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	<title>दतिया सिंधिया अनुपथिति &#8211; Shabd Shakti News</title>
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	<description>Every News Speaks</description>
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		<title>दतिया उपचुनाव: आशुतोष तिवारी के नामांकन में  सिंधिया की गैरमौजूदगी बनी चर्चा का विषय</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Praveen Dubey]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 13 Jul 2026 08:47:37 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[प्रमुख खबरें]]></category>
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		<category><![CDATA[दतिया सिंधिया अनुपथिति]]></category>
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					<description><![CDATA[दतिया13 जुलाई 2026/दतिया विधानसभा उपचुनाव में भारतीय जनता पार्टी के प्रत्याशी आशुतोष तिवारी  अपना नामांकन पत्र दाखिल करने जा रहे हैं । नामांकन के दौरान भाजपा अपनी पूरी राजनीतिक ताकत का प्रदर्शन कर रही है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल, उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा, पूर्व गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा सहित प्रदेश [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<h1 data-pm-slice="1 1 []"></h1>
<p><strong>दतिया13 जुलाई 2026/</strong>दतिया विधानसभा उपचुनाव में भारतीय जनता पार्टी के प्रत्याशी आशुतोष तिवारी  अपना नामांकन पत्र दाखिल करने जा रहे हैं । नामांकन के दौरान भाजपा अपनी पूरी राजनीतिक ताकत का प्रदर्शन कर रही है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल, उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा, पूर्व गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा सहित प्रदेश संगठन और सरकार के कई वरिष्ठ नेताओं के इस अवसर पर मौजूद रहने की खबर है ।</p>
<p>भाजपा ने नामांकन को शक्ति प्रदर्शन का स्वरूप देते हुए बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों को भी दतिया बुलाया है। इससे स्पष्ट संकेत दिया जा रहा है कि पार्टी इस उपचुनाव को पूरी गंभीरता से लड़ रही है और किसी भी प्रकार की राजनीतिक ढिलाई के पक्ष में नहीं है।</p>
<p>हालांकि, भाजपा के इस शक्ति प्रदर्शन के बीच समाचार लिखे जाने तक एक नाम की अनुपस्थिति राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गई है। दतिया उपचुनाव के लिए पार्टी द्वारा प्रभारी बनाए गए केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया नामांकन कार्यक्रम में नजर नहीं आ रहे हैं । ऐसे में उनकी गैरमौजूदगी को लेकर विभिन्न तरह की राजनीतिक चर्चाएं शुरू हो गई हैं।</p>
<p>राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि जब मुख्यमंत्री से लेकर प्रदेश भाजपा के लगभग सभी प्रमुख नेता दतिया में मौजूद हैं, तब चुनाव प्रभारी की अनुपस्थिति स्वाभाविक रूप से सवाल खड़े करती है। राजनीतिक हलकों में इसके अलग-अलग निहितार्थ निकाले जा रहे हैं। कुछ लोग इसे पार्टी द्वारा उन्हें दतिया उपचुनाव का प्रभारी बनाए जाने को लेकर उनकी कथित नाराजगी से जोड़कर देख रहे हैं, जबकि कुछ इसे उनके पूर्व निर्धारित कार्यक्रमों या अन्य व्यस्तताओं का परिणाम बता रहे हैं।</p>
<p>हालांकि, भाजपा की ओर से सिंधिया की अनुपस्थिति को लेकर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। ऐसे में उनकी गैरमौजूदगी के वास्तविक कारणों को लेकर किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी।</p>
<p>फिलहाल भाजपा का पूरा फोकस आशुतोष तिवारी के नामांकन को सफल बनाने और यह संदेश देने पर है कि पार्टी पूरी एकजुटता के साथ चुनाव मैदान में उतर चुकी है। आने वाले दिनों में चुनाव प्रचार के दौरान केंद्रीय नेतृत्व और प्रदेश के वरिष्ठ नेताओं की सक्रियता इस उपचुनाव की दिशा और राजनीतिक समीकरणों को और स्पष्ट करेगी।</p>
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