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	<title>अमेरिका &#8211; Shabd Shakti News</title>
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	<description>Every News Speaks</description>
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		<title>ट्रम्प ने दिया मोदी को जीत का तोहफा भारत को मुद्रा की निगरानी समिति से बाहर किया</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Praveen Dubey]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 29 May 2019 13:14:50 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[देश]]></category>
		<category><![CDATA[विदेश]]></category>
		<category><![CDATA[अमेरिका]]></category>
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					<description><![CDATA[ अमेरिका ने प्रधानमंत्री मोदी को जीत का तोहफा देते हुए भारत को मुद्रा की निगरानी समिति से बाहर कर दिया है. अमेरिका के वित्त मंत्रालय ने प्रमुख व्यापार भागीदारों की विदेशी मुद्रा विनिमय नीतियों और मैक्रो इकोनॉमिक्स फैक्टरों पर कांग्रेस को भेजी अर्द्धवार्षिक रिपोर्ट में इसकी जानकारी दी है. अमेरिका ने इस फैसले के पीछे [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p style="margin: 0px; padding: 20px 0px 0px; color: #222222; font-stretch: normal; font-size: 17px; line-height: 30px; font-family: Hind; letter-spacing: 1px; widows: auto;"> अमेरिका ने प्रधानमंत्री मोदी को जीत का तोहफा देते हुए भारत को मुद्रा की निगरानी समिति से बाहर कर दिया है. अमेरिका के वित्त मंत्रालय ने प्रमुख व्यापार भागीदारों की विदेशी मुद्रा विनिमय नीतियों और मैक्रो इकोनॉमिक्स फैक्टरों पर कांग्रेस को भेजी अर्द्धवार्षिक रिपोर्ट में इसकी जानकारी दी है.</p>
<p style="margin: 0px; padding: 20px 0px 0px; color: #222222; font-stretch: normal; font-size: 17px; line-height: 30px; font-family: Hind; letter-spacing: 1px; widows: auto;">अमेरिका ने इस फैसले के पीछे भारत द्वारा उठाए गए कुछ महत्वपूर्ण कदमों का जिक्र किया है, उसने कहा कि इन कदमों से मौद्रिक नीति को लेकर उसकी आशंकाएं दूर हुई हैं. भारत के अलावा स्विट्जरलैंड दूसरा देश है जिसे अमेरिका ने इस सूची से बाहर किया है. अमेरिका की इस सूची में अब चीन, जापान, दक्षिण कोरिया, जर्मनी, इटली, आयरलैंड, सिंगापुर, मलेशिया और वियतनाम शामिल हैं.</p>
<p style="margin: 0px; padding: 20px 0px 0px; color: #222222; font-stretch: normal; font-size: 17px; line-height: 30px; font-family: Hind; letter-spacing: 1px; widows: auto;"><b style="margin: 0px; padding: 0px;">भारत के काम से अमेरिका खुश</b></p>
<p><span style="color: #323232; font-family: Hind; font-size: 20px; letter-spacing: 1px; line-height: 30px; widows: auto;">अमेरिका के वित्त मंत्रालय ने कहा, &#8216;इस रिपोर्ट में भारत को निगरानी की सूची से बाहर किया जाता है. भारत को लगातार दो रिपोर्ट में सिर्फ एक कारक अमेरिका के साथ द्विपक्षीय सरप्लस पर प्रतिकूल पाया गया है.&#8217;</span></p>
<p style="margin: 0px; padding: 20px 0px 0px; color: #222222; font-stretch: normal; font-size: 17px; line-height: 30px; font-family: Hind; letter-spacing: 1px; widows: auto;">रिपोर्ट में कहा गया, &#8216;न तो भारत और न ही स्विट्जरलैंड को, अक्टूबर 2018 की रिपोर्ट के साथ ही इस रिपोर्ट में भी एकतरफा दखल देने का जिम्मेदार पाया गया है. इस कारण भारत और स्विट्जरलैंड दोनों को मुद्रा की निगरानी सूची से बाहर किया जाता है.&#8217;</p>
<p style="margin: 0px; padding: 20px 0px 0px; color: #222222; font-stretch: normal; font-size: 17px; line-height: 30px; font-family: Hind; letter-spacing: 1px; widows: auto;"><b style="margin: 0px; padding: 0px;">मई 2018 में भारत को किया गया था सूची में शामिल</b></p>
<p><span style="color: #323232; font-family: Hind; font-size: 20px; letter-spacing: 1px; line-height: 30px; widows: auto;">भारत को अमेरिका ने पहली बार मई 2018 में इस सूची में डाला था. भारत के साथ ही पांच अन्य देशों चीन, जर्मनी, जापान, दक्षिण कोरिया और स्विट्जरलैंड को भी इस सूची में शामिल किया गया था. मंत्रालय ने कहा, &#8216;भारत की परिस्थितियां उल्लेखनीय तरीके से बेहतर हुई हैं. वर्ष 2018 के पहले छह महीने में रिजर्व बैंक द्वारा की गई शुद्ध बिक्री से जून 2018 तक की चार तिमाहियों में विदेशी मुद्रा की शुद्ध खरीद कम होकर 4 अरब डॉलर यानी सकल घरेलू उत्पाद के महज 0.2 प्रतिशत पर आ गई.&#8217;</span></p>
<p style="margin: 0px; padding: 20px 0px 0px; color: #222222; font-stretch: normal; font-size: 17px; line-height: 30px; font-family: Hind; letter-spacing: 1px; widows: auto;">हालांकि अमेरिका ने चीन को इस बार भी सूची में बनाए रखा है, लेकिन उसे मुद्रा के साथ छेड़छाड़ करने वाला देश घोषित करने से इस बार भी इनकार किया है. मंत्रालय ने इस रिपोर्ट में कहा कि कोई भी देश मुद्रा के साथ छेड़छाड़ की शर्तों पर गलत नहीं पाया गया है.</p>
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		<title>पाकिस्तान को एक ओर झटका अमेरिका ने दी चेतावनी बिना हमारी अनुमति सैन्य कार्रवाई में न करें F16 विमानों का उपयोग</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Praveen Dubey]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 28 Feb 2019 08:57:47 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Breaking]]></category>
		<category><![CDATA[देश]]></category>
		<category><![CDATA[विदेश]]></category>
		<category><![CDATA[अमेरिका]]></category>
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					<description><![CDATA[नई दिल्ली : भारतीय वायु सीमा का उल्लंघन करना पाकिस्तान को भारी पड़ सकता है। पाकिस्तानी वायु सेना के एफ-16 लड़ाकू विमानों ने बुधवार को वायु सीमा का उल्लंघन किया और उसके एक लड़ाकू विमान को भारतीय सेना ने जवाबी कार्रवाई में मार गिराया। दरअसल, पाकिस्तान को एफ-16 लड़ाकू विमान अमेरिका से मिले हैं। अमेरिका ने [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p style="margin: 0px 0px 5px; padding: 0px; box-sizing: border-box; color: #000000; font-family: Mukta, Helvetica, Arial, sans-serif; font-size: 20px; line-height: 32px; widows: auto;"><strong style="margin: 0px; padding: 0px; box-sizing: border-box;">नई दिल्ली :</strong> भारतीय वायु सीमा का उल्लंघन करना पाकिस्तान को भारी पड़ सकता है। पाकिस्तानी वायु सेना के एफ-16 लड़ाकू विमानों ने बुधवार को वायु सीमा का उल्लंघन किया और उसके एक लड़ाकू विमान को भारतीय सेना ने जवाबी कार्रवाई में मार गिराया। दरअसल, पाकिस्तान को एफ-16 लड़ाकू विमान अमेरिका से मिले हैं। अमेरिका ने कहा है कि बिना उसकी अनुमति के पाकिस्तान इन लड़ाकू विमानों का इस्तेमाल नहीं कर सकता।</p>
<p style="margin: 0px 0px 5px; padding: 0px; box-sizing: border-box; color: #000000; font-family: Mukta, Helvetica, Arial, sans-serif; font-size: 20px; line-height: 32px; widows: auto;">इसके पहले अमेरिका ने पाकिस्तान को दो टूक शब्दों में कहा है कि वह सैन्य कार्रवाई के जरिए स्थिति को जटिल न बनाए और अत्यधिक संयम बरते। अमेरिका ने पाकिस्तान से आतंकियों पर कार्रवाई करने के लिए भी कहा है। भारत के लड़ाकू विमानों ने मंगलवार तड़के बालाकोट में जैश-ए-मोहम्मद के सबसे बड़े आतंकी प्रशिक्षण केंद्र पर हमला किया। इस हमले में 350 आतंकियों के मारे गए।</p>
<p style="margin: 0px 0px 5px; padding: 0px; box-sizing: border-box; color: #000000; font-family: Mukta, Helvetica, Arial, sans-serif; font-size: 20px; line-height: 32px; widows: auto;">मेरिका ने अपने हथियारों के इस्तेमाल पर नियम कड़े कर दिए हैं। भारतीय वायु सीमा का उल्लंघन करने में पाकिस्तान ने एफ 16 फाइटर प्लेन का इस्तेमाल किया है लेकिन अब अमेरिका ने स्पष्ट कर दिया है कि बिना उसकी अनुमति के पाकिस्तान उसके लड़ाकू विमानों का इस्तेमाल सैन्य कार्रवाई में नहीं कर सकता। अमेरिका का कहना है कि एफ 16 का इस्तेमाल आत्मरक्षा में किया जा सकता है लेकिन हमले के लिए नहीं।</p>
<p style="margin: 0px 0px 5px; padding: 0px; box-sizing: border-box; color: #000000; font-family: Mukta, Helvetica, Arial, sans-serif; font-size: 20px; line-height: 32px; widows: auto;">बता दें कि अमेरिका अपने हथियारों के इस्तेमाल पर सख्त नियम रखता है। नियमों के मुताबिक उसके द्वारा दिए गए हथियारों का इस्तेमाल देश स्थिति को जटिल बनाने एवं खुद को आक्रामक दिखाने के लिए नहीं कर सकते।</p>
<p style="margin: 0px 0px 5px; padding: 0px; box-sizing: border-box; color: #000000; font-family: Mukta, Helvetica, Arial, sans-serif; font-size: 20px; line-height: 32px; widows: auto;">पाकिस्तानी वायु सेना की ओर से भारतीय वायु सीमा का उल्लंघन किए जाने के बाद दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ता जा रहा है। दोनों ही देशों रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण हवाई अड्डों को नागरिक उड़ानों के लिए बंद कर दिया है।</p>
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		<title>अमरीकी राष्ट्रपति ट्रम्प के रसोइयों को पगार के लाले,नाराज हो गए छुट्टी पर</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Praveen Dubey]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 16 Jan 2019 04:02:38 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[विदेश]]></category>
		<category><![CDATA[अमेरिका]]></category>
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					<description><![CDATA[अमेरिकी इतिहास में सबसे लंबे शटडाउन का असर अब राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के सरकारी आवाज व्हाइट हाउस पर पड़ने लगा है. बीते कुछ महीनों से सैलरी नहीं मिलने के बाद व्हाइट हाउस किचेन के शेफ छुट्टी पर चले गए हैं. इससे व्हाइट हाउस किचेन ठप हो गया. पहले से लंच या डिनर का निमंत्रण पा [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p style="margin: 0px; padding: 20px 0px 0px; color: #222222; font-stretch: normal; font-size: 20px; line-height: 30px; font-family: Hind; letter-spacing: 1px; widows: auto;">अमेरिकी इतिहास में सबसे लंबे शटडाउन का असर अब राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के सरकारी आवाज व्हाइट हाउस पर पड़ने लगा है. बीते कुछ महीनों से सैलरी नहीं मिलने के बाद व्हाइट हाउस किचेन के शेफ छुट्टी पर चले गए हैं. इससे व्हाइट हाउस किचेन ठप हो गया. पहले से लंच या डिनर का निमंत्रण पा चुके मेहमानों के लिए राष्ट्रपति ट्रंप ने फास्टफूड का इंतजाम करते हुए पिज्जा और बर्गर खिलाना शुरू कर दिया है.</p>
<p style="margin: 0px; padding: 20px 0px 0px; color: #222222; font-stretch: normal; font-size: 20px; line-height: 30px; font-family: Hind; letter-spacing: 1px; widows: auto;">गौरतलब है कि पिछले महीने अमेरिका-मेक्सिको बॉर्डर पर दीवार बनाने के लिए राष्ट्रपति ट्रंप ने संसद से 5.7 बिलियन डॉलर अथवा 40 हजार करोड़ रुपये की मांग की थी. लेकिन राष्ट्रपति की इस मांग को संसद में डेमोक्रेट सांसदों ने ठुकरा दिया और इसके साथ ही अमेरिका में शटडाउन का ऐलान हो गया. मौजूदा शटडाउन अमेरिकी इतिहास का सबसे बड़ा शटडाउन हो गया है. अमेरिका में शटडाउन अपने 22वें दिन में सोमवार को पहुंच गया है. इससे पहले राष्ट्रपति बिल क्लिंटन के कार्यकाल में हुआ सबसे लंबा शटडाउन 21 दिनों तक चला था.</p>
<p style="margin: 0px; padding: 20px 0px 0px; color: #222222; font-stretch: normal; font-size: 20px; line-height: 30px; font-family: Hind; letter-spacing: 1px; widows: auto;">अंग्रेजी अखबार टेलीग्राफ के मुताबिक सोमवार को डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिकी कॉलेज फुटबाल चैंपियनशिप की विजेता टीम क्लेमसन टाइगर्स को व्हाइट हाउस लंच पर बुलाया था. लेकिन उसी दिन बिना सैलरी के काम करने से मना करते हुए व्हाइट हाउस किचेन के शेफ छुट्टी पर चले गए.</p>
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