<?xml version="1.0" encoding="UTF-8"?><rss version="2.0"
	xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
	xmlns:wfw="http://wellformedweb.org/CommentAPI/"
	xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
	xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom"
	xmlns:sy="http://purl.org/rss/1.0/modules/syndication/"
	xmlns:slash="http://purl.org/rss/1.0/modules/slash/"
	>

<channel>
	<title>प्रयागराज माघ मेला &#8211; Shabd Shakti News</title>
	<atom:link href="https://shabdshaktinews.in/tag/%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%af%e0%a4%be%e0%a4%97%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%9c-%e0%a4%ae%e0%a4%be%e0%a4%98-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%b2%e0%a4%be/feed/" rel="self" type="application/rss+xml" />
	<link>https://shabdshaktinews.in</link>
	<description>Every News Speaks</description>
	<lastBuildDate>Sat, 03 Jan 2026 05:11:25 +0000</lastBuildDate>
	<language>en-US</language>
	<sy:updatePeriod>
	hourly	</sy:updatePeriod>
	<sy:updateFrequency>
	1	</sy:updateFrequency>
	<generator>https://wordpress.org/?v=6.8.3</generator>
	<item>
		<title>प्रयागराज में आज फिर कुम्भ जैसा माहौल पौष पूर्णिमा माघ मेले की शुरुआत पर डुबकी लगाने वालों की भीड़</title>
		<link>https://shabdshaktinews.in/%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%af%e0%a4%be%e0%a4%97%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%9c-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%86%e0%a4%9c-%e0%a4%ab%e0%a4%bf%e0%a4%b0-%e0%a4%95%e0%a5%81%e0%a4%ae%e0%a5%8d/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Praveen Dubey]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 03 Jan 2026 05:11:25 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[प्रमुख खबरें]]></category>
		<category><![CDATA[धर्म कर्म]]></category>
		<category><![CDATA[प्रयागराज माघ मेला]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://shabdshaktinews.in/?p=60364</guid>

					<description><![CDATA[*संगम पर आस्था का महासागर: पौष पूर्णिमा स्नान के साथ माघ मेला 2026 का शुभारंभ* प्रयागराज &#124; 3 जनवरी 2026/आज पौष पूर्णिमा के पावन अवसर पर त्रिवेणी संगम तट पर आस्था, श्रद्धा और सनातन परंपरा का अद्भुत दृश्य देखने को मिला। माघ मेला 2026 का आज से विधिवत शुभारंभ हो गया है। प्रातः ब्रह्ममुहूर्त से [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>*संगम पर आस्था का महासागर: पौष पूर्णिमा स्नान के साथ माघ मेला 2026 का शुभारंभ*</p>
<p>प्रयागराज | 3 जनवरी 2026/आज पौष पूर्णिमा के पावन अवसर पर त्रिवेणी संगम तट पर आस्था, श्रद्धा और सनातन परंपरा का अद्भुत दृश्य देखने को मिला। माघ मेला 2026 का आज से विधिवत शुभारंभ हो गया है। प्रातः ब्रह्ममुहूर्त से ही लाखों श्रद्धालु गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती के संगम में पवित्र डुबकी लगाने पहुंचे।</p>
<p>संगम तट पर हर-हर गंगे और हर-हर महादेव के उद्घोष के बीच श्रद्धालुओं ने स्नान, दान और जप-तप के साथ माघ मेले की शुरुआत की। आज का स्नान प्रथम मुख्य स्नान माना जा रहा है, जिसका धार्मिक महत्व अत्यंत विशेष है।</p>
<p>*कल्पवास का भी आज से आरंभ*<br />
आज से ही संगम क्षेत्र में एक माह तक चलने वाला कठिन कल्पवास भी प्रारंभ हो गया है। देश के विभिन्न राज्यों से आए कल्पवासी संयम, साधना और तपस्या के मार्ग पर चलते हुए संगम तट पर निवास करेंगे। कल्पवास को आत्मशुद्धि और मोक्ष साधना का श्रेष्ठ मार्ग माना जाता है।</p>
<p>*श्रद्धालुओं का सैलाब*<br />
सुबह से ही संगम क्षेत्र में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखी गई। अनुमान के अनुसार आज लाखों की संख्या में भक्तों ने पौष पूर्णिमा का पुण्य स्नान किया। प्रशासन द्वारा की गई व्यवस्थाओं के चलते स्नान शांतिपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से संपन्न हो रहा है।</p>
<p>*माघ मेला 2026 की प्रमुख स्नान तिथियां*</p>
<p>प्रथम स्नान: 3 जनवरी 2026 — पौष पूर्णिमा<br />
दूसरा स्नान: 14 जनवरी 2026 — मकर संक्रांति<br />
तीसरा स्नान: 18 जनवरी 2026 — मौनी अमावस्या (सबसे मुख्य स्नान)<br />
चौथा स्नान: 23 जनवरी 2026 — बसंत पंचमी<br />
पांचवां स्नान: 1 फरवरी 2026 — माघी पूर्णिमा<br />
अंतिम स्नान: 15 फरवरी 2026 — महाशिवरात्रि</p>
<p>*धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व*<br />
माघ मेला केवल स्नान का पर्व नहीं, बल्कि यह भारतीय सनातन संस्कृति, साधना और सामाजिक समरसता का जीवंत उदाहरण है। मान्यता है कि संगम में माघ मास के दौरान स्नान, दान और सेवा से जीवन के कष्ट समाप्त होते हैं और पुण्य की प्राप्ति होती है।</p>
<p>*प्रशासन सतर्क*<br />
मेले को लेकर सुरक्षा, यातायात, स्वच्छता और चिकित्सा व्यवस्थाओं को लेकर प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। श्रद्धालुओं से अपील की गई है कि वे नियमों का पालन करें और शांतिपूर्वक स्नान करें।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
	</channel>
</rss>
