<?xml version="1.0" encoding="UTF-8"?><rss version="2.0"
	xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
	xmlns:wfw="http://wellformedweb.org/CommentAPI/"
	xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
	xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom"
	xmlns:sy="http://purl.org/rss/1.0/modules/syndication/"
	xmlns:slash="http://purl.org/rss/1.0/modules/slash/"
	>

<channel>
	<title>बकरीद सड़क नमाज &#8211; Shabd Shakti News</title>
	<atom:link href="https://shabdshaktinews.in/tag/%e0%a4%ac%e0%a4%95%e0%a4%b0%e0%a5%80%e0%a4%a6-%e0%a4%b8%e0%a4%a1%e0%a4%bc%e0%a4%95-%e0%a4%a8%e0%a4%ae%e0%a4%be%e0%a4%9c/feed/" rel="self" type="application/rss+xml" />
	<link>https://shabdshaktinews.in</link>
	<description>Every News Speaks</description>
	<lastBuildDate>Mon, 18 May 2026 08:55:47 +0000</lastBuildDate>
	<language>en-US</language>
	<sy:updatePeriod>
	hourly	</sy:updatePeriod>
	<sy:updateFrequency>
	1	</sy:updateFrequency>
	<generator>https://wordpress.org/?v=6.8.5</generator>
	<item>
		<title>बकरीद :  प्यार से मानेंगे तो ठीक नहीं तो दूसरा तरीका&#8217;</title>
		<link>https://shabdshaktinews.in/%e0%a4%ac%e0%a4%95%e0%a4%b0%e0%a5%80%e0%a4%a6-%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a4%be%e0%a4%b0-%e0%a4%b8%e0%a5%87-%e0%a4%ae%e0%a4%be%e0%a4%a8%e0%a5%87%e0%a4%82%e0%a4%97%e0%a5%87-%e0%a4%a4%e0%a5%8b/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Praveen Dubey]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 18 May 2026 08:55:47 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[धर्म कर्म]]></category>
		<category><![CDATA[प्रमुख खबरें]]></category>
		<category><![CDATA[बकरीद सड़क नमाज]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://shabdshaktinews.in/?p=63797</guid>

					<description><![CDATA[लखनऊ 18 मई 2026/उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बकरीद के त्योहार से पहले राज्य में सड़कों पर नमाज पढ़ने के मामले को लेकर तीखा बयान दिया है. सीएम ने कहा है कि नमाज पढ़नी है, आप शिफ्ट में पढ़िए. प्यार से मानेंगे ठीक है, नहीं मानेंगे तो दूसरा तरीका अपनाएंगे. राजधानी लखनऊ में एक कार्यक्रम के [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>लखनऊ 18 मई 2026/उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री <a title="योगी आदित्यनाथ" href="https://www.abplive.com/topic/yogi-adityanath" data-type="interlinkingkeywords" target="_blank" rel="noopener">योगी आदित्यनाथ</a> ने बकरीद के त्योहार से पहले राज्य में सड़कों पर नमाज पढ़ने के मामले को लेकर तीखा बयान दिया है. सीएम ने कहा है कि नमाज पढ़नी है, आप शिफ्ट में पढ़िए. प्यार से मानेंगे ठीक है, नहीं मानेंगे तो दूसरा तरीका अपनाएंगे. राजधानी <a title="लखनऊ" href="https://www.abplive.com/topic/lucknow" data-type="interlinkingkeywords" target="_blank" rel="noopener">लखनऊ</a> में एक कार्यक्रम के दौरान सीएम ने यह बयान दिया है.</p>
<p>सीएम ने कहा, &#8220;लोग मुझसे पूछते हैं साहब आपके यहां यूपी में क्या सड़कों पर सचमुच नमाज नहीं होती? मैं कहता हूं कतई नहीं होती है. आप जाकर देख लो नहीं होती है. सड़कें चलने के लिए हैं या कोई भी व्यक्ति आकर के चौराहे पर आकर तमाशा बना देगा. क्या अधिकार है उसको सड़क रोकने का? आवागमन बाधित करने का कौन सा अधिकार है? जहां उसका स्थल होगा वहां जाकर करें.&#8221;</p>
<p>सीएम योगी ने आगे कहा, &#8220;उन लोगों ने मुझसे कहा साहब कैसे होगा? हमारी संख्या ज्यादा है. हमने कहा शिफ्ट में कर लो. तुम्हारे घर में रहने की जगह नहीं है तो भाई संख्या नियंत्रित कर लो. और नहीं है सामर्थ्य क्यों बेकार आगे संख्या बढ़ाई जा रही है और यह चाहिए आपको कि अगर आपको सिस्टम के साथ रहना है तो याद करना हम उन नियम और कानून को मानना शुरू करें.&#8221;</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>मुख्यमंत्री ने ये भी कहा, &#8220;कानून का राज होगा. कानून के राज को सबको समान रूप से लागू करेंगे. नमाज पढ़नी आवश्यक है. आप शिफ्ट में पढ़िए. हम उसको रोकेंगे नहीं. लेकिन सड़क पर नहीं. सड़क चलने के लिए एक आम नागरिक के लिए, एक बीमार व्यक्ति के लिए, एक आम नागरिक के लिए, एक कामगार के लिए, एक कर्मचारी के लिए, एक सामान्य नागरिक के लिए, एक व्यापारी के लिए हम सड़क को बाधित नहीं करने देंगे. सरकार का नियम सार्वभौम है. सबके लिए समान रूप से लागू होता है.&#8221;</p>
<h3>&#8216;प्यार से मानेंगे तो ठीक नहीं तो दूसरा तरीका&#8217;</h3>
<p>उन्होंने कहा, &#8220;हमने कहा भाई नहीं चलने देंगे. अराजकता नहीं सड़कों पर फैलने देंगे. प्यार से मानेंगे ठीक बात है. नहीं मानेंगे तो दूसरा तरीका अपनाएंगे. हमारा काम है संवाद बनाना. आप संवाद से मानेंगे संवाद से नहीं तो संघर्ष से भी देख लो. बरेली में लोगों ने हाथ आजमाने का कार्य किया. देख लिया ताकत. इसलिए सरकार उन सिस्टम के साथ पूरी व्यवस्था को जोड़ना चाहती.&#8221;</p>
<p>&nbsp;</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
	</channel>
</rss>
