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	<title>चुनाव &#8211; Shabd Shakti News</title>
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	<description>Every News Speaks</description>
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		<title>बहानेबाज कर्मचारियों को अब अनफिट कर उन्हें अनिवार्य सेवा निवृत्ति देने की तैयारी</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Praveen Dubey]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 12 Mar 2019 15:19:06 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[प्रमुख खबरें]]></category>
		<category><![CDATA[चुनाव]]></category>
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					<description><![CDATA[चुनाव डयूटी से बहाने बनाकर बचने वालों को अब जिला प्रशासन अनफिट कर उन्हें अनिवार्य सेवा निवृत्ति देने जा रहा है। जिला प्रशासन की इस कार्रवाई से अब वह कर्मचारी और अधिकारी इतने डर गये हैं कि कर्मचारियों द्वारा किये गये अपने आवेदन वापस लेने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है।चुनाव डयूटी से भागने [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><a href="https://shabdshaktinews.in/wp-content/uploads/2019/03/IMG-20190312-WA0147.jpg"><img fetchpriority="high" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-10551" src="https://shabdshaktinews.in/wp-content/uploads/2019/03/IMG-20190312-WA0147.jpg" alt="" width="309" height="448" srcset="https://shabdshaktinews.in/wp-content/uploads/2019/03/IMG-20190312-WA0147.jpg 309w, https://shabdshaktinews.in/wp-content/uploads/2019/03/IMG-20190312-WA0147-207x300.jpg 207w" sizes="(max-width: 309px) 100vw, 309px" /></a></p>
<p><span style="color: #303030; font-family: Roboto, sans-serif; font-size: 15px; widows: auto; background-color: #fdfdfd;">चुनाव डयूटी से बहाने बनाकर बचने वालों को अब जिला प्रशासन अनफिट कर उन्हें अनिवार्य सेवा निवृत्ति देने जा रहा है। जिला प्रशासन की इस कार्रवाई से अब वह कर्मचारी और अधिकारी इतने डर गये हैं कि कर्मचारियों द्वारा किये गये अपने आवेदन वापस लेने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है।</span><br style="box-sizing: inherit; color: #303030; font-family: Roboto, sans-serif; font-size: 15px; widows: auto; background-color: #fdfdfd;" /><span style="color: #303030; font-family: Roboto, sans-serif; font-size: 15px; widows: auto; background-color: #fdfdfd;">चुनाव डयूटी से भागने वाले प्रत्येक चुनावों में जिला प्रशासन के पास चक्कर लगाकर डयूटी केंसिल कराने की फिराक में रहते हैं। इतना ही नहीं जिला प्रशासन के पास चुनाव डयूटी केंसिल कराने वालों का मेला सा लगा रहता है। इसमें कई कर्मचारी अपनी बीमारी का बहाना बनाते हैं तो कई विवाह समारोहों का। वहीं भिंड जिला प्रशासन ने चुनाव डयूटी से भागने वालों के लिए एक नया फार्मूला निकाला। इसके तहत कल संयुक्त कलेक्टर भिंड श्यामेन्द्र जायसवाल ने एक चुनाव तत्काल आदेश जारी कर कहा कि मेडीकल परीक्षण में अनफिट पाये गये अधिकारियों और कर्मचारियों को परीक्षण में यदि अनफिट पाये गये तो उक्त कर्मचारियों की अनिवार्य सेवानिवृत्ति की कार्रवाई कर संपादित की जाये। पत्र में यह भी कहा गया है कि विभाग भी अपने स्तर पर उक्त अधिकारियों और कर्मचारियों की सूची निकाल कर नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई आरंभ करें तथा कृत कार्रवाई से अवगत करायें।</span></p>
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		<title>निर्दलियों पर डोरे डालने की कवायद में जुटे भाजपा कांग्रेस के लोग</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Praveen Dubey]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 02 Dec 2018 15:41:06 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[प्रमुख खबरें]]></category>
		<category><![CDATA[चुनाव]]></category>
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					<description><![CDATA[ बढ़े हुए मतदान प्रतिशत और मतदाताओं की चुप्पी  की वजह से परिणाम को लेकर असमंजस के हालात निर्मित हैं, इस वजह से राजनीतिक दलों में खलबली मची हुई है  ऐसे नेता जो बागी होकर चुनाव मैदान में हैं और उनकी स्थिति अच्छी है उन्हें मनाकर उनका समर्थन प्राप्त करने की कवायद शुरू हो गई है। [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p style="box-sizing: border-box; margin: 0px 0px 10px; line-height: 28px; font-size: 14px; text-align: justify; color: #383838; font-family: Roboto, sans-serif; widows: auto;"> बढ़े हुए मतदान प्रतिशत और मतदाताओं की चुप्पी  की वजह से परिणाम को लेकर असमंजस के हालात निर्मित हैं, इस वजह से राजनीतिक दलों में खलबली मची हुई है  ऐसे नेता जो बागी होकर चुनाव मैदान में हैं और उनकी स्थिति अच्छी है उन्हें मनाकर उनका समर्थन प्राप्त करने की कवायद शुरू हो गई है।</p>
<p style="box-sizing: border-box; margin: 0px 0px 10px; line-height: 28px; font-size: 14px; text-align: justify; color: #383838; font-family: Roboto, sans-serif; widows: auto;">उज्जैन जिले की महिदपुर सीट पर दिनेश राय निर्दलीय चुनाव लड़े हैं। वह यहां से जीत की स्थिति में माने जा रहे हैं। जैन से दोनों दल के बड़े नेता संपर्क में हैं। केएल अग्रवाल भाजपा से बागी होकर बमौरी विधानसभा से चुनाव लड़ रहे हैं। उनका फीडबैक भी पार्टियों को अच्छा मिला है। वह जीत सकते हैं। सूत्रों के मुतबाकि अगर वह जीते और भाजपा की सरकार बनीती है तो वह भाजपा में शामिल हो सकते हैं।</p>
<p style="box-sizing: border-box; margin: 0px 0px 10px; line-height: 28px; font-size: 14px; text-align: justify; color: #383838; font-family: Roboto, sans-serif; widows: auto;">पूर्व मंत्री और भाजपा के कद्दावर नेता रामकृष्ण कुसमरिया ने बागी होकर भाजपा के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए पथारिया सीट से चुनाव लड़े और उन्होंंने अपने पूरी ताकत इस सीट पर झोंक दी। मतदान के बाद कई स्थानीय नेता कुसमरिया के संपर्क में हैं। भिंड सीट से भाजपा के बागी नरेंद्र कुशवाहा ने समाजवादी पार्टी के टिकट पर चुनाव लड़ा है। अब कांग्रेस और भाजपा दोनों दल उनपर डोरे डाल रहे हैं। ऐसे ही राजेश शुक्ला ने कांग्रेस से बागी होकर बिजावर, नितिन चतुर्वेदी ने राजनगर से और डॉ. शिशुपाल सिंह तीनों प्रत्याशी समाजवादी पार्टी के टिकट से भाजपा और कांग्रेस के उम्मीदवारों को टक्कर दे रहे हैं। पुष्कर सिंह सतना सीट से बसपा के टिकट पर चुनाव लड़ रहे हैं। बलबीर दंडोतिया मुरैना और प्रदीप सिंह पटना सिरमौर से मजबूत उम्मीदवार माने जा रहे हैं।</p>
<p style="box-sizing: border-box; margin: 0px 0px 10px; line-height: 28px; font-size: 14px; text-align: justify; color: #383838; font-family: Roboto, sans-serif; widows: auto;"><span style="box-sizing: border-box; font-weight: bold;">भाजपा ने लगाई नेताओं की ड्यूटी<br style="box-sizing: border-box;" /></span></p>
<p style="box-sizing: border-box; margin: 0px 0px 10px; line-height: 28px; font-size: 14px; text-align: justify; color: #383838; font-family: Roboto, sans-serif; widows: auto;">भाजपा ने इसके लिए हर संभाग में एक बड़े नेता की ड्यूटी लगाई है। उज्जैन की एक महिला प्रत्याशी के पास शुक्रवार को भाजपा के बड़े नेता का फोन पहुंचा था। वहीं कांग्रेस के झाबुआ से बागी जेवियर मेढ़ा, घोड़ा डोंगरी के प्रताप सिंह उइके और जबेरा के आदित्य सोलोमन से संपर्क साधा है। भाजपा ने अपने दल के बड़े बागियों रामकृष्ण कुसमरिया, केएल अग्रवाल, राजकुमार मेव, लता महस्की और समीक्षा गुप्ता से भी वोटिंग के बाद कुछ नेताओं के जरिए संपर्क किया है।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
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		<item>
		<title>मध्यप्रदेश में 75 प्रतिशत से अधिक मतदान पिछले चुनाव से ज्यादा मतदाता निकले वोट डालने</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Praveen Dubey]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 28 Nov 2018 14:43:50 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Breaking]]></category>
		<category><![CDATA[चुनाव]]></category>
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					<description><![CDATA[भोपाल। भोपाल। मध्य प्रदेश में 230 विधानसभा सीटों के लिए मतदान आज शाम पांच बजे समाप्त हुआ। राज्य में शाम 6 बजे तक 74.61 प्रतिशत मतदान हुआ। कुछ जगह पर अभी भी वोटिंग जारी है, अंतिम आंकड़े अभी और बढ़ सकते हैं। शाम पांच बजे के बाद भी मतदान केद्रों में लंबी कतारें लगी हुई हैं। [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p style="box-sizing: border-box; margin: 0px 0px 10px; line-height: 28px; font-size: 14px; text-align: justify; color: #383838; font-family: Roboto, sans-serif; widows: auto;"><span style="box-sizing: border-box; font-weight: bold;">भोपाल। </span>भोपाल। मध्य प्रदेश में 230 विधानसभा सीटों के लिए मतदान आज शाम पांच बजे समाप्त हुआ। राज्य में शाम 6 बजे तक 74.61 प्रतिशत मतदान हुआ। कुछ जगह पर अभी भी वोटिंग जारी है, अंतिम आंकड़े अभी और बढ़ सकते हैं। शाम पांच बजे के बाद भी मतदान केद्रों में लंबी कतारें लगी हुई हैं। निर्वाचन आयोग का कहना है कि कतारों में लगे सभी लोगों को मतदान का मौका दिया जाएगा।</p>
<p style="box-sizing: border-box; margin: 0px 0px 10px; line-height: 28px; font-size: 14px; text-align: justify; color: #383838; font-family: Roboto, sans-serif; widows: auto;">उन्होंने बताया कि, पिछली बार से इस बार तीन प्रतिशत मतदान बढ़ा है। मतदान के दौरान 843 बैलट यूनिट बदले गए। 881 कंट्रोल यूनिट बदले गए हैं। वहीं, 2126 वीवीपैट बदली गईं। पिछले चुनाव में 72.23 था। वहीं, राजधानी भोपाल में 53 बैलट यूनिट, 45 कंट्रोल यूनिट और 74 वीवीपैट मशीन बदली गई। एक-दो घटनाओं को छोडक़र मतदान शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुआ। हालांकि ड्यूटी पर तैनात तीन कर्मचारियों का निधन हो गया। ये जानकारी राज्य चुनाव आयुक्त वीएल कांताराव ने दी। सबसे अधिक सतना जिले में मशीनें बदली गईं। इंदौर, गुना और धार जिले में एक एक यानी कुल तीन मतदान कर्मचारियों की मृत्यु हृदयाघात और अन्य बीमारियों से हुयी है।</p>
<p style="box-sizing: border-box; margin: 0px 0px 10px; line-height: 28px; font-size: 14px; text-align: justify; color: #383838; font-family: Roboto, sans-serif; widows: auto;">इधर नक्सल प्रभावित बालाघाट जिले में हमेशा की तरह मतदाताओं ने भारी मतदान किया। यहां के तीन नक्सल प्रभावित विधानसभा क्षेत्रों में मतदान सबेरे 7 बजे से ही शुरू हो गया था जो कि अपरान्ह तीन बजे समाप्त हो गया। इन तीनों विधानसभा क्षेत्रों में मतदाताओं ने जबर्दस्त उत्साह दिखाया, जिसके चलते बैहर में 78.05, लांजी में 79.07 और परसवाड़ा में 80.05 फीसदी मतदान दर्ज किया गया। पूरे बालाघाट जिले में 79 फीसदी से अधिक मतदान दर्ज किया गया। इधर छिंदवाड़ा और शाजापुर में भी 80 फीसदी से अधिक मतदान की जानकारी है। वहीं अलीराजपुर में सबसे कम 51 फीसदी मतदान हो सका था।</p>
<p style="box-sizing: border-box; margin: 0px 0px 10px; line-height: 28px; font-size: 14px; text-align: justify; color: #383838; font-family: Roboto, sans-serif; widows: auto;">प्रदेश के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी व्हीएल कांतारव ने प्रदेश में बगैर हिंसक घटना के शांतिपूर्ण मतदान होने का दावा किया। वहीं उन्होंने मतदाताओं द्वारा मतदान का बहिष्कार करने की घटनाओं से भी इंकार किया। लेकिन मिली जानकारी के मुताबिक कई स्थानों में भाजपा &#8211; कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच मामूली झड़प हुई। भिंड में तीनों विधानसभ्भा क्षेत्रों में भाजपा- कांग्रेस उम्मीदवारों को एेहतियातन नजर बंद कर एक गेस्ट हाउस में रखा गया, उसके बाद भी जिले के लहार विधानसभ्भा क्षेत्र के मछन्द गांव में जबरन बूथ पर कब्जा करने की कोशिश की गई, जिसे नाकाम कर दिया गया। इधर टिमरनी में कांग्रेस प्रत्याशी अभिजीत शाह की गाड़ी पर पत्थरों से हमला करने की सूचना है, जिसे लेकर प्रकरण दर्ज कर लिया गया। वहीं बड़वानी जिले के सेंधवा विधानसभ्भा क्षेत्र के झापड़ी पाड़ला गांव में में चुनावी रंजिश के चलते हवाई फायरिंग की घटना हुई, दो पहिया वाहन भी जलाने की घटना हुई, जिसे लेकर भी प्रकरण दर्ज किया गया।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
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		<title>अब EVM को लेकर बवाल कांग्रेस ने की शिकायत तो तोमर बोले हार से घबराई कांग्रेस</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Praveen Dubey]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 28 Nov 2018 12:10:24 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Breaking]]></category>
		<category><![CDATA[चुनाव]]></category>
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					<description><![CDATA[भोपालः मध्यप्रदेश में विधानसभा के लिए डाले जा रहे वोट के दौरान 100 से ज्यादा इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों (ईवीएम) में खराबी की खबर है. कांग्रेस के कई दिग्गज नेताओं ने इसकी शिकायत चुनाव आयोग से की है.  उधर भाजपा केंद्रीय मंत्री नरेन्द्र तोमर और प्रदेश अध्यक्ष राकेश सिंह ने पलटवार करते हुए कहा कि हर से घबराई [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p style="border: 0px; margin: 0px 0px 10px; padding: 0px; vertical-align: baseline; color: #1a1a1a; font-family: 'Noto Serif', serif; letter-spacing: 0.479999989271164px; widows: auto;"><strong style="border: 0px; margin: 0px; padding: 0px; vertical-align: baseline;">भोपालः</strong> मध्यप्रदेश में विधानसभा के लिए डाले जा रहे वोट के दौरान 100 से ज्यादा इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों (ईवीएम) में खराबी की खबर है. कांग्रेस के कई दिग्गज नेताओं ने इसकी शिकायत चुनाव आयोग से की है.  उधर भाजपा केंद्रीय मंत्री नरेन्द्र तोमर और प्रदेश अध्यक्ष राकेश सिंह ने पलटवार करते हुए कहा कि हर से घबराई कांग्रेस अभी से इसका ठीकरा EVM पर फोड़ रही है।</p>
<p style="border: 0px; margin: 0px 0px 10px; padding: 0px; vertical-align: baseline; color: #1a1a1a; font-family: 'Noto Serif', serif; letter-spacing: 0.479999989271164px; widows: auto;">मशीन में खराबी की खबर सामने आने के बाद कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने दावा किया है कि ऐसे मतदान केंद्रों पर ईवीएम की खराबी सामने आई है जहां कांग्रेस के पक्ष में समर्थन ज्यादा है।</p>
<p style="border: 0px; margin: 0px 0px 10px; padding: 0px; vertical-align: baseline; color: #1a1a1a; font-family: 'Noto Serif', serif; letter-spacing: 0.479999989271164px; widows: auto;"><a id="relatedTracking" class="d-flex relatedTracking" style="letter-spacing: 0.479999989271164px; widows: auto; font-size: 1em; line-height: 1.5; text-align: center; cursor: pointer; text-decoration: none; width: 160px; display: inline !important;" href="https://abpnews.abplive.in/videos/jyotiraditya-scindia-asks-ec-to-replace-faulty-evms-mp-polls-2018-1018268?rs_type=pistats&amp;rs_origin=related&amp;rs_medium=Also-Read&amp;rs_index=1018268" data-action="Pos 1" target="_blank" rel="noopener"></a><span style="color: #383838; font-family: Roboto, sans-serif; font-size: 14px; line-height: 28px; text-align: justify; widows: auto;">उधर केन्द्रीय मंत्री और बीजेपी के स्टार प्रचारक नरेन्द्र सिंह तोमर ने पलटवार किया और कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा है कि अभी से कांग्रेस EVM पर आ गई है। इससे साफ जाहिर होता है कि वो अपनी हार स्वीकार चुके है। हार का ठीकरा किसी न किसी पर तो फोड़ना ही है सो ईवीएम को चुना। 2003,2008 और 2013 में बीजेपी को रोक नही पाए तो अब क्या रोकेंगे। हम चौथी बार सरकार बनाने जा रहे है। वही बीजेपी के प्रदेशाध्क्ष राकेश ने कहा कि प्रदेश में भाजपा की सरकार फिर बनेगी। कांग्रेस को पहले से ही हार का एहसास हो गया है इसलिए वो सुबह से ही ईवीएम का बहाना बना रही है।</span></p>
<p style="border: 0px; margin: 0px 0px 10px; padding: 0px; vertical-align: baseline; color: #1a1a1a; font-family: 'Noto Serif', serif; letter-spacing: 0.479999989271164px; widows: auto;"><span style="color: #1a1a1a; font-family: 'Noto Serif', serif; letter-spacing: 0.479999989271164px; widows: auto; line-height: 1.5;">उधर चुनाव आयोग का कहना है कि खराब मशीनों को आधे घंटे के अंदर बदल दिया गया.</span></p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>मतदान के दौरान कोई भी गड़बड़ी पर कीजिए डायल 100 तीन मिनट में पहुंच जाएगी पुलिस</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Praveen Dubey]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 27 Nov 2018 16:32:07 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[प्रमुख खबरें]]></category>
		<category><![CDATA[चुनाव]]></category>
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					<description><![CDATA[भोपाल। मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव में मतदान के दौरान किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति और उपद्रव से निपटने के लिए पुलिस ने इस बार 3 मिनट रिस्पांस प्लान तैयार किया है। घटना-दुर्घटना की ख़बर मिलते ही पुलिस 3 मिनट के अंदर मौके पर पहुंच जाएगी। शहरी पोलिंग बूथ में किसी भी तरह के उपद्रव या [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<div style="line-height: 20.7999992370605px; widows: auto; color: #222222; font-family: Arial, Helvetica, sans-serif; text-align: justify;"><b>भोपाल। </b>मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव में मतदान के दौरान किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति और उपद्रव से निपटने के लिए पुलिस ने इस बार 3 मिनट रिस्पांस प्लान तैयार किया है। घटना-दुर्घटना की ख़बर मिलते ही पुलिस 3 मिनट के अंदर मौके पर पहुंच जाएगी।</div>
<div style="line-height: 20.7999992370605px; widows: auto; color: #222222; font-family: Arial, Helvetica, sans-serif; text-align: justify;"><span style="line-height: 20.7999992370605px; widows: auto;">शहरी पोलिंग बूथ में किसी भी तरह के उपद्रव या गड़बड़ी की सूचना पर पुलिस फोर्स सिर्फ शिकायत मिलने के 3 मिनट के अंदर घटना स्थल पर पहुंच जाएगा। पुलिस प्लानिंग में रिस्पांस टाइम का ख़ास ख्याल रखा गया है। हालात पर तत्काल काबू पाने के लिए लोकल पुलिसकर्मी और मोबाइल वाहन मतदान केंद्रों के आसपास तैनात रहेंगे।</span></div>
<div style="line-height: 20.7999992370605px; widows: auto; color: #222222; font-family: Arial, Helvetica, sans-serif; text-align: justify;"></div>
<h3 style="margin: 0px; padding: 0px; font-stretch: normal; font-size: 20px; font-family: Arial, Helvetica, sans-serif; line-height: 1.2em; color: #222222; widows: auto; text-align: justify;">मध्यप्रदेश: कुल 65000 पोलिंग बूथ, 10000 संवेदनशील</h3>
<div style="line-height: 20.7999992370605px; widows: auto; color: #222222; font-family: Arial, Helvetica, sans-serif; text-align: justify;">मध्यप्रदेश इस बार विधानसभा चुनाव के लिए 65000 से ज्यादा पोलिंग बूथ बनाए गए हैं। शहरी क्षेत्र की तुलना में ग्रामीण इलाकों में ज़्यादा मतदान केंद्र हैं। इनमें से दस हजार से ज्यादा बूथ संवेदनशील हैं। 2013 के चुनाव की तुलना में इस बार पोलिंग बूथ की सुरक्षा के ज़्याद पुख़्ता और बेहतर इंतज़ाम किए गए हैं।</div>
<div style="line-height: 20.7999992370605px; widows: auto; color: #222222; font-family: Arial, Helvetica, sans-serif; text-align: justify;"></div>
<div style="line-height: 20.7999992370605px; widows: auto; color: #222222; font-family: Arial, Helvetica, sans-serif; text-align: justify;">किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए स्थानीय थानों के पुलिस बल को मतदान केंद्रों और उसके आसपास तैनात किया गया है। पोलिंग बूथों में पैरामिलिट्री फोर्स भी तैनात रहेगा। शहरी क्षेत्र में अगर कोई घटना या फिर दुर्घटना होती है, तो उसकी सूचना पर पुलिस फोर्स के महज़ तीन मिनट में मौके पर पहुंचने का प्लान है। सौ मीटर के दायरे में पुलिस मोबाइल और मजिस्ट्रेट मोबाइल वाहन तैनात रहेंगे।</div>
<div style="line-height: 20.7999992370605px; widows: auto; color: #222222; font-family: Arial, Helvetica, sans-serif; text-align: justify;"></div>
<div style="line-height: 20.7999992370605px; widows: auto; color: #222222; font-family: Arial, Helvetica, sans-serif; text-align: justify;">शांतिपूर्ण मतदान के लिए थाने से लेकर सीएसपी, एएसपी और क्यूआरटी मोबाइल वैन तैनात किए जाएंगे। एफआरबी के साथ वेपंस मोबाइल का भी मूवमेंट रहेगा। पुलिस का अतिरिक्त फोर्स भी मुख्यालय में तैनात किया गया है लेकिन फील्ड में रहने वाले पुलिस फोर्स के मूवमेंट की इस तरह से व्यवस्था की गयी है ताकि घटना की सूचना पर महज तीन मिनट पर पुलिस पोलिंग बूथ या किसी दूसरे स्थान पर पहुंच सके।</div>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>जानिए 28 नवम्बर को नरेन्द्र तोमर प्रभात झा सहित भाजपा प्रत्याशी कब और कहां करेंगे मतदान</title>
		<link>https://shabdshaktinews.in/%e0%a4%9c%e0%a4%be%e0%a4%a8%e0%a4%bf%e0%a4%8f-28-%e0%a4%a8%e0%a4%b5%e0%a4%ae%e0%a5%8d%e0%a4%ac%e0%a4%b0-%e0%a4%95%e0%a5%8b-%e0%a4%a8%e0%a4%b0%e0%a5%87%e0%a4%a8%e0%a5%8d%e0%a4%a6%e0%a5%8d%e0%a4%b0/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Praveen Dubey]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 27 Nov 2018 16:16:14 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[प्रमुख खबरें]]></category>
		<category><![CDATA[चुनाव]]></category>
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					<description><![CDATA[&#160; ग्वालियर ।  28 नवंबर को मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए होने जा रहे मतदान के लिए ग्वालियर के सांसद और केंद्रीय मंत्री  नरेंद्र सिंह तोमर सुबह 8 बजे निर्वाचन क्षेत्र 16 ग्वालियर पूर्व के मतदान केंद्र बीईओ कार्यालय परिसर स्थित शासकीय प्राथमिक विद्यालय क्रमांक 1 बारादरी चैराहे पर पहुंचकर मतदान करेंगे। भाजपा के [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>&nbsp;</p>
<p>ग्वालियर ।  28 नवंबर को मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए होने जा रहे मतदान के लिए ग्वालियर के सांसद और केंद्रीय मंत्री  नरेंद्र सिंह तोमर सुबह 8 बजे निर्वाचन क्षेत्र 16 ग्वालियर पूर्व के मतदान केंद्र बीईओ कार्यालय परिसर स्थित शासकीय प्राथमिक विद्यालय क्रमांक 1 बारादरी चैराहे पर पहुंचकर मतदान करेंगे।</p>
<p>भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद म</p>
<p>प्रभात झा  मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव में कल 28 नवम्बर को सुबह 8 बजे खादी ग्रामोद्योग मतदान केंद्र, जीवाजीगंज पर मतदान करेंगे।</p>
<p>संभागीय संगठन मंत्री  शैलेंद्र बरूआ  कल 28 नवंबर को सुबह 8 बजे आकाशवाणी, केंद्रीय विद्यालय में मतदान करेंगे।</p>
<p>भाजपा जिलाध्यक्ष देवेश शर्मा  कल 28 नवंबर को सुबह 8 बजे निर्वाचन क्षेत्र 16 ग्वालियर पूर्व के मतदान केंद्र बीईओ कार्यालय परिसर स्थित शासकीय प्राथमिक विद्यालय क्रमांक 1 बारादरी चैराहे पर मतदान करेंगे।</p>
<p>भितरवार क्षेत्र से भाजपा प्रत्याशी एवं मुरैना सांसद अनूप मिश्रा  कल 28 नवम्बर को सुबह 8ः15 बजे शा.पागन वी सी स्कूल,नई बिल्डिंग,मैस्कॉट हॉस्पिटल के सामने सिंधी कॉलोनी रोड पर मतदान करेंगे।</p>
<p>महापौर विवेक शेजवलकर  कल 28 नवंबर को सुबह 8 बजे तेरहपंथी की धर्मशाला, फिल्मिस्तान टाॅकीज के पास मतदान करेंगे।</p>
<p>ग्वालियर विधानसभा के प्रत्याशी . जयभान सिंह पवैया कल 28 नवम्बर को सुबह 8.30 बजे 212 मतदान केंद्र ओल्ड सर्किट हाउस, मानसिंह चैराहे पर मतदान करेंगे।</p>
<p>ग्वालियर पूर्व विधानसभा के प्रत्याशी . सतीश सिंह सिकरवार  कल 28 नवम्बर को सुबह 8 बजे एमएलबी काॅलेज पर मतदान करेंगे।</p>
<p>ग्वालियर दक्षिण विधानसभा के प्रत्याशी . नारायण सिंह कुशवाह  सुबह 9 बजे मतदान केंद्र शासकीय प्राथमिक विद्यालय नयापुरा के कार्यालय कक्ष, तारागंज पर मतदान करेंग</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>मतदाता पर्ची नहीं है तो इन पहचान पत्रों के आधार पर आप कर सकेंगे मतदान</title>
		<link>https://shabdshaktinews.in/%e0%a4%ae%e0%a4%a4%e0%a4%a6%e0%a4%be%e0%a4%a4%e0%a4%be-%e0%a4%aa%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%9a%e0%a5%80-%e0%a4%a8%e0%a4%b9%e0%a5%80%e0%a4%82-%e0%a4%b9%e0%a5%88-%e0%a4%a4%e0%a5%8b-%e0%a4%87%e0%a4%a8/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Praveen Dubey]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 27 Nov 2018 15:57:22 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Breaking]]></category>
		<category><![CDATA[चुनाव]]></category>
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					<description><![CDATA[  निर्वाचन आयोग ने विधानसभा चुनाव 2018 में सभी मतदाताओं को फोटोयुक्&#x200d;त मतदाता पर्ची वितरित की है, जिसके आधार पर मतदान की सुविधा मिलेगी। यदि किसी मतदाता के पास मतदाता पर्ची नहीं है और उसका नाम मतदाता सूची में है, तो मतदान के लिये फोटोयुक्&#x200d;त वोटर कार्ड, पासपोर्ट, ड्रायविंग लायसेंस, पैनकार्ड, आधार कार्ड, मनरेगा जॉब [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<h2 style="box-sizing: border-box; font-family: 'Noto Sans', 'Helvetica Neue', Helvetica, Arial, sans-serif; font-weight: 500; line-height: 1.1; margin-top: 20px; margin-bottom: 10px; font-size: 30px; widows: auto;" align="center"><span id="ctl00_ContentPlaceHolder1_lblNewsTitle" style="box-sizing: border-box; display: block; font-weight: bold;"> </span></h2>
<h3 style="box-sizing: border-box; font-family: 'Noto Sans', 'Helvetica Neue', Helvetica, Arial, sans-serif; font-weight: 500; line-height: 1.1; margin-top: 20px; margin-bottom: 10px; font-size: 24px; widows: auto;" align="center"><span id="ctl00_ContentPlaceHolder1_lblSubTitle" style="box-sizing: border-box; display: block;"></span></h3>
<p style="box-sizing: border-box; margin: 0px 0px 10px; line-height: 28px; padding: 7px 3px 3px 5px; text-align: justify; font-family: 'Noto Sans', 'Helvetica Neue', Helvetica, Arial, sans-serif; font-size: 14px; widows: auto;" align="justify"><span style="box-sizing: border-box; color: #000000; font-size: medium;">निर्वाचन आयोग ने विधानसभा चुनाव 2018 में सभी मतदाताओं को फोटोयुक्&#x200d;त मतदाता पर्ची वितरित की है, जिसके आधार पर मतदान की सुविधा मिलेगी। यदि किसी मतदाता के पास मतदाता पर्ची नहीं है और उसका नाम मतदाता सूची में है, तो मतदान के लिये फोटोयुक्&#x200d;त वोटर कार्ड, पासपोर्ट, ड्रायविंग लायसेंस, पैनकार्ड, आधार कार्ड, मनरेगा जॉब कार्ड, बैंकों अथवा डाकघरों द्वारा जारी फोटोयुक्&#x200d;त पासबुक, आरजीआई एवं एनपीआर द्वारा जारी किए गए स्&#x200d;मार्ट कार्ड, फोटोयुक्&#x200d;त पेंशन दस्&#x200d;तावेज, सांसदों तथा विधायकों को जारी सरकारी पहचान-पत्र और राज्य एवं केन्&#x200d;द्र के कर्मचारियों, सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम, राज्&#x200d;य पब्ल्कि लिमि&#x200d;टेड कम्&#x200d;पनियों द्वारा जारी फोटोयुक्&#x200d;त सेवा पहचान पत्र के आधार पर 28 नवम्&#x200d;बर को मतदान किया जा सकेगा।</span></p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>मध्यप्रदेश :कमल को 30 तो पंजे को 25 सीटों पर बागियों से खतरा</title>
		<link>https://shabdshaktinews.in/%e0%a4%ae%e0%a4%a7%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%a6%e0%a5%87%e0%a4%b6-%e0%a4%95%e0%a4%ae%e0%a4%b2-%e0%a4%95%e0%a5%8b-30-%e0%a4%a4%e0%a5%8b-%e0%a4%aa%e0%a4%82%e0%a4%9c%e0%a5%87/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Praveen Dubey]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 18 Nov 2018 15:30:41 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[प्रमुख खबरें]]></category>
		<category><![CDATA[चुनाव]]></category>
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					<description><![CDATA[भोपाल भाजपा ने करीब 63 बागियों को पार्टी से भी बाहर  कर दिया है बावजूद इसके भाजपा के बागी 25 से 30 सीटों पर नुकसान पहुंचा सकते हैं। वहीं, कांग्रेस को करीब 20 से 25 सीटों पर अपने बागी नेताओं से नुकसान दिख रहा है। राज्य में नाम वापसी की तारीख निकल चुकी है। इसके बावजूद [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><b style="color: #000000; font-family: 'Open Sans', sans-serif; line-height: 20.7999992370605px; text-align: justify; widows: auto;">भोपाल</b><span style="color: #000000; font-family: 'Open Sans', sans-serif; line-height: 20.7999992370605px; text-align: justify; widows: auto;"> </span><span style="color: #000000; font-family: 'Open Sans', sans-serif; line-height: 20.7999992370605px; text-align: justify; widows: auto;">भाजपा ने करीब 63 बागियों को पार्टी से भी बाहर  कर दिया है बावजूद इसके भाजपा के बागी 25 से 30 सीटों पर नुकसान पहुंचा सकते हैं। वहीं, कांग्रेस को करीब 20 से 25 सीटों पर अपने बागी नेताओं से नुकसान दिख रहा है। राज्य में नाम वापसी की तारीख निकल चुकी है। इसके बावजूद भाजपा-कांग्रेस अपने बागियों को पार्टी में बड़ा ओहदा देकर मनाने की कोशिश में लगे हैं।</span></p>
<div style="color: #000000; font-family: 'Open Sans', sans-serif; line-height: 20.7999992370605px; widows: auto; text-align: justify;"></div>
<div style="color: #000000; font-family: 'Open Sans', sans-serif; line-height: 20.7999992370605px; widows: auto; text-align: justify;"> शिवराज सरकार में मंत्री रहे सरताज सिंह कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ रहे हैं। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सत्यव्रत चतुर्वेदी बेटे को टिकट नहीं से मिलने से बगावत पर उतर आए। उन्होंने अपने बेटे नितिन को सपा से टिकट दिलाया है।</div>
<div style="color: #000000; font-family: 'Open Sans', sans-serif; line-height: 20.7999992370605px; widows: auto; text-align: justify;"></div>
<div style="color: #000000; font-family: 'Open Sans', sans-serif; line-height: 20.7999992370605px; widows: auto; text-align: justify;">भाजपा के बड़े बागी: पूर्व मंत्री राघवजी, रामकृष्ण कुसमरिया, केएल अग्रवाल, विधायक रेखा यादव, बह्मानंद रत्नाकर, नरेंद्र सिंह कुशवाह, संगीता, नीलम मिश्रा, जीतेंद्र डागा, कमल मर्सकोले। कांग्रेस के बड़े बागी: पूर्व मंत्री भगवान सिंह यादव, राजेश शुक्ला, प्रताप सिंह, साहिब सिंह गुर्जर, प्रदीप जयसवाल, किसान नेता डीपी धाकड़, चिंटू चौकसे, छोटे यादव, बाबूलाल शर्मा।</div>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>लश्कर पूर्व : सतीश के सामने अपनों की चुनौती, मुन्नालाल पर धरतीपकड़ की छाप</title>
		<link>https://shabdshaktinews.in/%e0%a4%b2%e0%a4%b6%e0%a4%95%e0%a4%b0-%e0%a4%aa%e0%a5%82%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%b5-%e0%a4%b8%e0%a4%a4%e0%a5%80%e0%a4%b6-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%b8%e0%a4%be%e0%a4%ae%e0%a4%a8%e0%a5%87-%e0%a4%85/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Praveen Dubey]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 16 Nov 2018 11:08:50 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[प्रमुख खबरें]]></category>
		<category><![CDATA[चुनाव]]></category>
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					<description><![CDATA[प्रवीण दुबे &#160; ग्वालियर के लश्कर पूर्व विधानसभा क्षेत्र में एकबार पुनः भाजपा और कांग्रेस के बीच सीधा मुकाबला नजर आ रहा है। यहां से किसकी हार होगी और किसकी जीत इसबारे में कुछ भी कहना थोड़ा जल्दबाजी होगी बावजूद इसके अभी जो भी राजनीतिक परिदृश्य दिखाई दे रहा है उसे देखकर दोनों प्रतिद्वंद्वी के [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p style="padding-left: 120px;"><strong><span style="color: #0000ff;">प्रवीण दुबे</span></strong></p>
<p>&nbsp;</p>
<p><strong><span style="color: #000000;">ग्वालियर के लश्कर पूर्व विधानसभा क्षेत्र में एकबार पुनः भाजपा और कांग्रेस के बीच सीधा मुकाबला नजर आ रहा है। यहां से किसकी हार होगी और किसकी जीत इसबारे में कुछ भी कहना थोड़ा जल्दबाजी होगी बावजूद इसके अभी जो भी राजनीतिक परिदृश्य दिखाई दे रहा है उसे देखकर दोनों प्रतिद्वंद्वी के बारे में कुछ अवस्य लिखा जा सकता है।</span></strong></p>
<p><strong><span style="color: #000000;">भाजपा की बात करें तो  यहां उसके प्रत्याशी को फिलहाल विरोधी पार्टी से कम अपनों से ज्यादा चुनौती मिलती दिखाई दे रही है। सर्वविदित है कि चुनाव के लिए प्रत्याशी चयन से पूर्व इस विधानसभा में किस प्रकार के हालात निर्मित थे। एक तरफ सिटिंग विधायक के नाते मायासिंह दौड़ में थी दूसरी ओर अपने राजनीतिक जीवन की सेवानिवृति के मुहाने पर खड़े जयसिंह कुशवाह भी टिकिट की पुरजोर मांग कर रहे थे,इतना ही नहीं  संगठन के एक राष्ट्रीय पदाधिकारी भी अपने पुत्र के लिए प्रयासरत थे।पार्टी ने इन सभी वजनदार लोगों को दरकिनार करके सतीश सिकरवार पर भरोसा किया । </span></strong></p>
<p><strong><span style="color: #000000;">सूत्र बताते हैं कि ये सभी वजनदार नेता फिलहाल पार्टी प्रत्याशी के पक्ष में पूरी ताकत से जुटे दिखाई नहीं दे रहे,ऐसा लगता है कि कहीं न कहीं इन लोगों के मन में उन्हे टिकट न दिए जाने को लेकर नाराजगी है।</span></strong></p>
<p><strong><span style="color: #000000;">इतना ही नहीं भाजपा की अंदरूनी राजनीति में थोड़ी सी रुचि रखने वाला व्यक्ति भी यह जानता है कि वर्तमान में मध्यप्रदेश की भाजपा में सर्वाधिक दबदबा रखने वाले नेता जो कि ग्वालियर से ही आते हैं उनसे भी लश्कर पूर्व प्रत्याशी के बहुत अच्छे राजनीतिक सम्बन्ध न होना भी उनके लिए परेशानी का कारण बनता दिख रहा है।</span></strong></p>
<p><strong><span style="color: #000000;">श्री सिकरवार के सामने एक बड़ी समस्या लश्कर पूर्व विधानसभा के अंतर्गत आने वाला मुरार का क्षेत्र है । उल्लेखनीय है कि श्री सिकरवार अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत से लेकर वर्तमान तक लश्कर क्षेत्र में ही ज्यादा सक्रिय रहे हैं  यही वजह है कि लश्कर की तुलना में मुरार उनके लिए थोड़ा कठिन इलाका कहा जा सकता है।</span></strong></p>
<p><strong><span style="color: #000000;"> इन सबके अलावा श्री सिकरवार के सामने उनके प्रतिद्वंद्वी और उनके समर्थकों द्वारा  व्यक्तिगत कुप्रचार का मोर्चा भी बड़े पैमाने पर खोल दिया गया है। इसबारे में सही बात जनता जनार्दन तक पहुंचे और वह भृमित न हो इसके लिए श्री सिकरवार को व्यापक रणनीति बनानी होगी जिसमें की फिलहाल कमी नजर आ रही है।</span></strong></p>
<p><strong><span style="color: #000000;">उधर दूसरी और इस विधानसभा के कांग्रेस प्रत्याशी के बारे में चर्चा करें तो क्षेत्रीय नागरिक उन्हें धरतीपकड़ की संज्ञा देते देखे जा सकते हैं। धरतीपकड़ अर्थात ग्वालियर का वह शख्स जो कि पार्षद से लेकर राष्ट्रपति तक सब चुनाव लड़े पर जीते एक भी नहीं। मुन्नालाल गोयल का राजनीतिक इतिहास इस बात का गवाह है कि वे अब तक पार्षद ,महापौर से लेकर विधानसभा तक का चुनाव कई बार लड़े पर हरबार हारे। लोग यहां तक कहते देखे जा सकते हैं कि चुनाव लड़ना तो मुन्नालाल का शौक़ है वे इसी लिए लड़ते हैं ,जीतने के लिये नहीं।</span></strong></p>
<p><strong><span style="color: #000000;">मुन्नालाल के सामने दूसरा सबसे बड़ा माइनस पोइंट है उनकी ढलती उम्र जबकि उनकी तुलना में सतीश सिकरवार युवा है। ऐसी स्थिति में युवा मतदाता उनसे दूर जाने की सम्भावना बन गई है। मुन्नालाल के सामने लश्कर क्षेत्र में उनका कम जनाधार बहुत बड़ी समस्या कही जा सकती है।</span></strong></p>
<p><strong><span style="color: #000000;">इन सबके अलावा मुन्नालाल के लिए लश्कर पूर्व का राजनीतिक इतिहास भी उनकी नींद उड़ा देने वाला      1977 के बाद से अब तक हो चुके 10 विधानसभा चुनावों में यहां केवल 2 बार ही कांग्रेस अपने पांव जमा सकी है। 8 बार (एक बार जनता पार्टी के बैनर तले) भाजपा का ही परचम ही लहराया है। एक और महत्वपूर्ण बात यह कि ग्वालियर पूर्व एक ऐसा विधानसभा क्षेत्र है, जहां जातिगत समीकरण ज्यादा मायने नहीं रखते। नौकरी पेशा और भाजपा के परंपरागत वोट बैंक क्षत्रिय, ब्राह्मण, वैश्य व ओबीसी वर्ग की जनसंख्या यहां सबसे अधिक है</span></strong></p>
<p><strong><span style="color: #000000;">क्षेत्र की बड़ी समस्याएं</span></strong></p>
<p><strong><span style="color: #000000;">संभागीय मुख्यालय और स्मार्ट सिटी क्षेत्र में शामिल होने के बाद भी इस विधानसभा के नए विकसित क्षेत्रों में सड़क, सीवर की समस्याएं हैं। तिघरा बांध का पानी यहां नहीं पहुंचता। पूरा फोकस केवल मुख्य मार्गों पर ही रहता है। कॉलोनियों, छोटी बस्तियों की सड़कें बदहाल हैं। अवैध कॉलोनी भी यहीं ज्यादा विकसित हुईं हैं।</span></strong></p>
<p><strong><span style="color: #000000;">बड़े वादों की स्थिति</span></strong></p>
<p><strong><span style="color: #000000;">चुनाव के समय माया सिंह ने शहर के नवविकसित क्षेत्र दीनदयाल नगर व आसपास की वैध, अवैध कॉलोनियों में सड़क, सीवर व पानी को लेकर कई बार वादे किए। काम भी किया, कॉलोनियों के वैध होने की प्रक्रिया भी शुरू करा दी है। बावजूद इसके नया विकसित क्षेत्र इतना बड़ा और काम इतने अधिक बकाया हैं कि व्यवस्थाएं होने में अभी समय लगेगा। लश्कर क्षेत्र में नौकरी पेशा और व्यापार-व्यवसाय में जुटे लोगों को समय पर पानी न मिलने की दिक्कत कायम है।</span></strong></p>
<p><strong><span style="color: #000000;">जातीय समीकरण</span></strong></p>
<p><strong><span style="color: #000000;">मूल रूप से यह क्षेत्र अधिकारी-कर्मचारी वर्ग बाहुल्य है, जो जातीय समीकरणों पर कम विश्वास करता है। बावजूद इसके जातीय रूप में यहां क्षत्रिय, ब्राह्मण, वैश्य, एससी-एसटी, यादव, गुर्जर, कुशवाह की संख्या मायने रखती है।</span></strong></p>
<p>&nbsp;</p>
<p><strong><span style="color: #000000;">क्षेत्र क्र. 16 ग्वालियर पूर्व</span></strong></p>
<p><strong><span style="color: #000000;">कुल मतदाता : 304084</span></strong></p>
<p><strong><span style="color: #000000;">मतदान केंद्र : 336</span></strong></p>
<p><strong><span style="color: #000000;">पुरुष मतदाता : 164349</span></strong></p>
<p><strong><span style="color: #000000;">महिला मतदाता : 139722</span></strong></p>
<p><strong><span style="color: #000000;">फैक्ट फाइल</span></strong></p>
<p>&nbsp;</p>
<p><strong><span style="color: #000000;">2013 चुनाव परिणाम</span></strong></p>
<p>&nbsp;</p>
<p><strong><span style="color: #000000;">माया सिंह (भाजपा) &#8211; 59824</span></strong></p>
<p><strong><span style="color: #000000;">मुन्नालाल गोयल (कांग्रेस) &#8211; 58677</span></strong></p>
<p><strong><span style="color: #000000;">आनंद शर्मा (बीएसपी) &#8211; 17711</span></strong></p>
<p>&nbsp;</p>
<p><strong><span style="color: #000000;">पिछले 2 चुनावों की स्थिति</span></strong></p>
<p>&nbsp;</p>
<p><strong><span style="color: #000000;">पार्टी 2008 2003</span></strong></p>
<p><strong><span style="color: #000000;">भाजपा 40.38 56.87</span></strong></p>
<p><strong><span style="color: #000000;">कांग्रेस 38.71 40.28</span></strong></p>
<p><strong><span style="color: #000000;">बसपा 16.29 0.99</span></strong></p>
<p>&nbsp;</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>&nbsp;</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
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		<title>अब नारायण तनाव में,समीक्षा से हो सकता है मुकाबला,कांग्रेस तीसरे नम्बर पर</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Praveen Dubey]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 15 Nov 2018 14:07:21 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[प्रमुख खबरें]]></category>
		<category><![CDATA[चुनाव]]></category>
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					<description><![CDATA[आखिर समीक्षा ने भाजपा के लिए चुनौती प्रस्तुत कर ही दी, जिस चेहरे को पार्टी ने पार्षद से लेकर महापौर तक बनाया संगठन में प्रदेश स्तर का ओहदा दिया वो बागी क्यों बन गया ? इससे भी बड़ा सवाल यह कि पार्टी शीर्ष नेतृत्व इस डैमेज़ को कंट्रोल करने में नाकाम क्यों रहा ? इस [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>आखिर समीक्षा ने भाजपा के लिए चुनौती प्रस्तुत कर ही दी, जिस चेहरे को पार्टी ने पार्षद से लेकर महापौर तक बनाया संगठन में प्रदेश स्तर का ओहदा दिया वो बागी क्यों बन गया ? इससे भी बड़ा सवाल यह कि पार्टी शीर्ष नेतृत्व इस डैमेज़ को कंट्रोल करने में नाकाम क्यों रहा ? इस नाकामी के लिए दोषी कौन है ?</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>समीक्षा के मैदान में डटे रहने से दक्षिण विधानसभा के  परिदृश्य को बदलकर रख दिया है। 14 नवम्बर के पूर्व जो राजनीतिक पण्डित यह मानकर चल रहे थे कि कांग्रेस द्वारा हल्का प्रत्याशी उतारने से मुकाबला भाजपा के पक्ष में एकतरफा है,वही राजनीतिक विश्लेषक अब यह मान रहे हैं कि इस विधानसभा में मुकाबला नारायण बनाम समीक्षा हो सकता है। कांग्रेस मैदान में कहीं नजर नहीं आएगी। ऐसा दो कारणों से कहा जा रहा है।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>पहला कारण कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पूर्वमंत्री भगवान सिंह को टिकिट न दिए जाने से उनका नाराज होना,इस विधानसभा से एक और दावेदार रश्मि पवार सहित कई अन्य जनाधार वाले नेताओं की भी सक्रीयता दिखाई नहीं दे रही।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>समीक्षा के कांग्रेस की तुलना में भाजपा के सामने ज्यादा बड़ी चुनौती प्रस्तुत करने का दूसरा बड़ा कारण यह है कि समीक्षा खुद और उनके परिवार को भाजपा की ओर से चुनाव लड़ने का लम्बा अनुभव रहा है। वे खुद तो  दो बार पार्षद व एकबार महापौर का चुनाव जीत चुकीं हैं। उनके ससुर नरेश गुप्ता भी पार्टी के बहुत पुराने नेता रहे हैं। वे पांच बार पार्षद रहे, पार्टी के कोषाध्यक्ष की भूमिका भी निभा चुके हैं।</p>
<p>इतना ही नहीं समीक्षा में और भी बहुत सी खूबियां ऐसी है जो आजकल की राजनीति में  उन्हें चुनाव में कड़ी चुनौती प्रस्तुत करने के लिए फिट बनाती हैं।कुल मिलाकर यह कहा जा सकता है कि समीक्षा के मैदान में डटे रहने से भाजपा की परेशानी बढ़ गई है।</p>
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