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	<title>गिरे चीनी के दाम &#8211; Shabd Shakti News</title>
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	<description>Every News Speaks</description>
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		<title>सरकार का दावा :जमाखोरी-सट्टेबाजी पर सख्ती चीनी आयात की अनुमति के बाद धड़ाम से गिरे चीनी के दाम</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Praveen Dubey]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 26 Aug 2026 05:31:57 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[देश]]></category>
		<category><![CDATA[प्रमुख खबरें]]></category>
		<category><![CDATA[व्यापार]]></category>
		<category><![CDATA[गिरे चीनी के दाम]]></category>
		<category><![CDATA[सरकार का दावा]]></category>
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					<description><![CDATA[केंद्र सरकार का कहना है सरकार के चीनी आयात की अनुमति देने और जमाखोरी-सट्टेबाजी पर सख्ती के बाद चीनी के एक्स-मिल दाम 18 फीसदी घटकर 55 रुपये प्रति किलो पर आ गए हैं. पिछले हफ्ते यही दाम रिकॉर्ड 67 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गए थे. खाद्य सचिव संजीव चोपड़ा ने कहा कि चीनी के [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>केंद्र सरकार का कहना है सरकार के चीनी आयात की अनुमति देने और जमाखोरी-सट्टेबाजी पर सख्ती के बाद चीनी के एक्स-मिल दाम 18 फीसदी घटकर 55 रुपये प्रति किलो पर आ गए हैं. पिछले हफ्ते यही दाम रिकॉर्ड 67 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गए थे.</p>
<p>खाद्य सचिव संजीव चोपड़ा ने कहा कि चीनी के दाम में हाल की तेजी बाजार की वास्तविक कमी के कारण नहीं थी. सरकार के मुताबिक देश में चीनी का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है.</p>
<p><strong>जमाखोरों और सट्टेबाजों पर नजर</strong></p>
<p>सरकार ने पिछले हफ्ते 10 लाख टन कच्ची चीनी के ड्यूटी-फ्री आयात की अनुमति दी थी. इसके साथ ही थोक खरीदारों के लिए स्टॉक रखने की सीमा घटाई गई और जमाखोरी व सट्टेबाजी पर नजर रखने के लिए राज्यों को जांच तेज करने के निर्देश दिए गए.</p>
<p>खाद्य सचिव के मुताबिक कुछ मिलों की ओर से कीमतें बढ़ाई गई थीं लेकिन अब एक्स-मिल कीमतें तेजी से नीचे आ रही हैं. देशभर में जमाखोरी की जांच के लिए फ्लाइंग स्क्वॉड भी लगाए गए हैं.</p>
<p>नेशनल फेडरेशन ऑफ कोऑपरेटिव शुगर फैक्ट्रीज के मुताबिक फिलहाल किसी भी राज्य में एक्स-मिल चीनी का भाव 55 रुपये किलो से ज्यादा नहीं है और आने वाले दिनों में इसमें और गिरावट की उम्मीद है.</p>
<p><strong>लेकिन घर की रसोई तक राहत कब?</strong></p>
<p>अभी एक्स-मिल कीमतों में गिरावट का पूरा फायदा आम ग्राहक तक नहीं पहुंचा है. 24 अगस्त को देश में चीनी का औसत थोक भाव 58.29 रुपये किलो और खुदरा भाव 63.05 रुपये किलो था यानी मिल स्तर पर चीनी सस्ती होने लगी है लेकिन दुकानों पर इसका असर आने में अभी थोड़ा समय लग सकता है. आम तौर पर एक्स-मिल और खुदरा कीमत के बीच करीब 7-8 रुपये प्रति किलो का अंतर रहता है.</p>
<p>&nbsp;</p>
<p><strong>चीनी की कीमत क्यों बढ़ी थी?</strong></p>
<p>2025-26 मार्केटिंग ईयर में चीनी उत्पादन का अनुमान घटकर करीब 306 लाख टन रह गया है जबकि पहले 343 लाख टन उत्पादन का अनुमान था. देश में सालाना चीनी की मांग करीब 280-285 लाख टन है.</p>
<p>इसके बावजूद सरकार का कहना है कि हालिया तेजी को सिर्फ उत्पादन में कमी से नहीं समझा जा सकता. सरकार ने जमाखोरी और कीमत बढ़ाने की कोशिशों पर कार्रवाई को भी इसकी एक वजह माना है.</p>
<p>मतलब साफ है &#8211; सरकार के आयात और जमाखोरी पर शिकंजा कसने के बाद चीनी के थोक बाजार में कीमतें नीचे आने लगी हैं. अब नजर इस बात पर है कि इसका असर आम आदमी की रसोई तक कब पहुंचता है.</p>
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