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	<title>NEET पेपर लीक मामले में सुप्रीम कोर्ट सख्त &#8211; Shabd Shakti News</title>
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		<title>NEET पेपर लीक मामले में सुप्रीम कोर्ट सख्त, NTA परीक्षा व्यवस्था पर उठाए सवाल, केंद्र से मांगा जवाब</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Praveen Dubey]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 19 Aug 2026 10:03:06 +0000</pubDate>
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		<category><![CDATA[NEET पेपर लीक मामले में सुप्रीम कोर्ट सख्त]]></category>
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					<description><![CDATA[नई दिल्ली 19 अगस्त 20026/NEET-UG 2026 पेपर लीक मामले में सुप्रीम कोर्ट ने NTA की परीक्षा व्यवस्था पर कई अहम सवाल उठाए हैं। जस्टिस पीएस नरसिम्हा और जस्टिस आलोक अराधे की बेंच ने कहा कि परीक्षा व्यवस्था को सिर्फ सुरक्षा उपायों तक सीमित नहीं रखा जा सकता। इसके लिए मजबूत और स्थायी संस्थागत ढांचा जरूरी [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>नई दिल्ली 19 अगस्त 20026/</strong>NEET-UG 2026 पेपर लीक मामले में सुप्रीम कोर्ट ने NTA की परीक्षा व्यवस्था पर कई अहम सवाल उठाए हैं। जस्टिस पीएस नरसिम्हा और जस्टिस आलोक अराधे की बेंच ने कहा कि परीक्षा व्यवस्था को सिर्फ सुरक्षा उपायों तक सीमित नहीं रखा जा सकता। इसके लिए मजबूत और स्थायी संस्थागत ढांचा जरूरी है। शीर्ष अदालत ने पूछा कि NTA में कितने DG, ADG और वरिष्ठ अधिकारियों की नियुक्ति की गई है। साथ ही कोर्ट ने सुरक्षित ऑफिस, साइबर सिक्योरिटी, गोपनीय इंफ्रास्ट्रक्चर, स्वतंत्र डेटाबेस और डेटा स्टोरेज को लेकर भी जानकारी मांगी।</p>
<p>सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि परीक्षा कराने वाली संस्था में स्थायी विशेषज्ञता और अनुभव होना चाहिए। हर परीक्षा से मिले अनुभव का इस्तेमाल अगली परीक्षा को और सुरक्षित बनाने में किया जाना चाहिए।</p>
<p>सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि करीब 500 सवालों के प्रश्न बैंक से 4 पेपर तैयार किए जाते हैं। DG NTA इनमें से 2 प्रश्नपत्र चुनते हैं। प्रश्नपत्रों की प्रिंटिंग CCTV और CISF की निगरानी में होती है। इन्हें ले जाने वाली गाड़ियों को GPS से ट्रैक किया जाता है। दो सेट प्रश्नपत्र स्ट्रांग रूम में रखे जाते हैं और परीक्षा के दिन DG NTA तय करते हैं कि कौन सा पेपर इस्तेमाल किया जाएगा। सॉलिसिटर जनरल ने बताया कि पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी भी होती है। वहीं सरकार की ओर से कहा गया कि राधाकृष्णन कमेटी की सिफारिशों को स्वीकार किया गया है।</p>
<h3>SC ने मांगा केंद्र से हलफनामा</h3>
<p>सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि उसकी मुख्य चिंता यह है कि पूरी परीक्षा व्यवस्था को स्थायी और संस्थागत कैसे बनाया जाएगा।कोर्ट ने NEET को सुरक्षित बनाने के लिए उठाए जा रहे कदमों पर केंद्र सरकार से 3 हफ्ते में हलफनामा दाखिल करने को कहा है।मामले की अगली सुनवाई 3 हफ्ते बाद होगी।</p>
<p>नीट-यूजी प्रश्नपत्र लीक होने के बाद 2024 में शिक्षा मंत्रालय ने परीक्षा प्रक्रिया में सुधार, डेटा सुरक्षा प्रोटोकॉल को बेहतर बनाने तथा एनटीए की संरचना और कार्यप्रणाली में सुधार के लिए सिफारिशें देने हेतु सात सदस्यीय <a title="पेपर लीक पर लगाम लगाने के लिए उच्च स्तरीय कमेटी का हुआ गठन, दो महीने में सौंपनी होगी रिपोर्ट" href="https://www.indiatv.in/india/national/high-level-committee-formed-to-curb-paper-leaks-report-to-be-submitted-in-two-months-2024-06-22-1054834" target="_blank" rel="noopener">राधाकृष्णन समिति का गठन </a>किया था। इसरो के पूर्व चेयरमैन डॉ. के. राधाकृष्णन की अगुवाई में बनी इस कमेटी का गठन 22 जून 2024 को किया गया। 21 अक्तूबर 2024 को कमेटी ने अपनी रिपोर्ट केंद्र सरकार को सौंप दी थी। कमेटी ने एग्जाम करानेवाली संस्था एनटीए में बड़े बदलाव की सिफारिश की थी। वहीं इस साल पेपर लीक की घटनाओं और छात्र आंदोलन के बाद सरकार ने नीट परीक्षाओं में संरचनात्मक सुधारों के लिए इन्फोसिस के सह-संस्थापक नंदन नीलेकणि के नेतृत्व में एक उच्चाधिकार प्राप्त कार्य बल का भी गठन किया है</p>
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