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	<title>धर्मान्तरण &#8211; Shabd Shakti News</title>
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	<description>Every News Speaks</description>
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		<title>धर्मान्तरण का अड्डा बना ग्वालियर,सनसनी खेज मामला उजागर होने के बाद कलेक्टर ने जांच की बात कह पल्ला झाड़ा</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Praveen Dubey]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 05 Nov 2025 13:48:48 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[प्रमुख खबरें]]></category>
		<category><![CDATA[ग्वालियर अंचल]]></category>
		<category><![CDATA[धर्म कर्म]]></category>
		<category><![CDATA[मध्यप्रदेश]]></category>
		<category><![CDATA[धर्मान्तरण]]></category>
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					<description><![CDATA[प्रवीण दुबे ग्वालियर 5 नवंबर 2025/ग्वालियर के बड़ागांव क्षेत्र स्थित बिशप निवास में चल रहे धर्मातरण और 5 राज्यों के बच्चों को धर्मगुरु बनाने की खबर सामने आने के बाद एक बार फिर ग्वालियर जिला प्रशासन का नाकारापन सामने आ गया है। इसके बाद भितरवार धर्मान्तरण और बांग्लादेशी घुसपैठिये मामले की तर्ज पर सीधे कार्यवाही [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<div dir="auto" style="text-align: center;">प्रवीण दुबे</div>
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<div dir="auto">ग्वालियर 5 नवंबर 2025/ग्वालियर के बड़ागांव क्षेत्र स्थित बिशप निवास में चल रहे धर्मातरण और 5 राज्यों के बच्चों को धर्मगुरु बनाने की खबर सामने आने के बाद एक बार फिर ग्वालियर जिला प्रशासन का नाकारापन सामने आ गया है। इसके बाद भितरवार धर्मान्तरण और बांग्लादेशी घुसपैठिये मामले की तर्ज पर सीधे कार्यवाही की जगह ग्वालियर प्रशासन ने दो सदस्यो की जांच दल गठित करने की बात कहकर फिलहाल पल्ला झाड़ दिया है।</div>
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<div dir="auto">धर्मान्तरण से जुड़े इस सनसनी खेज मामले उजागर होने के बाद ग्वालियर एकबार फिर सुर्खियों में है तमाम सनातनी संगठन इस खबर के सामने आने के बाद गुस्से में हैं। यहां बताना उपयुक्त होगा कि अभी कुछ माह पूर्व ही ग्वालियर के भितरवार में खुलेआम धर्मान्तरण और सनातन के खिलाफ मंच से अपशब्द बोलने का मामला सामने आया था सबकुछ खुलेआम होने के बावजूद आज तक इसको लेकर कोई कार्यवाही जिला प्रशासन ने नहीं की,इतना ही नहीं डबरा में भी ईसाई मिशनरीज से जुड़े स्कूल की करतूतें सामने आ चुकी हैं।</div>
<div dir="auto">बंग्लादेशी घुसपैठियों के पकड़े जाने और पुलिस को चकमा देकर भागने की घटनायें भी ग्वालियर में घटित हुई हैं। इन सबको लेकर तमाम संगठन कार्यवाही की मांग करते रहे हैं लेकिन ग्वालियर प्रशासन के कानों पर जूँ नहीं रेंगी।</div>
<div dir="auto">अब देश के एक बड़े अखबार द्वारा ग्वालियर के बड़ेगांव में चोरी छिपे आदिवासी-गरीब बच्चों का कैंप लगाकर धर्मांतरण ? और 5 राज्यों के बच्चों को धर्मगुरु बनने की ट्रेनिंग देने का खुलासा किए जाने के बाद माहौल गरमा गया है</div>
<div dir="auto"></div>
<div dir="auto">इस खुलासे  में सामने आया है कि</div>
<div dir="auto">ग्वालियर के बड़ागांव क्षेत्र स्थित बिशप निवास परिसर के एक सेंटर में 26 बच्चों को धार्मिक शिक्षा दी जा रही है, ये बच्चे मध्यप्रदेश के आदिवासी बहुल इलाकों के अलावा ओडिशा, झारखंड, छत्तीसगढ़ और केरल से लाए गए बताए जा रहे हैं।</div>
<div dir="auto"></div>
<div dir="auto">सूत्रों के अनुसार, यह सेंटर ईसाई मिशनरी संगठन द्वारा संचालित है और बच्चों को धार्मिक अध्ययन के साथ आध्यात्मिक प्रशिक्षण दिया जा रहा है। बताया गया है कि उन्हें आगे चलकर धर्मोपदेशक (रिलीजियश इंस्ट्रक्टर्स) के रूप में तैयार करने की योजना है। सेंटर शहर से लगभग 8 किमी दूर है। धार्मिक अनुष्ठान और संस्कार शहर की मुख्य चर्चों के बजाय ग्रामीण इलाकों की चर्चा में आयोजित किए जा रहे हैं।</div>
<div dir="auto"></div>
<div dir="auto">दैनिक भास्कर की पड़ताल में सामने आया कि संगठन का विशेष ध्यान आर्थिक रूप से कमजोर और आदिवासी परिवारों पर है। परिवारों को बच्चों की शिक्षा और बेहतर भविष्य का आश्वासन देकर उन्हें इस कार्यक्रम में जोड़ा जा रहा है। एडीएम सी. बी. प्रसाद बोले-&#8216;बिना पूर्व सूचना के धर्म परिवर्तन कराना जबरिया धर्म परिवर्तन की श्रेणी में आता है। ऐसे मामलों में राज्य धर्मांतरण अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाती है।&#8217; महत्वपूर्ण बात यह है कि बच्चों ने खुद स्वीकारा है कि वे फादर बनने की पढ़ाई कर रहे</div>
<div dir="auto"></div>
<div dir="auto">इस जानकारी में यह भी बताया गया है कि बिशप निवास में बच्चों का ट्रेनिंग सेंटर है। बिशप के नेतृत्व में ही उनकी देखभाल व धार्मिक शिक्षा दी जाती है। हाल ही में डबरा स्थित चर्च में एक बच्चे का डीकन (धर्मगुरू) बनाने का धार्मिक संस्कार किया गया। आश्चर्यजनक बात यह है कि बिशप हाउस के पेड़ों से घिरी इमारत में बच्चों को छिपाकर रखा जाता है। वे केवल जरूरी होने पर बाहर निकलते हैं।</div>
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<div dir="auto" style="text-align: left;"><strong><span style="color: #ff0000;">शब्दशक्ति न्यूज़ से बोलीं ग्वालियर कलेक्टर रुचिका चौहान हमसे नहीं ली बिशप ने अनुमति,  जांच समिति बना दी है करेंगे कार्यवाही</span></strong></div>
<div dir="auto" style="text-align: center;"><img fetchpriority="high" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-59020" src="https://shabdshaktinews.in/wp-content/uploads/2025/11/432291212_931618358284747_4440041918870680537_n.jpg" alt="" width="1083" height="1083" srcset="https://shabdshaktinews.in/wp-content/uploads/2025/11/432291212_931618358284747_4440041918870680537_n.jpg 1083w, https://shabdshaktinews.in/wp-content/uploads/2025/11/432291212_931618358284747_4440041918870680537_n-300x300.jpg 300w, https://shabdshaktinews.in/wp-content/uploads/2025/11/432291212_931618358284747_4440041918870680537_n-1024x1024.jpg 1024w, https://shabdshaktinews.in/wp-content/uploads/2025/11/432291212_931618358284747_4440041918870680537_n-150x150.jpg 150w, https://shabdshaktinews.in/wp-content/uploads/2025/11/432291212_931618358284747_4440041918870680537_n-768x768.jpg 768w, https://shabdshaktinews.in/wp-content/uploads/2025/11/432291212_931618358284747_4440041918870680537_n-420x420.jpg 420w, https://shabdshaktinews.in/wp-content/uploads/2025/11/432291212_931618358284747_4440041918870680537_n-696x696.jpg 696w, https://shabdshaktinews.in/wp-content/uploads/2025/11/432291212_931618358284747_4440041918870680537_n-1068x1068.jpg 1068w" sizes="(max-width: 1083px) 100vw, 1083px" /></div>
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<div dir="auto">इस सनसनी खेज मामले के सामने आने के बाद शब्दशक्ति न्यूज़ ने ग्वालियर जिला कलेक्टर श्रीमती रुचिका चौहान से चर्चा की और उनसे सवाल किया कि धर्मांतरण और अन्य प्रदेशों ke आदिवासी बच्चों के साथ बिशप निवास में संदिग्ध धार्मिक गतिविधियों का मामला सामने आने के बाद ग्वालियर प्रशासन ने क्या कार्यवाही की है ? इस सवाल के जवाब में रुचिका चौहान ने कहा कि उन्होंने मामले की जांच के लिए एडीएम,एसडीएम के नेतृत्व में जांच समिति गठित करके जांच के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि पूरी जानकारी मीडिया आधारित है जांच में सच्चाई सामने आने के बाद तुरंत उचित कार्यवाही की जाएगी। यह पूछे जाने पर क्या ग्वालियर प्रशासन के पास इस तरह की किसी भी धार्मिक गतिविधि संचालित करने की अनुमति सम्बन्धित कोई आवेदन बड़ागांव से आया है इसके जवाब में कलेक्टर रुचिका चौहान ने साफ इंकार किया कि उनके पास ऐसा कोई आवेदन नहीं आया।</div>
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<div dir="auto"><strong>सामूहिक धर्मांतरण पर 10 साल तक की जेल</strong></div>
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<div dir="auto">मप्र धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम, 2021 अधिनियम के अनुसार धर्मांतारण के सामान्य मामलों में 1-5 साल जेल। महिलाओं, नाबालिगों या एससी-एसटी के मामले में 2-10 साल जेल और 50,000 जुर्माना। सामूहिक धर्मांतरण पर 5-10 साल जेल और 1 लाख रुपए जुर्माना।</div>
<div dir="auto">धर्म परिवर्तन से 60 दिन पहले जिला मजिस्ट्रेट को सूचना देना अनिवार्य है।</div>
</div>
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		<title>सौ दलितों ने किया धर्मान्तरण</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Praveen Dubey]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 01 Oct 2017 09:25:49 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[देश]]></category>
		<category><![CDATA[धर्मान्तरण]]></category>
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					<description><![CDATA[विजय दशमी&#8217; के मौके पर अहमदाबाद और वड़ोदरा में 300 से अधिक दलितों ने बौद्ध धर्म अपना लिया. समझा जाता है कि इसी दिन मौर्य शासक सम्राट अशोक ने अहिंसा का संकल्प लिया था और बौद्ध धर्म अपना लिया था. गुजरात बौद्ध एकेडमी के सचिव रमेश बांकर ने बताया कि संगठन की ओर से आयोजित [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<div class="content-block">विजय दशमी&#8217; के मौके पर अहमदाबाद और वड़ोदरा में 300 से अधिक दलितों ने बौद्ध धर्म अपना लिया. समझा जाता है कि इसी दिन मौर्य शासक सम्राट अशोक ने अहिंसा का संकल्प लिया था और बौद्ध धर्म अपना लिया था. गुजरात बौद्ध एकेडमी के सचिव रमेश बांकर ने बताया कि संगठन की ओर से आयोजित एक कार्यक्रम में करीब 200 दलितों ने बौद्ध धर्म में दीक्षा ली. इन दलितों में 50 महिलाएं भी शामिल हैं. बांकर ने बताया कि कुशीनगर (उत्तर प्रदेश) के बौद्ध धर्म के प्रमुख ने दीक्षा दी है.</div>
<div class="content-block">बता दें कि भगवान बुद्ध ने परिनिर्वाण प्राप्त करने के लिए कुशीनगर में ही अपने शरीर का त्याग किया था. कार्यक्रम के संयोजक मधुसूदन रोहित ने बताया कि वड़ोदरा में एक कार्यक्रम में 100 से अधिक दलितों <a href="https://googleweblight.com/i?u=https://m.aajtak.in/crime/crime-news/story/kerala-miscreants-stabbing-dalit-priest-954935-2017-09-27&amp;hl=en-IN" target="_blank" rel="noopener"> </a>ने बौद्ध धर्म की दीक्षा ली और पोरबंदर के एक बौद्ध भिक्षु ने उन्हें दीक्षा दी. बीएसपी के क्षेत्रीय समन्वयक रोहित ने बताया कि इस कार्यक्रम के पीछे कोई खास संगठन नहीं था और 100 से अधिक लोगों ने स्वैच्छिक रूप से धर्मांतरण किया है.</div>
<div class="content-block">रोहित ने बताया कि हमने धर्मांतरण के लिए संकल्प भूमि (वड़ोदरा में) को चुना, क्योंकि बाबासाहेब अंबेडकर ने छुआछूत के खिलाफ अपनी लड़ाई शुरू करने की खातिर अपनी नौकरी और शहर छोड़ने से पहले यहीं पर पांच घंटे बिताए थे. उन्होंने कहा कि अशोक विजय दशमी उनके लिए इसलिए अहम है कि इसी दिन अंबेडकर ने 1956 में नागपुर में लाखों लोगों के साथ बौद्ध धर्म अपनाया था. अंबेडकर ने विजय दशमी का दिन इसलिए चुना कि इसी दिन सम्राट अशोक ने बौद्ध धर्म की दीक्षा ली थी.</div>
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