<?xml version="1.0" encoding="UTF-8"?><rss version="2.0"
	xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
	xmlns:wfw="http://wellformedweb.org/CommentAPI/"
	xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
	xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom"
	xmlns:sy="http://purl.org/rss/1.0/modules/syndication/"
	xmlns:slash="http://purl.org/rss/1.0/modules/slash/"
	>

<channel>
	<title>पत्रकारिता &#8211; Shabd Shakti News</title>
	<atom:link href="https://shabdshaktinews.in/tag/%e0%a4%aa%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%95%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a4%bf%e0%a4%a4%e0%a4%be/feed/" rel="self" type="application/rss+xml" />
	<link>https://shabdshaktinews.in</link>
	<description>Every News Speaks</description>
	<lastBuildDate>Mon, 10 Jun 2019 07:04:21 +0000</lastBuildDate>
	<language>en-US</language>
	<sy:updatePeriod>
	hourly	</sy:updatePeriod>
	<sy:updateFrequency>
	1	</sy:updateFrequency>
	<generator>https://wordpress.org/?v=6.8.5</generator>
	<item>
		<title>देर रात तक पत्रकारों के आक्रोश के बाद मुख्यमंत्री कमलनाथ ने स्थगित कराईं पत्रकारों से जुड़ी समितियां</title>
		<link>https://shabdshaktinews.in/%e0%a4%a6%e0%a5%87%e0%a4%b0-%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%a4-%e0%a4%a4%e0%a4%95-%e0%a4%aa%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%95%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a5%8b%e0%a4%82-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%86%e0%a4%95/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Praveen Dubey]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 10 Jun 2019 07:04:21 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[प्रमुख खबरें]]></category>
		<category><![CDATA[पत्रकारिता]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://shabdshaktinews.in/?p=12890</guid>

					<description><![CDATA[इसे कहते हैं &#8220;सर मुंडाते ही ओले पड़े&#8221; हम बात कर रहे हैं मध्यप्रदेश शासन जनसम्पर्क विभाग द्वारा रविवार को पत्रकारों से सम्बंधित विविध विषयों के निराकरण हेतु घोषित की गई विभिन्न समितियों की। इसमें जनसम्पर्क विभाग द्वारा राज्यस्तरीय से लेकर सम्भाग स्तरीय अधिमान्यता समितियों सहित पत्रकार कल्याण आर्थिक सहायता जैसे विषयों से जुड़ी तमाम [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>इसे कहते हैं &#8220;सर मुंडाते ही ओले पड़े&#8221; हम बात कर रहे हैं मध्यप्रदेश शासन जनसम्पर्क विभाग द्वारा रविवार को पत्रकारों से सम्बंधित विविध विषयों के निराकरण हेतु घोषित की गई विभिन्न समितियों की। इसमें जनसम्पर्क विभाग द्वारा राज्यस्तरीय से लेकर सम्भाग स्तरीय अधिमान्यता समितियों सहित पत्रकार कल्याण आर्थिक सहायता जैसे विषयों से जुड़ी तमाम समितियां शामिल थीं।</p>
<p>मध्यप्रदेश जनसम्पर्क विभाग द्वारा इन समितियों की घोषणा रविवार की देर शाम की गई और बाकायदा जनसम्पर्क विभाग ने इसकी खबर अपने वेब पोर्टल पर भी जारी की।</p>
<p>चूंकि ऐसा पहली बार हुआ कि जनसंपर्क विभाग ने एक साथ इतनी सारी समितियों की घोषणा की ,और इसमें सैकड़ों की संख्या में पत्रकारों के नाम शामिल किए गए अतः पत्रकार संगठनों सहित पत्रकार बिरादरी में जोर शोर से इसकी समीक्षा प्रारम्भ हो गई।</p>
<p>चूंकि इन समितियों में शामिल तमाम लोगों के नाम कुछ अलग हटकर थे अतः इसका विरोध भी प्रारम्भ हो गया। सूत्रों के मुताबिक रात होते होते मध्यप्रदेश की पत्रिकारिता में मजबूत पकड़ रखने वाली पत्रकारों से जुड़ी भोपाल इंदौर की लॉबी ने सीधे मुख्यमंत्री कमलनाथ के समक्ष मोर्चा खोल दिया। इसमें तमाम ऐसे पत्रकार भी शामिल थे जिन्हें इन समितियों में स्थान नहीं मिला था। देर रात तक मुख्यमंत्री के पास विरोध के अनेक फोन पहुंचे।</p>
<p>चूंकि मामला पत्रकारों से जुड़ा था अतः मुख्यमंत्री ने सत्यता पता लगाने को कहा,जनसम्पर्क मंत्री से चर्चा की। सूत्रों का कहना है की जनसंपर्क मंत्री को भी इस बात की पूरी तरह से जानकारी नहीं थी की पत्रकारों से जुड़े मामलों के लिए इतनी लंबी चौड़ी समितियों का गठन किया गया है।</p>
<p>पता चला की इन समितियों का गठन जनसंपर्क विभाग द्वारा अपने स्तर पर किया गया। यह सामने आने के बाद देर रात मुख्यमंत्री के निर्देश पर आनन फानन में इन समितियों की घोषणा सम्बन्धी आदेश को स्थगित कर दिया गया ।</p>
<p>सूत्रों का कहना है कि इन समितियों को लेकर खड़े हुए विवाद के बाद अब शासन ने फिलहाल पत्रकारों से जुड़ी किसी भी समिति की घोषणा को टाल दिया है।</p>
<p>&nbsp;</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
	</channel>
</rss>
