<?xml version="1.0" encoding="UTF-8"?><rss version="2.0"
	xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
	xmlns:wfw="http://wellformedweb.org/CommentAPI/"
	xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
	xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom"
	xmlns:sy="http://purl.org/rss/1.0/modules/syndication/"
	xmlns:slash="http://purl.org/rss/1.0/modules/slash/"
	>

<channel>
	<title>सूखा &#8211; Shabd Shakti News</title>
	<atom:link href="https://shabdshaktinews.in/tag/%e0%a4%b8%e0%a5%82%e0%a4%96%e0%a4%be/feed/" rel="self" type="application/rss+xml" />
	<link>https://shabdshaktinews.in</link>
	<description>Every News Speaks</description>
	<lastBuildDate>Thu, 16 Jul 2026 12:31:08 +0000</lastBuildDate>
	<language>en-US</language>
	<sy:updatePeriod>
	hourly	</sy:updatePeriod>
	<sy:updateFrequency>
	1	</sy:updateFrequency>
	<generator>https://wordpress.org/?v=6.8.5</generator>
	<item>
		<title>सूखे की आहट से बेहाल किसानों को धान ने किया निराश अब मोटे अनाजों की आस पढ़ें क्या करें किसान भाई</title>
		<link>https://shabdshaktinews.in/%e0%a4%b8%e0%a5%82%e0%a4%96%e0%a5%87-%e0%a4%95%e0%a5%80-%e0%a4%86%e0%a4%b9%e0%a4%9f-%e0%a4%b8%e0%a5%87-%e0%a4%ac%e0%a5%87%e0%a4%b9%e0%a4%be%e0%a4%b2-%e0%a4%95%e0%a4%bf%e0%a4%b8%e0%a4%be%e0%a4%a8/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Praveen Dubey]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 16 Jul 2026 12:31:08 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[ग्वालियर अंचल]]></category>
		<category><![CDATA[प्रमुख खबरें]]></category>
		<category><![CDATA[सूखा]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://shabdshaktinews.in/?p=65447</guid>

					<description><![CDATA[&#160; ग्वालियर 16 जुलाई 2026/ अलनीनो के संभावित प्रभाव और कम वर्षा की आशंका के मद्देनजर ग्वालियर जिले के किसानों से धान के बजाय मोटे अनाज उगाने और अपनी फसल का बीमा कराने की अपील की गई है। मौसम विभाग द्वारा इस वर्ष सामान्य से कम वर्षा और वर्षा अंतराल अधिक होने की संभावना व्यक्त [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>&nbsp;</p>
<p>ग्वालियर 16 जुलाई 2026/ अलनीनो के संभावित प्रभाव और कम वर्षा की आशंका के मद्देनजर ग्वालियर जिले के किसानों से धान के बजाय मोटे अनाज उगाने और अपनी फसल का बीमा कराने की अपील की गई है। मौसम विभाग द्वारा इस वर्ष सामान्य से कम वर्षा और वर्षा अंतराल अधिक होने की संभावना व्यक्त की गई है। इस बात को ध्यान में रखकर किसान कल्याण एवं कृषि विकास विभाग द्वारा किसानों को उचित सलाह दी गई है। कलेक्टर श्रीमती रुचिका चौहान ने कृषि एवं उससे जुड़े विभागों के मैदानी अधिकारी-कर्मचारियों को इस दिशा में लगातार किसानों को जागरूक करने के निर्देश दिए हैं।<br />
उप संचालक किसान कल्याण एवं कृषि विकास श्री भानु प्रकाश शर्मा ने किसानों को सलाह दी है कि कम पानी चाहने वाली फसलों जैसे ज्वार, बाजरा, मक्का, तिल, उड़द और मूंग की बुवाई करें। इन फसलों को धान की तुलना में काफी कम पानी की आवश्यकता होती है। ज्वार को 500 एम.एम., बाजरा, तिल, उड़द, मूंग को 400 एम.एम. और मक्का को 600 एम.एम. पानी की आवश्यकता होती है। इसके विपरीत धान को लगभग 1400 एम.एम. पानी की आवश्यकता होती है। किसानों को धान की फसल लगाने से परहेज करने का आग्रह किया गया है।</p>
<p>बुवाई के लिए महत्वपूर्ण सुझाव</p>
<p>• बुवाई के समय यह सुनिश्चित करें कि जमीन में कम से कम 2-3 इंच नमी हो।<br />
• कम अवधि की और सूखा प्रतिरोधी किस्मों का चयन करें।<br />
• बीजोपचार और जैविक उर्वरकों का उपयोग अवश्य करें ताकि पौधों का अंकुरण और प्रारंभिक वृद्धि बेहतर हो सके।<br />
• संतुलित उर्वरक प्रबंधन अपनाएं और नमी की कमी की स्थिति में नाइट्रोजन उर्वरकों का अधिक मात्रा में प्रयोग न करें।</p>
<p>31 जुलाई तक अवश्य करा लें अपनी फसल का बीमा</p>
<p>सभी ऋणी एवं अऋणी कृषकों के लिए फसल बीमा कराने की अंतिम तिथि 31 जुलाई 2026 निर्धारित की गई है। किसान भाई अपनी फसलों का बीमा किसान कॉमन सर्विस सेंटर, बैंक शाखाओं और फसल बीमा पोर्टल के माध्यम से करा सकते हैं। फसल बीमा कराने के लिये किसान का आधार नंबर, बैंक पासबुक की छायाप्रति, भूमि से संबंधित दस्तावेज (खतौनी) इत्यादि व फसल बुवाई प्रमाण पत्र की जरूरत होती है। फसल बीमा प्राकृतिक आपदाओं और जोखिमों से होने वाली हानि को कवर करता है।</p>
<p>फसल बीमा संबंधी समस्या हो तो यहां करें संपर्क</p>
<p>जिले में फसल बीमा से संबंधित किसी भी समस्या के लिए किसान भाई जिला प्रबंधक एग्रीकल्चर इंश्योरेंस कंपनी श्री अभिषेक गौतम से मोबाइल फोन नंबर 9827266464 पर संपर्क कर सकते हैं। साथ ही किसान कल्याण एवं कृषि विकास विभाग के खंड स्तरीय कार्यालयों व जिला कार्यालयों में भी संपर्क किया जा सकता है।<br />
क्रमांक/117/26</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
	</channel>
</rss>
