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	<title>चन्द्रग्रहण &#8211; Shabd Shakti News</title>
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	<description>Every News Speaks</description>
	<lastBuildDate>Tue, 03 Mar 2026 04:27:48 +0000</lastBuildDate>
	<language>en-US</language>
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		<title>आज 3 बजकर 20 मिनट से शुरू होगा चन्द्रग्रहण,भारत में 15 से 20 मिनट के लिए ही दिखाई देगा, सूतक काल में जरूर करें यह काम</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Praveen Dubey]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 03 Mar 2026 04:26:14 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[प्रमुख खबरें]]></category>
		<category><![CDATA[धर्म कर्म]]></category>
		<category><![CDATA[चन्द्रग्रहण]]></category>
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					<description><![CDATA[आज साल 2026 का पहला चंद्र ग्रहण लग रहा है. हिंदू धर्म में चंद्र ग्रहण को सिर्फ खगोलीय घटना नहीं, बल्कि धार्मिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण माना जाता है. जब पृथ्वी सूर्य और चंद्रमा के बीच आ जाती है और उसकी छाया चंद्रमा पर पड़ती है, तब चंद्र ग्रहण होता है. इस दौरान चंद्रमा का [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>आज साल 2026 का पहला चंद्र ग्रहण लग रहा है. हिंदू धर्म में चंद्र ग्रहण को सिर्फ खगोलीय घटना नहीं, बल्कि धार्मिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण माना जाता है. जब पृथ्वी सूर्य और चंद्रमा के बीच आ जाती है और उसकी छाया चंद्रमा पर पड़ती है, तब चंद्र ग्रहण होता है. इस दौरान चंद्रमा का रंग हल्का लाल या तांबे जैसा दिखाई देता है, इसलिए इसे &#8216;ब्लड मून&#8217; भी कहा जाता है.</p>
<p>पंचांग के अनुसार, यह ग्रहण सिंह राशि और पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र में लग रहा है. भारतीय समय के अनुसार ग्रहण दोपहर 3 बजकर 20 मिनट से शुरू होगा, लेकिन उस समय भारत में चंद्रमा दिखाई नहीं देगा. भारत में चंद्रमा का उदय शाम लगभग 6:26 से 6:32 बजे के बीच होगा और उसी समय ग्रहण का अंतिम चरण चल रहा होगा. ग्रहण करीब 6:46 से 6:47 बजे के बीच समाप्त हो जाएगा. यानी भारत में यह चंद्र ग्रहण केवल 15 से 20 मिनट के लिए ही दिखाई देगा.</p>
<p>धार्मिक मान्यता के अनुसार, चंद्र ग्रहण का प्रभाव सभी राशियों और व्यक्तियों पर पड़ता है. ग्रहण के समय मंत्र जाप और भगवान का स्मरण करना शुभ माना जाता है, जबकि खाना बनाना, भोजन करना और शुभ कार्य शुरू करना वर्जित बताया गया है. ग्रहण से पहले सूतक काल भी लगता है, जिसे अशुभ समय माना जाता है. सूतक काल में विशेष सावधानी बरतने और भगवान का नाम लेने की सलाह दी जाती है.</p>
<p>आइए जानते हैं सूतक काल कब से शुरू होगा, ग्रहण के दौरान क्या करें और क्या न करें और ग्रहण के बाद किन बातों का ध्यान रखना चाहिए.</p>
<h3 class="Lvbg-crd_ttl">चंद्र ग्रहण के समय जरूर करें ये उपाय</h3>
<div class="Lvbg-crd_txt">
<p>ग्रहण के समय भोजन में तुलसी के पत्ते डालने को शुभ माना जाता है. मान्यता है कि ऐसा करने से भोजन शुद्ध रहता है. ऐसे में अगर घर में पका हुआ भोजन है, तो उसमें कुछ तुलसी के पत्ते डालकर ढ़क कर रख दें.</p>
<h3 class="Lvbg-crd_ttl">सूतक काल में ये 5 कार्य करने से बचें</h3>
<div class="Lvbg-crd_txt">
<p>आज यानी 3 मार्च को सुबह 6:23 बजे से सूतक काल शुरू हो चुका है. सूतक काल के दौरान सभी मंगलकारी कार्य वर्जित हो जाते हैं और मंदिरों के कपाट भी बंद कर दिए जाएंगे. इसके अलावा कुछ अन्य काम भी नहीं करने की सलाह दी जाती है. जैसे-</p>
<p>सूतक काल में भोजन बनाना, खाना, पूजा-पाठ, हवन, यज्ञ, नए कार्य की शुरुआत या बड़े निवेश वगैरह करने से बचना चाहिए. इस समय नुकीली वस्तुओं जैसे चाकू, कैंची वगैरह का भी उपयोग नहीं करना चाहिए. ग्रहण के दौरान तेल नहीं लगाना चाहिए. बाल और नाखून काटने से भी बचना चाहिए.</p>
</div>
</div>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>149 वर्ष बाद गुरुपूर्णिमा के सुंदर चांद को लगेगा ग्रहण ,सूतक प्रारंभ</title>
		<link>https://shabdshaktinews.in/149-%e0%a4%b5%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%b7-%e0%a4%ac%e0%a4%be%e0%a4%a6-%e0%a4%97%e0%a5%81%e0%a4%b0%e0%a5%81%e0%a4%aa%e0%a5%82%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%a3%e0%a4%bf%e0%a4%ae%e0%a4%be-%e0%a4%95%e0%a4%be/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Praveen Dubey]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 16 Jul 2019 05:52:54 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[धर्म कर्म]]></category>
		<category><![CDATA[चन्द्रग्रहण]]></category>
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					<description><![CDATA[नई दिल्ली: आज देश भर में गुरु पूर्णिमा का त्यौहार मनाया जा रहा है. लेकिन आज ही के दिन साल का दूसरा चंद्र ग्रहण भी लगने वाला है. आज लगने वाला चंद्र ग्रहण 16 और 17 जुलाई की रात 01.32 मिनट से शुरू होगा और सुबह 04.30 मिनट तक चलेगा. हालांकि इस ग्रहण का सूतक 9 घंटे [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p style="box-sizing: border-box; margin: 0px 0px 10px; color: #212529; font-family: 'Noto Sans', sans-serif; line-height: 23.625px; widows: auto; text-align: justify;"><span style="box-sizing: border-box; font-weight: bolder;">नई दिल्ली:</span> आज देश भर में गुरु पूर्णिमा का त्यौहार मनाया जा रहा है. लेकिन आज ही के दिन साल का दूसरा चंद्र ग्रहण भी लगने वाला है. आज लगने वाला चंद्र ग्रहण 16 और 17 जुलाई की रात 01.32 मिनट से शुरू होगा और सुबह 04.30 मिनट तक चलेगा. हालांकि इस ग्रहण का सूतक 9 घंटे पहले लग जाएगा, जिसकी वजह से दोपहर 9 बजे के बाद गुरु पूजन नहीं किया जा सकता है. ग्रहण का प्रभाव तीन घंटे तक रहेगा, सूतक लगने के कारण चारों धाम के कपाट सुबह तक बंद हो जाएंगे. वाराणसी में गंगा आरती भी शाम के बजाय दोपहर में होगी.</p>
<p style="box-sizing: border-box; margin: 0px 0px 10px; color: #212529; font-family: 'Noto Sans', sans-serif; line-height: 23.625px; widows: auto; text-align: justify;">ये चंद्रगहण आषाढ़ शुक्ल पूर्णिमा को उत्तराषाढ़ा नक्षत्र में ये चंद्र ग्रहण लग रहा है. इस ग्रहण का सभी राशियों पर अलग अलग प्रभाव पड़ेगा. इसका समय तीन घंटे का होगा. भारत के साथ-साथ ये चंद्र ग्रह ऑस्ट्रेलिया, अफ्रीका, एशिया, यूरोप और दक्षिण अमेरिका में भी दिखेगा. ये ग्रहण खंडग्रास चंद्र ग्रहण है. ये ग्रहण कई मायनों में खास है, क्योंकि 149 साल बाद इस प्रकार का चंद्र ग्रहण लग रहा है जो गुरु पूर्णिमा के दिन लगेगा. इससे पहले इस तरह का ग्रहण साल 1870 में लगा था.</p>
<div class="Hindi_Article_Interstitial" style="box-sizing: border-box; color: #212529; font-family: 'Noto Sans', sans-serif; line-height: 23.625px; widows: auto; display: inline;"></div>
<p style="box-sizing: border-box; margin: 0px 0px 10px; color: #212529; font-family: 'Noto Sans', sans-serif; line-height: 23.625px; widows: auto; text-align: justify;"><span style="box-sizing: border-box; font-weight: bolder;">चंद्रग्रहण का देश और दुनिया पर क्या हो सकता है असर?</span></p>
<p style="box-sizing: border-box; margin: 0px 0px 10px; color: #212529; font-family: 'Noto Sans', sans-serif; line-height: 23.625px; widows: auto; text-align: justify;">चंद्र ग्रहण को लेकर अलग-अलग दावे किए जा रहे हैं. लेकिन अधिकतर ज्योतिषियों के अनुसार इस ग्रहण के कारण धरती के कुछ हिस्सों में भूकंप, सुनामी, और तूफान-चक्रवात जैसी घटनाएं हो सकती हैं. ये ग्रहण धनु राशी में होगा, चंद्रमा के साथ केतु और शनि भी रहेंगे. धनु राशी का स्वामी बृहस्पति वक्री है. सूर्य, राहू और अष्ट शुक्र से द्रष्ट चंद्रमा होगा. इन योग के कारण क्रूरता होगी. मंगल नीच का होने से समाज में दुःख और वैमनस्य बढ़ेगा, उत्तर-पूर्व, उत्तर तथा मध्य भारत में परेशानियां होंगी, समाज में क्रोध और वैमनस्य बढ़ेगा, भारत और आस-पास के क्षेत्रों में आपदा आ सकती है, जल संबंधी परेशानियां बढ़ेंगी, पानी के कारण बीमारियां बढ़ेंगी, मानसिक परेशानियां बढ़ेंगी, नई सरकारी नीतियां बनेंगी.</p>
<p>&nbsp;</p>
<p style="box-sizing: border-box; margin: 0px 0px 10px; color: #212529; font-family: 'Noto Sans', sans-serif; line-height: 23.625px; widows: auto; text-align: justify;"><span style="box-sizing: border-box; font-weight: bolder;">चंद्रगहण के दौरान क्या करें और क्या न करें-</span></p>
<p>&nbsp;</p>
<p style="box-sizing: border-box; margin: 0px 0px 10px; color: #212529; font-family: 'Noto Sans', sans-serif; line-height: 23.625px; widows: auto; text-align: justify;">सूतक लगने से पहले गुरु पुर्णिमा की पूजा कर लें.</p>
<p>&nbsp;</p>
<p style="box-sizing: border-box; margin: 0px 0px 10px; color: #212529; font-family: 'Noto Sans', sans-serif; line-height: 23.625px; widows: auto; text-align: justify;">सूतक के दौरान भोजन न करें.</p>
<p>&nbsp;</p>
<p style="box-sizing: border-box; margin: 0px 0px 10px; color: #212529; font-family: 'Noto Sans', sans-serif; line-height: 23.625px; widows: auto; text-align: justify;">सूतक के शुरू होने से लेकर ग्रहण के अंतिम समय तक साधना करें.</p>
<p>&nbsp;</p>
<p style="box-sizing: border-box; margin: 0px 0px 10px; color: #212529; font-family: 'Noto Sans', sans-serif; line-height: 23.625px; widows: auto; text-align: justify;">ये समय पूजा पाठ और धार्मिक कार्यों के लिहाज से श्रेष्ठ है.</p>
<p>&nbsp;</p>
<p style="box-sizing: border-box; margin: 0px 0px 10px; color: #212529; font-family: 'Noto Sans', sans-serif; line-height: 23.625px; widows: auto; text-align: justify;">ये आत्मविश्वास प्राप्ति के लिए सबसे सही वक्त होता है.</p>
<p>&nbsp;</p>
<p style="box-sizing: border-box; margin: 0px 0px 10px; color: #212529; font-family: 'Noto Sans', sans-serif; line-height: 23.625px; widows: auto; text-align: justify;">ग्रहण के खुली आंखों से नहीं देखें, ये नुकसान दायक हो सकता है.</p>
<p>&nbsp;</p>
<p style="box-sizing: border-box; margin: 0px 0px 10px; color: #212529; font-family: 'Noto Sans', sans-serif; line-height: 23.625px; widows: auto; text-align: justify;">ग्रहण के वक्त ईश्वर की पूजा करें और मंत्रों का जाप करें.</p>
<p>&nbsp;</p>
<p style="box-sizing: border-box; margin: 0px 0px 10px; color: #212529; font-family: 'Noto Sans', sans-serif; line-height: 23.625px; widows: auto; text-align: justify;">
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>दिल थामकर तैयार हो जाएं चन्द्रमा पर दिखाई देने वाला है सुपर ब्लड वुल्फ मून का अदभुत नजारा</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Praveen Dubey]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 04 Jan 2019 08:40:08 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[प्रमुख खबरें]]></category>
		<category><![CDATA[चन्द्रग्रहण]]></category>
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					<description><![CDATA[2019 का पहला चंद्रगहण 20 आैर 21 जनवरी की मध्यरात्रि को दिखाई देगा। ये चंद्रगहण सुपर ब्लड वुल्फ मून के नाम से जाना बुलाया जा रहा है। चंद्रमा जब धरती की छाया से होकर जाता है तो सुपरमून या लाल तांबे के रंग जैसा नजर आता है। हर पूर्णिमा का एक खास नाम होता है, [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p style="padding: 0px; margin: 0px 0px 10px; outline: 0px; font-size: 18px; color: #404040; line-height: 30px; font-family: 'Ek Mukta', Arial, sans-serif; text-align: justify; widows: auto;">2019 का पहला चंद्रगहण 20 आैर 21 जनवरी की मध्यरात्रि को दिखाई देगा। ये चंद्रगहण सुपर ब्लड वुल्फ मून के नाम से जाना बुलाया जा रहा है। चंद्रमा जब धरती की छाया से होकर जाता है तो सुपरमून या लाल तांबे के रंग जैसा नजर आता है। हर पूर्णिमा का एक खास नाम होता है, 2019 के पहले महीने में इस पहले चंद्रगहण का नाम भी अपने में खास है। ये 20 जनवरी की शाम सुपर ब्लड वुल्फ मून 8 बजकर 6 मिनट पर शुरू होगा और 21 जनवरी को 1 बजकर 18 मिनट पर पूरा हो जायेगा।</p>
<p style="padding: 0px; margin: 0px 0px 10px; outline: 0px; font-size: 18px; color: #404040; line-height: 30px; font-family: 'Ek Mukta', Arial, sans-serif; text-align: justify; widows: auto;"><strong style="padding: 0px; margin: 0px; outline: 0px;">कुछ जनजातियों ने दिया ये नाम</strong></p>
<p style="padding: 0px; margin: 0px 0px 10px; outline: 0px; font-size: 18px; color: #404040; line-height: 30px; font-family: 'Ek Mukta', Arial, sans-serif; text-align: justify; widows: auto;">सुपर ब्लड वुल्फ मून खुली आंखों से देखा जा सकता है। एेसा कहा जा रहा है कि इस ग्रहण को ये अनोखा नाम नेटिव अमेरिकी जनजातियों ने दिया है। उनके अनुसार पूर्णिमा की रात को भोजन की तलाश में निकलने वाले भेड़िये तांबे के रंग के लाल चांद को देख कर जोर-जोर से चिल्लाते हैं। इसी के चलते इस चंद्र ग्रहण को वुल्फ मून नाम दिया गया। यही बाद में सुपर ब्लड वुल्फ मून कहलाने लगा। एेसा भी कहा जा रहा है कि ग्रहण एक से ज्यादा खगोलीय घटनाओं के संयोग से बना है आैर 21 जनवरी की रात को इसके कारण कर्इ अनोखे नजारे आसमान में दिखेंगे। हालांकि यह ग्रहण भारत में नहीं दिखाई देगा।</p>
<p id="rel1" style="padding: 0px; margin: 0px 0px 10px; outline: 0px; font-size: 18px; color: #404040; line-height: 30px; font-family: 'Ek Mukta', Arial, sans-serif; text-align: justify; widows: auto;">
<p style="padding: 0px; margin: 0px 0px 10px; outline: 0px; font-size: 18px; color: #404040; line-height: 30px; font-family: 'Ek Mukta', Arial, sans-serif; text-align: justify; widows: auto;"><strong style="padding: 0px; margin: 0px; outline: 0px;">तीन साल करना होगा इंतजार </strong><br style="padding: 0px; margin: 0px; outline: 0px;" />इस नजारे को अमेरिका के कुछ हिस्सों आैर पश्चिमी अफ्रीका में सबसे ज्यादा स्पष्ट रूप से देखा जा सकेगा।  खास बात ये है कि इसके बाद करीब तीन साल के इंतजार के बाद कोर्इ पूर्ण चंद्र ग्रहण पड़ेगा। यानि 21 जनवरी के बाद अगला पूर्ण चंद्र ग्रहण 26 मर्इ 2021 को पड़ेगा। इसलिए जिन को भी मौका मिल रहा है वो इस खूबसूरत नजारे को अपनी यादों में कैद कर लें। इससे पहले पूर्ण चंद्र ग्रहण पिछले साल 27 जुलार्इ को पड़ा था।</p>
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