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	<title>Shabd Shakti News</title>
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	<description>Every News Speaks</description>
	<lastBuildDate>Wed, 13 May 2026 17:13:00 +0000</lastBuildDate>
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		<title>व्यर्थ की आलोचना छोड़ हम सब राष्ट्रधर्म निभाएं </title>
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		<dc:creator><![CDATA[Praveen Dubey]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 13 May 2026 17:13:00 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[प्रमुख खबरें]]></category>
		<category><![CDATA[लेख]]></category>
		<category><![CDATA[प्रधानमंत्री की अपील]]></category>
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					<description><![CDATA[ डॉ नीतेश शर्मा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ईरान अमेरिका युद्ध से उपजी बिषम परिस्थितियों के मद्देनजर पेट्रोल डीजल की कम खपत और सोना कम खरीदने का आग्रह क्या किया उनकी व्यापक आलोचना विपक्ष और लेफ्ट बुद्धिजीवियों ने आरम्भ कर दी। 2014 के बाद देश में एक बड़ा राजनीतिक और बौद्धिक वर्ग ऐसा है जो प्रधानमंत्री [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p style="text-align: center;"> डॉ नीतेश शर्मा</p>
<p style="text-align: center;"><img fetchpriority="high" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-63704" src="https://shabdshaktinews.in/wp-content/uploads/2026/05/IMG-20260513-WA0026.jpg" alt="" width="640" height="640" srcset="https://shabdshaktinews.in/wp-content/uploads/2026/05/IMG-20260513-WA0026.jpg 640w, https://shabdshaktinews.in/wp-content/uploads/2026/05/IMG-20260513-WA0026-300x300.jpg 300w, https://shabdshaktinews.in/wp-content/uploads/2026/05/IMG-20260513-WA0026-150x150.jpg 150w, https://shabdshaktinews.in/wp-content/uploads/2026/05/IMG-20260513-WA0026-420x420.jpg 420w" sizes="(max-width: 640px) 100vw, 640px" /></p>
<p>प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ईरान अमेरिका युद्ध से उपजी बिषम परिस्थितियों के मद्देनजर पेट्रोल डीजल की कम खपत और सोना कम खरीदने का आग्रह क्या किया उनकी व्यापक आलोचना विपक्ष और लेफ्ट बुद्धिजीवियों ने आरम्भ कर दी। 2014 के बाद देश में एक बड़ा राजनीतिक और बौद्धिक वर्ग ऐसा है जो प्रधानमंत्री की हर विषय पर आलोचना को ही अपना धर्म मान बैठा है। इस अंध मोदी विरोधी वर्ग ने सामान्य विवेक के साथ देश के हितों पर विचारण की क्षमता भी खो दी है। भारत अपनी जरूरत का 90 फीसदी पेट्रोलियम पदार्थ खाड़ी और दूसरे देशों से मंगाता है। इसी तरह सोना भी लगभग पूरा ही विदेश से आता है।नतीजतन भारत को अपने आयात का अधिकतर हिस्सा इन दोनों पदार्थो पर खर्च करना पड़ता है।प्रधानमंत्री मोदी ने इसी आर्थिकी को ध्यान में रखकर नागरिकों से पेट्रोलियम अनुशासन की अपील की थी। असल में मोदी विरोध की आत्म अग्नि में झुलसते लोगों को यह नही पता कि इस देश में संकट के समय ऐसी अपीलें समय समय पर राष्ट्र के नायक करते रहे हैं और जनता ने इन अपीलों पर अमल भी किया है।</p>
<p>प्रधानमंत्री मोदी इस समय देश के लोकप्रिय नायक है उनकी अपील पर 2015 से अभी तक एक करोड़ से ज्यादा लोग एलपीजी गैस पर मिलने वाली सब्सिडी छोड़ दी है।<br />
इसी तरह 1965 के भारत-पाक युद्ध और अकाल की छाया में लाल बहादुर शास्त्री ने जनता से सप्ताह में एक समय का भोजन त्यागने की अपील की थी। दोनों आह्वान इसलिए खास हैं क्योंकि ये संकट के समय व्यक्तिगत त्याग, सामूहिक एकता और राष्ट्र-प्रथम की भावना को केंद्र में रखते हैं।<br />
मोदी जी ने स्पष्ट कहा, “सोने की खरीद विदेशी मुद्रा खाती है&#8230; देशहित में हम तय करें कि साल भर सोना न खरीदेंगे।” उन्होंने कोविड काल की याद दिलाते हुए वर्क फ्रॉम होम, वर्चुअल मीटिंग्स, पब्लिक ट्रांसपोर्ट, कार पूलिंग, इलेक्ट्रिक वाहनों और स्वदेशी सामानों पर जोर दिया। यह अपील इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि भारत सोने का दूसरा सबसे बड़ा आयातक है (लगभग 70-80 बिलियन डॉलर सालाना) और यह कदम रुपए को मजबूत रखने, फॉरेक्स रिजर्व बचाने तथा आत्मनिर्भर भारत अभियान को गति देने वाला है।<br />
‘जय जवान जय किसान’<br />
1965 का भारत-पाक युद्ध चुनौतीपूर्ण था। 1962 के चीन युद्ध के बाद अर्थव्यवस्था कमजोर, विदेशी मुद्रा भंडार सीमित और अमेरिका ने खाद्यान्न निर्यात रोकने की धमकी दी। लाल बहादुर शास्त्री ने 19 अक्टूबर 1965 को इलाहाबाद में ‘जय जवान जय किसान’ का नारा दिया और राष्ट्रीय अपील की कि सप्ताह में एक दिन एक समय का भोजन न करें। उन्होंने पहले अपने परिवार पर लागू किया—पत्नी ललिता शास्त्री को शाम का खाना न बनाने को कहा। पूरे देश ने ‘शास्त्री व्रत’ अपनाया। रेस्तरां बंद हुए, लोग स्वेच्छा से उपवास रखने लगे।<br />
यह आह्वान इसलिए खास था क्योंकि यह युद्ध के मैदान और खेत दोनों को जोड़ता था। सैनिकों का मनोबल बढ़ा, किसानों ने उत्पादन बढ़ाया। भारत ने युद्ध में पाकिस्तान को रोका और दीर्घकाल में हरित क्रांति की नींव पड़ी। शास्त्री जी की सादगी अदभुत थी। वे प्रधानमंत्री रहते सरकारी वेतन नहीं लेते थे। उन्हें सारा देश अपना नायक मानता था।<br />
दोनों नेताओं ने ‘ऊपर से आदेश’ नहीं, बल्कि स्वैच्छिक त्याग की अपील की। शास्त्री ने परिवार से शुरू किया। शास्त्री की सादगी प्रसिद्ध है। मोदी की ‘चायवाले से प्रधानमंत्री’ छवि आमजन से जुड़ाव दिखाती है। दोनों आह्वान ‘जय जवान जय किसान’ की भावना को विस्तार देते हैं। शास्त्री ने मूल दिया, मोदी ने ‘जय अनुसंधान’ और आर्थिक सुरक्षा जोड़ा। शास्त्री का आह्वान हरित क्रांति का आधार बना। मोदी का आह्वान प्राकृतिक खेती, स्वदेशी और फॉरेक्स सुरक्षा को बढ़ावा दे सकता है।<br />
दोनों में ‘भारत माता की जय’ की चेतना है। जनता ने शास्त्री का साथ दिया; मोदी के आह्वान पर भी व्यापक चर्चा और समर्थन है। शास्त्री का युद्धकालीन, प्रत्यक्ष अस्तित्व-रक्षा का; मोदी का आर्थिक, वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला का। 1965 में भारत गरीब था, आज उभरती अर्थव्यवस्था (5 ट्रिलियन डॉलर लक्ष्य) है।<br />
ये दोनों आह्वान भारतीय लोकतंत्र की उस अनूठी परंपरा को दर्शाते हैं जिसमें प्रधानमंत्री जनता को सेवक की भूमिका में संबोधित करते हैं। मोदी जी का आह्वान आधुनिक संकट में पुरानी भावना (त्याग) को प्रासंगिक बनाता है, जबकि शास्त्री जी का आह्वान साबित करता है कि छोटा कद, बड़ा दिल राष्ट्र को एकजुट कर सकता है। समानता इस भावना में है कि संकट ‘हमारा’ है, समाधान भी ‘हमारा’। असमानता विकास चरण में है। बेशक, 1965 अस्तित्व की लड़ाई थी, अब वह स्थिति नहीं है।<br />
भारतीय इतिहास में ऐसे आह्वान विरले हैं जो पीढ़ियों को प्रेरित करें। राष्ट्र-प्रथम में छोटे त्याग बड़े परिणाम लाते हैं। शास्त्री जी ने कहा था, “भूख से मरना पसंद, लेकिन स्वाभिमान से समझौता नहीं।” मोदी जी इसे आर्थिक स्वाभिमान में बदल रहे हैं। यह परंपरा भारत को मजबूत बनाती रहेगी।<br />
मोदी जी का विरोध करने वाले भूल जाते हैं कि पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी भी ऐसे ही आह्वान कर चुकी हैं।<br />
पूर्व गृह मंत्री पी चिदम्बरम के वीडियो आज उपलब्ध है जिनमें वह भी देश के लोगों से सोने की खरीद कम करने की अपील कर रहे है।<br />
सुखद ही है कि देश की भाजपा शासित सरकारों ने प्रधानमंत्री की अपील पर अमल आरम्भ कर दिया है।आम नागरिकों में भी इस अपील का असर दिखने लगा है।<br />
<strong>लेखक सामाजिक कार्यकर्ता और स्तंभकार हैं</strong></p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
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		<title>दो सिंधिया समर्थकों की जंग में तार तार हुआ भाजपा का अनुशासन पाठक ने मुन्नालाल को बताया फर्जी जिलाध्यक्ष पर भी आरोप</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Praveen Dubey]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 13 May 2026 09:32:36 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[ग्वालियर अंचल]]></category>
		<category><![CDATA[प्रमुख खबरें]]></category>
		<category><![CDATA[मध्यप्रदेश]]></category>
		<category><![CDATA[सिंधिया समर्थक जंग]]></category>
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					<description><![CDATA[ग्वालियर 13 मार्च 2026/सोशल मीडिया पर सिंधिया समर्थक नेता देवेंद्र पाठक का स्तीफ़ा चर्चा में है मजे की बात यह है कि स्तीफ़ा देने वाले देवेंद्र पाठक एक अन्य सिंधिया समर्थक नेता मुन्नालाल गोयल पर हमलावार होते दिख रहे हैं और उन्हें फर्जी बता रहे हैं वे पार्टी जिलाध्यक्ष से भी खफा हैं उन्होंने कहा [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<div dir="auto">ग्वालियर 13 मार्च 2026/सोशल मीडिया पर सिंधिया समर्थक नेता देवेंद्र पाठक का स्तीफ़ा चर्चा में है मजे की बात यह है कि स्तीफ़ा देने वाले देवेंद्र पाठक एक अन्य सिंधिया समर्थक नेता मुन्नालाल गोयल पर हमलावार होते दिख रहे हैं और उन्हें फर्जी बता रहे हैं वे पार्टी जिलाध्यक्ष से भी खफा हैं उन्होंने कहा पार्टी जिलाध्यक्ष और वरिष्ठ नेताओं पर गरीबों की लड़ाई लड़ने का समय नहीं है इस कारण वे स्तीफ़ा दे रहे हैं लेकिन पार्टी से स्तीफे के बावजूद सिंधिया के कहने पर काम करने की बात कर रहे हैं।</div>
<div dir="auto">उधर इस बारे में जब पार्टी जिलाध्यक्ष जयप्रकाश राजोरिया से चर्चा की गई तो उन्होंने देवेंद्र पाठक से जुड़ी किसी भी जानकारी से साफ इंकार करते हुए कहा कि उन्हें पाठक का स्तीफ़ा प्राप्त नहीं हुआ है।</div>
<div dir="auto" style="text-align: center;"><a href="https://youtu.be/rEMTaoewuDo?si=3MX-Na-yMhppbZsD" target="_blank" rel="noopener">https://youtu.be/rEMTaoewuDo?si=3MX-Na-yMhppbZsD</a></div>
<div dir="auto"></div>
<div dir="auto"><strong>देवेंद्र पाठक का वीडियो देखने ऊपर दी गई लिंक क्लिक करें</strong></div>
<div dir="auto" style="text-align: center;"></div>
<div dir="auto" style="text-align: center;"><img decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-63698" src="https://shabdshaktinews.in/wp-content/uploads/2026/05/IMG-20260513-WA0006.jpg" alt="" width="1200" height="1599" srcset="https://shabdshaktinews.in/wp-content/uploads/2026/05/IMG-20260513-WA0006.jpg 1200w, https://shabdshaktinews.in/wp-content/uploads/2026/05/IMG-20260513-WA0006-225x300.jpg 225w, https://shabdshaktinews.in/wp-content/uploads/2026/05/IMG-20260513-WA0006-768x1023.jpg 768w, https://shabdshaktinews.in/wp-content/uploads/2026/05/IMG-20260513-WA0006-1153x1536.jpg 1153w, https://shabdshaktinews.in/wp-content/uploads/2026/05/IMG-20260513-WA0006-315x420.jpg 315w, https://shabdshaktinews.in/wp-content/uploads/2026/05/IMG-20260513-WA0006-696x927.jpg 696w, https://shabdshaktinews.in/wp-content/uploads/2026/05/IMG-20260513-WA0006-1068x1423.jpg 1068w" sizes="(max-width: 1200px) 100vw, 1200px" /></div>
<div dir="auto"></div>
<div dir="auto">देवेंद्र पाठक पूर्व पार्षद रहे हैं और उन्हें सिंधिया समर्थक माना जाता है लेकिन वे आपसी राजनैतिक वैमंनस्यता के कारण एक अन्य सिंधिया समर्थक मुन्नालाल गोयल पर ही हमलावार हैं। वे कहते हैं कि मुन्नालाल गोयल के कहने पर प्रशासन और पार्टी चल रही है। उन्होंने कहा कि मेरी जाँच करा लीजिये और मुन्नालाल की भी जाँच करा लीजिये. उन्होंने कहा वो वरिष्ठ पार्टी नेतृत्व के साथ घूम रहे हैं उनपर कोई एक्शन नहीं लिया गया उन्होंने अपने वीडियो संदेश में मुन्नालाल गोयल पर हमला बोलते हुए उन्हें फर्जी तक कह दिया। उन्होंने कहा कि जब गरीबों की लड़ाई लड़ने जिलाध्यक्ष और पार्टी नेताओं पर समय नहीं है अतः में पार्टी से स्तीफ़ा दे रहा हूँ साथ ही उन्होंने कहा कि वे सिंधिया के लिए काम करते रहेंगे।</div>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>मुख्यमंत्री डॉ यादव ने प्रधानमंत्री मोदी के आव्हान को आत्मसात कर राष्ट्रहित का प्रेरणादायी उदाहरण प्रस्तुत किया</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Praveen Dubey]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 13 May 2026 05:38:32 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[प्रमुख खबरें]]></category>
		<category><![CDATA[मध्यप्रदेश]]></category>
		<category><![CDATA[मुख्यमंत्री डॉ यादव आशीष अग्रवाल]]></category>
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					<description><![CDATA[भोपाल 13 मई 2026/मध्यप्रदेश भाजपा के प्रदेश मीडिया प्रभारी आशीष अग्रवाल ने कहा है कि मध्यप्रदेश के  मुख्यमंत्री  डॉ. मोहन यादव द्वारा  प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी  के आह्वान पर पेट्रोल-डीजल की खपत कम करने हेतु कारकेड में न्यूनतम वाहनों का उपयोग, वाहन रैलियों पर रोक तथा सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देने का निर्णय लिया है [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>भोपाल 13 मई 2026/मध्यप्रदेश भाजपा के प्रदेश मीडिया प्रभारी आशीष अग्रवाल ने कहा है कि मध्यप्रदेश के  मुख्यमंत्री  डॉ. मोहन यादव द्वारा  प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी  के आह्वान पर पेट्रोल-डीजल की खपत कम करने हेतु कारकेड में न्यूनतम वाहनों का उपयोग, वाहन रैलियों पर रोक तथा सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देने का निर्णय लिया है यह मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव जी की सादगी, संवेदनशीलता और राष्ट्र के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है। ऐसा करके मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री मोदी के अव्हान को आत्मसात करते हुए राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखने का प्रेरणादायी उदाहरण प्रस्तुत किया है।</p>
<p>श्री अग्रवाल ने कहा कि निगम-मंडल पदाधिकारियों को भी सादगी से कार्यभार ग्रहण करने का संदेश देकर उन्होंने जनप्रतिनिधियों के लिए अनुकरणीय कार्य संस्कृति प्रस्तुत की है।</p>
<p style="text-align: center;"><img decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-63690" src="https://shabdshaktinews.in/wp-content/uploads/2026/05/FB_IMG_1778649601460.jpg" alt="" width="1206" height="1558" srcset="https://shabdshaktinews.in/wp-content/uploads/2026/05/FB_IMG_1778649601460.jpg 1206w, https://shabdshaktinews.in/wp-content/uploads/2026/05/FB_IMG_1778649601460-232x300.jpg 232w, https://shabdshaktinews.in/wp-content/uploads/2026/05/FB_IMG_1778649601460-793x1024.jpg 793w, https://shabdshaktinews.in/wp-content/uploads/2026/05/FB_IMG_1778649601460-768x992.jpg 768w, https://shabdshaktinews.in/wp-content/uploads/2026/05/FB_IMG_1778649601460-1189x1536.jpg 1189w, https://shabdshaktinews.in/wp-content/uploads/2026/05/FB_IMG_1778649601460-325x420.jpg 325w, https://shabdshaktinews.in/wp-content/uploads/2026/05/FB_IMG_1778649601460-696x899.jpg 696w, https://shabdshaktinews.in/wp-content/uploads/2026/05/FB_IMG_1778649601460-1068x1380.jpg 1068w" sizes="(max-width: 1206px) 100vw, 1206px" /></p>
<p>ऐसे निर्णय साबित करते हैं कि भाजपा सरकार केवल बातें नहीं करती, बल्कि संकट के समय राष्ट्रहित में स्वयं उदाहरण बनकर नेतृत्व करती है।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>अखिलेश यादव के भाई और भाजपा नेता अपर्णा के पति प्रतीक यादव का  निधन</title>
		<link>https://shabdshaktinews.in/%e0%a4%85%e0%a4%96%e0%a4%bf%e0%a4%b2%e0%a5%87%e0%a4%b6-%e0%a4%af%e0%a4%be%e0%a4%a6%e0%a4%b5-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%ad%e0%a4%be%e0%a4%88-%e0%a4%94%e0%a4%b0-%e0%a4%ad%e0%a4%be%e0%a4%9c%e0%a4%aa/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Praveen Dubey]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 13 May 2026 01:59:18 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[देश]]></category>
		<category><![CDATA[प्रमुख खबरें]]></category>
		<category><![CDATA[प्रतीक यादव निधन]]></category>
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					<description><![CDATA[&#160; लखनऊ 13 मई 2026/सपा प्रमुख अखिलेश यादव के भाई और भाजपा नेता अपर्णा के पति प्रतीक यादव का बुधवार को निधन हो गया। उनकी उम्र सिर्फ 38 साल थी। सूत्रों के मुताबिक, सुबह 6 बजे उन्हें लखनऊ के सिविल अस्पताल लाया गया। यहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। प्रतीक, मुलायम सिंह यादव [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>&nbsp;</p>
<p>लखनऊ 13 मई 2026/सपा प्रमुख अखिलेश यादव के भाई और भाजपा नेता अपर्णा के पति प्रतीक यादव का बुधवार को निधन हो गया। उनकी उम्र सिर्फ 38 साल थी। सूत्रों के मुताबिक, सुबह 6 बजे उन्हें लखनऊ के सिविल अस्पताल लाया गया। यहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।</p>
<p>प्रतीक, मुलायम सिंह यादव की दूसरी पत्नी साधना गुप्ता के बेटे थे। ब्रिटेन की यूनिवर्सिटी ऑफ लीड्स से पढ़ाई की थी। देश के सबसे बड़े राजनीतिक परिवार से ताल्लुक रखने वाले प्रतीक राजनीति से दूर थे। उनका रियल एस्टेट और फिटनेस का बिजनेस था।</p>
<p>प्रतीक लखनऊ में &#8216;द फिटनेस प्लानेट&#8217; नाम से एक जिम के मालिक थे। प्रतीक &#8216;जीव आश्रय&#8217; नाम की संस्था भी चलाते थे।</p>
<p>पत्नी साधना गुप्ता के बेटे थे। ब्रिटेन की यूनिवर्सिटी ऑफ लीड्स से पढ़ाई की थी। देश के सबसे बड़े राजनीतिक परिवार से ताल्लुक रखने वाले प्रतीक राजनीति से दूर थे। उनका रियल एस्टेट और फिटनेस का बिजनेस था।</p>
<p>प्रतीक लखनऊ में &#8216;द फिटनेस प्लानेट&#8217; नाम से एक जिम के मालिक थे। प्रतीक &#8216;जीव आश्रय&#8217; नाम की संस्था भी चलाते थे। संस्था की तरफ से स्ट्रीट डॉग्स का इलाज, देखभाल, भोजन और रेस्क्यू किया जाता है।</p>
<p><strong>खबर लगातार अपडेट की जा रही है&#8230;</strong></p>
<p>&nbsp;</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>मध्यप्रदेश में  दिखाई देने लगा प्रधानमंत्री के आव्हान का असर मंत्री कार छोड़ इलैक्ट्रिक  स्कूटी से पहुंचे मंत्रालय</title>
		<link>https://shabdshaktinews.in/%e0%a4%ae%e0%a4%a7%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%a6%e0%a5%87%e0%a4%b6-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%a6%e0%a4%bf%e0%a4%96%e0%a4%be%e0%a4%88-%e0%a4%a6%e0%a5%87%e0%a4%a8/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Praveen Dubey]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 12 May 2026 14:55:57 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[प्रमुख खबरें]]></category>
		<category><![CDATA[मध्यप्रदेश]]></category>
		<category><![CDATA[कार छोड़ इलैक्ट्रिक स्कूटी]]></category>
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					<description><![CDATA[&#160; भोपाल 12 मई 2026 / विश्व स्तर पर व्याप्त हालतों का दुष्प्रभाव भारतीय अर्थव्यवस्था पर न हो इसके लिए हाल ही में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा डीजल पेट्रोल की बचत करने के लिए वाहनों के कम से कम उपयोग के देशव्यापी आव्हान का असर अब मध्यप्रदेश में भी दिखाई देने लगा है। प्रधानमंत्री [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>&nbsp;</p>
<p>भोपाल 12 मई 2026 / विश्व स्तर पर व्याप्त हालतों का दुष्प्रभाव भारतीय अर्थव्यवस्था पर न हो इसके लिए हाल ही में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा डीजल पेट्रोल की बचत करने के लिए वाहनों के कम से कम उपयोग के देशव्यापी आव्हान का असर अब मध्यप्रदेश में भी दिखाई देने लगा है। प्रधानमंत्री के आव्हान के बाद प्रदेश के ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने मंगलवार को सबसे पहले इस पर अमल शुरू किया है। ऊर्जा मंत्री श्री तोमर आज भोपाल में है और भोपाल में वह इलेक्ट्रिक दुपहिया वाहन से न केवल सड़कों पर घूमते नजर आए, बल्कि भोपाल स्थित अपने शासकीय बंगले c18 शिवाजी नगर से मंत्रालय भी इसी वाहन से पहुंचे। इस अवसर पर ऊर्जा मंत्री श्री तोमर ने कहा कि वह प्रधानमंत्री की अपील का स्वागत करते हैं और प्रधानमंत्री की अपील का अनुसरण करते हुए इसका पालन कर रहे हैं। उनका कहना है कि वह सभी से अपील करेंगे कि वह भी पेट्रोल डीजल का कम से कम इस्तेमाल करें और अत्याधिक आवश्यकता होने पर ही डीजल-पेट्रोल वाहनों का उपयोग करें। उन्होंने कहा कि इससे विदेशों पर हमारी निर्भरता कम होगी और पर्यावरण भी सुरक्षित रहेगा। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में अन्य मंत्री और अधिकारी भी इस आह्वान को अमल में लाएंगे। उन्होंने कहा कि अपनी विधानसभा में भ्रमण के दौरान भी वह इलैक्ट्रिक दोपहिया वाहन का ही इस्तेमाल करेगे।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>पेपर लीक की चर्चाओं के बीच नीट (यूजी) 2026 परीक्षा रद्द</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Praveen Dubey]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 12 May 2026 12:51:34 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[प्रमुख खबरें]]></category>
		<category><![CDATA[देश]]></category>
		<category><![CDATA[नीट (यूजी) 2026]]></category>
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					<description><![CDATA[नई दिल्ली 12 मई 2026/नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) ने 3 मई को आयोजित हुई नीट (यूजी) 2026 की परीक्षा को पेपर लीक की चर्चाओं के बीच रद्द कर दिया है. एनटीए ने कहा है कि केंद्र सरकार की मंज़ूरी के बाद परीक्षा रद्द की गई है. एनटीए ने कहा है कि इस परीक्षा को दोबारा [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<div class="css-1k9op6x e17x9cvu0" dir="ltr">
<p class="css-d8mtc1 eea635z0" dir="ltr">नई दिल्ली 12 मई 2026/नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) ने 3 मई को आयोजित हुई नीट (यूजी) 2026 की परीक्षा को पेपर लीक की चर्चाओं के बीच रद्द कर दिया है. एनटीए ने कहा है कि केंद्र सरकार की मंज़ूरी के बाद परीक्षा रद्द की गई है.</p>
</div>
<div class="css-1k9op6x e17x9cvu0" dir="ltr">
<p class="css-d8mtc1 eea635z0" dir="ltr">एनटीए ने कहा है कि इस परीक्षा को दोबारा आयोजित करवाया जाएगा. नई परीक्षा की तारीख़ें और एडमिट कार्ड का शेड्यूल जल्द ही आधिकारिक चैनलों पर जारी किया जाएगा.</p>
</div>
<div class="css-1k9op6x e17x9cvu0" dir="ltr">
<p class="css-d8mtc1 eea635z0" dir="ltr">राजस्थान में दस मई को पेपर लीक से जुड़ी रिपोर्टें सामने आने के बाद यह फ़ैसला लिया गया है.</p>
</div>
<div class="css-1k9op6x e17x9cvu0" dir="ltr">
<p class="css-d8mtc1 eea635z0" dir="ltr">मेडिकल की पढ़ाई के लिए होने वाली इस परीक्षा में क़रीब 22 लाख परीक्षार्थी बैठे थे, जिन्हें अब दोबारा परीक्षा देनी होगी. हालांकि इसके लिए कोई अतिरिक्त फ़ीस नहीं लगेगी.</p>
</div>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>शर्मनाक ! धिक्कार है ऐसी राजनीति</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Praveen Dubey]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 12 May 2026 07:43:17 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[प्रमुख खबरें]]></category>
		<category><![CDATA[सम्पादकीय]]></category>
		<category><![CDATA[प्रधानमंत्री मोदी अव्हान]]></category>
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					<description><![CDATA[प्रवीण दुबे प्रधानमंत्री मोदी द्वारा देशवासियों से आर्थिक सुधार के लिए की गई अपील के बाद इस देश के विपक्ष, कुछ कथित बुद्धिजीवी और अर्बन नेक्सलाइट वर्ग ने विरोध का मोर्चा खोल दिया है और इस अपील की आड़ में प्रधानमंत्री मोदी को ही निशाने पर ले लिया है, राष्ट्रहित में किसी प्रधानमंत्री द्वारा जनता [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p style="text-align: center;"><strong>प्रवीण दुबे</strong></p>
<p>प्रधानमंत्री मोदी द्वारा देशवासियों से आर्थिक सुधार के लिए की गई अपील के बाद इस देश के विपक्ष, कुछ कथित बुद्धिजीवी और अर्बन नेक्सलाइट वर्ग ने विरोध का मोर्चा खोल दिया है और इस अपील की आड़ में प्रधानमंत्री मोदी को ही निशाने पर ले लिया है, राष्ट्रहित में किसी प्रधानमंत्री द्वारा जनता जनार्दन से की गई अपील के प्रति ऐसा राजनैतिक विद्वेष पूरी दुनिया में शायद ही कहीं देखने को मिला है।</p>
<p>भारत की ही बात करें तो राहुल गांधी से अखिलेश यादव तक की राजनीतिक परम्परा से जुड़े तमाम नेता समय समय पर देशवासियो से राष्ट्रहित में आत्मसंयम से जुड़े ऐसे आव्हान करते रहे हैं और पूरे देश ने कभी इसमें राजनीतिक द्वेष नहीं देखा।<br />
भारतीय इतिहास बताता है कि जब भी देश संकट में आया जनता ने सामूहिक अनुशासन दिखाया,त्याग और सहयोग किया, और नेतृत्व पर विश्वास करके बड़े बदलाव संभव किए।<br />
1964–65 में भारत गंभीर खाद्यान्न संकट से गुजर रहा था। उस समय देश में गेहूं और अनाज की भारी कमी थी। लगातार सूखा पड़ा था और अमेरिका से PL-480 योजना के तहत गेहूं आयात करना पड़ रहा था।<br />
इसी बीच Indo-Pakistani War of 1965 का दौर भी आया, जिससे देश पर आर्थिक दबाव और बढ़ गया।<br />
उस समय प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री ने देशवासियों से रेडियो संदेश के माध्यम से अपील की कि—<br />
“यदि देश का हर नागरिक सप्ताह में एक समय भोजन छोड़ दे या एक दिन उपवास रखे, तो हम अनाज की कमी से लड़ सकते हैं।”</p>
<p>“जय जवान, जय किसान” का नारा भी इसी समय शास्त्री जी ने दिया था</p>
<p>इसका अर्थ था कि देश की सुरक्षा करने वाला जवान और देश का पेट भरने वाला किसान — दोनों समान रूप से महत्वपूर्ण हैं।<br />
यह नारा बाद में भारत की पहचान बन गया और किसानों को अधिक उत्पादन के लिए प्रेरित किया। आगे चलकर इसी सोच ने भारत में हरित क्रांति (Green Revolution) का मार्ग मजबूत किया।<br />
उस समय लोगों ने शास्त्री जी की अपील को बहुत गंभीरता से लिया।<br />
कई घरों में सोमवार या किसी निश्चित दिन उपवास रखा जाने लगा।<br />
होटल और रेस्तरां भी कुछ समय के लिए बंद रखे जाते थे।<br />
लोग भोजन बचाने को राष्ट्रसेवा मानते थे। यह भारतीय समाज में सामूहिक जिम्मेदारी और अनुशासन का उदाहरण बन गया।</p>
<p>महात्मा गांधी ने स्वतंत्रता आंदोलन के समय अंग्रेज़ी वस्त्रों के बहिष्कार और खादी अपनाने,नमक सत्याग्रह,“अंग्रेजों भारत छोड़ो”और जनता से<br />
“करो या मरो” का आव्हान किया पूरे देश में लाखों लोग इन आंदोलनों से जुड़ गए उन्होंने इसमें राजनीति नहीं देखी गई।<br />
विनोबा भावे ने भूदान आंदोलन के अंतर्गत ज़मींदारों से स्वेच्छा से भूमि दान करने की अपील की थी परिणाम स्वरुप हजारों एकड़ भूमि गरीबों के लिए दान में मिली यह अहिंसक सामाजिक सुधार से जुड़ा अव्हान था जिसको पूरे देश से समर्थन मिला था ।</p>
<p>जयप्रकाश नारायण का “संपूर्ण क्रांति” आंदोलन भी इसका बड़ा उदाहरण कहा जा सकता है 1974 में भ्रष्टाचार और तानाशाही के विरोध में आंदोलन शुरू हुआ। जयप्रकाश नारायण ने<br />
युवाओं और छात्रों से शांतिपूर्ण परिवर्तन के लिए आगे आने को कहा<br />
परिणाम देशव्यापी जनआंदोलन बना।<br />
बाद में आपातकाल विरोधी राजनीति की बड़ी नींव बनी। देश ने कभी इसमें राजनीति नहीं देखी और राष्ट्रहित को ही सर्वोपरी माना।</p>
<p>पोखरण द्वीतिय के बाद जब भारत ने मई 1998 में परमाणु परीक्षण किए, तब अमेरिका सहित कई पश्चिमी देशों ने भारत पर आर्थिक प्रतिबंध लगाए। उस समय प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने देशवासियों से आत्मविश्वास, स्वाभिमान और स्वदेशी भावना के साथ खड़े रहने का आह्वान किया था। क्या हुआ था?<br />
अमेरिका ने आर्थिक प्रतिबंध लगाए,<br />
कुछ विदेशी सहायता और तकनीकी सहयोग रोक दिए गए, विश्व बैंक और अन्य संस्थाओं पर भी दबाव बनाया गया। लेकिन अटलजी ने स्पष्ट कहा कि भारत अपनी सुरक्षा और स्वाभिमान से समझौता नहीं करेगा।<br />
अटलजी ने देशवासियों से आह्वान किया “भारत एक महान राष्ट्र है। हम कठिनाइयों का सामना अपने बल पर करेंगे।”उन्होंने जनता से स्वदेशीअपनाने,आत्मनिर्भर बनने,<br />
देशी उद्योगों का समर्थन करने,<br />
और धैर्य बनाए रखने की अपील की।<br />
उन्होंने यह संदेश दिया कि आर्थिक दबावों से घबराने की आवश्यकता नहीं है।प्रसिद्ध भावना और संदेश<br />
उस समय अटल जी का यह भाव बहुत चर्चित हुआ “हम भूखे रह लेंगे, लेकिन देश की सुरक्षा और सम्मान से समझौता नहीं करेंगे।”<br />
यह भावना उनके कई भाषणों और जनसभाओं में व्यक्त हुई देशवासियो ने इसका पुरजोर समर्थन किया था विपक्ष ने भी इसका साथ दिया<br />
देश में राष्ट्रगौरव की भावना बढ़ी।<br />
लोगों ने प्रतिबंधों को भारत की शक्ति की परीक्षा माना।भारतीय वैज्ञानिकों और सेना के प्रति सम्मान बढ़ा।<br />
स्वदेशी और आत्मनिर्भरता पर नई चर्चा शुरू हुई।उस समय भारत की अर्थव्यवस्था अपेक्षा से अधिक मजबूत निकली और कुछ वर्षों में प्रतिबंधों का प्रभाव काफी कम हो गया।</p>
<p>साफ है जब-जब देश कठिन दौर से गुजरा, तब-तब भारतीय नेतृत्व ने उस संकट से निपटने जनता से राष्ट्रहित में सहभागिता का आह्वान किया।</p>
<p>आज जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खाड़ी युद्ध के मद्देनजर देशवासियों से आत्मसंयम के द्वारा कुछ प्रतिबंधों की अपील की है तो कुछ राजनैतिक दल और उनके नेता प्रधानमंत्री मोदी पर ही हमलावर हैं जो बहुत ही निंदनीय है ये भूल रहे हैं की प्रधानमंत्री मोदी ने जो आव्हान किया है उसकी जड़ें भारतीय इतिहास की उसी परंपरा में दिखाई देती हैं, जिसे कभी महात्मा गाँधी , लाल बहादुर शास्त्री, जयप्रकाश नारायण और अटल बिहारी वाजपेयी जैसे कई नेताओं ने अंगीकार किया था और देश ने कभी भी इसमें राजनीति नहीं देखी।<br />
Praveen dubey @ shabd shakti news.in</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>देवर्षि नारद जयंती आयोजन में वरिष्ठ पत्रकार प्रखर श्रीवास्तव बोले स्वतंत्रता के बाद संघ को मीडिया ने सबसे अधिक भ्रामक रूप में प्रस्तुत किया</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Praveen Dubey]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 11 May 2026 13:43:15 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[प्रमुख खबरें]]></category>
		<category><![CDATA[मध्यप्रदेश]]></category>
		<category><![CDATA[नारद जयंती भोपाल]]></category>
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					<description><![CDATA[_”संघ के 100 वर्षों की यात्रा एवं मीडिया” विषय पर आयोजित परिचर्चा में मीडिया, इतिहास और राष्ट्रीय विमर्श के विभिन्न आयामों पर गंभीर चर्चा हुई। समारोह में “देवर्षि नारद सार्थक जीवन पत्रकारिता सम्मान” एवं “देवर्षि नारद उत्कृष्ट पत्रकारिता सम्मान” प्रदान किए गए। कार्यक्रम में पत्रकारिता के क्षेत्र में दीर्घकालीन एवं समाजोन्मुख योगदान देने वाले वरिष्ठ [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong><span style="color: #ff0000;">_”संघ के 100 वर्षों की यात्रा एवं मीडिया” विषय पर आयोजित परिचर्चा में मीडिया, इतिहास और राष्ट्रीय विमर्श के विभिन्न आयामों पर गंभीर चर्चा हुई। समारोह में “देवर्षि नारद सार्थक जीवन पत्रकारिता सम्मान” एवं “देवर्षि नारद उत्कृष्ट पत्रकारिता सम्मान” प्रदान किए गए। कार्यक्रम में पत्रकारिता के क्षेत्र में दीर्घकालीन एवं समाजोन्मुख योगदान देने वाले वरिष्ठ पत्रकारों का सम्मान किया गया</span></strong></p>
<p>भोपाल 11 मई 2026/विश्व संवाद केंद्र, मध्यप्रदेश द्वारा देवर्षि नारद जयंती के अवसर पर सोमवार को देवी अहिल्या सभागृह, कुक्कुट विकास निगम, भोपाल में “देवर्षि नारद सार्थक जीवन सम्मान एवं उत्कृष्ट पत्रकारिता पुरस्कार” समारोह एवं “संघ के 100 वर्षों की यात्रा एवं मीडिया” विषय पर विशेष परिचर्चा का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में पत्रकारिता, राष्ट्रचिंतन, समाज जीवन और वैचारिक विमर्श से जुड़े अनेक प्रबुद्धजन उपस्थित रहे।</p>
<p style="text-align: center;"><img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-63664" src="https://shabdshaktinews.in/wp-content/uploads/2026/05/IMG-20260511-WA0011.jpg" alt="" width="1600" height="1066" srcset="https://shabdshaktinews.in/wp-content/uploads/2026/05/IMG-20260511-WA0011.jpg 1600w, https://shabdshaktinews.in/wp-content/uploads/2026/05/IMG-20260511-WA0011-300x200.jpg 300w, https://shabdshaktinews.in/wp-content/uploads/2026/05/IMG-20260511-WA0011-1024x682.jpg 1024w, https://shabdshaktinews.in/wp-content/uploads/2026/05/IMG-20260511-WA0011-768x512.jpg 768w, https://shabdshaktinews.in/wp-content/uploads/2026/05/IMG-20260511-WA0011-1536x1023.jpg 1536w, https://shabdshaktinews.in/wp-content/uploads/2026/05/IMG-20260511-WA0011-630x420.jpg 630w, https://shabdshaktinews.in/wp-content/uploads/2026/05/IMG-20260511-WA0011-696x464.jpg 696w, https://shabdshaktinews.in/wp-content/uploads/2026/05/IMG-20260511-WA0011-1068x712.jpg 1068w" sizes="auto, (max-width: 1600px) 100vw, 1600px" /> <img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-63665" src="https://shabdshaktinews.in/wp-content/uploads/2026/05/IMG-20260511-WA0012.jpg" alt="" width="1600" height="1066" srcset="https://shabdshaktinews.in/wp-content/uploads/2026/05/IMG-20260511-WA0012.jpg 1600w, https://shabdshaktinews.in/wp-content/uploads/2026/05/IMG-20260511-WA0012-300x200.jpg 300w, https://shabdshaktinews.in/wp-content/uploads/2026/05/IMG-20260511-WA0012-1024x682.jpg 1024w, https://shabdshaktinews.in/wp-content/uploads/2026/05/IMG-20260511-WA0012-768x512.jpg 768w, https://shabdshaktinews.in/wp-content/uploads/2026/05/IMG-20260511-WA0012-1536x1023.jpg 1536w, https://shabdshaktinews.in/wp-content/uploads/2026/05/IMG-20260511-WA0012-630x420.jpg 630w, https://shabdshaktinews.in/wp-content/uploads/2026/05/IMG-20260511-WA0012-696x464.jpg 696w, https://shabdshaktinews.in/wp-content/uploads/2026/05/IMG-20260511-WA0012-1068x712.jpg 1068w" sizes="auto, (max-width: 1600px) 100vw, 1600px" /> <img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-63666" src="https://shabdshaktinews.in/wp-content/uploads/2026/05/IMG-20260511-WA0015.jpg" alt="" width="1600" height="1066" srcset="https://shabdshaktinews.in/wp-content/uploads/2026/05/IMG-20260511-WA0015.jpg 1600w, https://shabdshaktinews.in/wp-content/uploads/2026/05/IMG-20260511-WA0015-300x200.jpg 300w, https://shabdshaktinews.in/wp-content/uploads/2026/05/IMG-20260511-WA0015-1024x682.jpg 1024w, https://shabdshaktinews.in/wp-content/uploads/2026/05/IMG-20260511-WA0015-768x512.jpg 768w, https://shabdshaktinews.in/wp-content/uploads/2026/05/IMG-20260511-WA0015-1536x1023.jpg 1536w, https://shabdshaktinews.in/wp-content/uploads/2026/05/IMG-20260511-WA0015-630x420.jpg 630w, https://shabdshaktinews.in/wp-content/uploads/2026/05/IMG-20260511-WA0015-696x464.jpg 696w, https://shabdshaktinews.in/wp-content/uploads/2026/05/IMG-20260511-WA0015-1068x712.jpg 1068w" sizes="auto, (max-width: 1600px) 100vw, 1600px" /></p>
<p>&nbsp;</p>
<p>मुख्य वक्ता प्रखर श्रीवास्तव ने “संघ के 100 वर्षों की यात्रा एवं मीडिया” विषय पर अपने विस्तृत वक्तव्य में कहा कि स्वतंत्रता के बाद यदि किसी संगठन को मीडिया ने सबसे अधिक गलत तरीके से प्रस्तुत किया, तो वह राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ है। उन्होंने कहा कि गांधी हत्या प्रकरण के दौरान संघ को लेकर जिस प्रकार का मीडिया ट्रायल हुआ, उसकी पृष्ठभूमि को समझने के लिए तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू के पत्रों और उस समय के सरकारी दृष्टिकोण को पढ़ना आवश्यक है।</p>
<p>उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर पर कबायलियों के आक्रमण के समय संघ के स्वयंसेवकों ने जिस प्रकार मोर्चा संभाला, वह इतिहास का महत्वपूर्ण अध्याय है। उस समय सरदार पटेल द्वारा लिखे गए पत्रों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि पाकिस्तान में फंसी हिंदू एवं सिख युवतियों को बचाने के लिए संघ प्रमुख गुरुजी गोलवलकर से सहयोग मांगा गया था।</p>
<p>उन्होंने कहा कि इतिहास में यह तो बताया जाता है कि सरदार पटेल ने संघ पर प्रतिबंध लगाया था, लेकिन यह तथ्य बहुत कम सामने लाया जाता है कि उसी दौर में कम्युनिस्ट पार्टी पर भी प्रतिबंध लगाया गया था। उन्होंने कहा कि संघ के स्वयंसेवक बाद में न्यायालय में निर्दोष पाए गए, जबकि उस समय कम्युनिस्ट गतिविधियों को लेकर गंभीर राष्ट्रीय चिंताएँ थीं।</p>
<p>प्रखर श्रीवास्तव ने कहा कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की वैचारिक पृष्ठभूमि को समझने के लिए ऑर्गेनाइजर के पूर्व संपादक के.आर. मलकानी की नेहरू-लियाकत पैक्ट पर आधारित लेखमाला को पढ़ना चाहिए। उन्होंने कहा कि उसी दौर में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को लेकर हुए संघर्षों ने भारतीय लोकतंत्र और संविधान में फ्रीडम ऑफ स्पीच की बहस को नई दिशा दी।</p>
<p>मुख्य अतिथि अशोक पांडेय ने कहा कि आज भी सत्य बोलने वालों को प्रताड़ना का सामना करना पड़ता है, जबकि देवर्षि नारद सत्य, संवाद और लोककल्याण के प्रतीक रहे हैं। उन्होंने प्रखर श्रीवास्तव की पुस्तक “हे राम” का उल्लेख करते हुए कहा कि उसमें कई ऐसे प्रसंग हैं जो समाज को इतिहास और राष्ट्रचिंतन की नई दृष्टि प्रदान करते हैं।</p>
<p><strong><span style="color: #ff0000;">*चयन समिति*</span></strong></p>
<p>प्रथम चयन समिति में वरिष्ठ पत्रकार नितेंद्र शर्मा, सतीश एलिया, एवं प्रीति जैन रहें।<br />
तो वहींं मुख्य चयन समिति में शरद द्विवेदी, प्रमोद भारद्वाज, धनंजय प्रताप सिंह, अक्षत शर्मा, एवं प्रवीण दुबे रहें।<br />
नारद सम्मान समिति में गिरीश उपाध्याय, नुसरत मेंहदी, जयराम शुक्ल, रमेश शर्मा, शिवकुमार विवेक, प्रकाश भटनागर सहित अन्य वरिष्ठ पत्रकार एवं मीडिया क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञ शामिल थे।</p>
<p><strong><span style="color: #ff0000;">*देवर्षि नारद सार्थक जीवन पत्रकारिता सम्मान*</span></strong></p>
<p>कार्यक्रम में “देवर्षि नारद सार्थक जीवन पत्रकारिता सम्मान” वर्ष 2025 महेश श्रीवास्तव तथा वर्ष 2026 कैलाश नारायण गौड़ को प्रदान किया गया।</p>
<p><strong><span style="color: #ff0000;">*देवर्षि नारद उत्कृष्ट पत्रकारिता सम्मान*</span></strong></p>
<p>इसी प्रकार “देवर्षि नारद उत्कृष्ट पत्रकारिता सम्मान 2025” से प्रमोद शर्मा, योगीराज योगेश, भावना अपराजिता शुक्ला, स्मिता, अनुज मैना तथा गोविंद सक्सेना को सम्मानित किया गया। वहीं “देवर्षि नारद उत्कृष्ट पत्रकारिता सम्मान 2026” से अम्बुज माहेश्वरी, प्रवीण सावरकर तथा बृजेश जैन को सम्मान प्रदान किया गया।</p>
<p>*<strong><span style="color: #ff0000;">निबंध प्रतियोगिता के विजेता*</span></strong></p>
<p>इस अवसर पर “लोककल्याण के संचारक देवर्षि नारद” विषय पर आयोजित राष्ट्रीय निबंध प्रतियोगिता के विजेताओं की भी घोषणा की गई। प्रतियोगिता में स्तुति कुमारी ने प्रथम, नंदन कुमार ने द्वितीय तथा अंजलि सिंह ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। सभी प्रतिभागियों को सम्मान पत्र प्रदान किए गए।</p>
<p>कार्यक्रम का शुभारंभ सुश्री आयुषी शर्मा द्वारा प्रस्तुत शास्त्रीय नृत्य से हुआ। इसके पश्चात् मुख्य अतिथि अशोक पांडेय, मुख्य वक्ता प्रखर श्रीवास्तव तथा विश्व संवाद केंद्र न्यास के अध्यक्ष लाजपत आहूजा ने भारत माता एवं देवर्षि नारद के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलन कर कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ किया।</p>
<p>कार्यक्रम की अध्यक्षता लाजपत आहूजा ने की। संचालन सुदीप शुक्ला ने किया तथा आभार प्रदर्शन विश्व संवाद केंद्र न्यास की न्यासी शुभधा ने व्यक्त किया।</p>
<p>&nbsp;</p>
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		<title>वीडियो : मुख्यमंत्री ने खोला दरवाजा तो चीतों ने यूं लगाई सरपट दौड़</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Praveen Dubey]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 11 May 2026 08:37:28 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[प्रमुख खबरें]]></category>
		<category><![CDATA[मध्यप्रदेश]]></category>
		<category><![CDATA[चीता कूनो नेशनल पार्क मुख्यमंत्री यादव]]></category>
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					<description><![CDATA[अब खुले जंगल में घूमेंगे और 2 चीते, सीएम डॉ. मोहन यादव बोले- &#8216;प्रोजेक्ट चीता&#8217; में रोज कीर्तिमान रच रहा एमपी &#8211; मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किया कूनो नेशनल पार्क का भ्रमण भोपाल/श्योपुर। मध्यप्रदेश वाइल्डलाइफ के लिए 11 मई का दिन खास रहा। दो और चीते अपने बाड़े से निकल कर खुले जंगल में पहुंच [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>अब खुले जंगल में घूमेंगे और 2 चीते, सीएम डॉ. मोहन यादव बोले- &#8216;प्रोजेक्ट चीता&#8217; में रोज कीर्तिमान रच रहा एमपी</strong></p>
<p><strong>&#8211; मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किया कूनो नेशनल पार्क का भ्रमण</strong></p>
<p>भोपाल/श्योपुर। मध्यप्रदेश वाइल्डलाइफ के लिए 11 मई का दिन खास रहा। दो और चीते अपने बाड़े से निकल कर खुले जंगल में पहुंच गए। अब दोनों प्रदेश के साथ-साथ दूसरे राज्यों के इको-सिस्टम को मजबूत करने में सहयोग करेंगे। दरअसल, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने श्योपुर जिले स्थित कूनो नेशनल पार्क पहुंचे। उन्होंने यहां दो मादा चीतों को बाड़े से मुक्त कर दिया। बाड़े से निकलते ही दोनो चीते उछलते-कूदते जंगल की ओर चले गए।</p>
<div class="youtube-embed" data-video_id=""><iframe loading="lazy" title="मुख्यमंत्री ने खोला दरवाजा तो चीतों ने यूं लगाई सरपट दौड़" width="563" height="1000" src="https://www.youtube.com/embed/9WFI_qpNnjM?feature=oembed&#038;enablejsapi=1" frameborder="0" allow="accelerometer; autoplay; clipboard-write; encrypted-media; gyroscope; picture-in-picture; web-share" referrerpolicy="strict-origin-when-cross-origin" allowfullscreen></iframe></div>
<p>इस मौके पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश की धरती ने चीतों को अंगीकृत कर अपने परिवार का हिस्सा बनाया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा लगभग साढ़े तीन वर्ष पूर्व कूनो में चीता प्रोजेक्ट की शुरुआत की गई थी। भारत में चीता पुनःस्थापना की यह परियोजना सफलता के साथ आगे बढ़ रही है। चीता पुनर्विस्थापन के इस महत्वपूर्ण कार्य में मध्यप्रदेश नित नए कीर्तिमान रच रहा है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश धर्म, निवेश एवं जैनेटिक जैव विविधता के प्रमुख केंद्र के रूप में उभर रहा है। नामीबिया, दक्षिण अफ्रीका और अब बोत्सवाना से लाए गए चीतों के पुनर्स्थापन को निरंतर सफलता मिल रही है। आज प्रदेश ने देश में चीता स्टेट के रूप में पहचान बनाई है। वर्तमान में चीतों की संख्या 57 है, जिनमें से 54 कूनो नेशनल पार्क में और 03 गांधी सागर अभ्यारण्य में हैं।</p>
<p>*मध्यप्रदेश ने बनाया एक नया इतिहास*<br />
भ्रमण के बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मीडिया से कहा कि मध्यप्रदेश ने एक नया इतिहास बनाया है। हमने आज कूनो नेशनल पार्क में बोत्सवाना से लाए गए दो मादा चीतों को छोड़ा है। हमने सह-अस्तित्व की भावना प्रकट करते हुए दोनों को खुले जंगल में, खुले वातावरण में प्रकृति के साथ रहने के लिए छोड़ा है। मैं श्योपुर और चंबल के क्षेत्र के लोगों को बधाई देता हूं। इन चीताों का बसेरा अब 5 हजार किमी में हुआ है। हमारे लिए गौरव की बात है कि अब ये हमारे साथ परिवार की तरह रहने लगे हैं। हमें पता ही नहीं चलता कि कब हमारा चीता दौड़ते-दौड़ते राजस्थान पहुंच जाता है। उन्होंने कहा कि चीते चंबल के इलाकों ग्वालियर-शिवपुरी-राजगढ़ सहित कई इलाकों में दस्तक दे रहे हैं। हमें इन चीतों के रूप में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बड़ी सौगात दी है। मैं केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव को भी बधाई देता हूं। मैं उन सभी अधिकारियों को बधाई देता हूं, जिन्होंने प्रोजेक्ट चीता के लिए अथक पसीना बहाया है। उन्होंने कहा कि कूनो नेशनल पार्क प्रोजेक्ट चीता का नया रिकॉर्ड बना रहा है। हमारे फॉरेस्ट के अधिकारी, मेडिकल स्टाफ के लोग, यहां के संरक्षक, स्थानीय जनों और चीतों ने एक-दूसरे को परिवार मान लिया है। यह विश्व की अनूठी घटना है। यह फॉरेस्ट विभाग के लिए गौरव की बात है। चीते जीवन बिताने के लिए इस माहौल में ढल गए हैं। यह इको-सिस्टम के लिए अच्छा है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को जो चीते मिले थे, धीरे-धीरे हम उनको खुले वातावरण में छोड़ रहे हैं। हम जीयो और जीने-दो के सिद्धांत पर विश्वास करते हैं।</p>
<p><strong>*वाइल्डलाइफ में जुड़ा अहम अध्याय*</strong><br />
गौरतलब है कि, इसी साल फरवरी के अंत में बोत्सवाना से 9 नए चीते कूनो नेशनल पार्क लाए गए थे। इनमें 6 मादा और 3 नर शामिल हैं। यहां लाने के बाद इन सभी को क्वारंटीन किया गया था। क्वारंटीन की अवधि पूरी करने के बाद सभी को छोटे बाड़ों में रखा गया। इससे वे स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप ढल गए। इन्हीं 9 में से 2 चीतों को आज खुले जंगल में छोड़ा गया है। इन चीतों को खुले जंगल में छोड़ने से ‘प्रोजेक्ट चीता’ को नई गति मिलेगी। इससे भारत की वाइल्डलाइफ के इतिहास में एक और महत्वपूर्ण अध्याय जुड़ेगा।</p>
<p><strong>*ज्यादा जेनेटिक विविधता लेकर आए बोत्सवाना की चीते*</strong><br />
वाइल्डलाइप एक्सपर्ट्स का मानना है कि बोत्सवाना से लाए गए चीते ज्यादा जेनेटिक विविधता लेकर आए हैं। इनसे कूनो में चीतों की स्वस्थ और दीर्घकालिक आबादी विकसित करने में मदद मिलेगी। एक्सपर्ट्स ने यह भी उम्मीद जताई है कि ये चीते कूनो के वातावरण में तेजी से घुल-मिल जाएंगे। इन चीतों को गांधी सागर और नौरादेही जैसे अन्य अभ्यारण्यों में भी बसाने की तैयारी की जा रही है।</p>
<p><strong>*कब-कब कहां-कहां से लाए गए चीते</strong>*<br />
इन चीतों के साथ ही भारत में चीतों की कुल संख्या 57 हो गई है। बता दें, नामीबिया से 17 सितंबर 2022 को 8, वर्ष 2023 में दक्षिण अफ्रीका से 12 चीते कूनो नेशनल पार्क लाए गए थे। बोत्सवाना से आए चीतों को भारतीय वायुसेना के विशेष विमान के माध्यम से ग्वालियर लाया गया था। यहां से उन्हें हेलीकॉप्टर द्वारा कूनो नेशनल पार्क पहुंचाया गया। प्रोजेक्ट चीता का उद्देश्य प्रदेश से लुप्त हुये चीतों की प्रजाति को पुनर्स्थापित करना, उनकी संख्या में वृद्धि करना और उन्हें स्वतंत्र रूप से शिकार और विचरण के लिए तैयार करना है।</p>
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		<title>प्रधानमंत्री मोदी की सोना न ख़रीदने की अपील के बाद आज ज्वेलरी कंपनियों के शेयरों में बड़ी गिरावट</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Praveen Dubey]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 11 May 2026 08:19:59 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[प्रमुख खबरें]]></category>
		<category><![CDATA[व्यापार]]></category>
		<category><![CDATA[ज्वेलरी कंपनियों के शेयरों में बड़ी गिरावट]]></category>
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					<description><![CDATA[मुंबई 11 मई 2026/प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोगों से विदेशी मुद्रा बचाने के लिए सोना न ख़रीदने की अपील की है. इसके बाद सोमवार को ज्वेलरी कंपनियों के शेयरों में बड़ी गिरावट दर्ज की गई है. प्रमुख ज्वैलरी कंपनियों के शेयरों में 10% से ज़्यादा की गिरावट देखी गई है. स्काई गोल्ड के शेयर्स में सबसे [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<div class="css-1k9op6x e17x9cvu0" dir="ltr">
<p class="postStyles css-oe7toe eea635z0" dir="ltr">मुंबई 11 मई 2026/प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोगों से विदेशी मुद्रा बचाने के लिए सोना न ख़रीदने की अपील की है. इसके बाद सोमवार को ज्वेलरी कंपनियों के शेयरों में बड़ी गिरावट दर्ज की गई है.</p>
</div>
<div class="css-1k9op6x e17x9cvu0" dir="ltr">
<p class="postStyles css-oe7toe eea635z0" dir="ltr">प्रमुख ज्वैलरी कंपनियों के शेयरों में 10% से ज़्यादा की गिरावट देखी गई है.</p>
</div>
<div class="css-1k9op6x e17x9cvu0" dir="ltr">
<p class="postStyles css-oe7toe eea635z0" dir="ltr">स्काई गोल्ड के शेयर्स में सबसे ज़्यादा 12% तक की गिरावट दर्ज की गई, जिसके बाद यह 475 रुपये पर आ गए.</p>
</div>
<div class="css-1k9op6x e17x9cvu0" dir="ltr">
<p class="postStyles css-oe7toe eea635z0" dir="ltr">सेनको के शेयर क़रीब 11% टूटकर 325.05 रुपये पर पहुंच गए, जो पिछले भाव 365.40 रुपये से कम है.</p>
</div>
<div class="css-1k9op6x e17x9cvu0" dir="ltr">
<p class="postStyles css-oe7toe eea635z0" dir="ltr">कल्याण ज्वैलर्स के शेयर पिछले भाव 424.55 रुपये से क़रीब 10% गिरकर 382.10 रुपये पर आ गए.</p>
</div>
<div class="css-1k9op6x e17x9cvu0" dir="ltr">
<p class="postStyles css-oe7toe eea635z0" dir="ltr">टाइटन के शेयर शुरुआती कारोबार में क़रीब 8% गिरकर 4,150.10 रुपये तक पहुंच गए.</p>
</div>
<div class="css-1k9op6x e17x9cvu0" dir="ltr">
<p class="postStyles css-oe7toe eea635z0" dir="ltr">सुबह 10 बजे के आसपास <a class="focusIndicatorReducedWidth css-n8oauk e1h2ur550" href="https://www.bseindia.com/sensex/code/16" target="_blank" rel="noopener">सेंसेक्स 1.35% गिरकर</a> 76,282.28 और <a class="focusIndicatorReducedWidth css-n8oauk e1h2ur550" href="https://www.nseindia.com/" target="_blank" rel="noopener">निफ़्टी 1.23% गिरकर</a> 23,877.80 अंक पर कारोबार कर रहा था.</p>
</div>
<div class="css-1k9op6x e17x9cvu0" dir="ltr">
<p class="postStyles css-oe7toe eea635z0" dir="ltr">सेक्टोरल इंडेक्स लाल निशान में थे, इसमें भी ख़ासकर निफ़्टी कंज़्यूमर ड्यूरेबल्स सबसे ज़्यादा गिरा. यह सेक्टोरल इंडेक्स 3% से ज़्यादा नीचे कारोबार कर रहा था.</p>
</div>
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