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	<title>ओपीनियन पोल &#8211; Shabd Shakti News</title>
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	<description>Every News Speaks</description>
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		<title>गुजरात का ओपीनियन पोल, खिलेगा कमल बनेगी भाजपा सरकार</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Praveen Dubey]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 10 Nov 2017 06:26:45 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[देश]]></category>
		<category><![CDATA[ओपीनियन पोल]]></category>
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					<description><![CDATA[गुजरात विधानसभा चुनाव में सियासी संग्राम का पारा चढ़ा हुआ है. सूबे और केंद्र दोनों ही जगहों पर सत्ता के शिखर पर बैठी बीजेपी अपनी सफलता पर इठला रही है. सभी राजनीतिक दल अपनी जीत के दावे कर रहे हैं. लेकिन इस बार जीत का सेहरा किसके सर बंधेगा, कौन बाजी मारेगा, इस पर पूरे [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>गुजरात विधानसभा चुनाव में सियासी संग्राम का पारा चढ़ा हुआ है. सूबे और केंद्र दोनों ही जगहों पर सत्ता के शिखर पर बैठी बीजेपी अपनी सफलता पर इठला रही है. सभी राजनीतिक दल अपनी जीत के दावे कर रहे हैं. लेकिन इस बार जीत का सेहरा किसके सर बंधेगा, कौन बाजी मारेगा, इस पर पूरे देश की निगाहें टिकी हुई हैं. यह चुनाव देश के दो बड़े सियासी दलों के साख का ही सवाल नहीं है, बल्कि इसके नतीजे 2019 लोकसभा चुनाव का पटकथा भी लिखेगा. इसीलिए इस चुनाव को सियासी गलियारे में 2019 का सेमीफाइनल कहा जा रहा है. भारतीय राजनीति की दिशा करने वाले इस चुनावी नतीजे से पहले जनता के मूड को भांपने के लिए देश के बड़े न्यूज़ चैनल एबीपी न्यूज-लोकनीति-सीएसडीएस ने ओपिनियन पोल किया है.</p>
<h4>Shabdshaktinews.in अपने पाठकों के लिए इस ओपीनियन पोल को एबीपी न्यूज़ से साभार यहाँ प्रकाशित कर रहा है</p>
<p>बीजेपी की चुनौती सत्ता बरकरार रखने की है तो कांग्रेस वापसी के लिए बेताब है. बता दें कि अगस्त में भी एबीपी न्यूज-लोकनीति-सीएसडीएस ने ओपिनियन किया था.</p>
<p><strong>LIVE UPDATE गुजरात विधानसभा ओपिनियन पोल: अगस्त से तुलना करते हुए अक्टूबर के आंकड़े</strong></p>
<p><strong>किसको कितनी सीटें?</strong></p>
<p>एबीपी न्यूज-लोकनीति-सीएसडीएस के ओपिनियन पोल के मुताबिक अगर गुजरात में आज चुनाव होते हैं तो बीजेपी को 113 से 121 सीटें मिल सकती हैं जबकि दो महीने पहले अगस्त में एबीपी न्यूज-लोकनीती-सीएसडीएस के ओपिनियन पोल में 144 से 152 सीटें मिलने की संभावन थी. अर्थात बीजेपी को नुकसान हो रहा है. अब अक्टूबर के ओपिनियन पोल में कांग्रेस को 58 से 64 सीटें मिलने की संभावना है. जो अगस्त में 26 से 32 सीटें मिलने का अनुमान था. अर्थात कांग्रेस को बढ़त मिल रही है. वहीं अन्य को आज चुनाव को 1 से 7 सीटें मिल सकती है हालांकि अगस्त के ओपिनियन पोल में भी 3 से 7 सीटें ही मिलती दिख रही थीं.</p>
<p><strong>किसको कितना वोट शेयर</strong><br />
एबीपी न्यूज-लोकनीति-सीएसडीएस के ओपिनियन पोल के मुताबिक अगर गुजरात में आज चुनाव होते हैं तो बीजेपी को 47% और कांग्रेस को 41% वोट मिलने की संभावना है.</p>
<p><strong>नोटबंदी का फैसला कैसा रहा ?</strong></p>
<p>अगस्त में सही मानने वाले- 55 %<br />
अब अक्टूबर में सही मानने वाले- 36 %</p>
<p><strong>जीएसटी का फैसला कैसा रहा ?</strong></p>
<p>अगस्त में सही मानने वाले -38 %<br />
अब अक्टूबर में सही मानने वाले- 24 %</p>
<p><strong>सीएम की पसंद कौन ?</strong></p>
<p>विजय रूपाणी- 18% (-6)<br />
आनंदी बेन पटेल- 7%(+2)<br />
भरत सिंह सोलंकी- 7%(+5)</p>
<p><strong>सर्वे में जब पूछा गया कि क्या बीजेपी को एक और मौका मिलना चाहिए ?</strong><br />
अगस्त- 50% हां<br />
अब अक्टूबर में- 41 % हां</p>
<p><strong>किसानों का वोट किसको ?</strong><br />
अभी कांग्रेस को 50 % (+19) अगस्त में कांग्रेस को 31% किसानों का समर्थन मिल रहा था जो अब 50% हो गया है. अर्थात करीब 19%का फायदा<br />
अभी बीजेपी को 44% (-18)अगस्त में बीजेपी को 62% किसानों का समर्थन मिल रहा था जो अब 44% है. अर्थात करीब 18%का नुकसान</p>
<p><strong>व्यापारियों का वोट किसको ?</strong><br />
कांग्रेस के साथ 39 % (+13) अगस्त में कांग्रेस को 26% व्यापारियों का समर्थन मिल रहा था जो अब 39% हो गया है. अर्थात करीब 13%का फायदा<br />
बीजेपी के साथ 43% (-16) अगस्त में बीजेपी को 59% व्यापारियों का समर्थन मिल रहा था जो अब 43% है. अर्थात करीब 16%का नुकसान<br />
<strong>सबसे बड़ा चुनावी मुद्दा क्या है ?</strong></p>
<p>महंगाई- अगस्त में 13%, अब- 19%<br />
बेरोजगारी- अगस्त में 10%, अब- 11%<br />
जीएसटी, नोटबंदी- अगस्त 1 %, अब 2%</p>
<p><strong>किस उम्र का वोटर किसके साथ ?</strong></p>
<p>18-29 साल- बीजेपी- 44%, कांग्रेस- 42%<br />
30-39 साल- बीजेपी- 49%, कांग्रेस- 43 %<br />
40-59 साल- बीजेपी- 47%, कांग्रेस- 40%<br />
60 साल से ऊपर- बीजेपी- 50%, कांग्रेस-40%</p>
<p><strong>दक्षिण गुजरात के जिले</strong><br />
भरूच, नर्मदा, सूरत, नवसारी, डांग, वलसाड, तापी</p>
<p>दक्षिण गुजरात (35 सीट)<br />
बीजेपी &#8211; 51%(-3) अगस्त में बीजेपी का वोट शेयर 54% था अब 51 % रह गया<br />
कांग्रेस- 33%(+6) अगस्त में कांग्रेस का वोट शेयर 27% था अब 33 % हो गया</p>
<p>पूरे गुजरात की बात करें तो बीजेपी को अगस्त में 59 % अब बीजेपी को अब 47 %. अर्थात करीब 12% का नुकसान.</p>
<p>कांग्रेस को अगस्त में 29 % अब 41 % वोट. अर्थात करीब 12 फीसदी का फायदा</p>
<p><strong>महिलाओं का झुकाव किसकी तरफ ?</strong><br />
बीजेपी- 50%<br />
कांग्रेस-39 %</p>
<p><strong>सौराष्ट्र के जिले</strong><br />
कच्छ, सुरेंद्र नगर, राजकोट, जामनगर, पोरबंदर, जूनागढ़, अमरेली, भावनगर, मोरबी, द्वारका, गिर सोमनाथ, बोटद</p>
<p>सौराष्ट्र- कच्छ (54 सीट)</p>
<p><strong>वोट शेयर</strong><br />
बीजेपी को 42 % (-23) मतलब अगस्त में बीजेपी का वोट शेयर 65% था अब 42 % रह गया<br />
कांग्रेस को 42% (+16) मतलब अगस्त में कांग्रेस का वोट शेयर 26% था अब 42 % हो गया</p>
<p><strong>अपने समुदाय में कौन कितना लोकप्रिय ?</strong></p>
<p>हार्दिक पटेल- पसंद 64% (+3)- नापंसद 30% (+3)<br />
अल्पेश ठाकोर- पसंद 46% (-7) &#8211; नापंसद 34 % (+15)<br />
जिग्नेश मेवाणी- पसंद 37%(+6) &#8211; नापंसद 31% (+10)</p>
<p><strong>क्या हार्दिक ने पटेलों का इस्तेमाल किया ?</strong></p>
<p>कड़वा पटेल- हां 20% (-11) &#8211; नहीं- 70 % (+9)<br />
लेउवा पटेल- हां 30%(-14) &#8211; नहीं- 55% (+9)</p>
<p><strong>उत्तर गुजरात के जिले</strong></p>
<p>अहमदाबाद, गांधीनगर, मेहसाणा, पाटण, साबरकांठा, बनासकांठा, अरवल्ली<br />
उत्तर गुजरात (53 सीट)</p>
<p>बीजेपी को 44 % (-15) अगस्त में बीजेपी का वोट शेयर 59% था अब 44 % रह गया<br />
कांग्रेस को 49 % (+16) अगस्त में कांग्रेस का वोट शेयर 33% था अब 49 % हो गया<br />
<strong>मध्य गुजरात के जिले</strong><br />
पंचमहाल, दाहोद, खेड़ा, आणंद, वडोदरा, महिसागर, छोटा उदयपुर</p>
<p>मध्य गुजरात (40 सीट)</p>
<p>बीजेपी- 54 % (-2) अगस्त में बीजेपी का वोट शेयर 56% था अब 54 % रह गया<br />
कांग्रेस 38% (+8) अगस्त में कांग्रेस का वोट शेयर 30% था अब 38 % हो गया</p>
<p><strong>कैसे हुआ सर्वे?</strong><br />
यह सर्वे 26 अक्टूबर से 1 नवंबर के बीच गुजरात के 50 विधानसभा क्षेत्रों में किया गया है. ओपिनियन पोल में 200 पोलिंग बूथ के 3757 लोगों की राय ली गई है.</p>
<p><strong>सौराष्ट्र के ओपिनियन पोल के मायने</strong></p>
<p>सौराष्ट्र क्षेत्र में पाटीदार सबसे ज्यादा है. पाटीदारों की नाराजगी का फायदा कांग्रेस को मिलता दिख रहा है. 1995 से पाटीदार बीजेपी के वोटबैंक माने जाते थे. आरक्षण ना मिलने से नाराज पाटीदारों को बीजेपी मना नहीं पाई. हार्दिक पटेल के झुकाव से पाटीदार कांग्रेस की तरफ आए.</p>
<p><strong>उत्तर गुजरात के ओपिनियन पोल के मायने</strong></p>
<p>उत्तर गुजरात में ग्रामीण इलाके ज्यादा हैं. ग्रामीण किसान बीजेपी सरकार के काम से खुश नहीं हैं. महंगाई बढ़ने से किसान बीजेपी से नाराज हैं. उत्तर गुजरात के वोटर बदलाव के मूड में हैं. पाटीदारों की नाराजगी का खामियाज यहां भी बीजेपी को भुगतना पड़ सकता है.</p>
<p><strong>मध्य गुजरात के ओपिनियन पोल के मायने</strong></p>
<p>अहमदाबाद, गांधीनगर, वडोदरा जैसे शहर मध्य गुजरात में हैं. शहरी वोटर अब भी बीजेपी के साथ मजबूती से खड़े हैं. मध्य गुजरात में कोली वोटरों का प्रभाव ज्यादा है. नाराज पाटीदारों के विकल्प में बीजेपी कोली वोटरों को साधने में कामयाब होती दिख रही है.</p>
<p><strong>दक्षिण गुजरात के ओपिनियन पोल के मायने</strong></p>
<p>दक्षिण गुजरात आदिवासी बहुल इलाका है. आदिवासी वोटर बीजेपी सरकार के काम से खुश हैं. आदिवासी कांग्रेस का वोटबैंक माने जाते रहे हैं. पारंपरिक वोटबैंक में कांग्रेस की पकड़ कमजोर हुई है. पटेलों, ओबीसी और दलितों पर फोकस से आदिवासी छिटक गए.</h4>
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