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	<title>मानसून विदाई 2026 &#8211; Shabd Shakti News</title>
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	<description>Every News Speaks</description>
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		<title>17 सितंबर से शुरू हो सकती है मानसून की विदाई, पश्चिमी राजस्थान से बदलेंगे हवाओं के रुख, कई राज्यों में सूखे जैसे हालात की चिंता</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Praveen Dubey]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 01 Sep 2026 07:56:15 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[प्रमुख खबरें]]></category>
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					<description><![CDATA[प्रवीण दुबे देश में दक्षिण-पश्चिम मानसून अब अपने अंतिम चरण की ओर बढ़ रहा है। अगस्त में सामान्य से कम बारिश के बाद सितंबर में भी देशभर में बारिश सामान्य से कम रहने का अनुमान है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार यदि मौजूदा परिस्थितियां बनी रहीं तो 17 सितंबर के बाद पश्चिमी राजस्थान से मानसून की [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<h5 style="text-align: center;" data-pm-slice="1 1 []">प्रवीण दुबे</h5>
<h5 data-pm-slice="1 1 []"><span style="color: #222222; font-family: Verdana, BlinkMacSystemFont, -apple-system, 'Segoe UI', Roboto, Oxygen, Ubuntu, Cantarell, 'Open Sans', 'Helvetica Neue', sans-serif; font-size: 15px;">देश में दक्षिण-पश्चिम मानसून अब अपने अंतिम चरण की ओर बढ़ रहा है। अगस्त में सामान्य से कम बारिश के बाद सितंबर में भी देशभर में बारिश सामान्य से कम रहने का अनुमान है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार यदि मौजूदा परिस्थितियां बनी रहीं तो </span>17 सितंबर के बाद पश्चिमी राजस्थान से मानसून की वापसी के संकेत मजबूत हो सकते हैं।<span style="color: #222222; font-family: Verdana, BlinkMacSystemFont, -apple-system, 'Segoe UI', Roboto, Oxygen, Ubuntu, Cantarell, 'Open Sans', 'Helvetica Neue', sans-serif; font-size: 15px;"> हालांकि, मानसून की वापसी की तारीख को लेकर अभी अंतिम आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है।</span></h5>
<h5>मानसून की विदाई की प्रक्रिया शुरू होने से पहले पश्चिमी राजस्थान और आसपास के क्षेत्रों में बारिश की गतिविधियां कमजोर होती हैं और हवाओं के रुख में बदलाव आने लगता है। इसके बाद धीरे-धीरे मानसून उत्तर-पश्चिम भारत से पीछे हटता है।</h5>
<h5>देश में करीब 14 प्रतिशत बारिश की कमी</h5>
<h5>इस मानसून सीजन में देशभर में बारिश सामान्य से कम रही है। जून से अगस्त के दौरान देश में बारिश में करीब 13.8 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है। अगस्त में भी बारिश सामान्य से लगभग 16 प्रतिशत कम रही। मौसम विभाग ने सितंबर में भी देशभर में सामान्य से कम बारिश का अनुमान जताया है।</h5>
<h5>बारिश की इस कमी का असर खेती, जलाशयों और मिट्टी की नमी पर पड़ने की आशंका है। देश के बड़ी संख्या में जिलों में सामान्य से कम बारिश दर्ज होने से कृषि क्षेत्र की चिंता बढ़ी है।</h5>
<h5>मध्यप्रदेश में अभी बारिश का दौर, आगे चिंता बढ़ सकती है</h5>
<h5>मध्यप्रदेश में मानसून पूरी तरह कमजोर नहीं हुआ है। सितंबर की शुरुआत में प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश की गतिविधियां जारी हैं। मौसम विभाग ने पूर्वी मध्यप्रदेश में कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताई है।</h5>
<h5>इसका मतलब यह है कि प्रदेश में अभी मानसून की विदाई नहीं मानी जा सकती। आने वाले दिनों में यदि बारिश की गतिविधियां लगातार कम होती हैं और पश्चिमी हिस्सों में हवाओं का रुख बदलता है तो मानसून की वापसी के संकेत स्पष्ट हो सकते हैं।</h5>
<h5>मध्यप्रदेश के लिए सितंबर की बारिश इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि सोयाबीन, मक्का, कपास और दलहन जैसी खरीफ फसलें इस समय महत्वपूर्ण वृद्धि अवस्था में हैं। सितंबर में बारिश कम होने पर फसलों की नमी संबंधी जरूरत प्रभावित हो सकती है। देश में बारिश की कमी को लेकर कृषि क्षेत्र पर चिंता का एक प्रमुख कारण यही है।</h5>
<h5>उत्तरप्रदेश में भी अभी बारिश से राहत</h5>
<h5>उत्तरप्रदेश में भी मानसून की गतिविधियां अभी बनी हुई हैं<strong>।</strong> खासकर पूर्वी उत्तरप्रदेश में 1 सितंबर को भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताई गई है। बंगाल की खाड़ी में बने मौसम तंत्र का असर उत्तरप्रदेश के पूर्वी हिस्सों तक पहुंच रहा है।</h5>
<h5>इसलिए उत्तरप्रदेश में भी फिलहाल मानसून की विदाई की प्रक्रिया शुरू नहीं मानी जा सकती। हालांकि, सितंबर के आगे बढ़ने के साथ यदि बारिश कमजोर होती है और पश्चिमी राजस्थान से मानसून वापसी के संकेत मिलते हैं तो उत्तर भारत में मौसम का मिजाज तेजी से बदल सकता है।</h5>
<h5>पश्चिमी राजस्थान से शुरू होगा बड़ा बदलाव</h5>
<h5>मानसून की वापसी के लिए पश्चिमी राजस्थान सबसे महत्वपूर्ण क्षेत्र माना जाता है। यहां बारिश की गतिविधियों में लगातार कमी, वातावरण में नमी घटने और हवाओं की दिशा बदलने जैसे संकेत मानसून की विदाई की शुरुआत का संकेत देते हैं।</h5>
<h5>यदि सितंबर के दूसरे सप्ताह में ये परिस्थितियां बनती हैं तो मानसून धीरे-धीरे राजस्थान से आगे बढ़ते हुए उत्तर-पश्चिम भारत के दूसरे हिस्सों से पीछे हट सकता है।</h5>
<h5>सितंबर में भी कम बारिश का अनुमान</h5>
<h5>मौसम विभाग के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार सितंबर 2026 में देशभर में बारिश सामान्य से कम रहने की संभावना है। IMD ने अगले कुछ दिनों में देश के अलग-अलग हिस्सों में बारिश की गतिविधियां जारी रहने की बात कही है, लेकिन पूरे महीने के स्तर पर बारिश सामान्य से कम रहने का अनुमान है।</h5>
<h5>यानी मानसून की विदाई से पहले भी कई राज्यों में बारिश के दौर आते रहेंगे। मानसून की वापसी का अर्थ यह नहीं है कि बारिश अचानक पूरी तरह बंद हो जाएगी, बल्कि बारिश की व्यापकता और आवृत्ति धीरे-धीरे कम होती जाएगी।</h5>
<h5>कई राज्यों में सूखे जैसे हालात की चिंता</h5>
<h5>देश के कई हिस्सों में लंबे समय से सामान्य से कम बारिश के कारण सूखे जैसी स्थिति की चिंता बढ़ रही है। बारिश की कमी वाले जिलों में खेती और जलस्रोतों पर इसका असर दिखाई दे रहा है।</h5>
<h5>विशेषज्ञों के लिए सबसे बड़ी चिंता यह है कि यदि सितंबर में भी अपेक्षित बारिश नहीं हुई तो मानसून की कुल कमी और बढ़ सकती है। इसका असर खरीफ फसलों के उत्पादन के साथ-साथ मिट्टी की नमी और रबी फसलों की शुरुआती तैयारी पर भी पड़ सकता है।</h5>
<h5>अब सितंबर की बारिश पर टिकी उम्मीद</h5>
<h5>फिलहाल मध्यप्रदेश और उत्तरप्रदेश समेत देश के कई राज्यों में बारिश के दौर जारी हैं। लेकिन सितंबर के दूसरे सप्ताह में मौसम का रुख किस दिशा में जाता है, यह मानसून की विदाई की गति तय करेगा।</h5>
<h5>17 सितंबर के आसपास पश्चिमी राजस्थान में हवाओं का रुख बदलता है और बारिश की गतिविधियां कमजोर पड़ती हैं तो इसे मानसून की वापसी की शुरुआत का महत्वपूर्ण संकेत माना जा सकता है। इसके बाद उत्तर भारत सहित मध्य भारत में भी मौसम में बदलाव दिखाई देने लगेगा।</h5>
<h5>फिलहाल किसानों और आम लोगों की नजर सितंबर की बारिश पर है। यदि मानसून विदाई से पहले अच्छी बारिश करा देता है तो बारिश की कमी कुछ हद तक कम हो सकती है, लेकिन जल्दी विदाई और कमजोर सितंबर बारिश की स्थिति में पानी और खेती से जुड़ी चुनौतियां बढ़ सकती हैं।</h5>
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