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	<title>मोहन यादव &#8211; Shabd Shakti News</title>
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	<description>Every News Speaks</description>
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		<title>क्या योगी बाबा से सबक लेकर मोहन यादव मध्यप्रदेश की बहनों को रक्षाबंधन पर देंगे ये सौगात ?</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Praveen Dubey]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 26 Aug 2026 13:44:59 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[उत्तरप्रदेश]]></category>
		<category><![CDATA[प्रमुख खबरें]]></category>
		<category><![CDATA[मध्यप्रदेश]]></category>
		<category><![CDATA[मध्यप्रदश बहनों को सौगात ?]]></category>
		<category><![CDATA[मोहन यादव]]></category>
		<category><![CDATA[योगी बाबा]]></category>
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					<description><![CDATA[ग्वालियर/लखनऊ /भोपाल 26 अगस्त 2026/रक्षाबंधन के पावन पर्व पर उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने महिलाओं को बड़ी सौगात दी है। उत्तर प्रदेश शासन ने आदेश जारी कर राज्य सड़क परिवहन निगम की सभी बसों में महिलाओं को एक सहयात्री के साथ निःशुल्क यात्रा की सुविधा देने का फैसला किया है। यह सुविधा 27 [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<h1 data-pm-slice="1 1 []"></h1>
<p><strong>ग्वालियर/लखनऊ /भोपाल 26 अगस्त 2026/</strong>रक्षाबंधन के पावन पर्व पर उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने महिलाओं को बड़ी सौगात दी है। उत्तर प्रदेश शासन ने आदेश जारी कर राज्य सड़क परिवहन निगम की सभी बसों में महिलाओं को एक सहयात्री के साथ निःशुल्क यात्रा की सुविधा देने का फैसला किया है। यह सुविधा 27 अगस्त की सुबह 6 बजे से 29 अगस्त की मध्यरात्रि 12 बजे तक लागू रहेगी।</p>
<p>उत्तर प्रदेश सरकार के परिवहन विभाग की ओर से जारी आदेश में स्पष्ट किया गया है कि रक्षाबंधन के अवसर पर महिलाओं को एक सहयात्री के साथ मुफ्त यात्रा कराई जाएगी। शासन ने इस फैसले का व्यापक प्रचार-प्रसार कराने के निर्देश भी दिए हैं</p>
<p>रक्षाबंधन पर बड़ी संख्या में महिलाएं अपने मायके और भाइयों के घर जाती हैं। ऐसे में मुफ्त बस यात्रा का फैसला न केवल महिलाओं के आर्थिक बोझ को कम करता है, बल्कि त्योहार के दौरान सुरक्षित और सुगम आवागमन की सुविधा भी देता है।</p>
<p>मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने परिवहन, पुलिस और प्रशासन को महिलाओं की यात्रा के दौरान सुरक्षा और यातायात व्यवस्था बेहतर रखने के निर्देश भी दिए हैं। प्रमुख मार्गों पर अतिरिक्त व्यवस्थाएं और सार्वजनिक परिवहन की उपलब्धता बढ़ाने पर जोर दिया गया है।</p>
<h3 style="text-align: center;"><img fetchpriority="high" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-66668" src="https://shabdshaktinews.in/wp-content/uploads/2026/08/IMG-20260826-WA0019.jpg" alt="" width="1130" height="1600" srcset="https://shabdshaktinews.in/wp-content/uploads/2026/08/IMG-20260826-WA0019.jpg 1130w, https://shabdshaktinews.in/wp-content/uploads/2026/08/IMG-20260826-WA0019-212x300.jpg 212w, https://shabdshaktinews.in/wp-content/uploads/2026/08/IMG-20260826-WA0019-723x1024.jpg 723w, https://shabdshaktinews.in/wp-content/uploads/2026/08/IMG-20260826-WA0019-768x1087.jpg 768w, https://shabdshaktinews.in/wp-content/uploads/2026/08/IMG-20260826-WA0019-1085x1536.jpg 1085w, https://shabdshaktinews.in/wp-content/uploads/2026/08/IMG-20260826-WA0019-297x420.jpg 297w, https://shabdshaktinews.in/wp-content/uploads/2026/08/IMG-20260826-WA0019-696x985.jpg 696w, https://shabdshaktinews.in/wp-content/uploads/2026/08/IMG-20260826-WA0019-1068x1512.jpg 1068w" sizes="(max-width: 1130px) 100vw, 1130px" /></h3>
<h3>अब सवाल मध्यप्रदेश से —क्या मोहन यादव सरकार ’ भी देगी  ऐसी सौगात ?</h3>
<p>उत्तर प्रदेश के इस फैसले के बाद अब मध्यप्रदेश की महिलाओं के बीच भी सवाल उठना स्वाभाविक है कि क्या मध्यप्रदेश सरकार भी योगी सरकार से सीख लेकर रक्षाबंधन पर बहनों के लिए मुफ्त बस यात्रा जैसी कोई घोषणा करेगी?</p>
<p>मध्यप्रदेश में महिलाओं को पहले से ही लाड़ली बहना योजना के माध्यम से आर्थिक सहायता मिल रही है और इस रक्षाबंधन पर अतिरिक्त 250 रुपये शगुन दिए जाने की जानकारी सामने आई है।</p>
<p>लेकिन सवाल यह है कि जब उत्तर प्रदेश सरकार रक्षाबंधन जैसे पारिवारिक पर्व पर महिलाओं को उनके मायके तक पहुंचने के लिए सार्वजनिक परिवहन में राहत दे सकती है, तो क्या मध्यप्रदेश सरकार भी प्रदेश की बहनों के लिए बस यात्रा में कोई विशेष रियायत या मुफ्त यात्रा की घोषणा कर सकती है?</p>
<p>मध्यप्रदेश में बड़ी संख्या में महिलाएं रक्षाबंधन पर अपने मायके जाती हैं। महंगाई के दौर में आने-जाने का किराया भी परिवारों के बजट पर असर डालता है। ऐसे में यदि मध्यप्रदेश सरकार रक्षाबंधन के अवसर पर महिलाओं के लिए सरकारी बसों में मुफ्त या रियायती यात्रा की घोषणा करती है तो इसका सीधा लाभ लाखों बहनों को मिल सकता है।</p>
<p>अब निगाहें मध्यप्रदेश सरकार पर हैं—क्या मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव रक्षाबंधन के मौके पर प्रदेश की बहनों को योगी सरकार की तर्ज पर कोई परिवहन सौगात देंगे, या फिर इस बार भी बहनों को अपनी जेब से किराया देकर मायके जाना होगा?</p>
<p>फिलहाल उपलब्ध ताजा जानकारी में मध्यप्रदेश की ओर से यूपी जैसी मुफ्त बस यात्रा की घोषणा सामने नहीं आई है। इसलिए प्रदेश की महिलाओं की नजर अब सरकार की  घोषणा पर रहेगी।</p>
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		<title>टिकिट कटने पर नरोत्तम ने मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव पर क्या कहा</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Praveen Dubey]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 12 Jul 2026 13:17:36 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[प्रमुख खबरें]]></category>
		<category><![CDATA[मध्यप्रदेश]]></category>
		<category><![CDATA[नरोत्तम]]></category>
		<category><![CDATA[मोहन यादव]]></category>
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					<description><![CDATA[दतिया 12 जुलाई 2026/बीजेपी के वरिष्ठ नेता नरोत्तम मिश्रा ने रविवार को दतिया उपचुनाव में टिकट नहीं मिलने और नाराज़गी के सवालों पर मीडिया से बात की. इस दौरान उन्होंने कहा कि कोई भी व्यक्ति पार्टी से बड़ा नहीं होता.उम्मीदवारी से बाहर किए जाने पर उन्होंने कहा, &#8220;मैं संगठन को दोष नहीं देता और न [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<div class="css-1k9op6x e17x9cvu0" dir="ltr">
<p class="postStyles css-oe7toe eea635z0" dir="ltr">दतिया 12 जुलाई 2026/बीजेपी के वरिष्ठ नेता नरोत्तम मिश्रा ने रविवार को दतिया उपचुनाव में टिकट नहीं मिलने और नाराज़गी के सवालों पर मीडिया से बात की. इस दौरान उन्होंने कहा कि कोई भी व्यक्ति पार्टी से बड़ा नहीं होता.उम्मीदवारी से बाहर किए जाने पर उन्होंने कहा, &#8220;मैं संगठन को दोष नहीं देता और न ही मुख्यमंत्री को दोष देता हूं. मैं किसी पर उंगली नहीं उठाता. मेरा मानना है कि मुझमें कहीं न कहीं कोई कमी रह गई होगी.&#8221;</p>
</div>
<div class="css-1k9op6x e17x9cvu0" dir="ltr">
<p class="postStyles css-oe7toe eea635z0" dir="ltr"><a class="focusIndicatorReducedWidth css-n8oauk e1h2ur550" href="https://x.com/PTI_News/status/2076261935579021775?s=20" target="_blank">नरोत्तम मिश्रा ने कहा</a>, &#8220;अब यह तय हो गया है कि किसी भी व्यक्ति का कद पार्टी से बड़ा नहीं होता. टिकट नहीं दिए जाने का फैसला इस बात का जवाब है कि पार्टी से ऊपर कोई नहीं है. पार्टी का स्थान बहुत ऊंचा है और वह दूर तक सोचने और देखने की क्षमता रखती है.&#8221;</p>
</div>
<div class="css-1k9op6x e17x9cvu0" dir="ltr">
<p class="postStyles css-oe7toe eea635z0" dir="ltr">उन्होंने कहा, &#8220;पार्टी ने जो फैसला लिया है, उसे स्वीकार करना और संगठन के लिए काम करना ही हमारा एकमात्र लक्ष्य है. मैं एक कार्यकर्ता के रूप में काम करूंगा.&#8221;</p>
</div>
<div class="css-1k9op6x e17x9cvu0" dir="ltr">
<p class="postStyles css-oe7toe eea635z0" dir="ltr">बीजेपी के दतिया उम्मीदवार आशुतोष तिवारी के नामांकन में शामिल होने के सवाल पर उन्होंने कहा कि वो कार्यक्रम में ज़रूर शामिल होंगे.</p>
</div>
<div class="css-1k9op6x e17x9cvu0" dir="ltr">
<p class="postStyles css-oe7toe eea635z0" dir="ltr">नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि उन्होंने कार्यकर्ताओं को समझाया है और वो मान गए हैं.</p>
</div>
<div class="css-1k9op6x e17x9cvu0" dir="ltr">
<p class="postStyles css-oe7toe eea635z0" dir="ltr">उन्होंने कहा, &#8220;मैंने कहा कि पार्टी के फ़ोरम पर बात रखने का एक तरीका है, उस तरीके से पार्टी फोरम पर अपनी बात रखिए.&#8221;</p>
</div>
<div class="css-1k9op6x e17x9cvu0" dir="ltr">
<p class="postStyles css-oe7toe eea635z0" dir="ltr">उम्मीदवारी से बाहर किए जाने पर उन्होंने कहा, &#8220;मैं संगठन को दोष नहीं देता और न ही मुख्यमंत्री को दोष देता हूं. मैं किसी पर उंगली नहीं उठाता. मेरा मानना है कि मुझमें कहीं न कहीं कोई कमी रह गई होगी.&#8221;</p>
</div>
]]></content:encoded>
					
		
		
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		<item>
		<title>प्रधानमंत्री मोदी के 12 वर्ष का इतिहास रचने पर डॉ. मोहन यादव ने लिखा बेहद खास ब्लॉग, कालजयी और त्रिकालदर्शी नेता बताया</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Praveen Dubey]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 10 Jun 2026 06:28:51 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[प्रमुख खबरें]]></category>
		<category><![CDATA[लेख]]></category>
		<category><![CDATA[प्रधानमंत्री मोदी 12 वर्ष]]></category>
		<category><![CDATA[मोहन यादव]]></category>
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					<description><![CDATA[ प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के सफल नेतृत्व के 12 वर्ष पूरे होने पर मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने एक बेहद खास ब्लॉग लिखा है। इस लेख में उन्होंने बताया है कि उनके मार्गदर्शन में मध्य प्रदेश विकास की नई ऊंचाइयों को छू रहा है। भारत के इतिहास में नरेन्द्र मोदी का लगातार 3 [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<h6 class="heading"><span style="font-size: 27px;"> <span style="color: #993366;">प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के सफल नेतृत्व के 12 वर्ष पूरे होने पर मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने एक बेहद खास ब्लॉग लिखा है। इस लेख में उन्होंने बताया है कि उनके मार्गदर्शन में मध्य प्रदेश विकास की नई ऊंचाइयों को छू रहा है।</span></span></h6>
<p>भारत के इतिहास में नरेन्द्र मोदी का लगातार 3 बार प्रधानमंत्री बनना देश के लिये महत्वपूर्ण उपलब्धि है। लगातार 3 बार सत्ता में आना नरेन्द्र मोदी की कार्यप्रणाली, सभी को साथ लेकर चलना और देश को सुरक्षा देने के साथ आर्थिक रूप से मजबूत बनाना ही उनकी विशेषता रही है। यशस्वी प्रधानमंत्री की इन्हीं विशेष खूबियों ने नये भारत के निर्माण का स्वर्णिम अध्याय लिखा है। यशस्वी नरेन्द्र मोदी ने वर्ष 2014 में जब प्रधानमंत्री पद की शपथ ली थी, तब देश की जनता ने केवल एक सरकार नहीं चुनी थी, बल्कि शासन की एक नई कार्यशैली और राजनीतिक संस्कृति की अपेक्षा भी व्यक्त की थी। बारह वर्ष बाद इस यात्रा को केवल योजनाओं, आंकड़ों और उपलब्धियों के आधार पर नहीं, बल्कि उस व्यापक दृष्टिकोण के आधार पर समझना अधिक उचित होगा, जिसने शासन की सोच को प्रभावित किया। यदि इन बारह वर्षों को तीन शब्दों में समेटना हो, तो वे शब्द होंगे- सेवा, सुशासन और संकल्प।</p>
<h2>सेवा और सुशासन का मूल मंत्र</h2>
<p>प्रधानमंत्री की सोच में सेवा का अर्थ केवल कल्याणकारी योजनाएं चलाना नहीं रहा, बल्कि सेवा का अर्थ शासन स्वयं को जनता का संरक्षक और सेवक के रूप में हैं। इस दृष्टि से पिछले बारह वर्षों में शासन की प्राथमिकताओं में अंतिम व्यक्ति तक पहुंचने की उन्होंने चिंता की है। गरीब, किसान, महिला, युवा और वंचित वर्ग को केवल वोट बैंक के रूप में नहीं, बल्कि विकास प्रक्रिया को केंद्र में रखने की कोशिश की जो सफलता के शिखर तक जा पहुंची। यही सोच पंडित दीनदयाल उपाध्याय के एकात्म मानववाद में भी दिखाई देती है। मोदी सरकार ने बार-बार यह संदेश दिया है कि विकास का वास्तविक अर्थ तब है, जब उसका लाभ समाज के सबसे कमजोर व्यक्ति तक पहुंचे।</p>
<p>प्रधानमंत्री की प्रमुखता में सुशासन एक प्रमुख केन्द्र बना। सुशासन का अर्थ सरकार को अधिक पारदर्शी, उत्तरदायी और प्रभावी बनाना है। डिजिटल तकनीक का उपयोग इसी दर्शन का हिस्सा था। तकनीक को केवल आधुनिकता का प्रतीक नहीं, बल्कि सुशासन का माध्यम माना गया। शासन और नागरिक के बीच की दूरी कम करने, प्रक्रियाओं को सरल बनाने तथा निर्णयों को अधिक पारदर्शी बनाने की दिशा में लगातार प्रयास किये गये जो लगातार जारी हैं। इसका मूल ध्येय यह है कि आम नागरिक को सरल और सहज तरीके से उसके अधिकार मिलें और योजनाओं का लाभ सहजता से मिल सके।</p>
<h2>जनता से सीधा संवाद और निर्णायक नेतृत्व</h2>
<p>मुझे यह बताते हुये खुशी है कि मोदी देश के पहले ऐसे प्रधानमंत्री हैं जो लोकतंत्र में संवाद को आवश्यक मानते हैं। उनका समय-समय पर अलग-अलग वर्गों से सीधा संवाद करना और उन्हें मार्गदर्शन देना अद्भुत है। वे युवाओं के लिये अभिभावक की भूमिका भी निभाते हैं। छात्र-छात्राओं को परीक्षा के समय आत्म मजबूत करने के लिये परीक्षा पर चर्चा जैसे विषयों पर उनका संवाद लगातार जारी रहता है। इसी क्रम में उनकी मन की बात कार्यक्रम को पूरा देश बड़े आत्मीय तरीके से आत्मसात करता है। यही हमारे यशस्वी प्रधानमंत्री की विशेषता है। हमारे यशस्वी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की सरकार की कार्यशैली में यह स्पष्ट दिखाई देता है कि बड़े निर्णयों से बचने के बजाय उन्हें समाधान तक कैसे पहुंचाया जाए? दरअसल, इसे ही निर्णायक नेतृत्व कहते हैं। यह निर्विवाद है कि निर्णय लेने की क्षमता इस शासनकाल की प्रमुख पहचान रही है।</p>
<p>इक्कीसवीं सदी के तीसरे दशक में मोदी सरकार ने विकसित भारत को राष्ट्रीय संकल्प के रूप में प्रस्तुत किया। यह संकल्प केवल आर्थिक प्रगति तक सीमित नहीं है। इसके भीतर आत्मविश्वास, आत्मनिर्भरता और राष्ट्रीय गौरव की भावना भी जुड़ी हुई है। पिछले बारह वर्षों में बार-बार यह संदेश दिया गया कि भारत को केवल विकासशील राष्ट्र के रूप में संतुष्ट नहीं होना चाहिए, बल्कि उसे विश्व की अग्रणी शक्तियों में स्थान प्राप्त करना चाहिए। यह दृष्टिकोण भारतीय समाज में एक नए आत्मविश्वास का निर्माण करता है।</p>
<h2>नरेन्द्र मोदी का मध्य प्रदेश से विशेष लगाव</h2>
<p>यशस्वी प्रधानमंत्री मोदी से प्रेरणा लेकर हमने भी विकसित मध्यप्रदेश का सपना देखा। यह बताते हुए मन भाव-विभोर है कि मोदी का हर कदम पर हर निर्णय पर मार्गदर्शन, स्नेह और आशीर्वाद मिला। चाहे वर्षों से लंबित केन-बेतवा और पार्वती -कालीसिंध -चंबल लिंक परियोजना हो या पीएम मित्र पार्क, उन्होंने आगे बढ़कर परेशानियों को दूर किया। उनके जैसा नेतृत्व दुर्लभ है। हाल ही में देश के सात राज्यों में पीएम मित्र पार्क बनाने का निर्णय हुआ, तो उस सूची में मध्यप्रदेश को भी रखा गया। यह अति प्रसन्नता का विषय है कि अब तक सिर्फ मध्यप्रदेश में ही पीएम मित्र पार्क का भूमिपूजन हुआ है और यह गौरव का विषय रहा कि धार में पार्क के भूमिपूजन में प्रधानमंत्री शामिल हुए। यह सब मध्यप्रदेश से उनके विशेष लगाव का परिणाम ही है।</p>
<p>प्रदेश में साइबर तहसील का सफल क्रियान्वयन हो या भोपाल और इंदौर में मेट्रो रेल, सब प्रधानमंत्री के स्नेह, आशीर्वाद और मार्गदर्शन का ही परिणाम है। आज प्रदेश में नौ एयरपोर्ट हैं, तो इसके पीछे भी उनका ही मार्गदर्शन है। आज हमारा मध्यप्रदेश नक्सल मुक्त है, तो इसके पीछे उनका ही दिशा-निर्देश है। उन्होंने समय-समय पर समझाया, तो चेताया भी। उन्होंने कहा कि गोली का जवाब गोली से दो पर जो लोग बंदूक और हिंसा छोड़कर मुख्यधारा में लौट रहे हैं, उनके लिए बेहतर से बेहतर पुनर्वास की व्यवस्था भी हो। उनकी सलाह और चेतावनी का ही सुफल है कि आज मध्यप्रदेश लाल सलाम को आखिरी सलाम कह चुका है।</p>
<p>मध्यप्रदेश के सभी 55 जिलों में अग्रणी सरकारी कालेजों को प्रधानमंत्री कालेज आफ एक्सीलेंस के रूप में विकसित करना हो या हाइवे का विकास हो, हर मोर्चे पर प्रधानमंत्री ने आगे बढ़कर रुचि दिखाई, मार्गदर्शन, मदद और स्नेह देते रहे। मुझे कहने में तनिक भी संकोच नहीं है कि वे कालजयी, त्रिकालदर्शी नेता हैं। हमारे मार्गदर्शक और संरक्षक मोदी के कार्यकाल की एक महत्वपूर्ण विशेषता सांस्कृतिक चेतना का पुनरुत्थान भी है। स्वतंत्रता के बाद भारत ने आधुनिकता को अपनाया, लेकिन अपनी सांस्कृतिक पहचान को लेकर संकोच दिखाई दिया।</p>
<p>पिछले बारह वर्षों में भारतीयता, विरासत और सभ्यता पर गर्व करने का भाव अधिक मुखर होकर सामने आया है। यह विचार केवल धार्मिक आस्था तक सीमित नहीं है, बल्कि भारत की हजारों वर्षों पुरानी सांस्कृतिक यात्रा को आधुनिक राष्ट्र निर्माण से जोड़ने का प्रयास भी है। अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण हो, काशी का पुनर्विकास हो, या विश्व मंचों पर भारतीय परंपराओं और योग का प्रचार। इन सभी के पीछे सांस्कृतिक आत्मविश्वास का वही भाव दिखाई देता है। उनसे प्रेरणा प्राप्त कर मध्यप्रदेश भी अपनी विरासत को संजो रहा है। किसी भी राष्ट्र की शक्ति केवल उसकी अर्थव्यवस्था या सेना में नहीं होती। उसकी शक्ति उसके आत्मविश्वास में भी होती है। इस दृष्टि से सांस्कृतिक पुनर्जागरण मोदी के कार्यकाल की एक महत्वपूर्ण विशेषता है।</p>
<p>प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के 12 वर्षों को यदि केवल योजनाओं और आंकड़ों से समझने का प्रयास किया जाए, तो तस्वीर अधूरी रह जाएगी। इन 12 वर्षों का वास्तविक महत्व उस सोच में है, जिसने शासन को सेवा से, प्रशासन को सुशासन से और राजनीति को संकल्प से जोड़ने का सफल प्रयास किया है। यह कालखंड भारत के आत्मविश्वास, आकांक्षाओं और राष्ट्रीय चेतना के पुनर्जागरण का कालखंड रहा है। यह नए भारत की आधारशिला है।</p>
<h4>लेखक मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री हैं</h4>
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