रामजन्मभूमि-बाबरी मस्जिद विवाद पर सुप्रीम कोर्ट में रोजाना सुनवाई जारी है. 5 अगस्त से शुरू हुई इस सुनवाई का बुधवार को छठा दिन था. मंगलवार की सुनवाई में रामलला की तरफ से वकील सी. एस. वैद्यनाथन ने अपनी दलीलें रखीं थीं आज भी उन्होंने अपनी बात आगे बढ़ाई. इस दौरान अदालत ने एक बार फिर रामलला पक्ष से जन्मभूमि पर कब्जे के सबूत मांगे थे. रामलला विराजमान से पहले निर्मोही अखाड़ा अपने तर्क अदालत में रख चुका है.
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रामलला के वकील वैद्यनाथन ने कहा कि अयोध्या शहर में जब बौद्ध का राज था, तभी से ही शहर का पतन शुरू हुआ. कई लोगों ने इस स्थान को खराब किया, वैद्यनाथन ने कहा.हिंदुओं की तीन प्रमुख जगहों पर बनाई गई मस्जिदें इनमें से एक रामजन्मभूमि था. इस दौरान उन्होंने पुरातत्व विभाग की 1863, 1864, 1865 की रिपोर्ट भी पढ़ी. इसमें चीनी स्कॉलर फा हाइन के द्वारा राम की नगरी अयुता में आने का जिक्र है. राजा विक्रमादित्य ने अयोध्या में 368 मंदिर बनवाए, जिसमें रामजन्मभूमि पर बनाया गया मंदिर भी शामिल है.
इससे पूर्व सुबह रामलला विराजमान के वकील वैद्यनाथन ने इस दौरान ब्रिटिश सर्वाईवर मार्टिन के स्केच का जिक्र किया, जिसमें 1838 के दौरान मंदिर के पिलर दिखाए गए थे. रिपोर्ट में दावा किया गया कि रामजन्मभूमि पर मंदिर ईसा मसीह के जन्म से 57 साल पहले मंदिर बना था. हिंदुओं का मानना है कि मुगलों के द्वारा मंदिर को तोड़ा गया. उन्होंने कहा कि यूरोप के इतिहास में तारीखों का जिक्र अहम है, लेकिन हमारे इतिहास में घटना महत्वपूर्ण है.