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	<title>दांत &#8211; Shabd Shakti News</title>
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		<title>नीम की दातून छोड़िये आपके दातों को बज्र करने का दम रखता है यह पौधा</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Praveen Dubey]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 03 Jul 2026 05:17:50 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[प्रमुख खबरें]]></category>
		<category><![CDATA[सेहत]]></category>
		<category><![CDATA[दांत]]></category>
		<category><![CDATA[बज्रदंती]]></category>
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					<description><![CDATA[मुजफ्फरपुर: अगर आप भी लंबे समय से दांतों से जुड़ी समस्याओं से परेशान हैं और इलाज के बाद भी राहत नहीं मिल रही है, तो यह खबर आपके लिए दिलचस्प हो सकती है. मुजफ्फरपुर के गोविंदपुर निवासी श्रीकांत कुशवाहा एक ऐसे औषधीय पौधे का उपयोग करने का दावा कर रहे हैं, जिसे ग्रामीण इलाके में कठ [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>मुजफ्फरपुर:</strong> अगर आप भी लंबे समय से दांतों से जुड़ी समस्याओं से परेशान हैं और इलाज के बाद भी राहत नहीं मिल रही है, तो यह खबर आपके लिए दिलचस्प हो सकती है. मुजफ्फरपुर के गोविंदपुर निवासी श्रीकांत कुशवाहा एक ऐसे औषधीय पौधे का उपयोग करने का दावा कर रहे हैं, जिसे ग्रामीण इलाके में कठ सरइया और आयुर्वेद में बज्रदंती के नाम से जाना जाता है. श्रीकांत पिछले कई वर्षों से अपने बागान में करीब 400 से अधिक औषधीय पौधों का संरक्षण कर रहे हैं. उनका कहना है कि बज्रदंती के पौधे को वह बिहटा के जंगल से लाए थे और अब अपने बगीचे में इसकी खेती कर रहे हैं. उनके अनुसार, इस पौधे के डंठल को सुखाकर उसका पाउडर तैयार किया जाता है. यदि इस पाउडर से नियमित रूप से दांत साफ किए जाएं या इसके डंठल का दातून किया जाए, तो दांतों और मसूड़ों से जुड़ी कई सामान्य समस्याओं में लाभ मिल सकता है.</p>
<p>दावा है कि उन्होंने सबसे पहले अपने परिवार में इसका इस्तेमाल किया, जहां उन्हें सकारात्मक परिणाम देखने को मिला. इसके बाद उन्होंने गांव के अन्य लोगों को भी इसके बारे में जानकारी दी. आज वह इस पाउडर को करीब 100 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से उपलब्ध करा रहे हैं. उनका कहना है कि यह पूरी तरह प्राकृतिक है और ग्रामीण क्षेत्रों में लंबे समय से दातून के रूप में इसका उपयोग होता रहा है.</p>
<p>वह बताते हैं कि नियमित उपयोग से दांतों की सफाई बेहतर होती है और मसूड़ों की देखभाल में भी मदद मिल सकती है. हालांकि, वह यह भी कहते हैं कि किसी भी व्यक्ति को इसका उपयोग नियमित रूप से करना चाहिए, तभी इसका असर देखने को मिलता है.</p>
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