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	<title>चीन &#8211; Shabd Shakti News</title>
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	<description>Every News Speaks</description>
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		<title>भारत और चीन के सैनिकों के बीच  झड़प की खबर</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Praveen Dubey]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 12 Sep 2019 06:18:00 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[देश]]></category>
		<category><![CDATA[विदेश]]></category>
		<category><![CDATA[चीन]]></category>
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					<description><![CDATA[नई दिल्ली: भारत और चीन के सैनिकों के बीच एक बार फिर झड़प की खबर सामने आई है. जानकारी के मुताबिक लद्दाख में पेंगोंग झील के पास भारतीय और चीनी सैनिकों में पेट्रोलिंग को लेकर कल टकराव हुआ. दोनों के भी धक्कामुक्की भी हुई जिसके चलते &#8216;फेसऑफ&#8217; की स्थिति बन गई. देर शाम दोनों देशों के [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><span style="box-sizing: border-box; font-weight: bolder; color: #212529; font-family: 'Noto Sans', sans-serif; line-height: 23.625px; text-align: justify; widows: auto;">नई दिल्ली:</span><span style="color: #212529; font-family: 'Noto Sans', sans-serif; line-height: 23.625px; text-align: justify; widows: auto;"> भारत और चीन के सैनिकों के बीच एक बार फिर झड़प की खबर सामने आई है. जानकारी के मुताबिक लद्दाख में पेंगोंग झील के पास भारतीय और चीनी सैनिकों में पेट्रोलिंग को लेकर कल टकराव हुआ. दोनों के भी धक्कामुक्की भी हुई जिसके चलते &#8216;फेसऑफ&#8217; की स्थिति बन गई. देर शाम दोनों देशों के ब्रिगेडियर स्तर की बातचीत के बाद मामला सुलझा. जानकारी के मुताबिक घटना के बाद दोनों पक्षों ने अपने अपने इलाके में सैनिकों की संख्या बढ़ा दी.</span></p>
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		<title>राष्ट्रपति कोविद की अरुणाचल यात्रा पर चीन की आपत्ति</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Praveen Dubey]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 20 Nov 2017 17:50:57 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[विदेश]]></category>
		<category><![CDATA[चीन]]></category>
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					<description><![CDATA[राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की रविवार को की गई अरुणाचल प्रदेश यात्रा पर चीन ने कड़ी आपत्ति व्यक्त की है। चीन का कहना है कि भारत को सीमा मुद्दे को जटिल बनाने से बचना चाहिए, खास तौर पर तब जबकि दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंध नाजुक दौर से गुजर रहे हैं। चीन की आपत्ति को खारिज [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की रविवार को की गई अरुणाचल प्रदेश यात्रा पर चीन ने कड़ी आपत्ति व्यक्त की है। चीन का कहना है कि भारत को सीमा मुद्दे को जटिल बनाने से बचना चाहिए, खास तौर पर तब जबकि दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंध नाजुक दौर से गुजर रहे हैं।</p>
<p>चीन की आपत्ति को खारिज करते हुए भारत ने फिर कहा है कि अरुणाचल प्रदेश भारत का अभिन्न हिस्सा है और भारतीय नेता इस राज्य की यात्रा करने के लिए उतने ही स्वतंत्र हैं जितने देश के किसी और हिस्से में जाने के लिए।</p>
<p>चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता लू कैंग ने सोमवार को मीडिया से बातचीत में कहा, &#8216;चीन सरकार तथाकथित अरुणाचल प्रदेश को स्वीकार नहीं करती। सीमा मसले पर हमारी स्थिति पहले जैसी और स्पष्ट है।&#8217; लू का कहना है कि दोनों देश वार्ता और विचार-विमर्श के जरिये मसले को सुलझाने की प्रक्रिया में हैं ताकि इसका निष्पक्ष और तार्किक समाधान निकाला जा सके जो सभी को स्वीकार्य हो।</p>
<p>बता दें कि किसी भी भारतीय उच्चाधिकारी के अरुणाचल प्रदेश दौरे पर चीन हमेशा ही आपत्ति व्यक्त करता है। उसने छह नवंबर को रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण के अरुणाचल प्रदेश के सीमावर्ती इलाकों के दौरे पर भी आपत्ति व्यक्त की थ</p>
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		<title>चीन में ईसाइयों से ईसा मसीह की फोटो हटाने को कहा गया</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Praveen Dubey]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 15 Nov 2017 11:53:24 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[विदेश]]></category>
		<category><![CDATA[चीन]]></category>
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					<description><![CDATA[चीन में पहले मुस्लिम सामग्री हटाने और फिर हिंदू प्रार्थना पर प्रतिबंध के बाद अब एक नया फरमान सामने आया है। खबर है कि दक्षिण-पूर्व चीन में ईसाई धर्म के लोगों को कथित रूप से कहा गया है कि अगर वे गरीबी से निजात के लिए सरकारी लाभ पाना चाहते हैं तो जीसस क्राइस्‍ट की [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>चीन में पहले मुस्लिम सामग्री हटाने और फिर हिंदू प्रार्थना पर प्रतिबंध के बाद अब एक नया फरमान सामने आया है। खबर है कि दक्षिण-पूर्व चीन में ईसाई धर्म के लोगों को कथित रूप से कहा गया है कि अगर वे गरीबी से निजात के लिए सरकारी लाभ पाना चाहते हैं तो जीसस क्राइस्‍ट की तस्‍वीरें हटा लें और उनकी जगह राष्‍ट्रपति शी चिनफिंग की तस्‍वीरें लगा लें। चीन में उन्‍हें जीसस क्राइस्‍ट से भी बड़ा बता कर खुदा बनाने की कवायद की जा रही है।</p>
<p>युगान काउंटी में हजारों ईसाइयों से स्‍थानीय अधिकारियों ने कहा है कि जीसस क्राइस्‍ट नहीं उनकी गरीबी या बीमारियां दूर करेंगे, बल्कि चीन की कम्‍युनिस्‍ट पार्टी यह करेगी। इसलिए उन्‍हें जीसस क्राइस्‍ट की तस्‍वीरें निकाल देनी चाहिए और राष्‍ट्रपति चिनफिंग की अच्‍छी सी तस्‍वीर लगा लेनी चाहिए। साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्‍ट के अनुसार, चीन की सबसे बड़ी झील पोयांग के किनारे स्थित यह काउंटी अपनी गरीबी के साथ बड़ी संख्‍या में बसे ईसाई समुदाय के लिए जानी जाती है। इसकी 10 लाख आबादी की 11 फीसदी गरीबी रेखा के नीचे जीवन जीने को मजबूर है। जबकि इनमें करीब 10 फीसदी ईसाई हैं।</p>
<p>वाशिंगटन पोस्‍ट के अनुसार, युगान काउंटी में एक सोशल मीडिया अकाउंट के हवाले से पता चला है कि ग्रामीणों ने &#8216;स्‍वेच्‍छापूर्वक&#8217; ईसाई धर्म से जुड़े 624 तस्‍वीरें हटा ली हैं और उनकी जगह राष्‍ट्रपति चिनफिंग की तस्‍वीरें लगा दी हैं। हालांकि अभी भी बेहद छोटे स्‍तर पर यह बदलाव हुआ है।  गौरतलब है कि हाल ही में चीन की सत्‍तारू़ढ़ कम्‍युनिस्‍ट पार्टी के राष्‍ट्रीय सम्‍मेलन के बाद राष्‍ट्रपति शी चिनफिंग पहले से कहीं और ज्‍यादा ताकतवर नेता के रूप में स्‍थापित हो गए हैं और उनका दर्जा बढ़ाकर पार्टी के संस्थापक माओ और उनके उत्तराधिकारी डेंग शियाओपिंग के बराबर कर गया दिया है।</p>
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