<?xml version="1.0" encoding="UTF-8"?><rss version="2.0"
	xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
	xmlns:wfw="http://wellformedweb.org/CommentAPI/"
	xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
	xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom"
	xmlns:sy="http://purl.org/rss/1.0/modules/syndication/"
	xmlns:slash="http://purl.org/rss/1.0/modules/slash/"
	>

<channel>
	<title>ज्वालामुखी &#8211; Shabd Shakti News</title>
	<atom:link href="https://shabdshaktinews.in/tag/%e0%a4%9c%e0%a5%8d%e0%a4%b5%e0%a4%be%e0%a4%b2%e0%a4%be%e0%a4%ae%e0%a5%81%e0%a4%96%e0%a5%80/feed/" rel="self" type="application/rss+xml" />
	<link>https://shabdshaktinews.in</link>
	<description>Every News Speaks</description>
	<lastBuildDate>Tue, 25 Nov 2025 05:11:48 +0000</lastBuildDate>
	<language>en-US</language>
	<sy:updatePeriod>
	hourly	</sy:updatePeriod>
	<sy:updateFrequency>
	1	</sy:updateFrequency>
	<generator>https://wordpress.org/?v=6.8.5</generator>
	<item>
		<title>प्रकृति का आश्चर्यजनक खेल हजारों मील दूर फटे  ज्वालामुखी की राख ने घेरा भारत  का आकाश</title>
		<link>https://shabdshaktinews.in/%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%95%e0%a5%83%e0%a4%a4%e0%a4%bf-%e0%a4%95%e0%a4%be-%e0%a4%86%e0%a4%b6%e0%a5%8d%e0%a4%9a%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a4%9c%e0%a4%a8%e0%a4%95-%e0%a4%96%e0%a5%87/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Praveen Dubey]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 25 Nov 2025 05:11:48 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[प्रमुख खबरें]]></category>
		<category><![CDATA[देश]]></category>
		<category><![CDATA[विदेश]]></category>
		<category><![CDATA[ज्वालामुखी]]></category>
		<category><![CDATA[भारत]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://shabdshaktinews.in/?p=59508</guid>

					<description><![CDATA[उत्तरी इथोपिया में हजारों सालों के बाद एक ज्वालामुखी के सक्रिय होने के बाद राख का गुबार कई देशों को पार करते हुए अब भारत तक पहुंच चुका है। देर रात करीब 11 बजे राख दिल्ली तक पहुंच गया। दिल्ली के अधिकतर हिस्सों में आसमान में यह बादल की तरह यह राख फैल गया है। [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>उत्तरी इथोपिया में हजारों सालों के बाद एक ज्वालामुखी के सक्रिय होने के बाद राख का गुबार कई देशों को पार करते हुए अब भारत तक पहुंच चुका है। देर रात करीब 11 बजे राख दिल्ली तक पहुंच गया। दिल्ली के अधिकतर हिस्सों में आसमान में यह बादल की तरह यह राख फैल गया है।</p>
<p>करीब 10 हजार साल बाद फटे हैली गुब्बी ज्वालामुखी से निकला राख पिछले 24 घंटे में लाल सागर और मिडिल ईस्ट के आसमान में छा गया है। इसके बाद यह उत्तर-पश्चिमी भारत की ओर तेजी बढ़ा। मौसम विभाग इस पर नजर रख रहा है। राख की मोटी बरत, सल्फर डाइऑक्साइड और पत्थर के कण राजस्थान, दिल्ली, गुजरात, पंजाब आदि राज्यों में फैल गए हैं।</p>
<h2>क्या राख से दिल्ली का AQI और बढ़ जाएगा?</h2>
<p>भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) के डायरेक्टर जनरल एम मोहापात्रा ने एचटी को बताया कि दिल्ली के प्रदूशन स्तर पर ज्वालामुखी की राख का बहुत अधिक असर की संभावना कम है क्योंकि यह बहुत अधिक ऊंचाई पर है। एयर क्वालिटी पर उन्होंने कहा, &#8216;यह साफ नहीं है कि क्या यह एयर क्वालिटी पर असर डालेगा। लेकिन ज्यादा असर की संभावना कम है क्योंकि राख बहुत ऊंचाई पर है।&#8217;</p>
<p>खबर लिखे जाने के समय उन्होंने बताया कि राख गुजरात के करीब तक पहुंच चुका है और अगले कुछ घंटों में इसका प्रभाव दिल्ली, एनसीआर और उत्तर भारत के पड़ोसी राज्यों तक होगा। मोहापात्रा ने कहा कि इसका असर मुख्यतौर पर विमान संचालन में होगा।</p>
<p>चूंकि राख बहुत अधिक ऊंचाई पर है इसलिए जमीन पर इसका असर सीमित होगा। उन्होंने कहा, &#8216;आसमान धुंधला और बादलों से भरा दिखेगा। इसका असर कुछ घंटों तक रहेगा, क्योंकि यह आगे की ओर बढ़ रहा है।&#8217; उन्होंने कहा कि इन शहरों में तापमान में कुछ वृद्धि हो सकती है क्योंकि राख बादलों की तरह आसमान को ढंक देता है</p>
<p>इंडिया मेट स्काई एक्स हैंडल चलाने वाले मौसम एक्सपर्ट एश्वर्य तिवारी ने कहा, &#8216;ज्वालामुखी की राख 100-120 किलोमीटर की स्पीड से उत्तर भारत की ओर बढ़ी है। यह करीब 15,000 से 45,000 फीट की ऊंचाई पर है।&#8217; उन्होंने कहा कि इसमें मुख्यतः &#8216;ज्वालामुखी की राख, सल्फर डाइऑक्साइड और कांच या चट्टान के कुछ छोटे कण होते हैं, जो आसमान को अधिक अंधेरा दिखाते हैं और हवाई यातायात पर असर डालते हैं।&#8217; दिल्ली और आसपास के शहरों में सोमवार को वायु गुणवत्ता और ज्यादा खराब हो गई। एनसीआर में अधिकतर स्थानों पर एक्यूआई 400 के आसपास है।</p>
<h2>उड़ानों पर असर</h2>
<p>अधिकारियों ने कहा कि भारतीय वायु क्षेत्र के भीतर और आसपास विमानों के संचालन पर इसका असर दिखना शुरू हो गया है, और जैसे-जैसे राख का गुबार नजदीक आएगा, और अधिक व्यवधान की संभावना है। एयरलाइंस ने दोपहर बाद राख की दिशा को देखते हुए उड़ानें रद्द करना शुरू कर दिया। इंडिगो ने छह उड़ानें ग्राउंड कर दीं। मामले से अवगत एक व्यक्ति ने बताया, “इनमें से एक उड़ान मुंबई से शुरू होने वाली थी, बाकी रद्द की गई उड़ानें दक्षिण भारत से प्रस्थान करने वाली थीं।”</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
	</channel>
</rss>
