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	<title>भृमण &#8211; Shabd Shakti News</title>
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		<title>अल्जीरिया में हिंदुस्तान और ग्वालियर की चर्चा</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Praveen Dubey]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 29 Nov 2017 13:29:19 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[विदेश]]></category>
		<category><![CDATA[भृमण]]></category>
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					<description><![CDATA[प्रसिद्ध सहित्यकार रामवरण ओझा इनदिनों अल्जीरिया की यात्रा पर हैं आज उन्होंने अपने अनुभव साझा किए पाठकों के लिए हम यह प्रकाशित कर रहे हैं। अल्जीरिया में हिन्दुस्तान =============== रामवरण ओझा अल्जीरिया से &#8212;&#8212;&#8212;&#8212;&#8212;&#8212;&#8212;&#8212;&#8212;&#8212;&#8212;&#8212;&#8211; आज 28 नवम्बर 2017 का दिन बहुत सुकून भरा रहा। क्योंकि आज मैंने अल्जीरिया में स्थित भारतीय दूतावास में भारत के [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<h4>प्रसिद्ध सहित्यकार रामवरण ओझा इनदिनों अल्जीरिया की यात्रा पर हैं आज उन्होंने अपने अनुभव साझा किए पाठकों के लिए हम यह प्रकाशित कर रहे हैं।</h4>
<p>अल्जीरिया में हिन्दुस्तान<br />
===============<br />
रामवरण ओझा अल्जीरिया से<br />
&#8212;&#8212;&#8212;&#8212;&#8212;&#8212;&#8212;&#8212;&#8212;&#8212;&#8212;&#8212;&#8211;<br />
आज 28 नवम्बर 2017 का दिन बहुत सुकून भरा रहा। क्योंकि आज मैंने अल्जीरिया में स्थित भारतीय दूतावास में भारत के उच्च अधिकारी पद पर पदस्थ श्री अभय जी से भेंट की। खुशनुमा माहौल में मुस्कुराहट के साथ श्री अभय जी ने हाथ मिलाकर अभिवादन किया। बोले -कैसे हैं आप। मैंने कहा ठीक हूँ। अमित जी ने बताया था, कि मेरे पिता जी आये हुए हैं। आज आप से भेंट हो गई।आप तो कवि हैं। मैंने कहा-हाँ,मेरी 7 पुस्तकें प्रकाशित हुईं हैं। आप तो ग्वालियर से हैं ।ग्वालियर का तो बहुत बड़ा नाम है। पद्मभूषण संगीत सम्राट उस्ताद अमजद अली खां ग्वालियर के ही हैं। संगीत सम्राट तानसेन की<br />
भूमि है। बातचीत के दौरान पद्मभूषण डॉ विन्देश्वर पाठक जी का भी नाम आया। वे बोले मैं उन्हें जानता हूँ। बहुत बड़ा समाज सेवा का<br />
काम कर रहे हैं। अभय जी ने पूछा अभी हाल ही में कहीं कविता पाठ हुआ। मैंने कहा अभी गोवा गया था। गोवा की महामहिम राज्यपाल डॉ मृदुला सिन्हा जी ने साहित्य सम्मेलन में सम्मानित भी किया था। श्री अभय जी बोले-मैं उन्हें जानता हूँ,वे तो स्वयं भी बहुत बड़ी साहित्यकार हैं। मैंने गोवा की राज्यपाल के साथ का चित्र दिखाया। उसमें पं सुरेश नीरव जी भी थे।देखते ही बोले इन्हें मैं जानता हूँ ।इनको मैंने देखा है ये सुरेश नीरव जी हैं। मैंने कहा-हाँ ये ही मेरे गुरु देव हैं। गुरु देव के विषय में चर्चा हुई कि ये तो वो महान साहित्यिक हस्ती हैं, जो कई देशों में कवि सम्मेलन पढ़ चुके हैं। गुरुदेव का नाम आते ही मन प्रसन्न हो गया। अब में समझ गया था कि भारत के साहित्यकार विदेशों में भी उत्कृष्ट स्थान रखते हैं और बहुत चर्चित हैं। अभय जी बहुत साहित्य प्रेमी हैं। उन्होंने दूतावास में पुस्तकालय भी दिखाया। जिसमें हिन्दी की महान कवियित्री ज्ञानपीठ पुरस्कार से सम्मानित सुश्री महादेवी वर्मा,डॉ रामविलास शर्मा,रामचरितमानस,पुराणों ,कविताओं और कहानियों पर पुस्तकें सजीं थी।श्री अभय जी ने बताया कि इस वर्ष हमने श्री दुर्गा पूजा उत्सव भी आयोजित किया था।श्री दुर्गा पूजा का नाम सुनते ही अल्जीरिया में हिन्दुस्तान दिखने लगा।</p>
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