वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज (बुधवार), 01 फरवरी को संसद में बजट 2023-24 पेश किया. इस दौरान वित्त मंत्री ने कहा कि दुनिया ने भारतीय अर्थव्यवस्था को चमकता हुआ सितारा माना है. दुनिया में भारत का कद बढ़ा है. भारतीय अर्थव्यवस्था सही दिशा में चल रही है और सुनहरे भविष्य की ओर अग्रसर है. संसद में बजट भाषण के दौरान वित्त मंत्री ने बताया कि हमने कोरोना काल में यह सुनिश्चित किया कि कोई भी भूखा न सोए. सरकार ने 2 लाख करोड़ रुपये खर्च करके हर व्यक्ति को खाद्यान सुनिश्चित किया.
वित्त मंत्री ने बताया कि इस बार के बजट में 7 प्राथमिकताएं हैं. वहीं, किसानों के बारे में बात करते हुए निर्मला सीतारमण ने कहा कि कृषि क्षेत्र में डिजिटल ग्रोथ पर जोर दिया जाएगा. इसी के साथ, निर्मला सीतारमण ने कहा कि सरकार का ध्यान नए रोजगार पैदा करने पर है. वित्तमंत्री ने टैक्सपेयर्स के लिए भी बड़ी घोषणा की है. अब नई कर व्यवस्था में सात लाख रुपये तक की सालाना इनकम पर कोई टैक्स नहीं देना होगा. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने टैक्सपेयर्स को राहत तो दी, लेकिन उनको… जो फाइनेंशियल ईयर 2023-24 में नया इनकम टैक्स सिस्टम चुनेंगे। पुराना टैक्स सिस्टम लेने वाले टैक्स पेयर्स पहले जैसे ही टैक्स देते रहेंगे। नया टैक्स सिस्टम चुनने वालों के लिए रिबेट की लिमिट 7 लाख रुपए कर दी गई। पहले ये 5 लाख रुपए थी। बजट में सैलरीड क्लास को एक और राहत दी है। नए टैक्स सिस्टम में 50,000 रुपए का स्टैंडर्ड डिडक्शन भी शामिल कर लिया गया है। यानि 7.5 लाख रुपए तक की सैलरी पर कोई टैक्स नहीं लगेगा। लेकिन आप नौकरी की बजाय बिजनेस से कमाई कर रहे हैं तो स्टैंडर्ड डिडक्शन का फायदा नहीं मिलेगा। यानी आपकी इनकम 7 लाख रुपए से एक रुपया भी ज्यादा हुई तो टैक्स चुकाना होगा। नए टैक्स सिस्टम के लिए वित्त मंत्री ने नए स्लैब्स का भी ऐलान कर दिया है। उनके लिए अब 3 लाख रुपए तक की इनकम टैक्स फ्री होगी
पुरानी टैक्स रिजीम के तहत 2.5 लाख से ज्यादा इनकम पर टैक्स
पुरानी टैक्स रिजीम के तहत 2.5 लाख रुपए तक की सालाना इनकम ही टैक्स फ्री रहेगी। अगर आपकी इनकम 2.5 से 5 लाख के बीच है तो आपको 5 लाख – 2.5 लाख = 2.5 लाख रुपए पर 5% टैक्स देना होगा। हालांकि इनकम टैक्स एक्ट के सेक्शन 87A का फायदा उठाकर आप अब भी 5 लाख रुपए तक की सालाना इनकम पर टैक्स बचा सकेंगे।
आपको बता दें कि सरकार 2.5 लाख से 5 लाख तक की कमाई पर 5% की दर से इनकम टैक्स तो वसूलती है, पर इस टैक्स को इनकम टैक्स एक्ट के सेक्शन 87A के तहत माफ कर देती है। मतलब यह कि अगर किसी की सालाना टैक्सेबल इनकम 5 लाख रुपए तक है, तो उसे कोई इनकम टैक्स नहीं देना होता है, लेकिन अगर आपकी कमाई 5 लाख 10 हजार रुपए हुई तो आपको 10 हजार रुपए पर टैक्स देने के बजाय 5.10 लाख – 2.5 लाख = 2.60 लाख पर टैक्स देना होता है।