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	<title>चुनाव सहिंता &#8211; Shabd Shakti News</title>
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	<description>Every News Speaks</description>
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		<title>जरा सम्भलकर ! अब पावर में है चुनाव आयोग</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Praveen Dubey]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 06 Oct 2018 14:02:07 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Breaking]]></category>
		<category><![CDATA[चुनाव सहिंता]]></category>
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					<description><![CDATA[जैसे ही चुनाव आयोग ने मध्यप्रदेश में मतदान और उससे जुड़ी तारीखों की घोषणा की आदर्श चुनाव आचरण संहिता प्रभावशील हो गई है। साफ है चुनाव परिणाम घोषित होने तक कलेक्टर जिले के मुख्य निर्वाचन अधिकारी की भूमिका में भी आ जाते है इसके साथ ही तमाम महत्वपूर्ण निर्णय चुनाव आयोग के निर्देश पर लिए [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>जैसे ही चुनाव आयोग ने मध्यप्रदेश में मतदान और उससे जुड़ी तारीखों की घोषणा की आदर्श चुनाव आचरण संहिता प्रभावशील हो गई है। साफ है चुनाव परिणाम घोषित होने तक कलेक्टर जिले के मुख्य निर्वाचन अधिकारी की भूमिका में भी आ जाते है इसके साथ ही तमाम महत्वपूर्ण निर्णय चुनाव आयोग के निर्देश पर लिए जाते हैं इस प्रकार चुनाव आचरण संहिता  का पालन किया जाता है।</p>
<p>&nbsp;</p>
<blockquote><p><strong><span style="color: #ff6600;">अब चुनाव आयोग पावर में</span></strong></p></blockquote>
<p>इसके लागू होते ही राज्य सरकार और प्रशासन पर कई बंदिश लग जाती हैं। यानि चुनाव खत्म होने तक राज्य के सरकारी कर्मचारी चुनाव आयोग के कर्मचारी बन जाते हैं और उसके दिशा-निर्देशों पर काम करने लगते हैं। चुनाव आयोग ही पावर में होता है। इस दौरान राजनीतिक पार्टी या प्रत्याशी पर निजी हमले नहीं किए जा सकते हैं, लेकिन उनकी नीतियों की आलोचना हो सकती है। वोट पाने के लिए किसी भी स्थिति में जाति या धर्म आधारित अपील नहीं की जा सकती। मस्जिद, चर्च, मंदिर या दूसरे धार्मिक स्थल का इस्तेमाल चुनाव प्रचार के मंच के तौर पर नहीं किया जा सकता है। वोटरों को रिश्वत देकर, या डरा धमकाकर वोट नहीं मांग सकते। वोटिंग के दिन मतदान केंद्र के 100 मीटर के दायरे में वोटर की कन्वैसिंग करने की मनाही होती है। मतदान के 48 घंटे पहले पब्लिक मीटिंग करने की मनाही होती है। मतदान केंद्र पर वोटरों को लाने के लिए गाड़ी मुहैया नहीं करा सकते।</p>
<p><b>जुलूस संबंधी नियम</b></p>
<p>राजनीतिक पार्टी या प्रत्याशी जुलूस निकाल सकते हैं। लेकिन इसके लिए उन्हें इजाजत लेनी होगी। जुलूस के लिए समय और रूट की जानकारी पुलिस को देनी होगी, अगर एक ही समय पर एक ही रास्ते पर 2 पार्टियों का जुलूस निकलना है तो इसके लिए पुलिस को पहले से इजाजत मांगनी होगी ताकि किसी तरह से दोनों जुलूस आपस में न टकराएं और न ही कोई गड़बड़ी हो किसी भी स्थिति में किसी के पुतला जलाने की इजाजत नहीं होगी।</p>
<p><b>सरकार पर बंदिशें </b></p>
<p>चुनाव के दौरान सबसे ज्यादा नजर मौजूदा सरकार पर होती है, चाहे केंद्र सरकार हो या राज्य सरकारें, सभी सरकारें चुनाव आचार संहिता के दायरे में आएंगी। किसी भी स्थिति में सरकारी दौरे को चुनाव के लिए इस्तेमाल नहीं किया जा सकता है। सरकारी मशीनरी का इस्तेमाल चुनावों के लिए नहीं होना चाहिए। सरकारी गाड़ी या एयर क्राफ्ट का इस्तेमाल नहीं कर सकते। सरकारी बंगले का इस्तेमाल चुनाव मुहिम के दौरान नहीं किया जा सकता। प्रचार के लिए सरकारी पैसे का इस्तेमाल नहीं हो सकता। सरकार मंत्री या अधिकारी चुनाव के ऐलान के बाद अपने मंजूर किए गए धन या अनुदान के अलावा अपने विवेक से कोई नया आदेश नहीं दे सकते यानी सीधे शब्दों में कहें कोई नई योजना शुरू नहीं कर सकते।</p>
<p><b>यह नियम होंगे लागू </b></p>
<p>-आचार संहिता लागू होने के बाद प्रदेश में किसी नई योजना की घोषणा नहीं हो सकती। हालांकि कुछ मामलों में चुनाव आयोग से अनुमति लेने के बाद ऐसा हो सकता है। मुख्यमंत्री या मंत्री अब न शिलान्यास करेंगे न लोकार्पण या भूमिपूजन। सरकारी खर्च से ऐसा आयोजन नहीं होगा, जिससे किसी भी दल विशेष को लाभ पहुंचता हो। राजनीतिक दलों के आचरण और क्रियाकलापों पर नजर रखने के लिए चुनाव आयोग पर्यवेक्षक नियुक्त करता है।</p>
<p>-प्रत्याशी या राजनीतिक दल रैली, जुलूस या फिर मीटिंग के लिए इजाज़त लेनी होगी। अगर इलाके में कोई पाबंदी लगी हुई है तो उसके लिए अलग से इजाज़त मिलने के बाद ही कोई आयोजन किया जा सकेगा।</p>
<p>-लाउड स्पीकर के इस्तेमाल के नियमों का भी पालन करना अनिवार्य होगा।</p>
<p>-पार्टी या प्रत्याशी किसी समुदाय के बीच तनाव बढ़ाने का काम  नहीं करेगा। वोट हासिल करने के लिए किसी भी स्थिति में जाति या धर्म का सहारा नहीं लिया जा सकता।</p>
<p>-धार्मिक स्थलों का इस्तेमाल चुनाव के दौरान नहीं किया जाएगा।</p>
<p>-मतदाताओं को किसी भी तरह से रिश्वत नहीं दी जा सकती। रिश्वत के बल पर वोट हासिल नहीं किए जा सकते।</p>
<p>-किसी भी व्यक्ति के घर, ज़मीन, जायदाद का इस्तेमाल बिना इजाज़त चुनाव के लिए नहीं किया जाएगा।</p>
<p>-नीतियों की आलोचना ज़रूर हो सकती है लेकिन किसी भी प्रत्याशी या पार्टी पर निजी हमले नहीं किए जा सकते।</p>
<p>-पार्टियां सुनिश्चित करें कि उनके प्रत्याशी या कार्यकर्ता दूसरे लोगों की रैलियों या बैठकों में किसी तरह की कोई बाधा न पहुंचाएं।</p>
<p>-वोटिंग के दिन मतदान केंद्र से 100 मीटर के दायरे में प्रचार नहीं किया जा सकता। मतदान के 48 घंटे पहले पब्लिक मीटिंग करने की मनाही है। मतदान केंद्रों पर -वोटरों को लाने के लिए गाड़ी मुहैया नहीं करवा सकते।</p>
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