<?xml version="1.0" encoding="UTF-8"?><rss version="2.0"
	xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
	xmlns:wfw="http://wellformedweb.org/CommentAPI/"
	xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
	xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom"
	xmlns:sy="http://purl.org/rss/1.0/modules/syndication/"
	xmlns:slash="http://purl.org/rss/1.0/modules/slash/"
	>

<channel>
	<title>चुनाव परिणाम &#8211; Shabd Shakti News</title>
	<atom:link href="https://shabdshaktinews.in/tag/%e0%a4%9a%e0%a5%81%e0%a4%a8%e0%a4%be%e0%a4%b5-%e0%a4%aa%e0%a4%b0%e0%a4%bf%e0%a4%a3%e0%a4%be%e0%a4%ae/feed/" rel="self" type="application/rss+xml" />
	<link>https://shabdshaktinews.in</link>
	<description>Every News Speaks</description>
	<lastBuildDate>Wed, 12 Dec 2018 04:57:32 +0000</lastBuildDate>
	<language>en-US</language>
	<sy:updatePeriod>
	hourly	</sy:updatePeriod>
	<sy:updateFrequency>
	1	</sy:updateFrequency>
	<generator>https://wordpress.org/?v=6.8.2</generator>
	<item>
		<title>भोपाल में जोरदार राजनीतिक गहमा गहमी किसी को भी बहुमत नहीं कांग्रेस का चार निर्दलियों के समर्थन का दावा</title>
		<link>https://shabdshaktinews.in/%e0%a4%ad%e0%a5%8b%e0%a4%aa%e0%a4%be%e0%a4%b2-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%9c%e0%a5%8b%e0%a4%b0%e0%a4%a6%e0%a4%be%e0%a4%b0-%e0%a4%97%e0%a4%b9%e0%a4%ae%e0%a4%be-%e0%a4%97%e0%a4%b9%e0%a4%ae/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Praveen Dubey]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 12 Dec 2018 04:56:42 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Breaking]]></category>
		<category><![CDATA[चुनाव परिणाम]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://shabdshaktinews.in/?p=8710</guid>

					<description><![CDATA[k Bhaskar &#124; Dec 11, 2018, 07:28 PM IST मध्यप्रदेश की 230 विधानसभा सीटों के नतीजों में शुरुआत से भाजपा-कांग्रेस के बीच कड़ी टक्कर रही।महत्वपूर्ण बात यह है कि किसी को भी स्पष्ट बहुमत नहीं मिला है   कांग्रेस को 114, भाजपा को 109 सीटें मिलीं हैं। 11 दिसंबर को पूरी रात के बाद आज [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<div class="db_storytime" style="margin: 0px; padding: 10px 20px 2px; box-sizing: border-box; font-stretch: normal; font-size: 14px; line-height: 18px; font-family: Calibri; color: #acacac; widows: auto;">k Bhaskar | Dec 11, 2018, 07:28 PM IST</div>
<p><span style="color: #666666; font-family: Arial, Helvetica, sans-serif; font-size: 18px; line-height: 30px; widows: auto;">मध्यप्रदेश की 230 विधानसभा सीटों के नतीजों में शुरुआत से भाजपा-कांग्रेस के बीच कड़ी टक्कर रही।महत्वपूर्ण बात यह है कि किसी को भी स्पष्ट बहुमत नहीं मिला है   कांग्रेस को 114, भाजपा को 109 सीटें मिलीं हैं। 11 दिसंबर को पूरी रात के बाद आज सुबह से ही भोपाल में जोरदार गहमा गहमी दिखाई दे रही है। कांग्रेस का दावा है कि उसे चार निर्दलीय विधायकों का समर्थन प्राप्त है कमलनाथ ने ऐसी आधार पर सरकार बनाने का दावा राज्यपाल को प्रस्तुत किया है उसने शाम4 बजे विधायक मण्डल की बैठक भी आहूत की है। उदर भाजपा में भी हलचल है यहां शिवराज के साथ तमाम बड़े नेता चर्चा कर रहे हैं। निर्दलियों सहित बसपा प्रमुख मायावती से बातचीत की खबर है। उधर मायावती द्वारा कुछ देर बाद प्रेसवार्ता की सूचना भी है । मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान बुधनी सीट से जीते। वहीं, भाजपा को मालवा-निमाड़, विंध्य, महाकौशल में नुकसान उठाना पड़ा। इस बार 75% मतदान हुआ था</span></p>
<div class="amp-hidden" style="margin: 0px; padding: 0px; box-sizing: border-box; z-index: 1; visibility: hidden; position: absolute !important; top: 0px !important; left: 0px !important; right: 0px !important; bottom: 0px !important;">
<div class="i-amphtml-ad-default-holder" style="margin: 0px; padding: 0px; box-sizing: border-box; position: absolute; left: 0px; right: 0px; top: 0px; bottom: 0px; display: flex; -webkit-box-align: center; align-items: center; -webkit-box-pack: center; justify-content: center; background-color: rgba(200, 200, 200, 0.0470588);" data-ad-holder-text="Ad"></div>
</div>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>यही रात अंतिम यही रात भारी</title>
		<link>https://shabdshaktinews.in/%e0%a4%af%e0%a4%b9%e0%a5%80-%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%a4-%e0%a4%85%e0%a4%82%e0%a4%a4%e0%a4%bf%e0%a4%ae-%e0%a4%af%e0%a4%b9%e0%a5%80-%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%a4-%e0%a4%ad%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a5%80/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Praveen Dubey]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 10 Dec 2018 16:09:07 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Breaking]]></category>
		<category><![CDATA[चुनाव परिणाम]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://shabdshaktinews.in/?p=8688</guid>

					<description><![CDATA[प्रवीण दुबे &#160; यही रात अंतिम यही रात भारी बस एक रात की है कहानी ये सारी लोकतंत्र में चुनाव किसी रणांगन से कम नहीं होते और इस राजनीतिक समर में फैसले से पूर्व की अंतिम रात्रि को कालरात्रि की संज्ञा दी जाए तो अतिश्योक्ति नहीं कही जाना चाहिए। आखिर वह घड़ी आ ही गई [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p style="padding-left: 120px;"><strong><span style="color: #0000ff;">प्रवीण दुबे</span></strong></p>
<p>&nbsp;</p>
<p style="padding-left: 60px;"><strong><span style="color: #ff0000;">यही रात अंतिम यही रात भारी</span></strong></p>
<p style="padding-left: 60px;"><strong><span style="color: #ff0000;">बस एक रात की है कहानी ये सारी</span></strong></p>
<p><strong><span style="color: #000000;">लोकतंत्र में चुनाव किसी रणांगन से कम नहीं होते और इस राजनीतिक समर में फैसले से पूर्व की अंतिम रात्रि को कालरात्रि की संज्ञा दी जाए तो अतिश्योक्ति नहीं कही जाना चाहिए। आखिर वह घड़ी आ ही गई चन्द घण्टों बाद समय यह तय कर देगा कि लोकतंत्र के समर का विजयी मुकुट किसके सिर सजने वाला है, मध्यप्रदेश में कमल फिर खिलेगा या कमलनाथ सत्ता के सिंहासन को सुशोभित करेंगे।</span></strong></p>
<p><strong><span style="color: #000000;">निःसन्देह आज की रात्रि प्रदेश में 15 वर्षों से सत्ता की बागडोर सम्हालने वाले शिवराज के लिए बेहद बेचैनी भरी होगी , ऐसा नहीं कि शिवराज के सामने इस तरह की घड़ी पहली बार आई है वे फैसले की घड़ी से पूर्व की रात्रि  का अपने जीवन में एक नहीं दो नहीं तीन बार  सामना कर चुके हैं लेकिन इसबार की यह रात्रि  अलग हटकर नजर आ रही है निःसंदेह यह उनके लिए कड़ी अग्निपरीक्षा से कम नहीं शायद यही वजह है कि   फैसले की घड़ी से पूर्व आज की रात्रि के बचे चन्द घण्टों की घड़ियां उन्हें किसी साल से कम नजर नहीं आ रही होंगी। यही हाल उनकी सेना के अन्य योद्धाओं  का भी होगा। उनके सामने खतरे की घण्टी बजाते एग्जिट पोल हैं तो दूसरी ओर लगातार 15 वर्षों तक सत्ता में रहने के बाद परिवर्तन का भय उन्हें सता रहा होगा ऐसे समय बड़े से बड़े योद्धा को भी खुद को संतुलित रख पाना बेहद कठिन कहा जा सकता है।</span></strong></p>
<p><strong><span style="color: #000000;"> इस चुनावी समर के दूसरे योद्धा की बात की जाए तो उसके लिए भी परिणाम के पूर्व की यह रात्रि बेहद परेशान और अधीर करने वाली कही जा सकती है। 15 वर्ष के वनवास के बाद आशा की किरण मन को प्रफुल्लित कर रही है तो दूसरी ओर मध्यप्रदेश में जनता के बीच लगातार घटता जनाधार , 15 वर्ष पूर्व सत्ता पर काबिज रहने के दौरान खराब इतिहास , गुटबाजी और अपने शीर्ष नेतृत्व की पप्पू छाप छवि , भ्र्ष्टाचार व एक परिवार का पार्टी पर लगातार आधिपत्य के दुष्प्रभाव अनहोनी तथा परिणामों की पुरानी कहानी को दोहराने का भय निश्चित ही सता रहा होगा। ऐसे समय अंतिम रात्रि में धैर्य रखना उनके लिए भी किसी कड़ी परीक्षा से कम नहीं होगा।</span></strong></p>
<p>&nbsp;</p>
<p><strong><span style="color: #000000;">लोकतंत्र में प्रतिद्वंद्वीओं की बात हो और जनता का ज़िक्र न हो तो कुछ अधूरा सा लगता है। लोकतंत्र में जनता को जनार्दन की संज्ञा दी जाती है। क्योंकि सिंहासन का ताज किसके सिर बंधेगा यह जनता ही तय करती है। यूं तो जनता ने 28 नवम्बर को ही वोट की चोट से इसका निर्णय कर दिया लेकिन फैसला आने की अंतिम रात्रि उसे भी परेशान किये हुए है , जनता जनार्दन में से बदलाव की मानसिकता विजयी होगी या फिर 15 वर्षों के कामकाज की सराहना करने वालों को सफलता मिलेगी यह अंतर्द्वंद आज की रात्रि पूरे चरम पर रहेगा। तो आइए भारतीय लोकतंत्र की खूबसूरती का सांस रोककर साहस के साथ मजा लीजिए पर जरा सम्भलकर क्योंकि यह फैसला आने के पूर्व की अंतिम रात्रि है।</span></strong></p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
	</channel>
</rss>
