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	<title>विवाद &#8211; Shabd Shakti News</title>
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	<description>Every News Speaks</description>
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		<title>अब लक्ष्मीबाई पर बन रही फिल्म मणि​कर्णिका-द क्वीनरानी  ऑफ झांसी पर विवाद</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Praveen Dubey]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 06 Feb 2018 05:32:56 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[मनोरंजन]]></category>
		<category><![CDATA[विवाद]]></category>
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					<description><![CDATA[                         एक विदेशी लेखक की पुस्तक पर आधारित                        इस फ़िल्म में रानी को एक अंग्रेज से प्रेम करते                         दिखाए जाने वाले [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<h6>                         एक विदेशी लेखक की पुस्तक पर आधारित</h6>
<h6>                       इस फ़िल्म में रानी को एक अंग्रेज से प्रेम करते</h6>
<h6>                        दिखाए जाने वाले दृश्य पर आपत्ति</h6>
<div></div>
<div></div>
<div></div>
<div>सर्व ब्राह्मण महासभा के अध्यक्ष सुरेश मिश्रा ने जयपुर में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान आरोप लगाया है कि कंगना रनोट की फिल्म &#8216;मणि​कर्णिका-द क्वीनरानी  ऑफ झांसी&#8217; में रानी लक्ष्मीबाई के इतिहास से छेड़छाड़ की जा रही है. अभी कुछ समय पूर्व पद्मावती के जीवन पर बनी फिल्म पद्मावत का कड़ा विरोध हुआ है. ये फिल्म तमाम मुश्क&#x200d;िलें झेलने के बाद रिलीज हो पाई और अब यह भी फिल्म इसी राह पर जा सकती है. &#8216;मणि​कर्णिका-द क्वीनरानी  ऑफ झांसी&#8217; का विरोध शुरू हो गया है. ये  फिल्म रानी लक्ष्मीबाई के जीवन पर है. साथ ही इस फिल्म में रानी लक्ष्मीबाई का अफेयर एक ब्रिटिशमैन से दिखाया जा रहा है. महासभा ने राजस्थान सरकार को फिल्म की शूटिंग रुकवाने के लिए तीन दिन का समय दिया है.</div>
<div></div>
<div>सुरेश मिश्रा ने कहा है कि उन्हें अपने दोस्त और परिचित, जो फिल्म की शूटिंग के दौरान इसके कई सीन का हिस्सा थे, से पता चला है कि फिल्म में ऐतिहासिक तथ्यों को तोड़ा मरोड़ा  रहा है. उन्होंने कहा कि कोई व्यक्त&#x200d;ि सोच भी नहीं सकता कि महारानी लक्ष्मीबाई का ब्रिटिशमैन से अफेयर रहा होगा. वे युवावस्था में अंग्रेजों से लड़ते हुए शहीद हो गईं. यदि उनकी लाइफ पर फिल्म बनानी है तो ये बायोपिक होनी चाहिए.</div>
<div></div>
<div>महासभा ने फिल्म के प्रोड्यूसर कमल जैन को लिखा है कि वे अपनी फिल्म के लेखक, इतिहासकार की प्रोफाइल और फिल्म में दिखाए गाने के बारे में डिटेल प्राप्त करें. लेकिन अभी तक उन्हें प्रोड्यूसर की ओर से कोई जवाब नहीं मिला है. कंगना रनोट इस फिल्म में रानी लक्ष्मीबाई का रोल निभा रही हैं. उत्तरप्रदेश राजस्थान सहित देश के कई हिस्सों में इसकी शूटिंग हो रही है.</div>
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			</item>
		<item>
		<title>थरूर ने महाराजाओं को बताया कायर तो सिंधिया को लगी मिर्ची ,सुनाई खरी खरी</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Praveen Dubey]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 17 Nov 2017 16:24:20 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[देश]]></category>
		<category><![CDATA[विवाद]]></category>
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					<description><![CDATA[संजय लीला भंसाली की फिल्म पद्मावती को लेकर जारी विवाद अब सियासी गलियारे में भी पहुंच गया है. इसको लेकर कांग्रेस के भीतर ही घमासान शुरू हो गया है. कांग्रेस के दो दिग्गज नेता पद्मावती विवाद को लेकर आमने-सामने आ गए हैं. पूर्व केंद्रीय मंत्री और कांग्रेस नेता शशि थरूर ने महाराजाओं को कायर बताया, [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p align="justify">संजय लीला भंसाली की फिल्म पद्मावती को लेकर जारी विवाद अब सियासी गलियारे में भी पहुंच गया है. इसको लेकर कांग्रेस के भीतर ही घमासान शुरू हो गया है. कांग्रेस के दो दिग्गज नेता पद्मावती विवाद को लेकर आमने-सामने आ गए हैं.</p>
<p>पूर्व केंद्रीय मंत्री और कांग्रेस नेता शशि थरूर ने महाराजाओं को कायर बताया, तो ज्योतिरादित्य सिंधिया ने जबरदस्त पलटवार किया है. उन्होंने नसीहत दी कि शशि थरूर को पहले इतिहास पढ़ना चाहिए कि महाराजाओं की क्या भूमिका थी? साथ ही ऐसी बयानबाजी से बचना चाहिए.  उन्होंने कहा, &#8221;मैं ज्यातिरादित्य सिंधिया हूं और मुझे अपने अतीत पर गर्व है,&#8217;</p>
<p class="_hoverrDone">इसके अलावा शशि थरूर के बयान पर बीजेपी ने भी पलटवार किया है. केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने ट्वीट कर शशि थरूर से पूछा कि क्या सभी महाराजाओं ने ब्रिटिश के सामने घुटने टेके थे? शशि थरूर की इस टिप्पणी पर स्मृति ईरानी ने ज्योतिरादित्य सिंधिया, दिग्गी राजा और अमरिंदर सिंह से भी जवाब मांगा.</p>
<div class="_teraMainAdContainer" data-attr="done"></div>
<p>इससे पहले केंद्रीय मंत्री उमा भारती, नितिन गडकरी समेत तमाम मंत्रियों ने संजय भंसाली पर अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के नाम पर भावनाओं को ठेस पहुंचाने का आरोप लगाते हुए निशाना साधा है.</p>
<p>वहीं, पद्मावती विवाद पर कांग्रेस नेता राजीव शुक्ला ने कहा कि जब इस तरह के हालात होते हैं, तो उसे सम्भालने की ज़िम्मेदारी सरकार की और I&amp;B मंत्रालय की होती है. अगर किसी की भावना आहत होती है, तो सरकार उस गुट और फ़िल्म जगत को बैठकर समाधान निकालना चाहिए.</p>
<p><b>आखिर शशि थरूर ने क्या कहा था?</b></p>
<p>फिल्म &#8216;पद्मावती&#8217; को लेकर मचे हंगामे के बीच पूर्व केंद्रीय मंत्री शशि थरूर    के बयान पर बवाल मच गया था. थरूर ने कहा था- असलियत तो यह है कि इन तथाकथित महाराजाओं में हर एक जो आज मुंबई के एक फिल्मकार के पीछे हाथ धोकर पडे हैं, उन्हें उस समय अपने मान सम्मान की कोई चिंता नहीं थी जब ब्रिटिश इनके मान-सम्मान को पैरों तले रौंद रहे थे. वे खुद को बचाने के लिए भाग खड़े हुए थे. तो इस सच्चाई का सामना करो, इसलिए ये सवाल ही नहीं है कि हमारी मिलीभगत थी.</p>
<p>एक समारोह में शशि थरूर से सवाल किया गया था कि उनकी किताब &#8216;एन एरा ऑफ डार्कनेस: द ब्रिटिश एम्पायर इन इंडिया&#8217; में पीड़ा का भाव क्यों है, जबकि उनकी राय यह है कि भारतीयों ने अंग्रेजों का साथ दिया था.</p>
<p>इस पर थरूर ने कहा, &#8216;यह हमारी गलती है और मैं यह स्वीकार करता हूं. सही मायने में तो मैं पीड़ा को सही नहीं ठहराता हूं. किताब में दर्जनों जगहों पर मैं खुद पर बहुत सख्त रहा हूं. कुछ ब्रिटिश समीक्षकों ने कहा है कि मैं इस बात की व्याख्या क्यों नहीं करता कि ब्रिटिश कैसे जीत गए? और यह बेहद उचित सवाल है.&#8217;</p>
<p>थरूर के इस बयान पर सोशल मीडिया पर कड़ी प्रतिक्रिया आई. राजपूत समाज के लोगों ने थरूर को ट्वीट कर घेरा.</p>
<p><b>क्या है पद्मावती पर विवाद</b></p>
<p>कांग्रेस नेता शशि थरूर की यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब संजय लीला भंसाली के डायरेक्शन में बनी फिल्म पद्मावती    को लेकर एक बड़ा विवाद खड़ा हो गया है. कुछ राजपूत संगठनों ने भंसाली पर इतिहास को तोड़-मरोड़ कर परोसने और हिंदू भावनाओं को भड़काने का आरोप लगाया है. हालांकि, वीडियो जारी कर संजय लीला भंसाली ने संदेश भी दिया था कि उन्होंने फिल्म पूरा संजीदगी से बनाई है और किसी की भावना को ठेस पहुंचाने जैसा कोई सीन नहीं है. लेकिन इसके बावजूद देशभर में पद्मावती को लेकर बवाल जारी है.</p>
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		<title>फारुख ने फिर उगला जहर पाकिस्तान का किया गुणगान</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Praveen Dubey]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 16 Nov 2017 04:13:13 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[देश]]></category>
		<category><![CDATA[विवाद]]></category>
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					<description><![CDATA[नेशनल कांफ्रेंस के प्रमुख फारूक अब्दुल्ला ने बुधवार को एक बार फिर विवादास्पद बयान दे दिया है. उन्होंने कहा कि पाकिस्तान ने चूड़ियां नहीं पहन रखी हैं और उसके पास भी परमाणु बम है, वह भारत को जम्मू-कश्मीर के अपने कब्जे वाले हिस्से पर नियंत्रण नहीं करने देगा. &#160; पिछले हफ्ते फारूक अब्दुल्ला ने कहा [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>नेशनल कांफ्रेंस के प्रमुख फारूक अब्दुल्ला ने बुधवार को एक बार फिर विवादास्पद बयान दे दिया है. उन्होंने कहा कि पाकिस्तान ने चूड़ियां नहीं पहन रखी हैं और उसके पास भी परमाणु बम है, वह भारत को जम्मू-कश्मीर के अपने कब्जे वाले हिस्से पर नियंत्रण नहीं करने देगा.</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>पिछले हफ्ते फारूक अब्दुल्ला ने कहा था कि ‘‘पीओके पाकिस्तान का है.’’ उत्तर कश्मीर के बारामूला जिले के उरी सेक्टर में पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘हम कब तक कहते रहेंगे कि पीओके हमारा हिस्सा है? पीओके उनके बाप की जागीर नहीं है. पीओके पाकिस्तान में है और यह (जम्मू-कश्मीर) भारत में है.’’ उन्होंने कहा कि 70 साल हो गए लेकिन ‘‘भारत, पीओके को हासिल नहीं कर सका.’’</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>फारूक अब्दुल्ला ने कहा, ‘‘आज, वे (भारत) दावा करते हैं कि ये हमारा है . तो इसे (पीओके) हासिल कर लीजिए, हम भी कह रहे हैं कि कृपया इसे (पाकिस्तान से) हासिल कर लीजिए. हम भी देखेंगे. वे (पाकिस्तान) इतने कमजोर नहीं हैं और उन्होंने कोई चूड़ियां नहीं पहन रखी हैं. उनके पास भी एटम बम है. युद्ध के बारे में सोचने से पहले हमें सोचना होगा कि इंसान के रूप में हम कैसे रहेंगे?’’</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>श्रीनगर से लोकसभा के सांसद ने पिछले हफ्ते भी विवादास्पद टिप्पणी की थी. उन्होंने कहा था कि पीओके पाकिस्तान का है और दोनों देश कितना भी लड़ लें, ये बदलने वाला नहीं है. उन्होंने कहा था, ‘‘मैं न केवल भारत के लोगों बल्कि दुनिया से भी सीधे शब्दों में कहता हूं कि जम्मू-कश्मीर का जो हिस्सा पाकिस्तान के पास है (पीओके) वह पाकिस्तान का है और इस तरफ का हिस्सा भारत का है. यह नहीं बदलेगा. वे चाहे जितनी लड़ाइयां लड़ लें. इसमें बदलाव नहीं होगा.’’ उनके बयान पर बीजेपी ने भी तीखी प्रतिक्रिया जताई थी और बिहार में उनके खिलाफ मामला भी दर्ज हुआ था.</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>फारूक अब्दुल्ला ने कहा, ‘‘मेरे खिलाफ मामला दर्ज हुआ है. वह भी एक मुस्लिम ने दर्ज करवाया है, अल्लाह उसे सलामत रखे . उसकी दशा देखिए, वह कश्मीर के बारे में नहीं जानता. वह हमारी स्थिति के बारे में नहीं जानता. वे (पाकिस्तान) बम गिराते हैं तो यहां (कश्मीर में) आम आदमी और सैनिक मरते हैं और जब बम यहां से गिराया जाता है तो वहां (पीओके) भी हमारे लोग और सैनिक मरते हैं. कब तक यह बवाल चलेगा? कब तक निर्दोष लोगों का खून बहेगा?’’ उन्होंने उम्मीद जताई कि वह दिन भी आएगा जब लोग एलओसी के आर-पार आजाद होकर आ-जा सकेंगे. उन्होंने कहा, ‘‘ऐसा दिन आएगा जब लोग एलओसी को इस तरह से पार करेंगे जैसे एक घर से दूसरे घर में जा रहे हैं. विश्वास रखिए ऐसा दिन आएगा और इसके बगैर इस देश में शांति कायम नहीं होगी.’’</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>फारूक अब्दुल्ला के बयान पर कांग्रेस प्रवक्ता आरपीएन सिंह ने दिल्ली में कहा कि जम्मू-कश्मीर भारत का अभिन्न अंग है और हमेशा रहेगा. उन्होंने कहा, ‘‘जम्मू-कश्मीर भारत का अभिन्न अंग है और हमें इसके लिए किसी व्यक्ति के सर्टिफिकेट की जरूरत नहीं है.’’</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>नेशलन कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष ने कहा था कि समय आ गया है कि उन सभी केंद्रीय कानूनों को खत्म करने की जरूरत है जिन्हें 1953 के बाद राज्य में लागू किया गया था. उन्होंने कहा, ‘‘राज्य की स्वायत्तता का ह्रास ही जम्मू-कश्मीर में सभी राजनीतिक समस्याओं का मूल है और इससे लोगों में भ्रम और निराशा की भावना जगी है.’’ उन्होंने कहा, ‘‘जम्मू-कश्मीर की स्वायत्तता से समझौता नहीं हो सकता.’’ पूर्व मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को स्वतंत्रता दिवस के भाषण की याद दिलाई जहां उन्होंने कश्मीर के लोगों को गले लगाने की जरूरत पर बल दिया था.</p>
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