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	<title>माखनलाल पत्रकारिता विश्वविद्यालय &#8211; Shabd Shakti News</title>
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	<description>Every News Speaks</description>
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		<title>माखनलाल पत्रकारिता विश्वविद्यालय पर राजनीतिक दमन का आरोप लगाकर 300 से अधिक प्राध्यापकों, 15 से अधिक कुलपति, पूर्व कुलपतियों ने उपराष्ट्रपति को ज्ञापन सौंपा</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Praveen Dubey]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 17 Apr 2019 16:21:44 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[देश]]></category>
		<category><![CDATA[माखनलाल पत्रकारिता विश्वविद्यालय]]></category>
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					<description><![CDATA[अकडेमिशियन्स फ़ॉर फ्रीडम, दिल्ली, के तत्वावधान में 300 से अधिक प्राध्यापकों सहित 15 से अधिक कुलपति, पूर्व कुलपति और प्रति कुलपतियों ने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल पर राजनैतिक दमन के विरुद्ध भारत के माननीय उपराष्ट्रपति को ज्ञापन सौंपा है और इसमें हस्तक्षेप की मांग की है। ग़ौरतलब है कि भारत के [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>अकडेमिशियन्स फ़ॉर फ्रीडम, दिल्ली, के तत्वावधान में 300 से अधिक प्राध्यापकों सहित 15 से अधिक कुलपति, पूर्व कुलपति और प्रति कुलपतियों ने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल पर राजनैतिक दमन के विरुद्ध भारत के माननीय उपराष्ट्रपति को ज्ञापन सौंपा है और इसमें हस्तक्षेप की मांग की है। ग़ौरतलब है कि भारत के माननीय उपराष्ट्रपति इस विश्वविद्यालय के विज़िटर (कुलाध्यक्ष) हैं और विश्वविद्यालय के अधिनियम के अंतर्गत उन्हें यह अधिकार प्राप्त है।</p>
<p>ज्ञातव्य हो कि विश्वविद्यालय प्रशासन ने विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति और अन्य 20 प्राध्यापकों पर बिना विधिसम्मत जाँच पड़ताल के गंभीर आरोपों पर FIR दर्ज करवाई है। आरोपी प्राध्यापकों को अपना पक्ष रखने का या कोई स्पष्टीकरण देने का भी अवसर नहीं दिया गया।</p>
<p>ज्ञापन में देने वाले लोगों में राज्यसभा सांसद प्रो. राकेश सिन्हा, हिमाचल प्रदेश केंद्रीय विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. कुलदीपचन्द अग्निहोत्री, इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ एडवांस्ड स्टडीज़ के अध्यक्ष प्रो. कपिल कपूर, बी पी एस महिला विश्वविद्यालय, सोनीपत की कुलपति प्रो. सुषमा यादव, सिद्धार्थनगर विश्वविद्यालय, सिद्धार्थनगर के कुलपति प्रो. सुरेंद्र दुबे, राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय, प्रयागराज के कुलपति प्रो. के एन सिंह, चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. एन के तनेजा, गौतमबुद्ध विश्वविद्यालय, नोएडा के कुलपति प्रो. भगवती प्रकाश शर्मा, विश्वभारती विश्वविद्यालय, शांतिनिकेतन के कुलपति प्रो. बिद्युत चक्रबर्ती, महात्मा गांधी केंद्रीय विश्वविद्यालय मोतीहारी के प्रति कुलपति प्रो. अनिल राय, कुशाभाऊ ठाकरे विश्वविद्यालय, रायपुर के पूर्व कुलपति प्रो. मानसिंह परमार, भागलपुर विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति प्रो. प्रेमचंद पतंजलि इत्यादि के नाम उल्लेखनीय हैं.</p>
<p>विज्ञप्ति में कहा गया है कि: हम सभी शिक्षकगण, हतप्रभ और आहत हैं कि माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्विद्यालय, भोपाल की महापरिषद के अध्यक्ष ने विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार को, पूर्व कुलपति एवं अन्य 20 वर्तमान शिक्षकों पर बिना जाँच के और कई अप्रमाणित आरोपों पर FIR करने का आदेश दिया।</p>
<p>विश्वविद्यालय के शिक्षकों पर FIR करने जैसा गंभीर कदम, एक सम्पूर्ण विधिसम्मत प्रक्रिया और स्पष्टीकरण के नोटिस भेजे जाने के पश्चात ही युक्तिसंगत माना जा सकता है। तब भी, उचित यही है, कि एक पूर्ण और पक्षपातरहित जाँच की जाए क्योंकि संबंधित व्यक्ति विश्वविद्यालय के शिक्षक हैं और अत्यन्त जिम्मेदार नागरिक हैं।</p>
<p>हम आशंकित हैं कि माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय की महापरिषद के अध्यक्ष के इस कदम से राजनैतिक प्रतिशोध की गंध आती है। क्योंकि आवश्यक प्रक्रिया का पालन नहीं हुआ है, अतः यह कदम स्पष्टतः असमर्थनीय है और निश्चित रूप से एक लंबी कानूनी लड़ाई की ओर ले जा सकता है। सरकार को भले ही इससे कोई अंतर ना पड़ता हो परन्तु  यह शिक्षकों और उनके परिवारों के लिए अत्यंत प्रताड़ित करने वाला होगा। इस संदर्भ को देखते हुए हमें संदेह है कि कोई भी जांच कमेटी जो विश्वविद्यालय द्वारा अपने कदम को तर्कसंगत सिद्ध करने के लिए स्थापित की जाती है या की जाएगी, वह पर्याप्त रूप से पक्षपातरहित और वस्तुनिष्ठ होगी। इससे विश्वविद्यालय और सरकार की विश्वसनीयता और छवि और भी अधिक धूमिल हो जाएगी।</p>
<p>अतः, हमारी मांग है कि शिक्षकों के विरुद्ध FIR तुरंत वापस ली जाए। यद्यपि किसी संस्था की जाँच करना सरकार का विशेषाधिकार है, उसी प्रकार यह भी सरकार का ही दायित्व है कि वह पक्षपातरहित रहे जिससे शिक्षकों के प्रति न्याय होना सुनिश्चित हो।</p>
<p>अतः, विश्वविद्यालय के माननीय विजिटर, भारत के उपराष्ट्रपति जी से प्रार्थना है कि वे यथाशीघ्र इस विषय में हस्तक्षेप करें और माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवम संचार विश्वविद्यालय की महापरिषद के अध्यक्ष को परामर्श दें कि FIR वापस लें और शिक्षकों को प्रताड़ित करना बंद करें।</p>
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		<title>पत्रकार दीपक तिवारी होंगे माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विवि के कुलपति</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Praveen Dubey]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 23 Feb 2019 19:10:12 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[प्रमुख खबरें]]></category>
		<category><![CDATA[माखनलाल पत्रकारिता विश्वविद्यालय]]></category>
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					<description><![CDATA[सागर । देश के विख्यात माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय के कुलपति वरिष्ठ पत्रकार दीपक तिवारी होंगे।राज्य के जनसंपर्क आयुक्त पी नरहरि ने इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि श्री तिवारी की नियुक्ति का आज फैसला कर लिया गया है।इस विश्वविद्यालय का मुख्यालय भोपाल में स्थित है और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) समेत [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p style="box-sizing: inherit; margin: 0px 0px 10px; color: #505050; font-family: Lato, Verdana, sans-serif; font-size: 14px; line-height: 22.3999996185303px; widows: auto;">
<p style="box-sizing: inherit; margin: 0px 0px 10px; color: #505050; font-family: Lato, Verdana, sans-serif; font-size: 14px; line-height: 22.3999996185303px; widows: auto;">सागर । देश के विख्यात माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय के कुलपति वरिष्ठ पत्रकार दीपक तिवारी होंगे।<br style="box-sizing: inherit;" />राज्य के जनसंपर्क आयुक्त पी नरहरि ने इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि श्री तिवारी की नियुक्ति का आज फैसला कर लिया गया है।<br style="box-sizing: inherit;" />इस विश्वविद्यालय का मुख्यालय भोपाल में स्थित है और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) समेत देश में अनेक स्थानों पर इसकी शाखाएं हैं। वर्ष 1992 में स्थापित इस विश्वविद्यालय में पत्रकारिता अौर संचार से जुड़े अत्याधिनक पाठ्यक्रम संचालित किए जाते हैं।<br style="box-sizing: inherit;" />साहित्य और लेखन में रुचि रखने वाले श्री तिवारी ढाई दशक से अधिक समय से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं और इस दौरान उन्होंने देश के विभिन्न अंचलों के अलावा विदेश यात्राएं भी कीं। मूल रूप से राज्य के सागर जिले के ढाना निवासी श्री तिवारी वर्तमान में देश की प्रमुख अंग्रेजी पत्रिका दॅ वीक के विशेष संवाददाता के रूप में भोपाल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं।<br style="box-sizing: inherit;" />देश की एक प्रतिष्ठित संवाद समिति के दिल्ली मुख्यालय में कार्य कर चुके श्री तिवारी ने प्रमुख अंग्रेजी अखबारों में भी अपनी सेवाएं दी हैं। बेहतर वक्ता और राजनैतिक विश्लेषक के रूप में पहचान बना चुके अड़तालीस वर्षीय श्री तिवारी का हिंदी और अंग्रेजी भाषाओं के अलावा बुंदेली बोली पर भी शानदार अधिकार है।<br style="box-sizing: inherit;" />डेढ़ दशक पहले पंचायती राज से संबंधित मसलों पर श्रेष्ठ रिपोर्टिंग के लिए उन्हें प्रतिष्ठित सरोजिनी नायडू पुरस्कार से भी सम्मानित किया गया। देश विदेश में अनेक सम्मान प्राप्त कर चुके श्री तिवारी ने सागर के डॉ सर हरिसिंह गौर विश्वविद्यालय के पत्रकारिता विभाग से पत्रकारिता में स्नातक किया है।</p>
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		<title>माखनलाल पत्रकारिता विश्वविद्यालय में भी घोटाले की तलाश में कमलनाथ, कई बड़े निर्णय ,प्रतिनियुक्ति समाप्ति से हड़कम्प</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Praveen Dubey]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 12 Jan 2019 06:17:38 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Breaking]]></category>
		<category><![CDATA[माखनलाल पत्रकारिता विश्वविद्यालय]]></category>
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					<description><![CDATA[दीपक शर्मा की मूल विभाग में ग्वालियर वापसी ,जनसंचार विभाग के एचओडी प्रो. संजय द्विवेदी से रजिस्ट्रार का दायित्व वापस ले लिया . डिप्टी रजिस्ट्रार दीपेंद्र सिंह बघेल को कार्यवाहक रजिस्ट्रार नियुक्त किया गया भोपाल .  मध्यप्रदेश में सत्ता परिवर्तन के बाद अब माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय पूरी तरह निशाने पर आ [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<div class="db_storyimg" style="margin: 0px; padding: 0px; box-sizing: border-box; position: relative; overflow: hidden; color: #666666; font-family: Arial, Helvetica, sans-serif; line-height: 18px; widows: auto; background: #ededed;"><img decoding="async" class="i-amphtml-fill-content i-amphtml-replaced-content" style="margin: auto; box-sizing: border-box; display: block; height: 0px; max-height: 100%; min-height: 100%; min-width: 100%; width: 360px; position: absolute; top: 0px; left: 0px; bottom: 0px; right: 0px; padding: 0px !important; border: none !important;" src="https://i10.dainikbhaskar.com/thumbnails/730x548/web2images/www.bhaskar.com/2019/01/12/0521_maakhala_laala.jpeg" alt="Pro. Dwivedi takes charge of registrar" /></div>
<div class="db_storycontent" style="margin: 0px; padding: 10px; box-sizing: border-box; font-stretch: normal; font-size: 18px; line-height: 30px; font-family: Arial, Helvetica, sans-serif; color: #666666; widows: auto;">
<ol style="margin: 0px; padding: 0px; box-sizing: border-box;">
<li style="margin: 0px; padding: 10px 0px 10px 20px; box-sizing: border-box; position: relative; display: block; font-stretch: normal; font-size: 20px; font-family: Arial, Helvetica, sans-serif;">दीपक शर्मा की मूल विभाग में ग्वालियर वापसी ,जनसंचार विभाग के एचओडी प्रो. संजय द्विवेदी से रजिस्ट्रार का दायित्व वापस ले लिया .</li>
<li style="margin: 0px; padding: 10px 0px 10px 20px; box-sizing: border-box; position: relative; display: block; font-stretch: normal; font-size: 20px; font-family: Arial, Helvetica, sans-serif;">डिप्टी रजिस्ट्रार दीपेंद्र सिंह बघेल को कार्यवाहक रजिस्ट्रार नियुक्त किया गया</li>
</ol>
<div class="db_storytime" style="margin: 0px; padding: 10px 20px 2px; box-sizing: border-box; font-stretch: normal; font-size: 14px; line-height: 18px; font-family: Calibri; color: #acacac;">
<h4 style="margin: 0px; padding: 5px 0px; box-sizing: border-box; color: #000000; font-family: Arial, Helvetica, sans-serif; font-stretch: normal; font-size: 18px; line-height: 24px;"></h4>
</div>
<p style="margin: 0px; padding: 10px 0px; box-sizing: border-box; font-stretch: normal; color: #333333; clear: right;"><strong style="margin: 0px; padding: 0px; box-sizing: border-box;">भोपाल .</strong>  मध्यप्रदेश में सत्ता परिवर्तन के बाद अब माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय पूरी तरह निशाने पर आ गया है खबर है कि  वर्तमान में इस विश्वविद्यालय के  1600 से अधिक स्टडी सेंटर हैं। इनको मान्यता देने में गड़बड़ी  की संभावना  को सरकार टटोल रही है । सरकार का जहां एकओर यह मानना है कि पिछले 10 वर्षों में यह संस्थान राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के विचारों को प्रेषित करने का केंद बन गया था वहीं संघ विचारों वाले तमाम लोगों की यहां नियुकितियाँ भी की गईं इसको लेकर सारे नियम कानून भी दरकिनार कर दिये गए। अव बदले हुए राजनीतिक परिवेश में ये निशाने पर आ गए हैं।</p>
<p style="margin: 0px; padding: 10px 0px; box-sizing: border-box; font-stretch: normal; color: #333333; clear: right;"> इसी के चलते जनसंचार विभाग के एचओडी प्रो. संजय द्विवेदी से रजिस्ट्रार का दायित्व वापस ले लिया है। कुलपति पी. नरहरि के निर्देश यह कार्रवाई की गई। वहीं, डिप्टी रजिस्ट्रार दीपेंद्र सिंह बघेल को कार्यवाहक रजिस्ट्रार नियुक्त किया गया है।</p>
<p style="margin: 0px; padding: 10px 0px; box-sizing: border-box; font-stretch: normal; color: #333333; clear: right;">उधर दीपक शर्मा को<strong style="margin: 0px; padding: 0px; box-sizing: border-box;"> </strong> उनके मूल विभाग भेजने का आदेश भी जारी कर दिया गया है। इनके कार्यकाल में पत्रकारिता विवि में स्टडी सेंटर की संख्या बढ़कर दोगुना हो गई है। वर्तमान में 1600 से अधिक स्टडी सेंटर हैं। इनको मान्यता देने में गड़बड़ी होने की संभावना जताई जा रही है। उधर, डीसीए की ऑनलाइन परीक्षा कराने के लिए हुए टेंडर में भी प्रशासन की भूमिका पर सवाल खड़े हो रहे हैं।  यदि इस मामले की जांच होती है तो गड़बड़ी उजागर हो सकती है।</p>
<p style="margin: 0px; padding: 10px 0px; box-sizing: border-box; font-stretch: normal; color: #333333; clear: right;"> उधर, विभिन्न शैक्षणिक डिपार्टमेंट में 30 हजार के मासिक वेतन पर 6-6 महीने नियुक्त की जाने वाली फैकल्टी का कॉन्ट्रेक्ट खत्म कर दिया है। हालांकि, इन्हें तत्कालीन कुलपति जगदीश उपासने द्वारा ही इन्हें हटाने की कार्रवाई की जा चुकी थी।</p>
</div>
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