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	<title>पौष अमावस्या &#8211; Shabd Shakti News</title>
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	<description>Every News Speaks</description>
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		<title>19 दिसंबर पौष अमावस्या  पितरों की पूजा, पवित्र स्नान, दान-पुण्य और सूर्य देव की आराधना के लिए समर्पित है</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Praveen Dubey]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 18 Dec 2025 16:09:34 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[प्रमुख खबरें]]></category>
		<category><![CDATA[धर्म कर्म]]></category>
		<category><![CDATA[पौष अमावस्या]]></category>
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					<description><![CDATA[ग्वालियर 18 दिसंबर 2025/हिंदू धर्म में पौष अमावस्या की विशेष मान्यता है. पौष महीने में आने वाली यह अमावस्या विशेष रूप से पितरों की पूजा, पवित्र स्नान, दान-पुण्य और सूर्य देव की आराधना के लिए समर्पित मानी जाती है. पौष अमावस्या को छोटा पितृ पक्ष के नाम से भी जाना जाता है क्योंकि इस दिन [&#8230;]]]></description>
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<div>ग्वालियर 18 दिसंबर 2025/हिंदू धर्म में पौष अमावस्या की विशेष मान्यता है. पौष महीने में आने वाली यह अमावस्या विशेष रूप से पितरों की पूजा, पवित्र स्नान, दान-पुण्य और सूर्य देव की आराधना के लिए समर्पित मानी जाती है. पौष अमावस्या को छोटा पितृ पक्ष के नाम से भी जाना जाता है क्योंकि इस दिन पितरों का तर्पण करना बहुत ही शुभ माना जाता है. गरुड़ पुराण जैसे शास्त्रों में भी बताया गया है कि अमावस्या के दिन किया गया तर्पण-दान पितरों को शांति देता है और उनके आशीर्वाद से परिवार में सुख, स्वास्थ्य और समृद्धि बनी रहती है. इसलिए इस दिन कुछ गलतियां करने की भी मनाही होती है. आइए जानते हैं उन गलतियों के बारे में.</div>
<div></div>
<div>हिंदू धर्म में पौष अमावस्या का विशेष धार्मिक महत्व है। पौष मास को छोटा पितृ पक्ष भी कहा जाता है। वर्ष 2025 में पौष अमावस्या 19 दिसंबर को पड़ेगी। यह दिन पितरों के लिए किए जाने वाले कर्मों जैसे तर्पण, श्राद्ध और पिंडदान के लिए समर्पित होता है।</div>
<div class="ad-box">पौष अमावस्या 2025 पर दान करने की 5 शुभ चीजें</div>
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</div>
</div>
<div id="article-index-3" class="storyParagraph ">
<p>मान्यता है कि इस दिन पितरों के लिए किए गए कार्यों से उनकी आत्मा को शांति मिलती है और पितृ दोष का प्रभाव कम होता है। इस दिन कुछ चीजों का दान करने से पितरों का आशीर्वाद भी मिलता है।</p>
<p>1. कंबल और गर्म कपड़े: पौष का महीना बहुत ठंडा होता है। इस समय गरीब या जरूरतमंद लोगों को कंबल, ऊनी कपड़े या स्वेटर दान करना बहुत पुण्यकारी माना जाता है। शास्त्रों के अनुसार ऐसा दान करने से भगवान विष्णु प्रसन्न होते हैं, जीवन की परेशानियाँ दूर होती हैं और मन को शांति मिलती है।</p>
</div>
<div id="article-index-5" class="storyParagraph ">
<p>2. काला तिल और गुड़: अमावस्या के दिन पितरों की पूजा का विशेष महत्व होता है और पौष मास सूर्य देव से जुड़ा होता है। इस दिन काले तिल और गुड़ का दान बहुत फलदायी माना जाता है।</p>
</div>
<div id="article-index-6" class="storyParagraph ">
<ul>
<li>काले तिल दान करने से शनि दोष के बुरे प्रभाव कम होते हैं और पितरों का आशीर्वाद मिलता है।</li>
<li>गुड़ का दान करने से सूर्य मजबूत होता है, जिससे मान-सम्मान और प्रतिष्ठा बढ़ती है।</li>
</ul>
<p>3. खिचड़ी और घी: अमावस्या के दिन घी का दान करने से सौभाग्य बढ़ता है। वहीं पौष मास में खिचड़ी का दान बहुत शुभ माना गया है। खिचड़ी चावल और दाल से बनती है, जो चंद्रमा और शनि दोनों को शांत करती है।</p>
<div id="article-index-8" class="storyParagraph ">
<p>4. चांदी और पानी: पितरों के नाम पर पानी का दान करना या पानी की प्याऊ लगवाना बहुत पुण्य का काम है। इसके साथ यदि संभव हो तो चांदी की छोटी वस्तु दान करना भी शुभ माना जाता है। चांदी चंद्रमा से जुड़ी होती है, जो मन का कारक है। इससे तनाव कम होता है और सही निर्णय लेने की क्षमता बढ़ती है।</p>
</div>
<div id="article-index-9" class="storyParagraph ">
<p>5. सात प्रकार के अनाज: पौष अमावस्या पर सात तरह के अनाज (जैसे गेहूं, चावल, दाल, बाजरा आदि) का दान करना बहुत शुभ होता है। इसे सप्तधान्य दान कहा जाता है। इससे घर में अन्न और धन की कमी नहीं होती। अगर काम बार-बार अटक रहा हो या व्यापार में नुकसान हो रहा हो, तो यह दान भाग्य के द्वार खोल सकता है।</p>
</div>
</div>
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