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	<title>शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद संगम बवाल &#8211; Shabd Shakti News</title>
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	<description>Every News Speaks</description>
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		<title>अब शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद को दिया प्रयागराज प्रशासन ने नोटिस पूछा आप ज्योतिष्पीठ के शंकराचार्य कैसे?</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Praveen Dubey]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 20 Jan 2026 05:49:42 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[धर्म कर्म]]></category>
		<category><![CDATA[प्रमुख खबरें]]></category>
		<category><![CDATA[शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद संगम बवाल]]></category>
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					<description><![CDATA[प्रयागराज 20 जनवरी 2026/शंकराचार्य और प्रयागराज प्रशासन विवाद में एक नया मोड़ आ गया प्रशासन ने शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद जी को देर रात्रि एक नोटिस भेजा उधर आज मंगलवार को शंकराचार्य के शिविर के बाहर 3:00 बजे इसी विषय पर एक प्रेस वार्ता रखी गई है। सूत्रों का कहना है कि प्रयागराज प्रशासन  ने शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद  [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>प्रयागराज 20 जनवरी 2026/शंकराचार्य और प्रयागराज प्रशासन विवाद में एक नया मोड़ आ गया प्रशासन ने शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद जी को देर रात्रि एक नोटिस भेजा उधर आज मंगलवार को शंकराचार्य के शिविर के बाहर 3:00 बजे इसी विषय पर एक प्रेस वार्ता रखी गई है।</p>
<p>सूत्रों का कहना है कि प्रयागराज प्रशासन  ने शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद  को देर रात्रि नोटिस में पूछा है</p>
<p>आप ज्योतिष्पीठ के शंकराचार्य कैसे?&#8217;उनसे 24 घंटे में जवाब मांगा गया है</p>
<p>प्रयागराज माघ मेले में मौनी अमावस्या के दिन यूपी सरकार के गृह सचिव मोहित गुप्ता और मेला अधिकारियों के साथ अविमुक्तेश्वरानंद के शिष्यों से विवाद हो गया था. इस दौरान अधिकारियों पर अविमुक्तेश्वरानंद के शिष्यों से मारपीट का भी आरोप लगा. जिसके बाद अविमुक्तेश्वरानंद ने स्नान से ही मना कर दिया था. तब से ही वह अपने शिविर के बाहर विरोध में बैठे हैं. वहीं अब मेला प्राधिकरण ने उन्हें नोटिस भेज दिया है.</p>
<p>नोटिस में इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेश का हवाला दिया गया है और 24 घंटे के अंदर जवाब मांगा गया है. नोटिस में कहा गया है कि अविमुक्तेश्वरानंद कैसे खुद को ज्योतिष्पीठ के शंकराचार्य के रूप में बता रहे हैं. नोटिस में कहा गया है कि जब तक हाईकोर्ट कोई अग्रिम आदेश पट्टाभिषेक के संबंध में पारित नहीं करता है, तब तक कोई भी धर्माचार्य ज्योतिष्पीठ के शंकराचार्य के रूप में पट्टाभिषेकित नहीं हो सकता है।</p>
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		<title>शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने अन्न जल छोड़ा संगम पर धरना जारी</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Praveen Dubey]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 19 Jan 2026 15:52:01 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[प्रमुख खबरें]]></category>
		<category><![CDATA[देश]]></category>
		<category><![CDATA[धर्म कर्म]]></category>
		<category><![CDATA[शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद संगम बवाल]]></category>
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					<description><![CDATA[प्रयागराज 19 जनवरी 2026/उत्तर प्रदेश के  प्रयागराज माघ मेला के दौरान मौनी अमावस्या महास्नान पर्व के मौके पर शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के संगम स्नान से वंचित रहने का मामला गरमा गया है। इसको लेकर शंकराचार्य के मौन व्रत धारण करने के बाद अब अन्न छोड़ने की बात सामने आ रही है।शंकराचार्य की मांग है [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>प्रयागराज 19 जनवरी 2026/उत्तर प्रदेश के  प्रयागराज माघ मेला के दौरान मौनी अमावस्या महास्नान पर्व के मौके पर शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के संगम स्नान से वंचित रहने का मामला गरमा गया है। इसको लेकर शंकराचार्य के मौन व्रत धारण करने के बाद अब अन्न छोड़ने की बात सामने आ रही है।शंकराचार्य की मांग है कि प्रशासन प्रोटोकॉल के साथ उन्हें ले जाकर गंगा स्नान कराए. मीडिया से बातचीत में उन्होंने बताया कि प्रशासन के रवैये से वह काफी आहत हैं.</p>
<p>दावा किया जा रहा है कि रविवार की घटना के बाद से ही स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने अन्न-जल का त्याग कर दिया है। वहीं, माघ मेला क्षेत्र में  दिन भर स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद की पालकी को रोके जाने का मामला गरमाया रहा। इसको लेकर चर्चा होती रही। पुलिस-प्रशासन की ओर से शंकराचार्य की पालकी को रोकने की घटना के बाद से ही उनका गुस्सा भड़का हुआ है।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
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		<title>शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद के स्नान को लेकर माघ मेले में बवाल,अब तक डेढ़ करोड़ श्रद्धालुओं ने लगाई संगम में डुबकी</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Praveen Dubey]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 18 Jan 2026 10:38:14 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[प्रमुख खबरें]]></category>
		<category><![CDATA[देश]]></category>
		<category><![CDATA[धर्म कर्म]]></category>
		<category><![CDATA[शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद संगम बवाल]]></category>
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					<description><![CDATA[प्रयागराज 18 जनवरी 2026/प्रयागराज के माघ मेले (Magh Mela 2026) के दौरान शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के साथ एक बड़ा विवाद हुआ है। मौनी अमावस्या के सबसे बड़े स्नान पर्व पर प्रयागराज के संगम तट पर लाखों श्रद्धालु डुबकी लगाने पहुँचे थे।इसी बीच शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद अपने समर्थकों और पालकी रथ के साथ संगम नोज (स्नान [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>प्रयागराज 18 जनवरी 2026/प्रयागराज के माघ मेले (Magh Mela 2026) के दौरान शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के साथ एक बड़ा विवाद हुआ है।</p>
<p>मौनी अमावस्या के सबसे बड़े स्नान पर्व पर प्रयागराज के संगम तट पर लाखों श्रद्धालु डुबकी लगाने पहुँचे थे।इसी बीच शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद अपने समर्थकों और पालकी रथ के साथ संगम नोज (स्नान स्थल) की ओर जा रहे थे। पुलिस/प्रशासन ने उनका काफिला रोक दिया, यह कहते हुए कि भीड़ बहुत अधिक है और सुरक्षा कारणों से रथ या बड़े काफिले को आगे नहीं बढ़ने दिया जा रहा है ।पुलिस ने समर्थकों को आगे जाने से रोका और स्थिति तनावपूर्ण हुई — शिष्यों के साथ धक्का-मुक्की और कुछ मामलों में मारपीट भी हुई — ये आरोप शंकराचार्य ने स्वयं लगाए हैं।</p>
<p style="text-align: center;">I<img fetchpriority="high" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-60687" src="https://shabdshaktinews.in/wp-content/uploads/2026/01/Screenshot_20260118-155016_Chrome.jpg" alt="" width="586" height="599" srcset="https://shabdshaktinews.in/wp-content/uploads/2026/01/Screenshot_20260118-155016_Chrome.jpg 586w, https://shabdshaktinews.in/wp-content/uploads/2026/01/Screenshot_20260118-155016_Chrome-293x300.jpg 293w, https://shabdshaktinews.in/wp-content/uploads/2026/01/Screenshot_20260118-155016_Chrome-411x420.jpg 411w, https://shabdshaktinews.in/wp-content/uploads/2026/01/Screenshot_20260118-155016_Chrome-356x364.jpg 356w" sizes="(max-width: 586px) 100vw, 586px" /></p>
<p>शंकराचार्य ने क्या निर्णय लिया?<br />
विवाद के बाद स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने संगम में स्नान करने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा कि प्रशासन उनके और शिष्यों के साथ अनुचित व्यवहार कर रहा है और इस वजह से वे बिना स्नान किए वापस लौटेंगे।</p>
<p>उनकी पालकी वहीं रोक दी गई, और वे पैदल आगे बढ़ने को तैयार नहीं हुए — जिसके बाद उन्होंने अपने अनुयायियों से वापस लौटने को कहा।<br />
प्रशासन का पक्ष<br />
अधिकारियों का कहना रहा है कि भारी भीड़ और सुरक्षा चिंताओं के कारण किसी भी बड़े वाहन/रथ को संगम की ओर जाने की अनुमति नहीं दी जा रही थी। पैदल ही आगे बढ़ने को कहा गया, लेकिन शंकराचार्य इसका पालन नहीं कर रहे थे।</p>
<p>इस घटना ने माघ मेले के शांतिपूर्ण वातावरण में तनाव पैदा कर दिया है और स्थानीय प्रशासन एवं संत समाज के बीच गतिरोध जैसा हालात बन गया है। दोनों पक्षों के बयान और विस्तृत घटनाक्रम पर आगे अपडेट्स आते रहेंगे आपको इस घटना पर लगातार अपडेट्स भी प्रदान किए जाएंगे</p>
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