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	<title>मानसून &#8211; Shabd Shakti News</title>
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	<description>Every News Speaks</description>
	<lastBuildDate>Thu, 02 Jul 2026 05:59:51 +0000</lastBuildDate>
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		<title>ग्वालियर अंचल की ओर बढ़ता मानसून, छाए बादल बारिश का इंतजार</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Praveen Dubey]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 02 Jul 2026 05:59:51 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[प्रमुख खबरें]]></category>
		<category><![CDATA[ग्वालियर अंचल]]></category>
		<category><![CDATA[मानसून]]></category>
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					<description><![CDATA[ग्वालियर 2 जुलाई 2026/मॉनसून तेज़ गति से मध्‍यप्रदेश की ओर बढ़ रहा है। इसके आज उज्‍जैन और ग्‍वालियर- चंबल प्रखंड में पहुंचने की संभावना है। सागर और भोपाल संभाग के कई जिलों में कल तेज वर्षा हुई। इंदौर और मऊ के कई हिस्सों में जलभराव के कारण कुछ वाहनों के फंस जाने की भी खबर [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<div>ग्वालियर 2 जुलाई 2026/मॉनसून तेज़ गति से मध्‍यप्रदेश की ओर बढ़ रहा है। इसके आज उज्‍जैन और ग्‍वालियर- चंबल प्रखंड में पहुंचने की संभावना है। सागर और भोपाल संभाग के कई जिलों में कल तेज वर्षा हुई। इंदौर और मऊ के कई हिस्सों में जलभराव के कारण कुछ वाहनों के फंस जाने की भी खबर है। सि‍होर जिले में लगातार वर्षा से नि‍चले इलाकों में बाढ़ जैसी स्थिति है। कई रिहायशी कॉलोनियों में भी पानी भर जाने की खबर है।</div>
<div>दक्षिण-पश्चिम मानसून अब तेजी से आगे बढ़ चुका है और आज ग्वालियर-चंबल संभाग में प्रवेश करने की स्थिति में है। मौसम विभाग के अनुसार अगले 24 घंटों में पूरे अंचल में मानसून सक्रिय होने की संभावना है।<br />
ग्वालियर, मुरैना, भिंड, श्योपुर, दतिया, शिवपुरी और अशोकनगर जिलों में बादल छाने, गरज-चमक के साथ बारिश और कुछ स्थानों पर तेज हवाएं चलने की संभावना है।<br />
शुरुआती दौर में बारिश का दौर रुक-रुक कर रहेगा, लेकिन 3–5 जुलाई के बीच मानसून के और सक्रिय होने से कई जिलों में अच्छी वर्षा हो सकती है।</p>
<p>बारिश शुरू होने के बाद अधिकतम तापमान में 3–5 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट आने की संभावना है, जिससे भीषण गर्मी से राहत मिलेगी।</p></div>
<div>मौसम विभाग के अनुसार आज राज्‍य के कई इलाक़ों में बहुत तेज वर्षा हो सकती है। हर्दा, नर्मदापुरम रायसेन, छिंदवाडा, पंधुर्ना, और बालाघाट जिलों में अगले 24 घंटों के दौरान वर्षा का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। अशोक नगर, देवास, खांडवा, बेतूल, सागर,  मंडला और डिंडोरी के लिए येलो अलर्ट है। भोपाल, इंदौर और उज्‍जैन सहित 40 से अधिक जिलों में तूफान के साथ बारिश का अनुमान है।</div>
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		<title>वर्षा में देरी पर चिंता न करें किसान यूं बनाए योजना</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Praveen Dubey]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 28 Jun 2026 12:56:26 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[प्रमुख खबरें]]></category>
		<category><![CDATA[मध्यप्रदेश]]></category>
		<category><![CDATA[खेती विलम्ब]]></category>
		<category><![CDATA[मानसून]]></category>
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					<description><![CDATA[ग्वालियर, 28 जून 2026/ मानसून के आगमन में देरी या सामान्य से कम वर्षा की स्थिति को ध्यान में रखकर ग्वालियर जिले के किसानों के लिए कृषि विज्ञान केन्द्र एवं कृषि विभाग द्वारा वैज्ञानिक सलाह जारी की गई है। कृषकगणों से अपील की गई है कि वे मानसून देरी से आने पर चिंता न करें, [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>ग्वालियर, 28 जून 2026/ मानसून के आगमन में देरी या सामान्य से कम वर्षा की स्थिति को ध्यान में रखकर ग्वालियर जिले के किसानों के लिए कृषि विज्ञान केन्द्र एवं कृषि विभाग द्वारा वैज्ञानिक सलाह जारी की गई है। कृषकगणों से अपील की गई है कि वे मानसून देरी से आने पर चिंता न करें, कृषि वैज्ञानिकों द्वारा बताए गए उपाय अपनाकर खेती करें, जिससे कम वर्षा की स्थिति में भी फसल उत्पादन को सुरक्षित रखा जा सके।</p>
<p>कृषि विभाग ने सलाह दी है कि किसान 50 से 75 मिलीमीटर प्रभावी वर्षा होने के बाद ही बुवाई प्रारंभ करें। खेत में नमी संरक्षण के लिए मेड़बंदी, मल्चिंग तथा जल संरक्षण के उपाय अपनाएँ और कम अवधि वाली एवं ऐसी किस्मों का चयन करें जो कम वर्षा को सहन कर सकें।</p>
<p>मानसून 15 से 30 दिन विलंब से आने पर फसलवार सलाह</p>
<p>कृषि वैज्ञानिकों ने सलाह दी है कि यदि मानसून 15 से 30 दिन की देरी से आता है तो किसान ज्वार की 80 से 100 दिन में पकने वाली किस्में, बाजरा की शीघ्र पकने वाली किस्में तथा तिल, मूंग और उड़द जैसी कम अवधि एवं कम वर्षा में बेहतर उत्पादन देने वाली फसलों की बुवाई करें। सोयाबीन की बुवाई जुलाई के प्रथम पखवाड़े तक पूर्ण कर लें। इसके बाद तिल, मूंग अथवा उड़द जैसी वैकल्पिक फसलों को प्राथमिकता दें। अरहर की शीघ्र पकने वाली किस्में केवल हल्की भूमि में जुलाई के प्रथम पखवाड़े तक बोने की सलाह दी गई है।</p>
<p>कम वर्षा की स्थिति में अपनाएँ ये उपाय</p>
<p>कृषि विभाग ने खेतों में मेड़बंदी, कंटूर बंडिंग, मल्चिंग तथा वर्षा जल संरक्षण पर विशेष जोर दिया है। समय पर खरपतवार नियंत्रण करें तथा उपलब्ध पानी से आवश्यकता पड़ने पर जीवन रक्षक सिंचाई दें। यूरिया की पूरी मात्रा एक साथ न देकर दो से तीन किस्तों में दें। फसल पर आवश्यकता अनुसार 2 प्रतिशत यूरिया अथवा 1 प्रतिशत पोटाश का पर्णीय छिड़काव करें तथा कीट एवं रोगों की नियमित निगरानी रखें।</p>
<p>भूमि एवं उर्वरक प्रबंधन पर दें विशेष ध्यान</p>
<p>विभाग ने किसानों को गहरी जुताई, खेत समतलीकरण, मजबूत मेड़बंदी तथा वर्षा जल को खेत में ही रोकने की सलाह दी है। फसल अवशेषों को जलाने के बजाय उनका उपयोग नमी संरक्षण के लिए करें। फास्फोरस एवं पोटाश की पूरी मात्रा बुवाई के समय दें तथा नाइट्रोजन (यूरिया) का उपयोग विभाजित मात्रा में करें। जैव उर्वरकों एवं जैविक खाद के प्रयोग को बढ़ावा दें।</p>
<p>ग्वालियर जिले के किसानों के लिए विशेष सलाह</p>
<p>कम वर्षा की संभावना को देखते हुए बाजरा, ज्वार, तिल, मूंग एवं उड़द जैसी अपेक्षाकृत सूखा सहनशील फसलों को प्राथमिकता दें। सिंचित क्षेत्रों में ड्रिप एवं स्प्रिंकलर जैसी सूक्ष्म सिंचाई पद्धतियों का उपयोग करें तथा प्रतिदिन मौसम पूर्वानुमान के अनुसार कृषि कार्य करें।<br />
कृषि विभाग ने किसानों से आग्रह किया है कि वर्षा में देरी होने पर किसी प्रकार की चिंता न करें। पहली प्रभावी वर्षा के बाद ही बुवाई करें, कम अवधि एवं सूखा सहनशील किस्मों का चयन करें तथा कृषि विभाग एवं कृषि वैज्ञानिकों की सलाह के अनुसार कृषि कार्य करें।<br />
अधिक जानकारी के लिए जिले के कृषकगण उप संचालक किसान कल्याण व कृषि विकास विभाग के कार्यालय अथवा कृषि विज्ञान केंद्र, ग्वालियर से संपर्क कर सकते हैं। साथ ही विकासखंड स्तर पर वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी के कार्यालय में भी संपर्क किया जा सकता है।</p>
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		<title>देश में मानसून ने दी दस्तक केरलम में 9 दिन देरी से हुआ आगमन</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Praveen Dubey]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 04 Jun 2026 09:13:19 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[देश]]></category>
		<category><![CDATA[प्रमुख खबरें]]></category>
		<category><![CDATA[मानसून]]></category>
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					<description><![CDATA[देशभर में मौसम का मिजाज तेजी से बदल रहा है. भारतीय मौसम विभाग (IMD) के मुताबिक, दक्षिण-पश्चिम मानसून केरल में दस्तक दे चुका है. वहीं, कई राज्यों में प्री-मानसून गतिविधियां तेज हो गई हैं और अगले कुछ दिनों तक बारिश, आंधी और तेज हवाओं का दौर जारी रहने की संभावना है. मानसून 9 दिन देरी [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>देशभर में मौसम का मिजाज तेजी से बदल रहा है. भारतीय मौसम विभाग (IMD) के मुताबिक, दक्षिण-पश्चिम मानसून केरल में दस्तक दे चुका है. वहीं, कई राज्यों में प्री-मानसून गतिविधियां तेज हो गई हैं और अगले कुछ दिनों तक बारिश, आंधी और तेज हवाओं का दौर जारी रहने की संभावना है.</p>
<p><strong>मानसून 9 दिन देरी से पहुंच रहा केरल</strong></p>
<p>पहले अनुमान था कि मानसून 26 मई को केरल पहुंचेगा, लेकिन यह तय समय से करीब 9 दिन देरी से आया. आमतौर पर मानसून 1 जून तक केरल पहुंच जाता है और इसके बाद करीब डेढ़ महीने में पूरे देश को कवर करता है.</p>
<p><strong>दक्षिण भारत में भारी बारिश की संभावना</strong></p>
<p>केरल के साथ-साथ तमिलनाडु और कर्नाटक के कई इलाकों में अगले सात दिनों तक भारी बारिश हो सकती है. केरल के कई हिस्सों में पहले से ही तेज बारिश हो रही है, जिसके चलते अलप्पुझा, कोट्टायम और एर्नाकुलम जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है. ऑरेंज अलर्ट का मतलब है कि 11 से 20 सेंटीमीटर तक बहुत भारी बारिश हो सकती है.</p>
<p><strong>उत्तर और मध्य भारत में प्री-मानसून एक्टिव</strong></p>
<p>मध्यप्रदेश राजस्थान, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली,  छत्तीसगढ़ और तेलंगाना में प्री-मानसून गतिविधियां जारी हैं. मौसम विभाग के अनुसार, क्यूम्युलोनिम्बस (CB) बादलों के कारण 50 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं, गरज-चमक और बारिश हो सकती है. इन्हीं बादलों की वजह से आंधी, बिजली और तेज तूफान बनते हैं.</p>
<p><strong>24 राज्यों में मौसम विभाग का अलर्ट</strong></p>
<p>IMD ने ओडिशा, राजस्थान, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, दिल्ली, तेलंगाना समेत 24 राज्यों में बारिश, आंधी और तेज हवाओं की चेतावनी जारी की है. राजस्थान, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में भारी बारिश, ओलावृष्टि और तेज हवाओं का अलर्ट है, जबकि दिल्ली में अगले दो दिनों के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है.</p>
<p><strong>कई राज्यों में अभी भी जारी है गर्मी का असर</strong></p>
<p>मौसम में बदलाव के बावजूद गुजरात, पश्चिमी राजस्थान, उत्तर प्रदेश, बिहार, महाराष्ट्र और तमिलनाडु के कई इलाकों में तापमान अब भी 40 डिग्री सेल्सियस से ऊपर बना हुआ है. इससे लोगों को गर्मी से राहत नहीं मिल पा रही है.</p>
<p><strong>5 जून का मौसम अपडेट</strong></p>
<ul>
<li>राजस्थान, गुजरात, पश्चिमी मध्य प्रदेश, ओडिशा और तटीय आंध्र प्रदेश में आंधी-तूफान को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी.</li>
<li>अंडमान-निकोबार, केरल, कर्नाटक, लक्षद्वीप, तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में शनिवार तक तेज बारिश की संभावना.</li>
<li>जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, मध्य महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों में आंधी के साथ ओलावृष्टि हो सकती है.</li>
</ul>
<p><strong>6 जून का मौसम अपडेट</strong></p>
<ul>
<li>पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, चंडीगढ़, उत्तर प्रदेश और राजस्थान में 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं.</li>
<li>मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड और बिहार के कुछ इलाकों में बारिश और आंधी का असर रहेगा.</li>
<li>केरल, कर्नाटक, तमिलनाडु, पुडुचेरी और आंध्र प्रदेश में बारिश जारी रहने का अनुमान है.</li>
<li>असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भी बारिश और आंधी-तूफान की गतिविधियां बनी रहेंगी.</li>
</ul>
<p><strong>लोगों को सतर्क रहने की सलाह</strong></p>
<p>मौसम विभाग ने जिन इलाकों में आंधी, बिजली और भारी बारिश की चेतावनी जारी की है, वहां लोगों को सतर्क रहने और <a title="मौसम" href="https://www.abplive.com/weather/amp" target="_top" data-type="interlinkingkeywords" rel="noopener">मौसम</a> से जुड़े अपडेट पर नजर बनाए रखने की सलाह दी है.</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>Good news : मानसून की मध्यप्रदेश में दस्तक कई जिलों में बरसात और काली घटाओं का डेरा</title>
		<link>https://shabdshaktinews.in/good-news-%e0%a4%ae%e0%a4%be%e0%a4%a8%e0%a4%b8%e0%a5%82%e0%a4%a8-%e0%a4%95%e0%a5%80-%e0%a4%ae%e0%a4%a7%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%a6%e0%a5%87%e0%a4%b6-%e0%a4%ae%e0%a5%87/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Praveen Dubey]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 24 Jun 2019 12:28:02 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Breaking]]></category>
		<category><![CDATA[मानसून]]></category>
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					<description><![CDATA[भोपाल। लम्बे इंतजार के बाद अंतत: मानसून के बादल मध्यप्रदेश के आसमान पर आ ही गए। मध्यप्रदेश के 3 जिलों मंडला, छिंदवाड़ा और खंडवा में सुबह से बारिश शुरू हो गई है। बता दें कि इस बार मानसून 10 दिन देरी से आया है। स्थानीय मौसम विज्ञान केन्द्र के वरिष्ठ मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक  इस बार [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<div style="padding-top: 0px; padding-right: 0px; padding-bottom: 0px; border: 0px; outline: 0px; vertical-align: baseline; color: #000000; font-family: Roboto, sans-serif; widows: auto; text-align: justify; background-image: initial; background-attachment: initial; background-size: initial; background-origin: initial; background-clip: initial; background-position: 0px 0px; background-repeat: initial;"><b style="padding: 0px; border: 0px; outline: 0px; vertical-align: baseline; background: 0px 0px;">भोपाल।</b> लम्बे इंतजार के बाद अंतत: मानसून के बादल मध्यप्रदेश के आसमान पर आ ही गए। मध्यप्रदेश के 3 जिलों मंडला, छिंदवाड़ा और खंडवा में सुबह से बारिश शुरू हो गई है। बता दें कि इस बार मानसून 10 दिन देरी से आया है।</div>
<div>
<div style="padding: 0px; border: 0px; outline: 0px; vertical-align: baseline; color: #000000; font-family: Roboto, sans-serif; widows: auto; text-align: justify; background-image: initial; background-attachment: initial; background-size: initial; background-origin: initial; background-clip: initial; background-position: 0px 0px; background-repeat: initial;">स्थानीय मौसम विज्ञान केन्द्र के वरिष्ठ मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक  इस बार अच्छी बारिश की संभावना है। भोपाल में अगले एक से दो दिन तक मानसून पहुंचने की उम्मीद है। मौसम विभाग के मुताबिक, मंडला, छिंदवाड़ा और खंडवा में बारिश हो रही है। शाम तक बालाघाट में तेज बारिश की संभावना है। दक्षिण-पश्चिम मानसून को अनुकूल परिस्थितियां मिलने से यह रफ्तार से आगे बढ़ रहा है। इसी तरह अरब सागर ब्रांच से मध्य भाग कोंकण, दक्षिणी गुजरात होता हुआ मध्यप्रदेश के दक्षिणी पूर्व और दक्षिण पश्चिम मध्यप्रदेश में अगले चौबीस घंटों में आने की संभावना है।</div>
<div style="padding: 0px; border: 0px; outline: 0px; vertical-align: baseline; color: #000000; font-family: Roboto, sans-serif; widows: auto; text-align: justify; background-image: initial; background-attachment: initial; background-size: initial; background-origin: initial; background-clip: initial; background-position: 0px 0px; background-repeat: initial;"></div>
<div style="padding: 0px; border: 0px; outline: 0px; vertical-align: baseline; color: #000000; font-family: Roboto, sans-serif; widows: auto; text-align: justify; background-image: initial; background-attachment: initial; background-size: initial; background-origin: initial; background-clip: initial; background-position: 0px 0px; background-repeat: initial;">मानसून सोमवार को मध्य महाराष्ट्र के कुछ हिस्सों, विदर्भ नागपुर और उत्तर प्रदेश के वाराणसी और बहराइच तक भी बढ़ रहा है। इस बीच पिछले चौबीस घंटों में इंदौर संभाग के झाबुआ समेत शहडोल, जबलपुर संभाग में नौगांव, सिंगरौली, हनुमना में प्री-मानसून की वर्षा हुई। आज भी बालाघाट और जबलपुर में हल्की वर्षा हो रही है। इंदौर में भी मानसून पूर्व की बारिश हो रही है।</div>
<div style="padding: 0px; border: 0px; outline: 0px; vertical-align: baseline; color: #000000; font-family: Roboto, sans-serif; widows: auto; text-align: justify; background-image: initial; background-attachment: initial; background-size: initial; background-origin: initial; background-clip: initial; background-position: 0px 0px; background-repeat: initial;"></div>
<h3 style="padding: 0px; border: 0px; outline: 0px; vertical-align: baseline; font-family: Merriweather, sans-serif; color: #2c3e50; margin: 0px 0px 15px; font-size: 21px; widows: auto; text-align: justify; background-image: initial; background-attachment: initial; background-size: initial; background-origin: initial; background-clip: initial; background-position: 0px 0px; background-repeat: initial;">मानसून की रफ्तार अच्छी</h3>
<div style="padding: 0px; border: 0px; outline: 0px; vertical-align: baseline; color: #000000; font-family: Roboto, sans-serif; widows: auto; text-align: justify; background-image: initial; background-attachment: initial; background-size: initial; background-origin: initial; background-clip: initial; background-position: 0px 0px; background-repeat: initial;">मौसम विभाग के अनुसार, दक्षिण पश्चिम मानसून और आगे बढ़ गया। दक्षिण पश्चिम मानसून की सीमा रत्नागिरी, अहमदनगर, औरंगाबाद, नागपुर, पेंड्रा, वाराणसी, बहराइच है। आगामी 48 घंटों में दक्षिण पश्चिम मानसून के और आगे बढ़ने की संभावना है जिसमें अरब सागर के मध्य भाग कोंकण मध्य महाराष्ट्र मराठवाडा विदर्भ और छत्तीसगढ, उत्तरी अरब सागर की कुछ भाग दक्षिणी गुजरात एवं मध्य प्रदेश तथा पूर्वी उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्से शामिल है।</div>
<p>&nbsp;</p>
</div>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>जानिए कहां तक पहुंची मानसूनी घटाएं, मध्यप्रदेश में कब आएगा मानसून</title>
		<link>https://shabdshaktinews.in/%e0%a4%9c%e0%a4%be%e0%a4%a8%e0%a4%bf%e0%a4%8f-%e0%a4%95%e0%a4%b9%e0%a4%be%e0%a4%82-%e0%a4%a4%e0%a4%95-%e0%a4%aa%e0%a4%b9%e0%a5%81%e0%a4%82%e0%a4%9a%e0%a5%80-%e0%a4%ae%e0%a4%be%e0%a4%a8%e0%a4%b8/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Praveen Dubey]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 05 Jun 2019 04:56:01 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[देश]]></category>
		<category><![CDATA[मानसून]]></category>
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					<description><![CDATA[मप्र में 20 जून के आसपास मानसून के आने की उम्मीद है। स्काईमेट और मौसम विभाग के अनुसार केरल में मानसून पूर्व की वर्ष शुरू हो गई है अगले चौबीस घण्टों के दौरान दक्षिण पश्चिम मानसून के यहाँ आने की संभावना है।  फिलहाल मानसून अंडमान निकोबार द्वीप समूह में सक्रिय होकर केरल की ओर बढ़ [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>मप्र में 20 जून के आसपास मानसून के आने की उम्मीद है। स्काईमेट और मौसम विभाग के अनुसार केरल में मानसून पूर्व की वर्ष शुरू हो गई है अगले चौबीस घण्टों के दौरान दक्षिण पश्चिम मानसून के यहाँ आने की संभावना है।  फिलहाल मानसून अंडमान निकोबार द्वीप समूह में सक्रिय होकर केरल की ओर बढ़ रहा है ।आईएमडी ने बताया था कि इस बार मानसून में पांच दिन की देरी रहेगी। मानसून 6 जून को केरल के तट से टकरा सकता है। सामान्यतः यह 31 मई या 1 जून तक पहुंच जाता था। मौसम विभाग की ओर से जारी पूर्वानुमान बताते हैं कि जून से सितंबर तक चलने वाला दक्षिण पश्चिम मानसून सामान्य रहेगा| मौसम विभाग का कहना है कि पूरे देशभर में मानसून के दौरान औसत बारिश होगी जिसे सामान्य बारिश कहा जा सकता है|</p>
<p>यहां लू चलने की संभावना</p>
<p>देश के विभिन्न हिस्सों में भीषण गर्मी का दौर जारी है| मौसम विभाग के अनुसार मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, चंडीगढ़, दिल्ली और राजस्थान में लू और भीषण गर्मी बरकरार है| पूर्वानुमान के अनुसार इन हिस्सों में मौसम की यह स्थिति अभी अगले 48 घंटों तक बनी रहेगी| वहीं प्रदेश के ग्वालियर एवं चंबल संभाग के जिलों, रीवा, सतना, जबलपुर, छिंदवाड़ा, सागर, दमोह, खरगोन, राजगढ़, रायसेन और छतरपुर में लू चलने की संभावना है</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
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		<title>जानिए देश में कब दस्तक देगा मानसून,कितनी होगी बरसात</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Praveen Dubey]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 14 May 2019 17:17:52 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[देश]]></category>
		<category><![CDATA[मानसून]]></category>
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					<description><![CDATA[मौसम पूवार्नुमान बताने वाली एजेंसी स्काईमेट इस बार मानसून के तीन दिन की देरी से चार जून को केरल पहुंचने का पूवार्नुमान है जारी किया है। स्काईमेट के प्रबंध निदेशक जतिन सिंह ने मंगलवार को बताया कि इस बार मानसून चार जून को केरल में दस्तक दे सकता है हालांकि इसमें दो दिन का एरर [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><a href="https://shabdshaktinews.in/wp-content/uploads/2019/05/Master.jpg"><img fetchpriority="high" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-12176" src="https://shabdshaktinews.in/wp-content/uploads/2019/05/Master.jpg" alt="" width="640" height="593" srcset="https://shabdshaktinews.in/wp-content/uploads/2019/05/Master.jpg 640w, https://shabdshaktinews.in/wp-content/uploads/2019/05/Master-300x278.jpg 300w" sizes="(max-width: 640px) 100vw, 640px" /></a></p>
<p style="color: #505050; line-height: 26px; font-size: 17px; margin: 10px 0px; font-family: NotoSansDevanagari, sans-serif; widows: auto;">मौसम पूवार्नुमान बताने वाली एजेंसी स्काईमेट इस बार मानसून के तीन दिन की देरी से चार जून को केरल पहुंचने का पूवार्नुमान है जारी किया है।</p>
<p style="color: #505050; line-height: 26px; font-size: 17px; margin: 10px 0px; font-family: NotoSansDevanagari, sans-serif; widows: auto;">स्काईमेट के प्रबंध निदेशक जतिन सिंह ने मंगलवार को बताया कि इस बार मानसून चार जून को केरल में दस्तक दे सकता है हालांकि इसमें दो दिन का एरर मार्जिन भी रखा गया है। उन्होंने बताया कि इस साल मानसून कमजोर रहने का अनुमान है और स्थिति बहुत अच्छी नहीं दिख रही है।</p>
<p style="color: #505050; line-height: 26px; font-size: 17px; margin: 10px 0px; font-family: NotoSansDevanagari, sans-serif; widows: auto;">उन्होंने कहा कि स्काईमेट मानसून के बारे में अपने पुराने पूवार्नुमान पर कायम है कि इस साल बारिश दीघार्वधि औसत का 93 प्रतिशत होगी।</p>
<p style="color: #505050; line-height: 26px; font-size: 17px; margin: 10px 0px; font-family: NotoSansDevanagari, sans-serif; widows: auto;">मध्य भारत में सबसे कम 91 प्रतिशत, पूर्व तथा पूवोर्त्तर में 92 प्रतिशत, दक्षिण में 95 प्रतिशत और पश्चिमोत्तर में 96 प्रतिशत बारिश का अनुमान है</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
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		<title>खुशखबरी : इस वर्ष मानसून के देश के 96 प्रतिशत भू भाग को सराबोर करने का अनुमान</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Praveen Dubey]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 16 Apr 2019 09:35:19 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[देश]]></category>
		<category><![CDATA[मानसून]]></category>
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					<description><![CDATA[देश में इस साल मानसून सामान्य के करीब रहेगा। भारत मौसम विभाग (आईएमडी) के महानिदेशक केजे रमेश ने  बताया कि इस वर्ष मानसून दीर्घकाल औसत (एलपीए) के 96 फीसदी रहने की संभावना है, जो कृषि और अर्थव्यवस्था के लिए अच्छा संकेत है। एलपीए 1951 से 2000 के बीच बारिश का औसत है, जो 89 सेंटीमीटर [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<div style="border: 0px; margin: 0px; padding-top: 0px; padding-right: 0px; padding-bottom: 0px; outline: 0px; list-style-type: none; box-sizing: border-box; font-family: 'Noto Sans Devanagari', calibri; font-size: 18px; line-height: 28.7999992370605px; widows: auto;">देश में इस साल मानसून सामान्य के करीब रहेगा। भारत मौसम विभाग (आईएमडी) के महानिदेशक केजे रमेश ने  बताया कि इस वर्ष मानसून दीर्घकाल औसत (एलपीए) के 96 फीसदी रहने की संभावना है, जो कृषि और अर्थव्यवस्था के लिए अच्छा संकेत है। एलपीए 1951 से 2000 के बीच बारिश का औसत है, जो 89 सेंटीमीटर है। 90 से 95 फीसदी के बीच एलपीए सामान्य के करीब की श्रेणी में माना जाता है। इससे पहले आशंका थी कि मानसून पर अलनीनो का असर पड़ सकता है। विभाग अगला पूर्वानुमान जून में जारी करेगा।</div>
<h2 style="border: 0px; margin: 0px; padding: 0px; outline: 0px; list-style-type: none; box-sizing: border-box; font-size: 24px; line-height: 1.5em; color: #221f1f; font-family: 'Noto Sans Devanagari', calibri; widows: auto;"><strong style="border: 0px; margin: 0px; padding: 0px; outline: 0px; list-style-type: none; box-sizing: border-box;">96 फीसदी भूभाग पर होगी बारिश</strong></h2>
<div style="border: 0px; margin: 0px; padding: 0px; outline: 0px; list-style-type: none; box-sizing: border-box; font-family: 'Noto Sans Devanagari', calibri; font-size: 18px; line-height: 28.7999992370605px; widows: auto;">मौसम विभाग ने कहा है कि इस बार मानसून देशभर में करीब 96 फीसदी रहेगा। इस पूर्वानुमान में पांच फीसदी का मार्जिन ऑफ ऐरर हो सकता है। खेती के लिए और देश की अर्थव्यवस्था के लिए यह मानसून जरूरी होता है, क्योंकि जून से लेकर के सितंबर के बीच देश में 70 फीसदी बारिश होती है।</div>
<h2 style="border: 0px; margin: 0px; padding: 0px; outline: 0px; list-style-type: none; box-sizing: border-box; font-size: 24px; line-height: 1.5em; color: #221f1f; font-family: 'Noto Sans Devanagari', calibri; widows: auto;"><strong style="border: 0px; margin: 0px; padding: 0px; outline: 0px; list-style-type: none; box-sizing: border-box;">यह होता है सामान्य मानसून</strong></h2>
<div style="border: 0px; margin: 0px; padding: 0px; outline: 0px; list-style-type: none; box-sizing: border-box; font-family: 'Noto Sans Devanagari', calibri; font-size: 18px; line-height: 28.7999992370605px; widows: auto;">अगर देश में 96 से लेकर के 104 फीसदी बारिश होती है तो फिर उसे सामान्य मानसून माना जाता है। वहीं 90 से 96 फीसदी के बीच हुई बारिश सामान्य से नीचे माना जाता है। 90 फीसदी से कम बारिश को कमजोर मानसून माना जाता है।</div>
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