<?xml version="1.0" encoding="UTF-8"?><rss version="2.0"
	xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
	xmlns:wfw="http://wellformedweb.org/CommentAPI/"
	xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
	xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom"
	xmlns:sy="http://purl.org/rss/1.0/modules/syndication/"
	xmlns:slash="http://purl.org/rss/1.0/modules/slash/"
	>

<channel>
	<title>भीषण गर्मी &#8211; Shabd Shakti News</title>
	<atom:link href="https://shabdshaktinews.in/tag/%e0%a4%ad%e0%a5%80%e0%a4%b7%e0%a4%a3-%e0%a4%97%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%ae%e0%a5%80/feed/" rel="self" type="application/rss+xml" />
	<link>https://shabdshaktinews.in</link>
	<description>Every News Speaks</description>
	<lastBuildDate>Fri, 22 May 2026 08:23:19 +0000</lastBuildDate>
	<language>en-US</language>
	<sy:updatePeriod>
	hourly	</sy:updatePeriod>
	<sy:updateFrequency>
	1	</sy:updateFrequency>
	<generator>https://wordpress.org/?v=6.8.5</generator>
	<item>
		<title>प्रचंड गर्मी में जानिए 48 डिग्री का हॉट अटैक जला सकता है आपका शरीर क्या होता है 43 से 44 डिग्री सेल्सियस पर</title>
		<link>https://shabdshaktinews.in/%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%9a%e0%a4%82%e0%a4%a1-%e0%a4%97%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%ae%e0%a5%80-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%9c%e0%a4%be%e0%a4%a8%e0%a4%bf%e0%a4%8f-48-%e0%a4%a1%e0%a4%bf/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Praveen Dubey]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 22 May 2026 08:23:19 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[देश]]></category>
		<category><![CDATA[प्रमुख खबरें]]></category>
		<category><![CDATA[सेहत]]></category>
		<category><![CDATA[भीषण गर्मी]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://shabdshaktinews.in/?p=63857</guid>

					<description><![CDATA[प्रचंड गर्मी और बेतहाशा तपिश से इंसान, जानवरों और पक्षियों का हाल बेहाल कर रखा है. न दिन में सुकून है और न रात में चैन. हर तरफ गर्मी है.मध्यप्रदेश के खजुराहो  बुंदेलखंड यूपी के बांदा में पारा 49 डिग्री के करीब पहुंच गया था. यूपी, बिहार, एमपी, राजस्थान में सूरज से मानो आग बरस [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>प्रचंड गर्मी और बेतहाशा तपिश से इंसान, जानवरों और पक्षियों का हाल बेहाल कर रखा है. न दिन में सुकून है और न रात में चैन. हर तरफ गर्मी है.मध्यप्रदेश के खजुराहो  बुंदेलखंड यूपी के बांदा में पारा 49 डिग्री के करीब पहुंच गया था. यूपी, बिहार, एमपी, राजस्थान में सूरज से मानो आग बरस रही हो. ऐसे में, आपके मन में सवाल उठता होगा कि हमारा शरीर कितना तापमान या कहिए कि गर्मी सहन कर पाएगा? इस पर की गई एक रिसर्च में चौंकाने वाली जानकारी पता चली है.</p>
<p>जी हां, PubMed डेटाबेस पर मौजूद एक स्टडी में बताया गया है कि सामान्य रूप से इंसान की त्वचा 43 डिग्री (109.4 डिग्री फारेनहाइट) तक का अधिकतम तापमान सह सकती है. इस तापमान तक शरीर में रक्त के प्रवाह में कोई रुकावट नहीं आएगी. ऐसा करीब 8 घंटे तक सहन किया जा सकता है. सरल शब्दों में थोड़ी सावधानी बरतते हुए 43 डिग्री या उससे कम तापमान में व्यक्ति धूप में काम कर सकता</p>
<p>हालांकि, इसके बाद तापमान में एक डिग्री की भी बढ़ोतरी हालात को मुश्किल बना सकती है. इतनी गर्मी में सुरक्षित रहने का समय घटकर आधे से भी कम हो जाता है. जी हां, त्वचा का तापमान 44 डिग्री सेल्सियस होने पर, 8 घंटे के भीतर त्वचा गंभीर रूप से झुलस सकती है. अगर रक्त प्रवाह में अड़चन पैदा हुई, तो बिना किसी चोट के गर्मी सहने का समय और भी घट जाएगा.</p>
<p>अब मौसम विभाग की ओर से जारी किए जाने वाले रेड मैप (जहां-जहां ज्यादा गर्मी है) को देखकर आपको लगेगा कि अगर तापमा 45, 46, 47 या 48 डिग्री को पार कर रहा हो, तो क्या इंसान का शरीर जल सकता है? इस हिसाब से अलग-अलग तापमान का शरीर पर पड़ने वाले असर को जानना जरूरी हो जाता है.</p>
<p><strong>43 से 44 डिग्री सेल्सियस- </strong></p>
<p>अगर इतना तापमान है, तो हमारी त्वचा को काफी जलन महसूस होगी. धूप आग-जैसी महसूस होगी. कई घंटे तक अगर धूप में रहे, या बाहर काम करते रहे तो त्वचा बुरी तरह झुल सकती है और &#8216;सेल डेथ&#8217; भी संभव है.</p>
<p><strong>48 डिग्री तापमान- </strong></p>
<p>दर्द बहुत तेज होगा. इतने तापमान में कुछ ही मिनट की तपिश त्वचा सहन कर पाएगी. घंटेभर रहे, तो त्वचा जल सकती है.</p>
<p><strong>50 डिग्री</strong></p>
<p><strong>&#8211;</strong> इस तापमान में एसी काम करना बंद कर सकती है. इतनी गर्मी में अगर कोई पांच मिनट भी रहा, सेकेंड-डिग्री बर्न हो सकता है. इससे त्वचा की नीचे वाली भीतरी परत भी झुलस सकती है.</p>
<p><strong>55 डिग्री- </strong></p>
<p>दुआ कीजिए कि इतनी गर्मी किसी को भी न झेलनी पड़े. पेड़ लगाइए. पानी बचाइए. धरती को बचाना होगा. अगर इतना तापमान हुआ तो 10 सेकेंड की तपिश भी त्वचा को बुरी तरह जला देगी.</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
	</channel>
</rss>
