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	<title>ताजमहल &#8211; Shabd Shakti News</title>
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		<title>छह माह बाद खुलेगा ताजमहल प्यार नहीं केवल दीदार की मौहलत</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Praveen Dubey]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 20 Sep 2020 02:46:57 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[प्रमुख खबरें]]></category>
		<category><![CDATA[ताजमहल]]></category>
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					<description><![CDATA[मोहब्बत की अप्रितम इबारत ताजमहल के साये में अब प्यार परवान नहीं चढ़ सकेगा। कोरोना काल की पाबंदियों के चलते ताज में पर्यटक न सटकर चल सकेंगे और न ही आस-पास बैठ सकेंगे। सीसीटीवी और सुरक्षाकर्मियों की नजर से कोई पर्यटक बच नहीं पाएगा। दो गज की दूरी बनाकर ही पर्यटक स्मारक में भ्रमण कर [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>मोहब्बत की अप्रितम इबारत ताजमहल के साये में अब प्यार परवान नहीं चढ़ सकेगा। कोरोना काल की पाबंदियों के चलते ताज में पर्यटक न सटकर चल सकेंगे और न ही आस-पास बैठ सकेंगे। सीसीटीवी और सुरक्षाकर्मियों की नजर से कोई पर्यटक बच नहीं पाएगा। दो गज की दूरी बनाकर ही पर्यटक स्मारक में भ्रमण कर सकेंगे। वहीं, शाही मस्जिद में शुक्रवार को होने वाली जुमा की नमाज में सौ नमाजियों को ही प्रवेश की अनुमति होगी। उनको पश्चिमी गेट से ही प्रवेश दिया जाएगा।</p>
<p>छह महीने बाद 21 सितंबर से ताज खुलेगा तो सबकुछ बदला-बदला होगा। पहले सुरक्षा की दृष्टि से प्रवेश द्वारों पर सख्ती रहती थी। अबकी बार कोरोना से बचाव के लिए सख्ती की जाएगी। स्मारक परिसर में पहले लोग एकदूसरे के गले में हाथ डालकर घूमा करते थे। पास-पास बैठकर फोटो खिंचाते थे। फिलहाल ये सब मुमकिन नहीं होगा। यहां हर पॉइंट पर सुरक्षाकर्मी तैनात होंगे।</p>
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		<title>ताजमहल में रोकी जाए नमाज या फिर हिंदुओं को भी पढ़ने दी जाए शिव चालीसा</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Praveen Dubey]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 27 Oct 2017 10:46:56 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[देश]]></category>
		<category><![CDATA[ताजमहल]]></category>
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					<description><![CDATA[राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की अखिल भारतीय इतिहास संकलन समिति ने मांग की है कि ताजमहल  में होने वाली नमाज को बैन किया जाए। RSS से संबद्ध इस संगठन के सचिव डॉक्टर बालमुकुंद पांडे ने इंडिया टुडे से बातचीत में कहा कि ताजमहल राष्ट्रीय धरोहर है। आखिर क्यों मुस्लिमों को राष्ट्रीय धरोहर का इस्तेमाल करने दिया [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<div>राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की अखिल भारतीय इतिहास संकलन समिति ने मांग की है कि ताजमहल  में होने वाली नमाज को बैन किया जाए। RSS से संबद्ध इस संगठन के सचिव डॉक्टर बालमुकुंद पांडे ने इंडिया टुडे से बातचीत में कहा कि ताजमहल राष्ट्रीय धरोहर है।</div>
<div class="desc">
<p>आखिर क्यों मुस्लिमों को राष्ट्रीय धरोहर का इस्तेमाल करने दिया जा रहा है? ताजमहल परिसर में होने वाली नमाज को बैन किया जाना चाहिए। डॉक्टर पांडे ने मांग की है कि अगर परिसर में नमाज करने की अनुमति है तो हिंदुओं को भी शिव चालीसा का पाठ करने दिया जाए।</p>
<p>नमाज की वजह से ताजमहल को शुक्रवार को बंद रखा जाता है। हाल ही में ताजमहल के भीतर हिंदू युवा वाहिनी के सदस्यों द्वारा <a href="http://www.amarujala.com/tags/shiv-chalisa" target="_blank" rel="noopener">शिव चालीसा</a>का पाठ किए जाने को लेकर मामला बढ़ गया। कार्यकर्ताओं का कहना है कि प्राचीन शिव मंदिर है को तोड़कर ताजमहल बनाया गया है , जिस वजह से उन्हें वहां शिव चालीसा के पाठ का अधिकार है।</p>
<p>उनका ये भी कहना है कि इस बात के सबूत मौजूद हैं कि शिव मंदिर को हिंदू राजा ने बनवाया था। डॉक्टर पांडे का दावा है कि ताजमहल प्यार की निशानी नहीं है, क्योंकि शाहजहां ने अपनी पत्नी मुमताज की मौत के 4 महीने के भीतर शादी कर ली थी।</p>
<p>हम और सबूत इकट्ठा कर रहे हैं और विस्तार से इसे सबके सामने रखेंगे। हम वो तथ्य भी जुटा रहे हैं कि कैसे शिव मंदिर को ढहाकर मुस्लिम शासक ने ताजमहल बनवाया था।</p>
</div>
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