तापमान में कुछ ही मिनट की तपिश त्वचा सहन कर पाएगी. घंटेभर रहे, तो त्वचा जल सकती है.</p>
<p><strong>50 डिग्री</strong></p>
<p><strong>&#8211;</strong> इस तापमान में एसी काम करना बंद कर सकती है. इतनी गर्मी में अगर कोई पांच मिनट भी रहा, सेकेंड-डिग्री बर्न हो सकता है. इससे त्वचा की नीचे वाली भीतरी परत भी झुलस सकती है.</p>
<p><strong>55 डिग्री- </strong></p>
<p>दुआ कीजिए कि इतनी गर्मी किसी को भी न झेलनी पड़े. पेड़ लगाइए. पानी बचाइए. धरती को बचाना होगा. अगर इतना तापमान हुआ तो 10 सेकेंड की तपिश भी त्वचा को बुरी तरह जला देगी.</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
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		<item>
		<title>आरोग्यधाम के नए सुपर स्पेशलिटी अस्पताल की नई ओपीडी सोमवार से होगी शुरू, पहले दिन निशुल्क सुविधा</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Praveen Dubey]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 03 May 2026 16:47:36 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[प्रमुख खबरें]]></category>
		<category><![CDATA[सेहत]]></category>
		<category><![CDATA[आरोग्यधाम सुपर स्पेशलिटी अस्पताल]]></category>
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					<description><![CDATA[मुख्यमंत्री डॉ. यादव करेंगे अवलोकन, मरीजों को मिलेगी सस्ती व आधुनिक उपचार सुविधा ग्वालियर 3 मई 2026/गोला का मंदिर क्षेत्र में एमआईटीएस महाविद्यालय के सामने निर्माणाधीन आरोग्यधाम सुपर स्पेशलिटी अस्पताल की ओपीडी सेवाएं 4 मई से प्रारंभ होंगी। इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव दोपहर 3:40 बजे नई ओपीडी का अवलोकन करेंगे। अस्पताल प्रबंधन [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>मुख्यमंत्री डॉ. यादव करेंगे अवलोकन, मरीजों को मिलेगी सस्ती व आधुनिक उपचार सुविधा</strong></p>
<p>ग्वालियर 3 मई 2026/गोला का मंदिर क्षेत्र में एमआईटीएस महाविद्यालय के सामने निर्माणाधीन आरोग्यधाम सुपर स्पेशलिटी अस्पताल की ओपीडी सेवाएं 4 मई से प्रारंभ होंगी। इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव दोपहर 3:40 बजे नई ओपीडी का अवलोकन करेंगे। अस्पताल प्रबंधन और प्रशासन ने इसके लिए तैयारियां पूरी कर ली हैं।<br />
आम जनता को सस्ता और बेहतर उपचार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से आरोग्यधाम अस्पताल का संचालन वर्तमान में सिटी सेंटर स्थित एजी ऑफिस पुल के समीप किया जा रहा है। यहां प्रतिदिन लगभग 700 से 800 मरीज ओपीडी सेवाओं का लाभ ले रहे हैं और करीब 200 बिस्तरों की सुविधा उपलब्ध है। मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए अस्पताल के विस्तार की योजना पर तेजी से काम किया जा रहा है।<br />
इसी क्रम में गोला का मंदिर स्थित एमआईटीएस के सामने शासन द्वारा आवंटित भूमि पर अत्याधुनिक सुविधाओं से युक्त सुपर स्पेशलिटी अस्पताल का निर्माण कार्य तेजी से जारी है। निर्माण स्थल पर फिलहाल ओपीडी संचालन के लिए छह कक्ष तैयार कर लिए गए हैं, जहां से प्रारंभिक सेवाएं शुरू की जा रही हैं। नई ओपीडी के शुरू होने से क्षेत्र के मरीजों को नजदीक ही बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध होंगी।</p>
<p><strong>ओपीडी में मिलेंगी ये सुविधाएं</strong></p>
<p>नई ओपीडी में मरीजों का परीक्षण विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा किया जाएगा। यहां जनरल मेडिसिन, सर्जरी, टीबी, गायनेकोलॉजी, पीडियाट्रिक्स, ऑर्थोपेडिक, डर्मेटोलॉजी और नेत्र रोग विभाग की सेवाएं उपलब्ध रहेंगी। साथ ही पैथोलॉजी एवं कलेक्शन सेंटर भी संचालित रहेगा, जहां ब्लड टेस्ट, यूरिन टेस्ट सहित अन्य आवश्यक जांचें एक ही स्थान पर की जा सकेंगी।</p>
<p><strong>ढाई साल में तैयार होगा 620 बिस्तरों का अस्पताल</strong></p>
<p>गोला का मंदिर क्षेत्र में बन रहे इस अत्याधुनिक अस्पताल में 620 बिस्तरों की सुविधा विकसित की जाएगी। लगभग 5०0 करोड़ रुपए की लागत से बनने वाला यह अस्पताल 1३ मंजिला रहेगा। निर्माण कार्य तेजी से जारी है और इसे लगभग ढाई वर्ष में पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।</p>
<p><strong>भर्ती मरीजों के लिए विशेष व्यवस्था</strong></p>
<p>ओपीडी में परामर्श के बाद यदि किसी मरीज को भर्ती या ऑपरेशन की आवश्यकता होती है, तो उसे नि:शुल्क एंबुलेंस के माध्यम से सिटी सेंटर स्थित मुख्य अस्पताल भेजा जाएगा। इससे मरीजों को बिना किसी परेशानी के समय पर उपचार मिल सकेगा और चिकित्सा सेवाएं निर्बाध रूप से जारी रहेंगी।</p>
<p><strong>पहले दिन नि:शुल्क रहेगी ओपीडी सेवा</strong></p>
<p>नई ओपीडी में 4 मई को मरीजों को पूरी तरह नि:शुल्क परामर्श सुविधा दी जाएगी। ओपीडी का समय प्रतिदिन सुबह 10 बजे से दोपहर 2 बजे तक निर्धारित किया गया है। इसके बाद नियमित रूप से ओपीडी शुल्क 100 रुपए रखा जाएगा, जिससे मरीजों को कम शुल्क में बेहतर चिकित्सा परामर्श मिल सकेगा। साथ ही दवाएं भी उचित दरों पर उपलब्ध कराई जाएंगी।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>अब नहीं चलेगी डाक्टरों की मनमानी, योग्यता से लेकर फीस तक सब कुछ करना होगा डिस्प्ले</title>
		<link>https://shabdshaktinews.in/63546-2/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Praveen Dubey]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 02 May 2026 05:48:20 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[प्रमुख खबरें]]></category>
		<category><![CDATA[सेहत]]></category>
		<category><![CDATA[डॉक्टर रजिस्ट्रेशन]]></category>
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					<description><![CDATA[नई दिल्ली 2 मई 2026/केंद्र सरकार निजी क्लिनिकों और डॉक्टरों की सेवाओं में पारदर्शिता लाने की तैयारी में है। इसके तहत, डॉक्टरों की योग्यता से लेकर फीस तक सब कुछ डिस्प्ले करना होगा। यह जानकारी अंग्रेजी के साथ-साथ स्थानीय भाषा में भी लिखनी होगी, ताकि मरीजों को पहले से पता चल जाए कि इलाज का [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>नई दिल्ली 2 मई 2026/केंद्र सरकार निजी क्लिनिकों और डॉक्टरों की सेवाओं में पारदर्शिता लाने की तैयारी में है। इसके तहत, डॉक्टरों की योग्यता से लेकर फीस तक सब कुछ डिस्प्ले करना होगा। यह जानकारी अंग्रेजी के साथ-साथ स्थानीय भाषा में भी लिखनी होगी, ताकि मरीजों को पहले से पता चल जाए कि इलाज का खर्च कितना आएगा। इससे मरीजों के परिजनों को फैसला लेने में आसानी होगी।</p>
<p>सरकार चाहती है कि मरीजों को डाक्टरों की योग्यता रजिस्ट्रेशन नंबर और सेवा का समय भी दिखाई दे। यानी मरीज को यह जानने के लिए पूछताछ न करनी पड़े कि डॉक्टर कितनी फीस लेते हैं या उनकी योग्यता क्या है?</p>
<p>इसके अलावा क्लिनिक, पॉलीक्लिनिक, सैंपल कलेक्शन सेंटर और मॉर्च्युरी के लिए न्यूनतम मानक भी तय करने का प्रस्ताव है। स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय ने क्लिनिकल एस्टैब्लिशमेंट्स के लिए नए ड्राफ्ट मानकों पर राज्यों, मेडिकल संस्थाओं और आम लोगों से सुझाव मांगे हैं।</p>
<p>प्रस्ताव में यह भी है कि क्लिनिकों में कुछ जरूरी इमरजेंसी दवाएं हमेशा रहें। इनमें हार्ट अटैक, एलर्जी, घबराहट, दौरे की दवाएं शामिल होंगी। नए नियमों के तहत, क्लिनिकों के लिए बुनियादी सुविधाएं भी अनिवार्य की जा सकती है। जैसे परामर्श कक्ष का न्यूनतम आकार 70 वर्ग फुट रखा जा सकता है। रिसेप्शन और वेटिंग एरिया के लिए भी अलग जगह तय होगी। अगर कोई क्लिनिक मरीजों को कुछ घंटों के लिए भर्ती करता है, तो प्रति बेड कम से कम 65 वर्ग फुट जगह देना अनिवार्य होगा। इसके अलावा साफ पानी, अच्छी रोशनी, वेटिलेशन का इतजाम और फिसलन-रहित फर्श जैसी सुविधाएं भी अनिवार्य होंगी।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>विवेकानन्द केंद्र कन्याकुमारी द्वारा नीड़म् ग्वालियर के माध्यम से 10 दिवसीय निशुल्क योग सत्र का आयोजन 1 मई से</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Praveen Dubey]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 30 Apr 2026 10:23:57 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[प्रमुख खबरें]]></category>
		<category><![CDATA[सेहत]]></category>
		<category><![CDATA[निशुल्क योग विवेकानंद नीडम]]></category>
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					<description><![CDATA[ग्वालियर 30 अप्रैल 2026/विवेकानन्द केंद्र कन्याकुमारी प्रकल्प नीड़म् ग्वालियर के माध्यम से 10 दिवसीय योग सत्र का आयोजन 01 मई 2026 से 10 मई 2026 तक लोटस विला अपार्टमेंट पार्क में सुबह 06 बजे से 07:30 बजे तक किया जाएगा।विवेकानन्द केंद्र कन्याकुमारी प्रकल्प नीड़म् ग्वालियर के माध्यम से आयोजित इस 10 दिवसीय योग सत्र में [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>ग्वालियर 30 अप्रैल 2026/विवेकानन्द केंद्र कन्याकुमारी प्रकल्प नीड़म् ग्वालियर के माध्यम से 10 दिवसीय योग सत्र का आयोजन 01 मई 2026 से 10 मई 2026 तक लोटस विला अपार्टमेंट पार्क में सुबह 06 बजे से 07:30 बजे तक किया जाएगा।विवेकानन्द केंद्र कन्याकुमारी प्रकल्प नीड़म् ग्वालियर के माध्यम से आयोजित इस 10 दिवसीय योग सत्र में योगार्थी भाग ले सकते हैं। इस योग सत्र के प्रभारी श्री प्रमोद गौतम जी ने जानकारी देते हुए बताया कि ये सत्र निःशुल्क रहेगा जिसमें विवेकानन्द केंद्र के योग प्रशिक्षकों द्वारा योग का अभ्यास (सूक्ष्म व्यायाम, सूर्य नमस्कार, आसान, प्राणायाम, ध्यान,) एवं व्यावहारिक ज्ञान(योग जीवन शैली, कर्म योग, भक्ति योग, राज योग, ज्ञान योग, आहार, दिनचर्या) प्रदान किया जाएगा सत्र में पंजीयन के लिए लोटस विला अपार्टमेंट मे श्री गौतम  से संपर्क कर सकते हैं</p>
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