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	<title>भोपाल &#8211; Shabd Shakti News</title>
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	<description>Every News Speaks</description>
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		<title>दिग्गीराजा के सामने कौन आएगा 25 दिन बाद भी तय नहीं कर सकी भाजपा,अब प्रज्ञा ही हैं एकमात्र विकल्प</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Praveen Dubey]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 16 Apr 2019 08:42:10 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[प्रमुख खबरें]]></category>
		<category><![CDATA[भोपाल]]></category>
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					<description><![CDATA[भोपाल। लोकसभा चुनाव 2019 में कांग्रेस प्रत्याशी दिग्विजय सिंह के सामने भारतीय जनता पार्टी का कोई भी दिग्गज नेता आने को तैयार नहीं। पहले शिवराज सिंह ने बड़ी विनम्रता से इंकार किया फिर उमा भारती ने बड़ी चतुराई से कदम खींच लिए और बॉल शिवराज के पाले में डाल दी। शिवराज ने भी उमा भारती की [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><b style="color: #000000; font-family: 'Hind Madurai', sans-serif; font-size: medium; line-height: normal; widows: auto;">भोपाल। </b><span style="color: #000000; font-family: 'Hind Madurai', sans-serif; font-size: medium; line-height: normal; widows: auto;">लोकसभा चुनाव 2019 में कांग्रेस प्रत्याशी दिग्विजय सिंह के सामने भारतीय जनता पार्टी का कोई भी दिग्गज नेता आने को तैयार नहीं। पहले शिवराज सिंह ने बड़ी विनम्रता से इंकार किया फिर उमा भारती ने बड़ी चतुराई से कदम खींच लिए और बॉल शिवराज के पाले में डाल दी। शिवराज ने भी उमा भारती की ही ट्रिक यूज की और बॉल को अमित शाह के पाले में डाल दिया। अब भाजपा के पास ना तो दिन शेष बचे हैं ना विकल्प। प्रज्ञा सिंह ठाकुर ही एकमात्र विकल्प हैं। </span></p>
<h3 style="margin: 0px; padding: 0px; color: #000000; font-family: 'Hind Madurai', sans-serif; line-height: normal; widows: auto;"></h3>
<div style="color: #000000; font-family: 'Hind Madurai', sans-serif; font-size: medium; line-height: normal; widows: auto;">भोपाल सीट बीजेपी की सबसे सुरक्षित सीटों में से एक मानी जाती है। बीजेपी यहां 1989 से ही जीतती आ रही है। इस सीट से अंतिम बार 1984 के चुनाव में कांग्रेस से के एन प्रधान जीते थे। कांग्रेस भोपाल से पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के नाम की घोषणा करीब 25 दिन पहले ही कर चुकी है। दिग्विजय सिंह के नाम की ओर भोपाल से भाजपा के प्रदेश महामंत्री वीडी शर्मा दावेदारी कर रहे थे लेकिन दिग्विजय सिंह का नाम आने के बाद उनका नाम चर्चा में नहीं आया। इसके बाद शिवराज सिंह और उमा भारती से पार्टी ने चुनाव लड़ने कहा, लेकिन दोनों ही नेताओं ने चुनाव लड़ने मना कर दिया।</p>
<p style="line-height: 24px;">
<div>
<h3 style="margin: 0px; padding: 0px;"><span style="font-size: medium; widows: auto;">साध्वी प्रज्ञा का जन्म मध्य प्रदेश के भिंड जिले के कछवाहा गांव में हुआ था</span></h3>
<h3></h3>
<h3 style="margin: 0px; padding: 0px;"><span style="font-size: medium; widows: auto;">अपने नाम की चर्चा के बीच प्रज्ञा ने माडिया से चर्चा करते हुए कहा कि वह दुश्मन को परास्त करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। मेरी कुछ स्वास्थ्य संबंधी दिक्कतें हैं, जिनके लिए दिग्विजय सिंह जिम्मेदार हैं। मैं कभी उन धब्बों को नहीं भूल सकती, जो उन्होंने मेरी जिंदगी पर लगाए हैं। जब उनसे पूछा गया कि क्या पार्टी की तरफ से आपके चुनाव लड़ने को लेकर कोई फैसला लिया गया है, तो उन्होंने कहा कि वह दुश्मन को परास्त करने के लिए पूरी तरह से तैयार हैं। इसके बाद से दिग्विजय सिंह के खिलाफ पार्टी ने प्रज्ञा ठाकुर के नाम पर विचार किया। साध्वी प्रज्ञा का जन्म मध्य प्रदेश के भिंड जिले के कछवाहा गांव में हुआ था। हिस्ट्री में पोस्ट ग्रैजुएट हैं। वह एबीवीपी की सक्रिय सदस्य भी रह चुकी हैं। </span></h3>
</div>
</div>
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		<title>देश में स्वच्छता अभियान पर भोपाल गैस त्रासदी के346 टन जहरीले कचरे की तरफ सरकार का ध्यान नहीं</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Praveen Dubey]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 02 Dec 2017 09:36:51 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[प्रमुख खबरें]]></category>
		<category><![CDATA[भोपाल]]></category>
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					<description><![CDATA[विश्व की सबसे बड़ी औधोगिक दुर्घटना में शामिल भोपाल गैस त्रासदी को कल रविवार को 33 वर्ष पूर्ण होने जा रहे हैं।दुर्घटना के लिए जिम्मेदार लोग आज या तो देश छोड़कर भाग गये और बहुत सारे अब इस दुनिया में नहीं हैं। इतने वर्ष बाद भी आज भी पीथमपुर में वो जहर भारत में मौजूद [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<h3></h3>
<p>विश्व की सबसे बड़ी औधोगिक दुर्घटना में शामिल भोपाल गैस त्रासदी को कल रविवार को 33 वर्ष पूर्ण होने जा रहे हैं।दुर्घटना के लिए जिम्मेदार लोग आज या तो देश छोड़कर भाग गये और बहुत सारे अब इस दुनिया में नहीं हैं। इतने वर्ष बाद भी आज भी पीथमपुर में वो जहर भारत में मौजूद है। जिसने हजारों भोपालवासियों को मौत की नींद सुला दिया था । आश्चर्य की बात यह है कि पूरे देश में</p>
<p>स्वच्छता अभियान संचालित करने वाली केन्द्र सरकार ने भी आज तक इस जहरीले कचरे को साफ करने अथवा इसके निष्पादन की कोई योजना न तो तैयार की न इसमें कोई रुचि दिखाई।</p>
<p>दुनिया के सबसे बड़े औद्योगिक हादसों में शुमार भोपाल गैस कांड के 33 साल बाद भी यूनियन कार्बाइड कारखाने में 346 टन जहरीला कचरा मौजूद है। इस जहरीले केमिकल को नष्ट करने का निर्णय ही नहीं हो पा रहा है। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर इंदौर के पास पीथमपुर में 10 टन कचरे का निष्पादन प्रयोग के बतौर किया गया, लेकिन इस कवायद का पर्यावरण पर कितना दुष्प्रभाव हुआ, इसकी रिपोर्ट का खुलासा होना बाकी है। बचे हुए जहरीले कचरे को कैसे ठिकाने लगाया जाए, इसे लेकर सरकार आज भी धर्मसंकट में है।</p>
<p>पर्यावरण से जुड़े इस बेहद संवेदनशील मसले पर सरकार का कहना है कि उसके पास जहरीले कचरे को निपटाने की सुविधाएं और विशेषज्ञ नहीं है। यह जहरीला कचरा यूनियन कार्बाइड कारखाने के &#8216;कवर्ड शैड&#8217; में रखा गया है। कचरे का आधिपत्य प्रदेश के गैस राहत एवं पुनर्वास विभाग के पास है। त्रासदी के करीब साढ़े तीन दशक बाद भी पर्यावरण पर खतरे की तलवार लटकी हुई है। मध्य प्रदेश सरकार इस मुद्दे पर केंद्रीय वन पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय का मुंह ताक रही है।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
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		<title>जनप्रतिनिधियों प्रशासनिक अधिकारियों समाजसेवियों ने दी मुख्यमंत्री को बधाई</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Praveen Dubey]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 29 Nov 2017 11:25:47 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[प्रमुख खबरें]]></category>
		<category><![CDATA[भोपाल]]></category>
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					<description><![CDATA[मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान को मुख्यमंत्री के रूप में बारह वर्ष पूरे होने पर जनप्रतिनिधियों, समाज के प्रबुद्धजनों और अधिकारियों-कर्मचारियों ने मुख्यमंत्री निवास पहुंचकर बधाई और शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री निवास में सुबह से ही नागरिकों का पहुंचना शुरू हो गया था। गणमान्य नागरिकों ने मुख्यमंत्री को गुलदस्ते देकर और मालाएं पहनाकर अभिनन्दन किया, बधाइयां [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान को मुख्यमंत्री के रूप में बारह वर्ष पूरे होने पर जनप्रतिनिधियों, समाज के प्रबुद्धजनों और अधिकारियों-कर्मचारियों ने मुख्यमंत्री निवास पहुंचकर बधाई और शुभकामनाएं दीं।</p>
<p>मुख्यमंत्री निवास में सुबह से ही नागरिकों का पहुंचना शुरू हो गया था। गणमान्य नागरिकों ने मुख्यमंत्री को गुलदस्ते देकर और मालाएं पहनाकर अभिनन्दन किया, बधाइयां दीं और उनके यशस्वी जीवन की कामना की। मुख्यमंत्री ने कहा कि आम आदमी के जीवन में सुख, शांति और समृद्धि लाना ही मेरे जीवन का मिशन है। इस मौके पर मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी श्रीमती साधना सिंह चौहान भी मौजूद थी।</p>
<p>नगरीय विकास एवं आवास मंत्री श्रीमती माया सिंह, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती ललिता यादव, स्कूल शिक्षा मंत्री कुंवर विजय शाह, विधायक श्री विष्णु खत्री एवं श्री रामेश्वर शर्मा,  प्रदेश मीडिया   प्रमुख लोकेंद्र पाराशर पुलिस    महानिदेशक श्री ऋषि कुमार शुक्ला, प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री श्री अशोक बर्णवाल ने मुख्यमंत्री को बधाई दी और उनके यशस्वी जीवन की कामना की।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
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		<title>संघप्रमुख भागवतजी की फोटो से छेड़छाड़ करने वाली कांग्रेस विधायक को जेल</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Praveen Dubey]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 03 Oct 2017 18:24:09 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[प्रमुख खबरें]]></category>
		<category><![CDATA[भोपाल]]></category>
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					<description><![CDATA[भोपाल। जिला अदालत ने कांग्रेस नेता कल्पना परूलेकर को फोटो टेंपरिंग कर तत्कालीन लोकायुक्त जस्टिस पीपी नावलेकर का चेहरा संघ सर संचालक मोहन भागवत के चेहरे पर लगाने के मामले में दो साल कैद और 12 हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई है। हालांकि अपर-सत्र न्यायाधीश अरविंद कुमार गोयल ने परूलेकर को सजा का फैसला सुनाने [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>भोपाल।</strong> जिला अदालत ने कांग्रेस नेता कल्पना परूलेकर को फोटो टेंपरिंग कर तत्कालीन लोकायुक्त जस्टिस पीपी नावलेकर का चेहरा संघ सर संचालक मोहन भागवत के चेहरे पर लगाने के मामले में दो साल कैद और 12 हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई है। हालांकि अपर-सत्र न्यायाधीश अरविंद कुमार गोयल ने परूलेकर को सजा का फैसला सुनाने के बाद उन्हें हाईकोर्ट में अपील अवधि तक सक्षम जमानत पर छोड़ दिया है।</p>
<p>अदालत ने अपने फैसले में कहा कि परूलेकर की हैसियत लोकतांत्रिक संवैधानिक संस्था के सदस्य की है। लेकिन, उनकी ख्याती के अनुरूप उच्च आचरण मूल्यों के अनुसार आचरण दर्शित नहीं होता। ऐसे आचरण की किसी निर्वाचित जनप्रतिनिधि से कतई अपेक्षा नहीं की जा सकती है। इससे जन सामान्य में गलत संदेश जाता है।</p>
<p class="_hoverrDone">संवैधानिक पदों पर बैठे हुए व्यक्तियों को बिना किसी आधार के चरित्र हनन करने से मर्यादा को लांछन लगाने की प्रवृत्ति को प्रोत्साहन मिलता है। किसी भी राजनैतिक दल के सदस्य को इस बात की इजाजत नहीं दी जाना चाहिए कि वह अन्याय के खिलाफ आवाज उठाने के नाम पर ऐसा असंवैधानिक काम करे। परूलेकर ने सोच समझकर, योजनाबद्ध तरीके से जानबूझकर ऐसा काम किया है, इसलिए दण्ड दिया जाना आवश्यक है, ताकि मात्र निर्वाचित जनप्रतिनिधि होने के कारण कोई भी राजनैतिक व्यक्ति इस प्रकार का आपराधिक कृत्य करने से दूर रहे।</p>
<p>महीदपुर, उज्जैन से निर्वाचित तत्कालीन कांग्रेस विधायक कल्पना परूलेकर ने 29 नवंबर 2011 को विधानसभा शीतकालीन सत्र के दौरान पत्रकारवार्ता में तत्कालीन लोकायुक्त जस्टिस पीपी नावलेकर पर संघ से नाता होने के आरोप लगाए थे।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
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		<item>
		<title>मेला प्राधिकरण में नियुक्तियों को लेकर भोपाल में सरगर्मी तेज</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Praveen Dubey]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 01 Oct 2017 11:02:04 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[व्यापार]]></category>
		<category><![CDATA[भोपाल]]></category>
		<category><![CDATA[मेला]]></category>
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					<description><![CDATA[जैसे जैसे चुनाव की बेला नजदीक आ रही शिवराज सरकार को निगम मण्डल आयोग और प्राधिकरणों में खाली पड़े पदों पर नियुक्तियों की याद  भी आ गयी लगती है। चर्चा है कि मध्यप्रदेश सरकार कई वर्षों से खाली पड़े ग्वालियर ब्यापार मेला प्राधिकरण में शीघ्र अध्यक्ष की नियुक्ति करने जा रही है। यहां बताना उपयुक्त [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>जैसे जैसे चुनाव की बेला नजदीक आ रही शिवराज सरकार को निगम मण्डल आयोग और प्राधिकरणों में खाली पड़े पदों पर नियुक्तियों की याद  भी आ गयी लगती है। चर्चा है कि मध्यप्रदेश सरकार कई वर्षों से खाली पड़े ग्वालियर ब्यापार मेला प्राधिकरण में शीघ्र अध्यक्ष की नियुक्ति करने जा रही है।</p>
<p>यहां बताना उपयुक्त होगा कि ग्वालियर के ब्यापार मेले को पूरे देश में विशिष्ट स्थान प्राप्त है। यह मेला सिंधिया विरासत काल के समय से लगता आ रहा है और अब तक सौ वर्ष से भी अधिक का समय पूर्ण कर चुका है।</p>
<p>समय गुजरता गया लेकिन इस मेले का महत्व कभी कम नहीं हुआ। लेकिन वर्तमान की बात की जाय तो पिछले तीन चार वर्षों में यह मेला अपने सबसे खराब दौर से गुजर रहा है। बीते वर्ष तो आलम यह था कि यह मेला एक ग्रामीण हाट के स्वरूप को प्रदर्शित करता नजर आया ।</p>
<p>इतना सब होने के बावजूद मध्यप्रदेश शासन ने किसी काबिल जन प्रतिनिधि को इसकी कमान सोपने के बजाय नोकरशाही पर ज्यादा विश्वास करते हुए ग्वालियर के आयुक्त को इसका अध्य्क्ष बनाना अधिक उपयुक्त समझा। परिणामस्वरूप मेला एक वार्षिक सरकारी आयोजन की तर्ज पर संचालित कर खानापूर्ति की जाने लगी। पिछले वर्ष की दुर्दशा को लेकर शिवराज सरकार ग्वालियर वासियों व मीडिया के खासे निशाने पर रही और पार्टी नेताओं को काफी नीचा भी देखना पड़ा था।<br />
अब जबकि कि चुनाव नजदीक है मध्यप्रदेश सरकार ग्वालियर मेला की दुर्दशा को लेकर कोई जोखिम नहीं उठाना चाहती है। यही वजह है कि ग्वालियर मेला प्राधिकरण में नियुक्ति को लेकर सरगर्मियां तेज हो गई हैं।<br />
पार्टी सूत्रों के मुताबिक नियुक्ति को लेकर केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर की सत्ता और संगठन के शीर्ष नेताओं से चर्चा हुई है। पार्टी ने तय किया है कि इस वर्ष मेला प्रारंभ होने के पूर्व नियुक्ति कर दी जाय।<br />
इसके लिए कई नाम चर्चा में है। सबसे प्रभावी रूप से जिस नाम की चर्चा है वह है वेदप्रकाश शिवहरे का,इनके अलावा आनन्द छापरवाल,अनुराग बंसल वेदप्रकाश शर्मा,समीक्षा गुप्ता जैसे नाम भी चर्चा में हैं। यह भी सम्भावना है कि इसके लिए कोई चमत्कृत कर देने वाला नाम भी सामने आ सकता है।</p>
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