Homeग्वालियर अंचलअधिकतर अपराधिक घटनायें नशें की वजह से होती है- गौतम

अधिकतर अपराधिक घटनायें नशें की वजह से होती है- गौतम

बी.एस.एफ. सहायक प्रशिक्षण केन्द्र टेकनपुर में महिला सशक्तिकरण विषय पर सेमीनार का आयोजन

ग्वालियर/ स्वयंसेवी संस्था रमन शिक्षा समिति द्वारा आज बी.एस.एफ.प्रशिक्षण केन्द्र टेकनपुर पर महिला प्रशिक्षणार्थियों हेतु ‘‘महिला सशक्तिकरण’’ विषय पर सेमीनार का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में 200 से अधिक प्रशिक्षण प्राप्त कर रही महिला प्रशिक्षणार्थियों ने भाग लिया।
इस अवसर पर संस्था अध्यक्ष हरिओम गौतम ने उपस्थित लोगों को कार्यक्रम का उद्देश्य एवं महिलाओं पर नशे से पड़ने वाले दुःष्प्रभावों को विस्तार पूर्वक बताया। उन्होनें कहा कि नशा व्यक्ति को शारीरिक, आर्थिक तथा मानसिक तीनों रूप से खत्म कर देता है, इसलिए हम सभी को नशे से दूर रहना चाहिए। उन्होंनें कहा कि अधिकतर अपराधिक घटनायें नशें की वजह से होती है जिसका शिकार भी अधिकतर महिलाये ही होती है, जैसे- घरेलू हिंसा, छेड़-छाड़, बलात्कार, लूट-पाट आदि घटनायें। उन्होनें बताया कि जो महिलाये गर्भावस्था के दौरान किसी भी प्रकार के नशे का सेवन करती है उसका दुष्प्रभाव जन्म लेने वाले बच्चें पर पड़ता है, जिसके परिणामस्वरूप जन्म लेने वाले बच्चें में कई प्रकार की विकृतियाॅ आ जाती है।

कार्यक्रम में वक्ता के रूप में बोलते हुये डॉ. मंदाकिनी शर्मा ने कहा कि नारी, भारतीय संदर्भ में शक्ति का पर्याय है, वो शक्ति स्वरूपा है इसलिये समाज, परिवार और देश की रक्षा जैसे दायित्व बहुत सरलता के साथ निभा पा रही है।
कार्यक्रम में विशेष वक्ता के रूप में बोलते हुये डॉ करुणा सक्सेना ने कहा कि जब हम विद्यालयों से बालिकाओं के समूह प्रवेश करते तथा निकलते हुए देखते हैं, जब हम कार्यालयों में बराबरी से महिलाओं को काम करते हुए, राजनीति में एक महिला द्वारा देश-समाज के नेतृत्व को स्वीकार करते हैं और आर्थिक रूप से सशक्त आत्मनिर्भर स्त्री को उसकी पहचान बनाते हुए सराहते है, तब हमें यह स्वीकार करना ही पड़ता है कि अब महिलाओं के लिए सामाजिक परिवेश में परिवर्तन आने लगा है। अगर आज आवश्यकता है तो महिलाओं के भीतर उस भाव को दीप्त करने की, जिससे प्रत्येक स्त्री अपनी प्रतिभा और अपनी योग्यता को पहचान कर अपने सम्पूर्ण व्यक्तित्व व अपने सुरक्षित भविष्य को निर्मित कर सके।
कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में बोलते हुये सीमा जैन ने कहा कि भारतीय वेद, भारतीय क्रांति का इतिहास सशक्त नारी के उल्लेख से भरा पड़ा है। आज शिक्षित और अपने पैरों पर खड़ी कई महिलाएं हैं लेकिन सीमा सुरक्षा बल में प्रशिक्षण प्राप्त कर रही महिलाओं पर हम गर्व करते हैं। नारी अपने आप पर गर्व करें और हिम्मत से अपने रास्ते बनाएं। यही सशक्तिकरण है।
कार्यक्रम के अंत में बी.एस.एफ. कमाडेंट विपिन पंथारी ने उपस्थित अतिथियों को स्मृति चिन्ह भेंट किये, इसके पश्चात उन्होनें सभी लोगों का आभार व्यक्त करते हुये कहा कि रमन शिक्षा समिति द्वारा नशामुक्ति एवं महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में किये जा रहै कार्य सराहनीय है। कार्यक्रम का संचालन राजबाला सिंह द्वारा किया गया।
इस अवसर पर सहायक कमांडर मनदेव सिंह भुल्लर विशेष रूप से उपस्थित थे।

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