<?xml version="1.0" encoding="UTF-8"?><rss version="2.0"
	xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
	xmlns:wfw="http://wellformedweb.org/CommentAPI/"
	xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
	xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom"
	xmlns:sy="http://purl.org/rss/1.0/modules/syndication/"
	xmlns:slash="http://purl.org/rss/1.0/modules/slash/"
	>

<channel>
	<title>वन्देमातरम गाइड लाइन &#8211; Shabd Shakti News</title>
	<atom:link href="https://shabdshaktinews.in/tag/%e0%a4%b5%e0%a4%a8%e0%a5%8d%e0%a4%a6%e0%a5%87%e0%a4%ae%e0%a4%be%e0%a4%a4%e0%a4%b0%e0%a4%ae-%e0%a4%97%e0%a4%be%e0%a4%87%e0%a4%a1-%e0%a4%b2%e0%a4%be%e0%a4%87%e0%a4%a8/feed/" rel="self" type="application/rss+xml" />
	<link>https://shabdshaktinews.in</link>
	<description>Every News Speaks</description>
	<lastBuildDate>Wed, 11 Feb 2026 06:40:55 +0000</lastBuildDate>
	<language>en-US</language>
	<sy:updatePeriod>
	hourly	</sy:updatePeriod>
	<sy:updateFrequency>
	1	</sy:updateFrequency>
	<generator>https://wordpress.org/?v=6.8.5</generator>
	<item>
		<title>मुस्लिमों की आपत्ति दरकिनार अनिवार्य हुआ वंदे मातरम्&#8217; वे चार छंद भी बोलना होंगे जिन्हे 1937 में कांग्रेस ने हटा दिया था</title>
		<link>https://shabdshaktinews.in/%e0%a4%a8%e0%a4%8f-%e0%a4%a6%e0%a4%bf%e0%a4%b6%e0%a4%be-%e0%a4%a8%e0%a4%bf%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%a6%e0%a5%87%e0%a4%b6-%e0%a4%85%e0%a4%a8%e0%a4%bf%e0%a4%b5%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%af/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Praveen Dubey]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 11 Feb 2026 06:37:10 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[प्रमुख खबरें]]></category>
		<category><![CDATA[देश]]></category>
		<category><![CDATA[वन्देमातरम गाइड लाइन]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://shabdshaktinews.in/?p=61267</guid>

					<description><![CDATA[नई दिल्ली 11 जनवरी 2026/केंद्र सरकार ने &#8216;वंदे मातरम्&#8217; को लेकर बुधवार सुबह नए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। नए निर्देश के तहत, अब सरकारी कार्यक्रमों, स्कूलों और कई महत्वपूर्ण आयोजनों में &#8216;वंदे मातरम्&#8217; बजना अनिवार्य होगा। सभी लोगों को खड़े होकर इसका सम्मान करना होगा, ठीक वैसे ही जैसे राष्ट्रगान &#8216;जन गण मन&#8217; के समय [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>नई दिल्ली 11 जनवरी 2026/केंद्र सरकार ने &#8216;वंदे मातरम्&#8217; को लेकर बुधवार सुबह नए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। नए निर्देश के तहत, अब सरकारी कार्यक्रमों, स्कूलों और कई महत्वपूर्ण आयोजनों में &#8216;वंदे मातरम्&#8217; बजना अनिवार्य होगा। सभी लोगों को खड़े होकर इसका सम्मान करना होगा, ठीक वैसे ही जैसे राष्ट्रगान &#8216;जन गण मन&#8217; के समय होता है।लेकिन सिनेमा हॉल में फिल्मों के दौरान यह नियम लागू नहीं होगा।</p>
<p>सबसे अहम बात यह है कि गीत के पूरे छह छंद बजाए जाएंगे, जिनमें से चार छंद 1937 में कांग्रेस ने हटा दिए थे। यह फैसला स्वतंत्रता संग्राम के इस गीत को उसकी मूल शक्ति के साथ वापस लाने की कोशिश है।</p>
<div class="articlecontent">
<p>केंद्रीय गृह मंत्रालय के इन नए नियमों के तहत &#8216;वंदे मातरम्&#8217; को राष्ट्रगान के तुरंत बाद बजाया जाएगा। यानी पहले फिर &#8216;जन गण मन&#8217;। यह सभी सरकारी कार्यक्रमों, स्कूलों में लागू होगा।</p>
<p>&#8216;वंदे मातरम्&#8217; अब पद्म पुरस्कार जैसे नागरिक सम्मान समारोहों में भी बजाया जाएगा। राष्ट्रपति के किसी भी कार्यक्रम में उनके आने-जाने के समय यह गीत बजना जरूरी होगा। राष्ट्रपति या राज्यपालों के आगमन, प्रस्थान, उनके भाषण से पहले और बाद में भी यह नियम लागू होगा। तिरंगा फहराने के मौके पर भी इसका पालन होगा। गृह मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि जब यह गीत बजाया या गाया जाएगा, तो मौजूद सभी लोग ध्यान मुद्रा में खड़े रहेंगे।</p>
</div>
<div class="articlecontent">
<h2>मुस्लिम सदस्यों को देवियों के जिक्र से आपत्ति थी</h2>
<p>बंकिम चंद्र चटर्जी ने 1875 में &#8216;वंदे मातरम्&#8217; लिखा था, जो 1882 में उनके उपन्यास &#8216;आनंदमठ&#8217; में छपा। इसमें कुल छह छंद हैं। शुरुआती छंद भारत को मां के रूप में चित्रित करते हैं। बाद के छंदों में दुर्गा, कमला (लक्ष्मी) और सरस्वती जैसी हिंदू देवियों का जिक्र है। 1937 में कांग्रेस ने फैजपुर अधिवेशन में सिर्फ पहले दो छंदों को अपनाया, क्योंकि कुछ मुस्लिम सदस्यों को देवियों के जिक्र से आपत्ति थी। अब सरकार ने फैसला किया है कि पूरे छह छंद ही बजेंगे, जो लगभग 3 मिनट 10 सेकंड लंबे होंगे।</p>
</div>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
	</channel>
</rss>
