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	<title>UCC मध्यप्रदेश &#8211; Shabd Shakti News</title>
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	<description>Every News Speaks</description>
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		<title>19  को कैबिनेट  बैठक के बाद विधानसभा सत्र के पहले  ही दिन 20 जुलाई को UCC विधेयक को पेश करने की तैयारी में मोहन सरकार</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Praveen Dubey]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 16 Jul 2026 15:53:03 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[प्रमुख खबरें]]></category>
		<category><![CDATA[मध्यप्रदेश]]></category>
		<category><![CDATA[UCC मध्यप्रदेश]]></category>
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					<description><![CDATA[भोपाल 16 अगस्त 2026/मध्यप्रदेश के मानसून सत्र में मोहन सरकार UCC से जुड़ा अहम विधयेक लाने जा रही है। 20 जुलाई से शुरु हो रहे विधानसभा के मानसून सत्र के पहले 19 जलाई को कैबिनेट की बैठक में UCC कमेटी के प्रतिवेदन को कैबिनेट में रखा जाएगा। कैबिनेट से मंजूरी के बाद मोहन सरकार विधानसभा [&#8230;]]]></description>
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<p>भोपाल 16 अगस्त 2026/मध्यप्रदेश के मानसून सत्र में मोहन सरकार UCC से जुड़ा अहम विधयेक लाने जा रही है। 20 जुलाई से शुरु हो रहे विधानसभा के मानसून सत्र के पहले 19 जलाई को कैबिनेट की बैठक में UCC कमेटी के प्रतिवेदन को कैबिनेट में रखा जाएगा। कैबिनेट से मंजूरी के बाद मोहन सरकार विधानसभा सत्र के पहले दिन ही UCC विधेयक को पेशन करने तैयारी में है।</p>
</div>
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<p>समान नागरिक संहिता लंबे समय से भाजपा के प्रमुख वैचारिक मुद्दों में शामिल रही है। 2023 के विधानसभा चुनाव में मध्यप्रदेश भाजपा के चुनावी मेनिफेस्टो में प्रदेश में UCC लागू करना प्रमुख चुनावी एजेंडा रहा है। ऐसे में अब मोहन सरकार अब उसको पूरा करती हुई दिख रही है। दरअसल भाजपा का मानना है कि UCC लागू होने से विवाह,तलाक,उत्तराधिकार और गोद लेने जैसे मामलों में सभी नागरिकों के लिए एक समान कानूनी व्यवस्था बनेगी।</p>
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<p>बुधवार को इंदौर में एक कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने UCC के मुद्दें पर सरकार का नजरिया साफ करते हुए कहा कि सरकार समान नागरिक संहिता लागू करने की दिशा में अब आगे बढ़ रही है। वहीं मुख्यमंत्री ने कहा कि अगर रामचंद्र एक शादी करता है तो रहीम से भी एक ही शादी की अपेक्षा की जा सकती है।</p>
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<p>मुख्यमंत्री मोहन यादव का कहना है कि UCC का मकसद किसी धर्म विशेष को निशाना बनाना नहीं, बल्कि सभी नागरिकों के लिए समान अधिकार सुनिश्चित करना है। सरकार ने पहले जनता, सामाजिक संगठनों और विभिन्न वर्गों से सुझाव लेने की प्रक्रिया भी शुरू की थी, जिसमें 10 लाख से अधिक लोगों के सुझाव लिए गए है। जिसमें 9 लाख लोगों ने यूसीसी के समर्थन में आए है और अब सरकार इसको अमलीजामान पहनाने जा रही है।</p>
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<div><strong>UCC पर अपना रूख साफ करें कांग्रेस-</strong><br />
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि समिति द्वारा मुझे यूसीसी की रिपोर्ट सौंप दी गई है। अब कांग्रेस को भी इस विषय पर अपना रुख स्पष्ट करना चाहिए। चाहे यूसीसी का मुद्दा हो या भोजशाला का, कांग्रेस हर विषय को केवल हिंदू-मुस्लिम और वोट बैंक की राजनीति के नजरिए से देखती है। उन्होंने कहा कि सकारात्मक बात यह है कि सभी धर्मों के नागरिकों ने यूसीसी पर अपने विचार खुलकर और स्पष्ट रूप से रखे हैं, लेकिन कांग्रेस ने अब तक अपना स्पष्ट रुख सामने नहीं रखा है।</div>
<div><strong>UCC प्रतिवेदन में क्या है?- </strong>मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को सौंपे गए UCC प्रतिवेदन में समिति की रिपोर्ट 3 खण्डों में संकलित है। पहले खंड में समिति की अनुशंसाओं का प्रतिवेदन है और इसमें समिति ने अंतर्राष्ट्रीय, राष्ट्रीय एवं राज्य के विभिन्न विधियों एवं प्रथाओं का विश्लेषण कर अपनी अनुशंसाएं प्रतिवेदित की है। इस खंड में 10 अध्याय है। प्रतिवेदन का दूसरा खंड विधेयक के प्रारूप के रूप में है। समिति द्वारा प्रस्तावित विधेयक के प्रारूप को मध्यप्रदेश में प्रचलित विधियों एवं नियमों के दृष्टिगत तैयार किया गया है। प्रस्तावित विधेयक के 4 भाग, 404 धाराएं एवं 7 अनुसूचियां है। तीसरे खंड में जन परामर्श प्रतिवेदन है, जिसमें समिति द्वारा जिला स्तर, राज्य स्तर एवं वेबसाइट के माध्यम से किए गए व्यापक जन-परामर्श का विवरण है। समिति को 9.58 लाख से अधिक परामर्श प्राप्त हुए थे। उनका प्रश्नवार, लिंगवार एवं समुदायवार विश्लेषण इस खंड में शामिल है। समिति ने अनुसूचित जनजातियों को समान नागरिक संहिता से बाहर रखने की अनुशंसा की है।</div>
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