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	<title>किसान कल्याण &#8211; Shabd Shakti News</title>
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	<description>Every News Speaks</description>
	<lastBuildDate>Sun, 20 Sep 2020 11:20:42 +0000</lastBuildDate>
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		<title>फुस्स हुआ विपक्ष का विरोध किसानों से जुड़े दो बिल पास</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Praveen Dubey]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 20 Sep 2020 11:20:42 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[देश]]></category>
		<category><![CDATA[किसान कल्याण]]></category>
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					<description><![CDATA[नई दिल्ली: लोकसभा के बाद राज्यसभा में भी विपक्ष के लगातार विरोध के बीच किसानों से जुड़े दो बिल पास कर दिए गए हैं. ये बिल हैं- कृषक उपज व्यापार विधेयक 2020 और कृषि सेवा पर करार विधेयक 2020. बिल पर हंगामे के बीच विपक्षी सांसदों ने सदन के वेल में नारे लगाए गए. राज्यसभा के उप सभापति हरिवंश [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>नई दिल्ली:</strong> लोकसभा के बाद राज्यसभा में भी विपक्ष के लगातार विरोध के बीच किसानों से जुड़े दो बिल पास कर दिए गए हैं. <strong>ये बिल हैं-</strong> कृषक उपज व्यापार विधेयक 2020 और कृषि सेवा पर करार विधेयक 2020. बिल पर हंगामे के बीच विपक्षी सांसदों ने सदन के वेल में नारे लगाए गए. राज्यसभा के उप सभापति हरिवंश ने उन्हें अपनी सीटों पर लौटने के लिए कहा. कृषि बिलों को लेकर सदन में हंगामे के बाद सदन की कार्यवाही कल सुबह 9 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई.</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>नारेबाजी करते विपक्षी दलों के सांसद उपसभापति के आसन तक पहुंच गए. केंद्रीय कृषि कल्याण मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर उस वक्त विपक्ष के सवालों का जबाव दे रहे थे. हंगामे के चलते राज्यसभा की कार्यवाही कुछ देर के लिए बाधित रही. इससे पहले उच्च सदन में केंद्रीय कृषि मंत्री द्वारा चर्चा के लिए लाए गए दो अहम विधेयकों पर विपक्षी दलों के सांसदों ने पुरजोर विरोध करते हुए दोनों विधेयकों को किसानों के हितों के खिलाफ और कॉरपोरेट को फायदा दिलाने की दिशा में उठाया गया कदम करार दिया. दोनों विधेयकों को लोकसभा की मंजूरी मिल चुकी है.</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
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		<item>
		<title>Good news :मध्यप्रदेश बना किसानों को पेंशन देने वाला पहला राज्य</title>
		<link>https://shabdshaktinews.in/good-news-%e0%a4%ae%e0%a4%a7%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%a6%e0%a5%87%e0%a4%b6-%e0%a4%ac%e0%a4%a8%e0%a4%be-%e0%a4%95%e0%a4%bf%e0%a4%b8%e0%a4%be%e0%a4%a8%e0%a5%8b%e0%a4%82/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Praveen Dubey]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 21 Dec 2018 12:39:11 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[प्रमुख खबरें]]></category>
		<category><![CDATA[किसान कल्याण]]></category>
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					<description><![CDATA[भोपाल&#124; मध्य प्रदेश में सत्ता परिवर्तन के साथ नए बदलाव भी देखने को मिल रहे हैं&#124; कर्जमाफी के बाद अब कमलनाथ सरकार किसानों को एक और बड़ी सौगात देने जा रही है&#124; मध्य प्रदेश में किसानों को अब मासिक पेंशन मिलेगी&#124; इसके लिए किसानों की पात्रता तय की गई है&#124; सीएम कमलनाथ ने किसानों की पेंशन [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p style="box-sizing: border-box; margin: 0px 0px 10px; line-height: 35px; text-align: justify; color: #000000; font-family: 'signika negative', sans-serif; font-size: 18px; widows: auto;"><span style="box-sizing: border-box; font-weight: bold;">भोपाल|</span> मध्य प्रदेश में सत्ता परिवर्तन के साथ नए बदलाव भी देखने को मिल रहे हैं| कर्जमाफी के बाद अब कमलनाथ सरकार किसानों को एक और बड़ी सौगात देने जा रही है| मध्य प्रदेश में किसानों को अब मासिक पेंशन मिलेगी| इसके लिए किसानों की पात्रता तय की गई है| सीएम कमलनाथ ने किसानों की पेंशन योजना जल्द शुरू करने के निर्देश दिए हैं. भोपाल में गुरुवार को हुई कृषि विभाग की बैठक में कमलनाथ ने ये निर्देश दिए हैं|</p>
<p style="box-sizing: border-box; margin: 0px 0px 10px; line-height: 35px; text-align: justify; color: #000000; font-family: 'signika negative', sans-serif; font-size: 18px; widows: auto;">दरअसल, चुनाव में कांग्रेस ने अपने वचन पत्र में किसानों के लिए सामजिक सुरक्षा पेंशन योजना शुरू करने का जिक्र किया था| अब जब कांग्रेस सरकार बनाने में सफल हुई है, तो वचन पत्र में किये गए वचन को अमल में लाने की कवायद भी शुरू हो गई है| गुरुवार को हुई कृषि विभाग की बैठक में कमलनाथ ने किसानों की पेंशन योजना जल्द शुरू करने के निर्देश दिए हैं|  सरकार के इस फैसले का लाभ 60 साल से ऊपर की उम्र के किसानों को मिलेगा| उन्हें हर महीने 1 हज़ार रुपए पेंशन दी जाएगी|</p>
<p style="box-sizing: border-box; margin: 0px 0px 10px; line-height: 35px; text-align: justify; color: #000000; font-family: 'signika negative', sans-serif; font-size: 18px; widows: auto;">किसानों के लिए नई सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना शुरू की जा रही है| इसके अंतर्गत एक हजार रूपये मासिक पेंशन दी जायेगी|  जिसमे 60 वर्ष के ऊपर एवं 2.5 एकड़ से कम भूमिधारक तथा अन्य किसी स्त्रोतों से आय न होने वाले किसान पात्र होंगे|  इस योजना से सरकारी खज़ाने पर 1200 करोड़ सालाना का बोझ पड़ेगा| इस योजना का लाभ प्रदेश के दस लाख किसानों को मिलने की संभावना है| योजना के तहत उन्ही को इसका लाभ मिलेगा जो पूरी तरह कृषि पर आधारित हैं| इस तरह की व्यवस्था करने वाला मध्य प्रदेश देश का पहला राज्य होगा|  कृषि विभाग इस योजना को अमलीजामा पहनने में लग गया है, पात्र किसानों की सूची बनाई जा रही है| विभाग आधार से लिंक और कृषि उपज बेचने के लिए सहकारी समितियों और कृषि विभाग के पास पंजीयन कराने वाले किसान का डाटा छांट रहा है|</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>किसानों के हित में केन्द्र सरकार का क्रांतिकारी कदम दो महीने में फसल बीमा राशि के भुगतान की व्यवस्था</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Praveen Dubey]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 27 Nov 2018 17:10:19 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Breaking]]></category>
		<category><![CDATA[देश]]></category>
		<category><![CDATA[किसान कल्याण]]></category>
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					<description><![CDATA[किसानों को स्मार्ट फोन खरीदने में भी मदद मिलेगी बीमा कंपनियों की दादागिरी पर कसी लगाम बीमा राशि के भुगतान में तेजी आयेगी       केन्द्र सरकार ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में किसानों के हित में बड़ा परिवर्तन करते हुए उन्हें देरी से भुगतान की समस्या को समाप्त करने की पहल की है। [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p style="padding-left: 30px;"><strong><span style="color: #ff0000;">किसानों को स्मार्ट फोन खरीदने में भी मदद मिलेगी</span></strong></p>
<p style="padding-left: 30px;"><strong><span style="color: #ff0000;">बीमा कंपनियों की दादागिरी पर कसी लगाम</span></strong></p>
<p style="padding-left: 30px;"><strong><span style="color: #ff0000;">बीमा राशि के भुगतान में तेजी आयेगी</span></strong></p>
<p>      केन्द्र सरकार ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में किसानों के हित में बड़ा परिवर्तन करते हुए उन्हें देरी से भुगतान की समस्या को समाप्त करने की पहल की है।</p>
<p>इस योजना में हुए परिवर्तनों के अनुसार जिन बीमा कंपनियों द्वारा फसल कटाई के दो महीने के अंदर किसानों के फसल बीमा दावों का निराकरण नहीं किया जाता है तो उन्हें स्वत: अनुमोदित और निराकृत मान लिया जायेगा। केन्द्र सरकार ने यह कदम प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना को प्रभावी तरीके से लागू करने के लिये उठाकर किसानों को बड़ी राहत दी है।</p>
<p>योजना में बदलाव के नये नियम के अनुसार 30 नवम्बर के बाद जो किसान फसल बीमा राशि का दावा करेंगे और यदि बीमा कंपनियां दो महने के भीतर दावों का निराकरण नहीं करती हैं तो उन्हें निराकृत मान लिया जायेगा।</p>
<p>सामान्यत: बीमा नीति के अंतर्गत बीमा दावों को बीमा कंपनियों द्वारा अनुमोदित किये जाने की जरूरत होती थी। नये नियम में बीमा कंपनियों को बीमा दावे के सत्यापित करने की जरूरत नहीं पड़ेगी। यदि दो महीने के भीतर वे बीमा के दावे के निराकरण करने की औपचारिकताएं पूरी नहीं करते हैं तो बीमा दावों का निराकरण स्वत: अनुमोदित मान लिया जायेगा।</p>
<p>स्वत: अनुमोदित करने की इस मार्गदर्शी नियम से किसानों को नई उम्मीद बंधी है। इससे किसानों को इस योजना में आ रही परेशानी से निजात मिलेगी और उन्हें भुगतान में विलम्ब नहीं होगा। अभी तक यह होता है कि किसानों को बीमा की दावों की राशि समय पर नहीं मिलती है तो अगली फसल तैयार करने के लिये उनके पास पर्याप्त पैसे नहीं होते।</p>
<p>भारत सरकार ने योजना की केन्द्रीयकृत वेबसाइट यह प्रावधान कर दिया है कि फसल बीमा की राशि दो महीनों के भीतर स्वत: निराकृत हो जायेगी। अब बीमा कंपनियों को किसानों के लिये जागरुकता बढ़ाने के लिये इकट्टा की गई कुल प्रीमियम का 0.5 प्रतिशत खर्च करना पड़ेगा। राज्य सरकार अपने बजट में से दो प्रतिशत किसानों राशि के बीमा कार्यक्रम के लिये उपलब्ध करायेगी। इन परिवर्तनों से बीमा की दावा राशि के निराकरण में तेजी आयेगी। इस दो प्रतिशत की राशि देने से नुकसान और फसल के आंकलन में होने वाले खर्च में मदद मिलेगी। इससे स्मार्ट फोन खरीदने में भी मदद मिलेगी जिसके माध्यम से नुकसान की भरपाई का आंकलन करने में भी उन्हें सहूलियत होगी।</p>
<p>विशेषज्ञों का कहना है कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना जैसी महत्वपूर्ण योजना में बदलाव से किसानों को समय पर भुगतान मिलने में मदद मिलेगी।</p>
<p>इससे पहले सरकार ने बीमा कंपनियों पर किसानों को 12 प्रतिशत ब्याज की दर से भुगतान करने का निर्णय लिया था यदि वे दो महीनों से ज्यादा समय बीमा राशि के भुगतान में लेती हैं। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत राज्यों को भी 12 प्रतिशत की ब्याज दर से भुगतान किया जाना है यदि वे सब्सिडी जारी करने में तीन महीने की ज्यादा का समय लगाते हैं। इस योजना के अंतर्गत किसानों को कुल प्रीमीयम का एक से दो प्रतिशत के बीच भुगतान करना होता है। शेष राशि राज्य और केन्द्र द्वारा बराबर-बराबर दी जाती हैं।</p>
<p>&nbsp;</p>
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