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	<title>आतंकवाद &#8211; Shabd Shakti News</title>
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	<description>Every News Speaks</description>
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		<title>आतंकवाद पर पश्चिमी मीडिया की दोहरी ज़ुबान: शब्द भी चुनिंदा और संवेदना भी</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Praveen Dubey]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 16 Dec 2025 13:20:12 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[प्रमुख खबरें]]></category>
		<category><![CDATA[लेख]]></category>
		<category><![CDATA[आतंकवाद]]></category>
		<category><![CDATA[मीडिया]]></category>
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					<description><![CDATA[सुदेश गौड़ आतंकवाद की परिभाषा क्या होती है—यह पश्चिमी मीडिया को तब पूरी तरह याद आ जाती है, जब हमला न्यूयॉर्क, लंदन या सिडनी में होता है। लेकिन वही हिंसा जब भारत की धरती पर होती है, तो शब्दकोश अचानक बदल जाता है। यह कोई संयोग नहीं, बल्कि एक सोची-समझी प्रवृत्ति है। पहलगाम में इसी [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p style="text-align: center;">सुदेश गौड़</p>
<p>आतंकवाद की परिभाषा क्या होती है—यह पश्चिमी मीडिया को तब पूरी तरह याद आ जाती है, जब हमला न्यूयॉर्क, लंदन या सिडनी में होता है। लेकिन वही हिंसा जब भारत की धरती पर होती है, तो शब्दकोश अचानक बदल जाता है। यह कोई संयोग नहीं, बल्कि एक सोची-समझी प्रवृत्ति है।</p>
<p>पहलगाम में इसी साल 22 अप्रैल को पाकिस्तानी आतंकियों ने 26 निर्दोष नागरिकों की नृशंस हत्या की थी जो कश्मीर में घूमने आए थे। यह हमला पूरी तरह आतंकवादी था—डर पैदा करने, संदेश देने और अस्थिरता फैलाने के इरादे से किया गया। इसके बावजूद ऑस्ट्रेलिया के प्रतिष्ठित अख़बार Daily Telegraph ने अपनी शुरुआती रिपोर्टिंग में इस घटना को सीधे “terror attack” कहने के बजाय “deadly attack” और “gunmen attack” जैसे शब्दों में प्रस्तुत किया। फोकस आतंकियों की विचारधारा या नेटवर्क पर नहीं, बल्कि “टूरिस्ट्स के भागने” और “क्षेत्र में तनाव” पर रहा। Daily Telegraph, 23 April 2025 का शीर्षक था &#8220;Tourists flee Pahalgam after deadly attack in India&#8217;s Kashmir&#8221;.</p>
<p>इसके ठीक उलट, सिडनी में हुई हिंसक घटना के बाद यही Daily Telegraph बिना किसी हिचक के ‘terrorist’, ‘extremist violence’ और ‘attack on Australian values’ जैसे शब्दों का इस्तेमाल करता है। इतना ही नहीं और शीर्षक भी दिया &#8216;You Bastards&#8217;.<br />
इस घटना की रिपोर्टिंग में न कोई संदर्भ खोजा गया, न सामाजिक पृष्ठभूमि की व्याख्या, न ही यह कहा गया कि “मामला जटिल है”। क्योंकि तब पीड़ित पश्चिमी थे।<br />
यह दोहरा मापदंड सिर्फ Daily Telegraph तक सीमित नहीं है।ब्रिटेन के BBC की रिपोर्टिंग में अक्सर भारत में हुए आतंकी हमलों को “militant attack” या “insurgency-related violence” कहा जाता है, जबकि ब्रिटेन या यूरोप में इसी तरह की घटनाओं पर वह खुलकर “terrorism” शब्द का प्रयोग करता है।<br />
अमेरिकी अख़बार New York Times भारत में हुए हमलों को बार-बार “disputed region” और “long-running conflict” के फ्रेम में रखता है—मानो बंदूक उठाकर निर्दोषों को मार देना किसी राजनीतिक बहस का स्वाभाविक परिणाम हो।<br />
Al Jazeera जैसे चैनल तो कई बार हमलावरों की पहचान और मकसद पर इतना “संतुलन” साधते हैं कि पीड़ित हाशिये पर चले जाते हैं।</p>
<p>यह भाषा सिर्फ पत्रकारिता की लापरवाही नहीं है; यह एक खतरनाक नैरेटिव है। जब आतंकवाद को सॉफ्ट शब्दों में ढका जाता है, तो अपराध की क्रूरता कम नहीं होती—बल्कि उसे वैचारिक छूट मिलती है। यह पीड़ितों के साथ दूसरा अन्याय है।</p>
<p>सवाल सीधा है—<br />
अगर सिडनी में निर्दोषों की हत्या आतंकवाद है,अगर लंदन में चाकू से हमला “टेरर” है,<br />
तो फिर पहलगाम में गोलियों से मारे गए लोग किस अपराध के शिकार थे?क्या आतंकवाद की पहचान पासपोर्ट देखकर तय की जाएगी?</p>
<p>भारत दशकों से आतंकवाद झेल रहा है। यह हमारे लिए कोई “ब्रेकिंग न्यूज़” नहीं, बल्कि रोज़ की सच्चाई है। लेकिन जब पश्चिमी मीडिया शब्दों में हेरफेर करता है, तो वह केवल भारत को नहीं, बल्कि वैश्विक आतंकवाद-विरोधी संघर्ष को कमजोर करता है।</p>
<p>आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई ईमानदार तभी होगी, जब शब्दों में भी ईमानदारी होगी। वरना इतिहास यही कहेगा कि पश्चिमी मीडिया ने आतंकवाद को तब तक आतंकवाद नहीं माना, जब तक उसकी आग खुद उनके घर तक नहीं पहुँची।</p>
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		<title>आतंकवादी संगठन इस्लामिक स्टेट के दावे पर सनसनी, कहा- कश्मीर में स्थापित किया ‘विलायह ए हिंद’ प्रांत</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Praveen Dubey]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 12 May 2019 05:55:25 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[देश]]></category>
		<category><![CDATA[आतंकवाद]]></category>
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					<description><![CDATA[खूंखार आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट (आईएस) को लेकर एक चौंकाने वाली खबर आयी है। दरअसल इस आतंकी संगठन ने दावा किया है कि उसने कश्मीर में अपना एक प्रांत स्थापित कर लिया है। इस कथित प्रांत को आईएस ने ‘विलायह ए हिंद’ नाम दिया है। आईएस की आधिकारिक न्यूज एजेंसी अमाक के हवाले से यह [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><span style="color: #555555; font-family: Mangal, Arial, Helvetica, sans-serif; font-size: 17px; line-height: 28px; widows: auto;">खूंखार आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट (आईएस) को लेकर एक चौंकाने वाली खबर आयी है। दरअसल इस आतंकी संगठन ने दावा किया है कि उसने कश्मीर में अपना एक प्रांत स्थापित कर लिया है। इस कथित प्रांत को आईएस ने ‘विलायह ए हिंद’ नाम दिया है। आईएस की आधिकारिक न्यूज एजेंसी अमाक के हवाले से यह खबर आयी है। बता दें कि हाल ही में सुरक्षाबलों ने कश्मीर के शोपियां में एक एनकाउंटर में एक आतंकी इशफाक अहमद सोफी को ढेर किया था। बताया गया था कि यह आतंकी आईएस से संबंधित था</span></p>
<p><span style="color: #555555; font-family: Mangal, Arial, Helvetica, sans-serif; font-size: 17px; line-height: 28px; widows: auto;">श्मीर में आईएस की मौजूदगी का पहली बार पता साल 2016 में चला। इसके बाद साल 2017 में खबर आयी कि हिज्बुल मुजाहिदीन का खूंखार आतंकी जाकिर मूसा, हिज्बुल छोड़कर आईएस में शामिल हो गया। इसके बाद कश्मीर में आईएस के खुरासान मॉड्यूल का खुलासा हुआ। हालांकि सुरक्षाबलों ने कई मुठभेड़ के दौरान खुरासान मॉड्यूल से जुड़े कई आतंकियों को ढेर कर दिया था। लेकिन अब एक बार फिर घाटी में आईएस की आहट सुनायी दी है। इस्लामिक स्टेट के मुखिया अबु बकर अल बगदादी का हाल ही में एक वीडियो भी सामने आया था। इस वीडियो में बगदादी ने नए इलाकों में अपना प्रभाव बढ़ाने की बात कही थी। भारत में आईएस काफी समय से अपने पैर जमाने की कोशिश कर रहा है। इसके अलावा बांग्लादेश और पाकिस्तान भी आईएस के निशाने पर हैं। हाल ही में श्रीलंका में हुए सिलसिलेवार बम धमाकों में भी आईएस का हाथ सामने आया था।</span></p>
]]></content:encoded>
					
		
		
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		<title>भारत की बड़ी वैश्विक सफलताआतंकी मसूद अजहर को संयुक्त राष्ट्र ने अंतरराष्ट्रीय आतंकी घोषित किया</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Praveen Dubey]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 01 May 2019 13:38:52 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Breaking]]></category>
		<category><![CDATA[देश]]></category>
		<category><![CDATA[विदेश]]></category>
		<category><![CDATA[आतंकवाद]]></category>
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					<description><![CDATA[आतंकी मसूद अजहर को संयुक्त राष्ट्र ने अंतरराष्ट्रीय आतंकी घोषित कर दिया है. संयुक्त राष्ट्र की सुरक्षा परिषद ने जैश-ए-मोहम्मद के सरगना मसूद अजहर के खिलाफ ये कार्रवाई की है. बता दें, जैश-ए-मोहम्मद ने 14 फरवरी को पुलवामा में आतंकी हमला किया था. इसके बाद से ही भारत लगातार मसूद को वैश्विक आतंकी घोषित कराने [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p style="margin: 0px; padding: 20px 0px 0px; color: #222222; font-stretch: normal; font-size: 17px; line-height: 30px; font-family: Hind; letter-spacing: 1px; widows: auto;">आतंकी मसूद अजहर को संयुक्त राष्ट्र ने अंतरराष्ट्रीय आतंकी घोषित कर दिया है. संयुक्त राष्ट्र की सुरक्षा परिषद ने जैश-ए-मोहम्मद के सरगना मसूद अजहर के खिलाफ ये कार्रवाई की है. बता दें, जैश-ए-मोहम्मद ने 14 फरवरी को पुलवामा में आतंकी हमला किया था. इसके बाद से ही भारत लगातार मसूद को वैश्विक आतंकी घोषित कराने की कोशिश कर रहा था. अब 75 दिन बाद उसे कामयाबी मिल गई है.</p>
<p style="margin: 0px; padding: 20px 0px 0px; color: #222222; font-stretch: normal; font-size: 17px; line-height: 30px; font-family: Hind; letter-spacing: 1px; widows: auto;">मसूद अजहर को वैश्विक आतंकी घोषित करने के लिए संयुक्त राष्ट्र की सुरक्षा समिति के सदस्य देश अमेरिका, ब्रिटेन, फ्रांस लगातार कोशिश कर रहे थे, लेकिन बार-बार चीन इस पर वीटो लगा दे रहा था. चीन अभी तक चार बार वीटो लगा चुका था, लेकिन पांचवीं बार मसूद अजहर को वैश्विक आतंकी घोषित करने के प्रस्ताव पर वह राजी हो गया है.</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
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		<item>
		<title>शताब्दी एक्सप्रेस से दबोचा आतंकवादी गणतंत्र दिवस पर वारदात की थी तैयारी</title>
		<link>https://shabdshaktinews.in/%e0%a4%b6%e0%a4%a4%e0%a4%be%e0%a4%ac%e0%a5%8d%e0%a4%a6%e0%a5%80-%e0%a4%8f%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%b8%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a5%87%e0%a4%b8-%e0%a4%b8%e0%a5%87-%e0%a4%a6%e0%a4%ac%e0%a5%8b/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Praveen Dubey]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 08 Jan 2018 09:06:47 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[देश]]></category>
		<category><![CDATA[आतंकवाद]]></category>
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					<description><![CDATA[गणतंत्र दिवस पर दिल्ली को दहलाने की बड़ी आतंकी साजिश का पर्दाफाश हुआ है। मथुरा में दिल्ली-भोपाल शताब्दी एक्सप्रेस से सुरक्षा एजेंसियों की सतर्कता के चलते जीआरपी ने एक संदिग्ध आतंकी को दबोच है। इस संदिग्ध आतंकी ने दिल्ली में अपने दो साथियों के छिपे होने की जानकारी भी दी है। इसके बाद एटीएस और [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>गणतंत्र दिवस पर दिल्ली को दहलाने की बड़ी आतंकी साजिश का पर्दाफाश हुआ है। मथुरा में दिल्ली-भोपाल शताब्दी एक्सप्रेस से सुरक्षा एजेंसियों की सतर्कता के चलते जीआरपी ने एक संदिग्ध आतंकी को दबोच है। इस संदिग्ध आतंकी ने दिल्ली में अपने दो साथियों के छिपे होने की जानकारी भी दी है।</p>
<p>इसके बाद एटीएस और आईबी ने राजधानी की जामा मस्जिद इलाके में कई जगह छापामार कार्रवाई की है। बताया जा रहा है कि दोनों संदिग्ध एक दिन पहले ही यहां से फरार हो चुके हैं। जिसके बाद उनकी तलाश जारी है। पुलिस सूत्रों के अनुसार आतंकी गणतंत्र दिवस के दिन अक्षरदाम मंदिर को दहलाने की साजिश में थे।</p>
<p>खबरों के अनुसार पकड़े जाने के दौरान संदिग्ध आतंकी ने भागने की कोशिश की और पूछताछ के दौरान किसी नुकीली चीज से सीने में पर वार कर खुद को लहूलुहान कर लिया।</p>
<p>दरअसल, जीआरपी को खुफिया एजेंसियों से एक संदिग्ध कश्मीरी आतंकवादी के शताब्दी में यात्रा करने का इनपुट मिला था। रविवार सुबह 8.30 बजे ट्रेन के यहां पहुंचते ही कोच-3 से अनंतनाग (कश्मीर) के गांव बिलगांव के रहने वाले बिलाल अहमद वानी को दबोच लिया गया।</p>
<p>उसके पास से अपना तथा एक महिला का आधार कार्ड और एक सिम मिला है। जीआरपी थाने में आर्मी इंटेलीजेंस, इंटेलीजेंस ब्यूरो, लोकल इंटेलीजेंस, एसपी सुरक्षा सिद्धार्थ वर्मा और एटीएस ने उससे आठ घंटे पूछताछ की।</p>
<p>इस दौरान वह बार-बार अपने बयान बदलता रहा और गणतंत्र दिवस से पहले किसी घटना को अंजाम दिए जाने की प्लानिग की भी जानकारी दी। वह अपने साथियों को उसका मास्टरमाइंड भी बता रहा था। उसने बताया कि वह दिल्ली में ड्राइविग करता था, लेकिन भाग निकला। गलत ट्रेन में बैठने के कारण वह मथुरा आ गया था। बाद में उसे एटीएस अज्ञात स्थान पर पूछताछ के लिए ले गई।</p>
<p>पूछताछ के दौरान उसने किसी नुकीली वस्तु से अपनी छाती पर ताबड़तोड़ वार करके खुद को घायल कर लिया। इस पर पुलिस ने उसके दोनों हाथ पीछे बांध दिए। खुफिया एजेंसियों को पता चला है कि वह एक जनवरी को दिल्ली आया था और उसने चार जनवरी को कनाट प्लेस से एटीएम से चालीस हजार रुपये भी निकले थे।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
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		<item>
		<title>ऑपरेशन ऑल आऊट से बोखलाए आतंकवादियों ने कई भाजपा नेताओं को लिया टार्गेट पर</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Praveen Dubey]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 22 Nov 2017 02:48:40 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[देश]]></category>
		<category><![CDATA[आतंकवाद]]></category>
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					<description><![CDATA[खुफिया एजेंसियां को इनपुट मिला है कि जैश ए मोहम्मद  और लश्कर ए तय्यबा जैसे आंतकी संगठन मिलकर एक खौफनाक मिशन को अंजाम देने की कोशिशों में लगे हुए है। यह मिशन भारत की केंद्र सरकार के कुछ सीनियर नेताओं को खत्म करने का है। मिले इनपुट के मुताबिक, दोनों आतंकी संगठनों ने जो लिस्ट [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<div>खुफिया एजेंसियां को इनपुट मिला है कि जैश ए मोहम्मद  और लश्कर ए तय्यबा जैसे आंतकी संगठन मिलकर एक खौफनाक मिशन को अंजाम देने की कोशिशों में लगे हुए है। यह मिशन भारत की केंद्र सरकार के कुछ सीनियर नेताओं को खत्म करने का है। मिले इनपुट के मुताबिक, दोनों आतंकी संगठनों ने जो लिस्ट तैयार की है उसमें ज्यादातर नेता भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के हैं जिसमें कुछ केंद्रीय मंत्री और कुछ हाई प्रोफाइल मुख्यमंत्री शामिल हैं</div>
<div class="desc">
<div id="aff-inc-holder" class="aff-inc-holder"> टाइम्स ऑफ इंडिया की खबर के मुताबिक, इस काम को अंजाम देने के लिए बांग्लादेश के कैडर्स को तैयार किया गया है और हो सकता है कि उन्होंने बॉर्डर पार भी कर लिया हो। ये लोग सबसे पहले उन मुख्यमंत्रियों को निशाना बना सकते हैं जो कि अपने साथ काफी कम सिक्योरिटी लेकर चलते हैं।</div>
</div>
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