ग्वालियर, टेकनपुर/ अब देश की सीमा पर परिंदा भी पर मारेगा तो हमारे सजग प्रहरियों को इसका पता चल जाएगा,इसके लिए सीमा पर कम्प्रेहेन्सिव इन्टीग्रेटेड मैनेजमेंट सिस्टम सीआईबीएमएस ने काम करना शुरू कर दिया है इसे कश्मीर के जम्मू और बांग्लादेश बार्डर में लगाया गया है इससे तकरीबन 21 किलोमीटर में दुश्मन पर निगाह रखी जा सकेगी , इसके उचित परिणाम घुसपैठ रोकने में आ रहे हैं। यह बात बांग्लादेश बार्डर सीमा सुरक्षा बल के महानिदेशक रजनीकांत मिश्रा ने आज यहां बीएसएफ अकादमी टेकनपुर में उपनिरीक्षकों की दीक्षांत परेड के बाद पत्रकारों से चर्चा करते हुए दी।
उन्होने बताया कि सीमा पर फेंसिंग के साथ ही फल्ड लाइट तथा बार्डर के साथ की जा रही है । इससे बल को काफी मदद मिल रही है। उन्होंने कहा कि पहले बल के जवान आंखों से देखकर ही घुसपैठ राकेते थे। उसके बाद फेंसिंग के साथ ही थर्मल पावर इमेजिंग आने से उसके द्वारा घुसपैठ का पता लगाते थे। अब नया सर्विलांस आने से घुसपैठ रोकने में और मदद मिलेगी। उन्होंने बताया कि आज ५५० उप निरीक्षकों की दीक्षांत परेड संपन्न हुई। इन प्रशिक्षु उपनिरीक्षकों ने प्रशिक्षण के दौरान उच्च प्रशिक्षण प्राप्त किया है उसे उन्होने परेड में सभी के सामने प्रस्तुत किया है। बीएसएफ को आधुनिक बनाने के बारे में पूछे एक प्रश्र के उत्तर में महानिदेशक मिश्रा ने कहा कि यह सतत प्रक्रिया है और यह निरंतर चलती रहती है। उन्होने बताया कि घुसपैठ को रोकने जम्मू तथा बांग्लादेश बार्डर पर एक सर्विलांस सीआईबीएमएस लगाया गया है। जो लगभग २१ किलोमीटर तक दुश्मन पर निगाह रख सकेगा।
परेड में महिलाओं को सीमा पर तैनात करने में कौन सी चुनौतियां आती है कि बारे में महानिदेशक मिश्रा ने कहा कि महिलायें हमारे लिये चुनौती नहीं है सभी एक जैसा प्रशिक्षण पाकर जवान बनते हैं। लेकिन हम यह प्रयास करते हैं कि जब महिलाओं को सीमा पर तैनात करें तो उनके लिये रहने की उचित व्यवस्था हो।