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	<title>शंकराचार्य धरना काशी के लिए रवाना &#8211; Shabd Shakti News</title>
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	<description>Every News Speaks</description>
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		<title>शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने ​​​​​​प्रयागराज माघ मेला बिना स्नान किए छोड़ा काशी के लिए रवाना</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Praveen Dubey]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 28 Jan 2026 09:27:00 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[प्रमुख खबरें]]></category>
		<category><![CDATA[देश]]></category>
		<category><![CDATA[धर्म कर्म]]></category>
		<category><![CDATA[शंकराचार्य धरना काशी के लिए रवाना]]></category>
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					<description><![CDATA[प्रयागराज 28 जनवरी 2026/शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने ​​​​​​प्रयागराज माघ मेला छोड़ दिया है। वह काशी के लिए रवाना हो गए हैं। इससे पहले, उन्होंने बुधवार सुबह प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा- आज मन इतना व्यथित है कि हम बिना स्नान किए ही विदा ले रहे हैं। इस दुख की भरपाई पता नहीं कौन सा नेता आएगा [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>प्रयागराज 28 जनवरी 2026/शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने ​​​​​​प्रयागराज माघ मेला छोड़ दिया है। वह काशी के लिए रवाना हो गए हैं। इससे पहले, उन्होंने बुधवार सुबह प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा- आज मन इतना व्यथित है कि हम बिना स्नान किए ही विदा ले रहे हैं।</p>
<p class="">इस दुख की भरपाई पता नहीं कौन सा नेता आएगा कौन सी पार्टी आएगी जो करेगी। प्रयागराज हमेशा से आस्था और शांति की धरती रही है। श्रद्धा के साथ यहां आया था, लेकिन एक ऐसी घटना हो गई, जिसकी मैंने कभी उम्मीद नहीं की थी।</p>
<p class="">उन्होंने कहा-कल<em> मुझे माघ मेला प्रशासन की ओर से एक पत्र और प्रस्ताव भेजा गया। इसमें कहा कि मुझे पूरे सम्मान के साथ पालकी से संगम ले जाकर स्नान कराया जाएगा। मुझ पर फूल बरसाए जाएंगे, लेकिन मैंने प्रस्ताव को ठुकरा दिया। जब दिल में दुख और गुस्सा हो, तो पवित्र पानी भी शांति नहीं दे पाता।</em></p>
<div class="e21feb55"></div>
<p class="">माघ मेला 15 फरवरी तक चलेगा। अभी 2 स्नान बचे हैं। माघी पूर्णिमा (1 फरवरी) और महाशिवरात्रि (15 फरवरी)। यानी विवाद के कारण शंकराचार्य ने माघ मेला 18 दिन पहले ही छोड़ दिया। मौनी अमावस्या के दिन शंकराचार्य का प्रशासन से विवाद हुआ, फिर वे बिना स्नान किए लौट गए। इसके बाद उन्होंने बसंत पंचमी के दिन भी स्नान नहीं किया था। अब वे बाकी दोनों स्नान में भी शामिल नहीं होंगे।</p>
<p class=""><span class="e913fbaa d3886593"><strong>शंकराचार्य ने कहा</strong></span></p>
<p class=""><strong> घटना ने मेरी आत्मा को झकझोर दिया</strong></p>
<p class="">शंकराचार्य ने कहा- इस घटना ने मेरी आत्मा को झकझोर दिया। इससे न्याय और मानवता के प्रति मेरा विश्वास कमजोर हुआ है। मैंने कुछ समय का मौन रखकर प्रार्थना भी की कि जिन लोगों ने अपमान किया है, उन्हें दंड मिले। मेरे सम्मान को ठेस पहुंचाने का प्रयास हुआ। इसके पीछे राज्य सरकार जिम्मेदार है।</p>
<p class=""><strong> प्रशासन ने घटना के लिए माफी नहीं मांगी</strong></p>
<p class="">अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा- प्रशासन के कल के प्रस्ताव में मौनी अमावस्या की घटना के लिए माफी नहीं मांगी गई। असली सम्मान तब होता है, जब गलती मानी जाए और सच्चे मन से माफी मांगी जाए। जब तक मूल घटना की जिम्मेदारी लेकर दोषी लोग माफी नहीं मांगते, तब तक ऐसे किसी भी प्रस्ताव को स्वीकार नहीं करूंगा। अगर मैं उस प्रस्ताव को स्वीकार कर लेता, तो उस दिन हुई घटना और उनके भक्तों के अपमान का मुद्दा दब जाता।</p>
<p class=""><strong>किसकी जीत हुई, यह समय बताएगा</strong></p>
<p class="">शंकराचार्य ने कहा- मैं इस मामले को लेकर कई दिनों तक विरोध में बैठा रहा, लेकिन फिर मेला छोड़ने का फैसला किया। अगर पहले पालकी से स्नान कराना गलत माना गया, तो अब वही बात सही कैसे हो गई? क्या संतों, संन्यासियों और ब्रह्मचारियों के साथ हुई मारपीट और अपमान की भरपाई ऐसे ही कर दी जाएगी?</p>
<p class="">मैं इस तरह के दिखावे वाले सम्मान को कभी स्वीकार नहीं कर सकता। किसकी जीत हुई और किसकी हार हुई, यह समय बताएगा। फैसला सनातनी समाज करेगा। जो मुगलों के समय हुआ था, वही आज हो रहा है। इन 11 दिनों में हमारी प्रतिष्ठा की हत्या का प्रयास हुआ।</p>
<p class=""><strong>जिन्होंने अपमान किया, उन्हें औकात दिखानी होगी</strong></p>
<p class=""> अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा- अगर यह केवल स्थानीय प्रशासन करता, तो बात अलग होती, लेकिन इसके पीछे उत्तर प्रदेश का शासन है। हमने पहले भी कहा था कि इस अन्याय के प्रतिकार के लिए आगे भी आंदोलन किया जाएगा। अगर सनातनी चाहेंगे, तो हम शांत नहीं बैठेंगे। मेरी युवाओं से अपील है कि जिन्होंने सनातनी प्रतीकों का अपमान किया है, उन्हें उनकी औकात दिखानी होगी।</p>
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