<?xml version="1.0" encoding="UTF-8"?><rss version="2.0"
	xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
	xmlns:wfw="http://wellformedweb.org/CommentAPI/"
	xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
	xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom"
	xmlns:sy="http://purl.org/rss/1.0/modules/syndication/"
	xmlns:slash="http://purl.org/rss/1.0/modules/slash/"
	>

<channel>
	<title>भारत प्रजनन दर चिंता &#8211; Shabd Shakti News</title>
	<atom:link href="https://shabdshaktinews.in/tag/%e0%a4%ad%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a4%a4-%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%9c%e0%a4%a8%e0%a4%a8-%e0%a4%a6%e0%a4%b0-%e0%a4%9a%e0%a4%bf%e0%a4%82%e0%a4%a4%e0%a4%be/feed/" rel="self" type="application/rss+xml" />
	<link>https://shabdshaktinews.in</link>
	<description>Every News Speaks</description>
	<lastBuildDate>Sun, 07 Jun 2026 05:22:35 +0000</lastBuildDate>
	<language>en-US</language>
	<sy:updatePeriod>
	hourly	</sy:updatePeriod>
	<sy:updateFrequency>
	1	</sy:updateFrequency>
	<generator>https://wordpress.org/?v=6.8.5</generator>
	<item>
		<title>भारत की प्रजनन दर में भारी गिरावट,राजधानी की फर्टिलिटी रेट तो यूरोपीय देश फिनलैंड से भी कम,एलन मस्क ने जताई चिंता</title>
		<link>https://shabdshaktinews.in/%e0%a4%ad%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a4%a4-%e0%a4%95%e0%a5%80-%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%9c%e0%a4%a8%e0%a4%a8-%e0%a4%a6%e0%a4%b0-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%ad%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a5%80/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Praveen Dubey]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 07 Jun 2026 05:22:35 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[देश]]></category>
		<category><![CDATA[प्रमुख खबरें]]></category>
		<category><![CDATA[भारत प्रजनन दर चिंता]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://shabdshaktinews.in/?p=64275</guid>

					<description><![CDATA[वॉशिंगटन: अमेरिका के अरबपति बिजनेसमैन और टेस्ला, स्पेसएक्स, एक्स जैसी नामी कंपनियों के मालिक एलन मस्क ने भारत में गिरती फर्टिलिटी रेट पर चिंता जताई है। उन्होंने एक रिपोर्ट को शेयर करते हुए एक्स पर लिखा है कि भारत की जन्म दर रिप्लेसमेंट लेवल से नीचे आ गई है। सबसे ज्यादा पढ़े-लिखे लोगों के बीच, भारत [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>वॉशिंगटन: </strong>अमेरिका के अरबपति बिजनेसमैन और टेस्ला, स्पेसएक्स, एक्स जैसी नामी कंपनियों के मालिक एलन मस्क ने भारत में गिरती फर्टिलिटी रेट पर चिंता जताई है। उन्होंने एक रिपोर्ट को शेयर करते हुए एक्स पर लिखा है कि भारत की जन्म दर रिप्लेसमेंट लेवल से नीचे आ गई है। सबसे ज्यादा पढ़े-लिखे लोगों के बीच, भारत की जन्म दर कई साल पहले ही रिप्लेसमेंट लेवल से नीचे आ गई थी। इस रिपोर्ट में बताया गया है कि दिल्ली की फर्टिलिटी रेट यूरोपीय देश फिनलैंड से भी कम है।</p>
<h3>भारत की प्रजनन दर में भारी गिरावट</h3>
<p>रिपोर्ट के अनुसार, भारत की कुल प्रजनन दर (fertility rate) पहली बार घटकर 1.9 बच्चे प्रति महिला हो गई है। यह दर उस &#8216;रिप्लेसमेंट लेवल&#8217; से भी कम है जो लंबे समय तक आबादी की बढ़त बनाए रखने के लिए ज़रूरी है। यह दुनिया के सबसे ज़्यादा आबादी वाले देश में एक बड़े डेमोग्राफिक बदलाव का संकेत है। इस गिरावट का मतलब है कि भारत विकास के एक नए दौर में पहुंच गया है। अब देश तेजी से बढ़ती आबादी की चिंता से आगे बढ़कर, बूढ़ी होती आबादी, छोटे होते परिवारों और भविष्य में काम करने वाले लोगों की कमी जैसी चिंताओं की ओर बढ़ रहा है।</p>
<p>रिपोर्ट में बताया गया है कि दिल्ली के घनी आबादी वाले इलाकों में, जहाँ कभी बड़े परिवार आम बात थी, यह बदलाव साफ दिखाई दे रहा है। भारत की आबादी 1950 में लगभग 36 करोड़ थी जो आज बढ़कर लगभग 145 करोड़ हो गई है; यह दुनिया की कुल आबादी का लगभग छठा हिस्सा है। 2023 में भारत दुनिया का सबसे ज्यादा आबादी वाला देश बन गया और उसने चीन को पीछे छोड़ दिया, लेकिन डेमोग्राफिक विशेषज्ञों का कहना है कि लगातार आबादी बढ़ने का दौर अब खत्म होने वाला है।</p>
<h3>भारत में प्रति महिला प्रजनन दर 1.9 तक पहुंची</h3>
<p>माइग्रेशन न होने की स्थिति में, आबादी को स्थिर बनाए रखने के लिए आम तौर पर प्रति महिला लगभग 2.1 बच्चों की प्रजनन दर जरूरी मानी जाती है। भारत की 1.9 की दर यह बताती है कि डेमोग्राफिक मोमेंटम (आबादी की संरचना के कारण जारी रहने वाली बढ़त) की वजह से आबादी कुछ दशकों तक तो बढ़ती रहेगी, लेकिन अगर जन्म दर में सुधार नहीं हुआ, तो अंत में इसमें गिरावट आने की संभावना है। यह ट्रेंड शहरी इलाकों और दक्षिणी राज्यों में ज्यादा साफ तौर पर देखा जा रहा है।</p>
<h3>दिल्ली में प्रजनन दर कई यूरोपीय देशों से भी कम</h3>
<p>रिपोर्ट के अनुसार, दिल्ली की प्रजनन दर घटकर सिर्फ़ 1.2 बच्चे प्रति महिला रह गई है, जबकि दक्षिणी राज्य तमिलनाडु और पूर्वी राज्य पश्चिम बंगाल में यह दर लगभग 1.3 तक पहुंच गई है, जो कुछ यूरोपीय देशों के बराबर है। यह बदलाव सरकारी सोच में एक बड़ा उलटफेर दिखाता है। 2019 में ही, भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने &#8220;आबादी विस्फोट&#8221; के बारे में चेतावनी दी थी। आज, नीति-निर्माताओं को इस बात की चिंता सता रही है कि कहीं भारत भी चीन जैसी स्थिति में न पहुंच जाए, जहां 2021 से आबादी घट रही है।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
	</channel>
</rss>
